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  • दूध उबालते समय करें बस ये एक काम, मलाई देखकर रह जाएंगे हैरान

    दूध उबालते समय करें बस ये एक काम, मलाई देखकर रह जाएंगे हैरान


    नई दिल्ली । घरों में दूध की मलाई जमा करके घी और मक्खन बनाना एक पुरानी परंपरा रही है। कई लोग रोजाना दूध की मलाई इकट्ठा करते हैं ताकि बाद में उससे शुद्ध देसी घी तैयार किया जा सके। हालांकि अक्सर शिकायत रहती है कि दूध से पर्याप्त मात्रा में मलाई नहीं निकलती। खासकर जब दूध कम मात्रा में हो या उसमें फैट कम हो तो मलाई की परत पतली रह जाती है। लेकिन कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर कम दूध से भी भरपूर और मोटी मलाई प्राप्त की जा सकती है।दरअसल मलाई की मात्रा केवल दूध की गुणवत्ता पर ही निर्भर नहीं करती बल्कि इस बात पर भी निर्भर करती है कि दूध को किस तरह उबाला और ठंडा किया गया है। यदि सही प्रक्रिया अपनाई जाए तो एक लीटर दूध से भी काफी अधिक मात्रा में मलाई जमा की जा सकती है।

    दूध उबालते समय रखें ये ध्यान

    मलाई की मोटी परत जमाने के लिए सबसे पहले दूध को सही तरीके से उबालना जरूरी है। इसके लिए बर्तन में थोड़ा सा पानी डालें और फिर दूध डालकर गैस पर रखें। दूध गर्म होने के दौरान उसे बीच-बीच में चलाते रहें। इससे दूध तले में नहीं लगेगा और उसका स्वाद भी बेहतर बना रहेगा। यदि आप नियमित रूप से घी या मक्खन बनाते हैं तो फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा माना जाता है। इसमें फैट की मात्रा अधिक होने के कारण मलाई भी ज्यादा निकलती है।

    उबाल आने के बाद तुरंत गैस बंद न करें

    ज्यादातर लोग दूध में उबाल आते ही गैस बंद कर देते हैं लेकिन यही सबसे बड़ी गलती होती है। जब दूध में पहला उबाल आ जाए तो उसे धीमी आंच पर तीन से चार मिनट तक और पकने दें। इस दौरान दूध को बिल्कुल न चलाएं। धीमी आंच पर पकाने से दूध में मौजूद फैट ऊपर की सतह पर इकट्ठा होने लगता है और मलाई की मोटी परत बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। कुछ ही मिनटों में आप देखेंगे कि दूध के ऊपर मलाई जमने लगी है। इसके बाद गैस बंद कर दें।

    दूध को सही तरीके से ठंडा करें

    दूध उबलने के बाद उसे पूरी तरह बंद ढक्कन से न ढकें। इसकी जगह किसी जाली या छलनी से ढककर रखें ताकि धूल या अन्य चीजें दूध में न जाएं। पूरी तरह ढक देने से भाप अंदर ही रहती है और मलाई अच्छी तरह नहीं जम पाती। दूध को सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। जब दूध पूरी तरह ठंडा हो जाए तब उसे फ्रिज में रख दें।

    रातभर फ्रिज में रखें

    मलाई को अच्छी तरह जमाने के लिए दूध को कम से कम आठ घंटे या पूरी रात फ्रिज में रखना चाहिए। ठंडे तापमान में दूध के ऊपर मोटी और सख्त मलाई की परत बन जाती है। सुबह किसी चाकू या चम्मच की सहायता से बर्तन के किनारों से मलाई को धीरे-धीरे निकाल लें। सही तरीके से तैयार की गई मलाई इतनी मोटी होगी कि वह रोटी या पराठे जैसी परत का अहसास दे सकती है।

    मलाई का करें कई तरह से उपयोग

    इस मलाई से घर पर शुद्ध देसी घी और मक्खन तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा इसे पराठों पर लगाकर खाया जा सकता है या फिर कई मिठाइयों और स्वादिष्ट व्यंजनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय

    रसोई का सबसे मुश्किल काम होगा आसान: इस जादुई ट्रिक से मिनटों में छीलें ढेर सारा लहसुन, बचेंगे नाखून और समय


    नई दिल्ली । भारतीय रसोई में लहसुन केवल एक मसाला नहीं, बल्कि स्वाद की जान है। चाहे तड़के वाली दाल हो, चटपटी चटनी या फिर सर्दियों में बनने वाला गरमा-गरम सूप, लहसुन का तीखापन हर डिश के जायके को दोगुना कर देता है। लेकिन इस स्वाद तक पहुँचने का रास्ता बेहद थकाऊ होता है। किचन में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति से पूछें, तो लहसुन छीलना सबसे उबाऊ कामों की सूची में सबसे ऊपर आएगा। कलियों से छिलका चिपकना, नाखूनों में होने वाला दर्द और घंटों तक हाथों से आने वाली तीखी गंध अक्सर लोगों को इसे इस्तेमाल करने से रोकती है। लेकिन अब आपको आलस करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपके लिए लाए हैं कुछ ऐसी जादुई ट्रिक्स जो घंटों का काम मिनटों में निपटा देंगी।

    जार वाली शेकिंग ट्रिक बिना छुए उतरेंगे छिलके

    लहसुन छीलने की सबसे असरदार और ‘जादुई’ ट्रिक है ‘जार शेकिंग मेथड’। इसके लिए आपको बस दो स्टील के कटोरे या एक ढक्कन वाला जार चाहिए। सबसे पहले लहसुन की पूरी गांठ को हथेली से दबाकर उसकी कलियों को अलग कर लें। अब इन कलियों को जार में डालें और ढक्कन कसकर बंद कर दें। अब इसे करीब 30 से 60 सेकंड तक पूरी ताकत से ऊपर-नीचे हिलाएं  जब आप जार खोलेंगे, तो आप हैरान रह जाएंगे कि घर्षण  की वजह से लहसुन के छिलके खुद-ब-खुद अलग हो चुके हैं। यह तरीका तब सबसे ज्यादा काम आता है जब आपको अचार या बड़ी पार्टी के लिए ढेर सारा लहसुन तैयार करना हो।

    गर्म पानी और माइक्रोवेव का कमाल

    यदि आपके पास जार हिलाने की फुर्सत नहीं है, तो पानी आपकी मदद कर सकता है। लहसुन की कलियों को हल्के गुनगुने पानी में 15 से 20 मिनट के लिए भिगोकर छोड़ दें। पानी छिलके और कली के बीच की परत को ढीला कर देता है, जिससे आप बस हल्का सा दबाएंगे और लहसुन छिलके से बाहर आ जाएगा। इसके अलावा, आधुनिक किचन के लिए ‘माइक्रोवेव ट्रिक’ भी वरदान है। लहसुन की पूरी गांठ को महज 15-20 सेकंड के लिए माइक्रोवेव करें। गर्मी के कारण छिलकों के भीतर नमी पैदा होती है और वे कली को छोड़ देते हैं। माइक्रोवेव से बाहर निकालते ही छिलके कागज की तरह अपने आप उतरने लगेंगे।

    चाकू का सही इस्तेमाल और हाथों की सुरक्षा

    प्रोफेशनल शेफ अक्सर ‘क्रशिंग मेथड’ का इस्तेमाल करते हैं। इसमें लहसुन की कली को चॉपिंग बोर्ड पर रखकर चाकू के चौड़े हिस्से सपाट हिस्से से जोर से दबाया जाता है। कली के चटकते ही छिलका अलग हो जाता है। हालांकि, इन सभी प्रक्रियाओं के बाद हाथों से आने वाली गंध एक बड़ी समस्या बनी रहती है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि लहसुन छीलने के बाद अपने हाथों को किसी स्टेनलेस स्टील के बर्तन या नल पर रगड़ें। स्टील लहसुन के सल्फर अणुओं को सोख लेता है और गंध गायब हो जाती है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप न केवल अपना कीमती समय बचा सकते हैं, बल्कि अपनी कुकिंग को भी अधिक आनंददायक बना सकते हैं। अब अगली बार जब किचन में लहसुन छीलने की बारी आए, तो नाखूनों का इस्तेमाल करने के बजाय इन स्मार्ट ट्रिक्स को आजमाएं।

  • आलू उबालने का नया अंदाज़: अब नहीं होंगे गीले और चिपचिपे, आ गई जीरो वॉटर जादुई ट्रिक

    आलू उबालने का नया अंदाज़: अब नहीं होंगे गीले और चिपचिपे, आ गई जीरो वॉटर जादुई ट्रिक


    नई दिल्ली । आलू के पराठे हों या क्रिस्पी कटलेट, सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कुकर में उबालने के बाद आलू पानी सोख लेते हैं। वह गीलापन न तो स्वाद रहने देता है और न ही पराठों की स्टफिंग सही बनती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना एक बूंद पानी के भी आलू उबाले जा सकते हैं जी हां, सोशल मीडिया पर वायरल यह जीरो वॉटर ट्रिक न केवल आपका समय बचाएगी, बल्कि आपको मिलेंगे एकदम सूखे और सोंधे स्वाद वाले आलू।

    कैसे काम करती है यह जीरो वॉटर ट्रिक

    इस तरीके में हम आलू को पानी में डुबाने के बजाय कुकर के अंदर ‘प्रेशर और स्टीम’ का इस्तेमाल करते हैं। इसे फॉलो करना बेहद आसान है तैयारी: सबसे पहले आलू को अच्छी तरह धो लें और उन्हें पोंछकर सुखा लें। ध्यान रहे, आलू के ऊपर अतिरिक्त पानी न हो।कुकर को करें तैयार कुकर की तली में एक छोटा चम्मच तेल या घी लगाकर उसे ग्रीस चिकना कर लें। इससे आलू चिपकेंगे नहीं। सूती कपड़े का जादू: अब एक सूती कपड़ा लें और उसे पानी में भिगोकर अच्छी तरह निचोड़ लें।
    कपड़ा सिर्फ गीला होना चाहिए, उससे पानी टपकना नहीं चाहिए। आलू की सेटिंग अब गीले कपड़े के अंदर आलू को लपेटकर कुकर में रख दें। अगर आलू ज्यादा हैं, तो नीचे गीला कपड़ा बिछाएं, ऊपर आलू रखें और फिर ऊपर से एक और गीला कपड़ा ढक दें।सीटी का इंतज़ार: कुकर का ढक्कन बंद करें और बिल्कुल धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकने दें। इस दौरान कुकर में जो भाप बनेगी, वह गीले कपड़े की नमी से आएगी। परफेक्ट आलू तैयार: गैस बंद करें और प्रेशर अपने आप निकलने दें। जब आप कुकर खोलेंगे, तो आलू पूरी तरह उबले हुए और एकदम सूखे निकलेंगे।

    इस ट्रिक के जबरदस्त फायदे

    सोंधा स्वाद: पानी में उबलने से आलू का स्वाद फीका पड़ जाता है, जबकि इस तरीके से आलू का असली स्वाद बरकरार रहता है। परफेक्ट स्टफिंग: ये आलू चिपचिपे नहीं होते, इसलिए समोसे या पराठे बनाते समय स्टफिंग फटती नहीं है। विटामिन्स की बचत: पानी के साथ आलू के कई पोषक तत्व बह जाते हैं, जो भाप में पकाने से सुरक्षित रहते हैं छिलका उतारना आसान: इस विधि से उबले आलू के छिलके बहुत आसानी से और सफाई से उतर जाते हैं।

    कुछ जरूरी बातें

    इस ट्रिक के लिए हमेशा भारी तले वाले कुकर का इस्तेमाल करें। आंच हमेशा धीमी रखें, वरना कुकर जल सकता है। अगर आपके पास एल्युमीनियम फाइल है, तो आप कपड़े की जगह उसमें भी आलू लपेटकर यही प्रक्रिया दोहरा सकते हैं। याद रखें: यह ट्रिक छोटे और मध्यम आकार के आलू के लिए बेहतरीन काम करती है। अगर आलू बहुत बड़े हैं, तो उन्हें दो टुकड़ों में काटकर रखें।