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  • TCS धर्मांतरण केस: फरार निदा खान को पकड़ने के लिए पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन, फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी

    TCS धर्मांतरण केस: फरार निदा खान को पकड़ने के लिए पुलिस का सीक्रेट ऑपरेशन, फिल्मी अंदाज में हुई गिरफ्तारी



    नई दिल्ली। चर्चित TCS कथित धर्मांतरण मामले में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को आखिरकार पुलिस ने एक बेहद गोपनीय और फिल्मी स्टाइल ऑपरेशन के जरिए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रही निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव इलाके से पकड़ा गया।

    कई दिनों तक सादे कपड़ों में निगरानी
    पुलिस को सूचना मिली थी कि निदा खान नरेगांव की कैसर कॉलोनी में किराए के फ्लैट में छिपी हुई है। इसके बाद पुलिस ने बिना किसी हलचल के इलाके में निगरानी शुरू की।

    करीब 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी कई दिनों तक सादे कपड़ों में आम लोगों की तरह इलाके में घूमते रहे। पुलिस ने सरकारी वाहन या वर्दी का इस्तेमाल भी नहीं किया ताकि किसी को शक न हो।

    मोबाइल लोकेशन और टेक्निकल सर्विलांस से मिला सुराग
    पुलिस ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए निदा की मौजूदगी की पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक, वह अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ फ्लैट में रह रही थी। सूत्रों के अनुसार, निदा खान हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की तैयारी कर रही थी और कुछ वकीलों से कानूनी सलाह भी ले रही थी। पुलिस को डर था कि अगर उसे कानूनी राहत मिल गई तो गिरफ्तारी मुश्किल हो सकती है।

    अचानक रेड कर पुलिस ने दबोचा
    करीब तीन-चार दिन तक लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने सही समय देखकर अचानक छापा मारा और निदा खान को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक अधिकारी के आवास पर पेश किया गया, जहां से नासिक पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड हासिल किया।

    क्या है पूरा मामला?
    जांच एजेंसियों के अनुसार, निदा खान 2021 से TCS में प्रोसेस एसोसिएट के तौर पर काम कर रही थी। उस पर आरोप है कि वह कर्मचारियों को धार्मिक रूपांतरण के लिए प्रभावित कर रही थी और इस्लामिक साहित्य, वीडियो व अन्य सामग्री भेजती थी। पुलिस को शक है कि यह मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

  • CG News: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर धर्मांतरण का खुलासा, चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था खेल

    CG News: रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के घर धर्मांतरण का खुलासा, चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था खेल



    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में कथित धर्मांतरण का बड़ा मामला सामने आया है। गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंगाई सभा की आड़ में ईसाई मतांतरण कराने के आरोप में सरगुजा पुलिस ने सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो (66) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अंबिकापुर के नमनाकला स्थित उनके निवास पर बीते कई महीनों से प्रत्येक रविवार को नियमित रूप से चंगाई सभा आयोजित की जा रही थी।

    हर रविवार जुटती थी भीड़, बिना अनुमति हो रहा था आयोजन
    पुलिस जांच में सामने आया है कि ओमेगा टोप्पो के घर में हर रविवार बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इन सभाओं के लिए किसी प्रकार की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। एक रजिस्टर भी बरामद किया गया है, जिसमें सभा में शामिल होने वालों के नाम और हस्ताक्षर दर्ज थे।

    हिंदुवादी संगठनों के विरोध के बाद हुआ खुलासा
    25 जनवरी (रविवार) को चंगाई सभा की सूचना मिलने पर हिंदुवादी संगठनों से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। उस समय घर के बाहर कई वाहन खड़े थे और भीतर करीब 50 से 60 लोग कथित प्रार्थना सभा में शामिल थे।

    संगठनों का आरोप है कि सभा के दौरान

    हिंदू धर्म के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं

    लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया जा रहा था

    कम से कम 4–5 लोगों का मतांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा था

    इसके बाद मामले की सूचना गांधीनगर थाना पुलिस को दी गई।

    पुलिस को रोका गया, रजिस्टर किया गया जब्त
    सूचना पर गांधीनगर पुलिस टीम नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंची। आरोप है कि आयोजकों ने पुलिस को सभा स्थल के भीतर प्रवेश करने से रोक दिया।
    ओमेगा टोप्पो ने पुलिस से पहचान पत्र और जांच आदेश की प्रति मांगी, जबकि अन्य लोगों ने कहा कि प्रार्थना समाप्त होने के बाद ही बातचीत की जाएगी।हालांकि पुलिस ने मौके से सभा में शामिल लोगों का रजिस्टर जब्त कर लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चंगाई सभा लंबे समय से नियमित रूप से आयोजित की जा रही थी।

    इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
    हिंदुवादी संगठन से जुड़े रोशन तिवारी की रिपोर्ट पर गांधीनगर पुलिस ने ओमेगा टोप्पो समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 और 299
    छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम की धारा 5 (क)के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

    थाने से लौटने के बाद हुई गिरफ्तारी
    पुलिस के अनुसार पूछताछ के लिए थाने बुलाए जाने के बाद ओमेगा टोप्पो बिना सूचना दिए लौट गई थीं। इसके बाद गांधीनगर पुलिस ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया।
    थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और चंगाई सभा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।