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  • दीक्षांत समारोह में गूंजी छात्रों की आवाज: राज्यपाल ने हॉस्टल की बिजली और सुविधाओं पर मांगा जवाब

    दीक्षांत समारोह में गूंजी छात्रों की आवाज: राज्यपाल ने हॉस्टल की बिजली और सुविधाओं पर मांगा जवाब


    कानपुर कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के आठवें दीक्षांत समारोह में शुक्रवार को शिक्षा और उपलब्धियों के साथ-साथ छात्रों की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा। समारोह की अध्यक्षता करने पहुंचीं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हॉस्टलों की व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछे और स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक साल पहले जिन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया गया था, वे आज भी जस की तस बनी हुई हैं।

    अध्यक्षीय संबोधन के दौरान राज्यपाल ने फाइनेंस कंट्रोलर और कुलसचिव से पूछा कि आखिर हॉस्टलों में बिजली की समस्या अब तक क्यों बनी हुई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को कपड़े धोने के लिए वॉशिंग मशीन जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सीधे सवाल किया कि क्या विश्वविद्यालय के पास बजट की कमी है और यदि नहीं तो फिर इन सुविधाओं को अब तक क्यों नहीं सुधारा गया। राज्यपाल की इस टिप्पणी पर सभागार में मौजूद छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।

    दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने एक क्लिक के जरिए सभी 996 विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजिलॉकर पर जारी कीं। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि छात्र डिजिलॉकर का अपेक्षित उपयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार बेहतर डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध करा रही है तो उनका अधिक से अधिक इस्तेमाल होना चाहिए। उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को कम डाउनलोड के कारणों की जानकारी लेकर राजभवन में प्रस्तुत होने के निर्देश भी दिए।

    समारोह में कुल 996 छात्र-छात्राओं को 1071 डिग्रियां प्रदान की गईं। कुछ विद्यार्थियों को मेजर और माइनर पाठ्यक्रम पूरा करने के कारण दो-दो डिग्रियां भी मिलीं। विश्वविद्यालय के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र प्रज्ञान वर्मा को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक और एक प्रायोजित स्वर्ण पदक सहित तीन सम्मान प्रदान किए गए। इसके साथ ही उन्हें 40 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया। कुल 47 मेधावी छात्र-छात्राओं को विभिन्न पदकों और पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

    राज्यपाल ने छात्राओं को तकनीकी शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में आगे आने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और तकनीक के क्षेत्र में भी उन्हें नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने उन्नाव की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट और शैक्षणिक सामग्री वितरित करते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। समारोह में प्रस्तुति देने वाले स्कूली बच्चों से बातचीत कर उन्हें चॉकलेट देकर उनका उत्साह भी बढ़ाया।

    दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि और एफडीडीआई के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जालान ने स्वयं को HBTU का पूर्व छात्र बताते हुए कहा कि इस संस्थान ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आज यहां से निकलने वाले विद्यार्थी भी देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे।

    शिक्षा, उपलब्धियों और सम्मान के इस समारोह में राज्यपाल का प्रशासन को दिया गया स्पष्ट संदेश सबसे अधिक चर्चा का विषय रहा। उन्होंने संकेत दिया कि तकनीकी संस्थानों में केवल उत्कृष्ट परिणाम ही नहीं, बल्कि छात्रों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी विश्वविद्यालय की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

  • IIT इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून को: इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. सिवन करेंगे अध्यक्षता, प्रो. अभय करांदिकर होंगे मुख्य अतिथि

    IIT इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून को: इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. सिवन करेंगे अध्यक्षता, प्रो. अभय करांदिकर होंगे मुख्य अतिथि


    मध्य प्रदेश। देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर अपने 14वें दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। संस्थान का यह बहुप्रतीक्षित समारोह 27 जून 2026 (शनिवार) को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां और प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

    आईआईटी इंदौर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य तथा भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के पूर्व सचिव प्रो. अभय करांदिकर होंगे। वहीं समारोह की अध्यक्षता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन और आईआईटी इंदौर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के वर्तमान चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन करेंगे।

    दोपहर 2:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक के स्वागत संबोधन और वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुति के साथ होगी। इसके बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रो. अभय करांदिकर का दीक्षांत भाषण होगा, जिसमें वे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन देंगे।

    समारोह के दौरान स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक और अन्य प्रतिष्ठित सम्मान भी दिए जाएंगे। संस्थान की परंपरा के अनुसार डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण करेंगे और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लेंगे।

    आईआईटी इंदौर ने समारोह में शामिल होने वाले अभिभावकों, शोधकर्ताओं और अन्य अतिथियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। संस्थान ने इंदौर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से सीधे कैंपस तक पहुंचने के लिए डिजिटल क्यूआर कोड आधारित नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे बाहरी राज्यों और अन्य देशों से आने वाले मेहमानों को संस्थान तक पहुंचने में आसानी होगी।

    जो लोग किसी कारणवश समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए भी संस्थान ने विशेष व्यवस्था की है। दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण आईआईटी इंदौर की आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। दर्शक दोपहर 2:30 बजे से लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से पूरे कार्यक्रम को देख सकेंगे।

    आईआईटी इंदौर का यह दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, शोध और उपलब्धियों का उत्सव भी माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी संस्थान को उम्मीद है कि यहां से निकलने वाले युवा देश और दुनिया में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

  • चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश

    चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश


    नई दिल्ली। चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में नवम दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2377 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विशेष सराहना की गई और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया गया।

    समारोह में 140 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 6 विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक तथा 50 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने की।

    मुख्य अतिथि नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांग विद्यार्थियों की मेहनत और सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय समाज में प्रेरणा का केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

    इस अवसर पर सुहास एलवाई और अजीत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

    अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कहा कि सच्ची दीक्षा वही है, जो व्यक्ति को केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि उसे राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए प्रेरित भी करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण को अपनाने का आह्वान किया।