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  • यूरिया संकट से भड़के किसान, मोदीनगर में सहकारी समिति पर बड़ा बवाल

    यूरिया संकट से भड़के किसान, मोदीनगर में सहकारी समिति पर बड़ा बवाल

    गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। मोदीनगर क्षेत्र के कादराबाद गांव स्थित साधन सहकारी समिति पर शनिवार सुबह उस समय स्थिति बेकाबू हो गई जब किसानों ने गोदाम से लगभग 350 यूरिया के कट्टे जबरन उठा लिए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।

    किसानों का आरोप है कि उन्हें पिछले कई दिनों से यूरिया खाद नहीं मिल रही थी, जबकि समिति के अधिकारी कथित तौर पर ऊंचे दामों पर खाद की बिक्री कर रहे थे। धान की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद न मिलने से किसानों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा था।

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात को समिति के गोदाम में यूरिया का एक ट्रक पहुंचा था, जिसे उतारकर गोदाम में रख दिया गया। जैसे ही शनिवार सुबह समिति का कार्यालय खुला, बड़ी संख्या में किसान वहां पहुंच गए और खाद की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब किसानों को तुरंत यूरिया उपलब्ध नहीं कराया गया।

    इसके बाद किसानों का सब्र टूट गया और वे नारेबाजी करते हुए गोदाम में घुस गए। देखते ही देखते हालात ऐसे हो गए कि किसानों ने गोदाम से यूरिया के लगभग 350 कट्टे उठा लिए। इस दौरान समिति के कर्मचारियों और सचिव के साथ धक्का-मुक्की की भी खबरें सामने आईं।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने किसानों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उपजिलाधिकारी के अनुसार पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है।

    वहीं दूसरी ओर यह भी जानकारी सामने आई है कि समिति के सचिव और कर्मचारियों ने बाद में किसानों के घर-घर जाकर यूरिया के कट्टों की कीमत वसूली और लगभग 93 हजार रुपये की राशि जिला सहकारी बैंक में जमा कराई गई। इस पूरे मामले ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खाद वितरण व्यवस्था और उसकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब जांच के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रहा है।

  • किसानों के पैसे पर हाथ साफ, 41 लाख के घोटाले में 4 गिरफ्तार, 35 लाख जमीन में छिपाए मिले

    किसानों के पैसे पर हाथ साफ, 41 लाख के घोटाले में 4 गिरफ्तार, 35 लाख जमीन में छिपाए मिले


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सहकारी समिति से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां करीब 41 लाख रुपए के गबन के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रायपुर से जुड़ा है, जहां किसानों से वसूली गई रकम में भारी गड़बड़ी सामने आई।

    जानकारी के अनुसार 26 और 27 मार्च को किसानों से लगभग 41 लाख 94 हजार रुपए की ऋण वसूली की गई थी। लेकिन इस राशि को बैंक या समिति के खाते में जमा करने के बजाय उसमें हेरफेर कर दिया गया। 2 अप्रैल को जब मामले की शिकायत समिति के प्रशासक रामचरण सिलावट ने दर्ज कराई तो पूरे मामले की जांच शुरू हुई।

    पुलिस ने शिकायत के बाद विशेष टीम का गठन किया और जांच को आगे बढ़ाते हुए बड़े पैमाने पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। करीब 100 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

    जांच में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जमीन में गाड़ी गई एक लोहे की पेटी से भारी मात्रा में नकदी बरामद की। बताया जा रहा है कि लगभग 35 लाख रुपए इसी तरह जमीन में छिपाकर रखे गए थे। इसके अलावा कुल 33 लाख 46 हजार 430 रुपए की नगद बरामदगी पुलिस ने की है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस घोटाले में अभी और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और नरेश नागर नाम के एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लेकर भी पूछताछ की गई है।

    इस पूरे मामले ने सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों की मेहनत की कमाई में हुई इस तरह की गड़बड़ी ने स्थानीय स्तर पर भी नाराजगी बढ़ा दी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि गबन की योजना कितने समय से चल रही थी और इसमें किन किन लोगों की भूमिका रही है।