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  • ओमिक्रॉन का नया सब वैरिएंट RF.5 चर्चा में कितना खतरनाक है नया कोविड स्ट्रेन क्या कहते हैं विशेषज्ञ

    ओमिक्रॉन का नया सब वैरिएंट RF.5 चर्चा में कितना खतरनाक है नया कोविड स्ट्रेन क्या कहते हैं विशेषज्ञ


    नई दिल्ली। देश में एक बार फिर कोविड-19 के नए मामलों के बीच ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट RF.5 की पहचान ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ा दी है। आंध्र प्रदेश में चार संक्रमित नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान इस नए सब वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है लेकिन सावधानी और सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से कोविड-19 के चार पॉजिटिव नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे स्थित वायरोलॉजी प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में इन सभी नमूनों में ओमिक्रॉन परिवार के RF.5 सब वैरिएंट की मौजूदगी पाई गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि संक्रमित मरीजों की निगरानी की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक RF.5 कोई पूरी तरह नया वायरस नहीं बल्कि ओमिक्रॉन परिवार का ही एक विकसित सब वैरिएंट है। यह प्राकृतिक रूप से विकसित हुआ है और अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी उत्पत्ति पहले से मौजूद ओमिक्रॉन लाइनिएज के विकासक्रम से हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस वैरिएंट की निगरानी कर रहा है क्योंकि इसके मामले पहले सिंगापुर और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ देशों में भी सामने आ चुके हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक उपलब्ध आंकड़ों से ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है कि RF.5 व्यापक स्तर पर पहले के ओमिक्रॉन वैरिएंट की तुलना में बहुत अधिक गंभीर बीमारी फैला रहा है। हालांकि इसकी संक्रमण क्षमता और व्यवहार को लेकर लगातार अध्ययन जारी हैं। इसलिए सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियां लोगों को सतर्क रहने और कोविड संबंधी सावधानियों का पालन करने की सलाह दे रही हैं।

    RF.5 के लक्षण भी काफी हद तक ओमिक्रॉन के अन्य सब वैरिएंट जैसे बताए जा रहे हैं। संक्रमित व्यक्ति में गले में खराश खांसी बुखार सिरदर्द शरीर में दर्द थकान और कुछ मामलों में नाक बंद होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं। अधिकांश मरीजों में लक्षण हल्के रहते हैं लेकिन बुजुर्गों गर्भवती महिलाओं गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड से बचाव के लिए पहले अपनाए गए उपाय आज भी प्रभावी हैं। नियमित रूप से साबुन से हाथ धोना या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का उपयोग करना भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना और खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है। यदि किसी व्यक्ति में लगातार बुखार सांस लेने में तकलीफ या गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

    स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा जारी जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता जरूरी है लेकिन बिना पुष्टि वाली खबरों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। समय पर जांच उपचार और आवश्यक सावधानियां अपनाकर कोविड संक्रमण के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।