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  • लाड़ली बहना की फरियाद पर मंत्री का जवाब, रिश्वत पर इंजीनियर का बेबाक कबूलनामा, बाइक पर लिफ्ट लेते गिरते-गिरते बचे भाजपा नेता

    लाड़ली बहना की फरियाद पर मंत्री का जवाब, रिश्वत पर इंजीनियर का बेबाक कबूलनामा, बाइक पर लिफ्ट लेते गिरते-गिरते बचे भाजपा नेता


    सीहोर । मध्य प्रदेश में इन दिनों नेताओं और अधिकारियों के बयान तथा उनके काम करने के तरीके चर्चा का विषय बने हुए हैं। कहीं रिश्वत लेने के मामले में एक अधिकारी का बेबाक बयान सामने आया है तो कहीं अपनी घरेलू परेशानी लेकर मंत्री के पास पहुंची लाड़ली बहना को ऐसा जवाब मिला जिसने नई बहस छेड़ दी। दूसरी ओर इंदौर में एक कार्यक्रम में समय पर पहुंचने की जल्दबाजी में भाजपा के शहर अध्यक्ष बाइक से लिफ्ट लेते समय संतुलन खोते नजर आए। इन घटनाओं के अलावा भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक नारों की जंग भी दिलचस्प मोड़ लेती दिखाई दे रही है।

    सबसे पहले बात पन्ना की जहां जल संसाधन विभाग के एक कार्यपालन यंत्री का रिश्वत को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। दरअसल विभाग के दो कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए थे। इसी मामले को लेकर जब मीडियाकर्मियों ने कार्यपालन यंत्री से सवाल किया और पूछा कि क्या उनका भी कोई प्रतिशत तय है तो उन्होंने ऐसा जवाब दिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। अधिकारी ने कहा कि उनका कोई प्रतिशत तय नहीं है लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपनी खुशी से पैसा दे जाता है तो वे उसे रख लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी में आने के बाद से उनका यही तरीका रहा है। अधिकारी ने एक तरफ पैसे लेना गलत बताया लेकिन दूसरी तरफ खुशी से मिलने वाले पैसे स्वीकार करने की बात भी कबूल कर ली। उनका यह बयान सामने आने के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।

    दूसरी घटना सीहोर की है जहां एक लाड़ली बहना अपनी घरेलू परेशानी लेकर मंत्री करण सिंह वर्मा के पास पहुंची थी। महिला ने शिकायत की कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है। उसने इलाके में शराब का ठेका बंद कराने की मांग की ताकि उसके परिवार में होने वाली परेशानी कम हो सके। हालांकि मंत्री ने शराब का ठेका बंद कराने के बजाय महिला को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी से कहा कि महिला के पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। शराब की बिक्री को लेकर मंत्री ने कहा कि लोग तो शराब पीते ही हैं। इस जवाब के बाद महिला की मांग और प्रशासनिक समाधान को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    इंदौर में भाजपा के शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भी एक अलग वजह से सुर्खियों में आ गए। उन्हें लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचना था लेकिन देरी होने के कारण उन्होंने रास्ते में एक बाइक सवार से लिफ्ट ले ली। जल्दबाजी में बाइक पर बैठते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गिरते-गिरते बच गए। हालांकि उन्होंने खुद को संभाल लिया और कार्यक्रम में पहुंच गए। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हल्की-फुल्की चर्चा को जन्म दे दिया।

    इसी कार्यक्रम के दौरान भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक नारों की जंग भी देखने को मिली। कांग्रेस के वोट चोर गद्दी छोड़ और मोदी तो जाएगा जैसे नारों के जवाब में भाजपा ने लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ अभियान शुरू किया है। शाजापुर जिले के कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में कविता के जरिए विरोधियों पर निशाना साधा। उन्होंने अपने वीडियो में कहा कि विरोधियों के विरोध के बावजूद मोदी कहीं नहीं जाएंगे। वहीं इंदौर में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी कार्यक्रम के दौरान मोदी के समर्थन में नारा लगवाने की कोशिश की। उन्होंने मोदी तो कहकर जनता से नारा पूरा करने की अपेक्षा की लेकिन जब कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने खुद ही मोदी तो नहीं हटेगा कहकर बात पूरी कर दी।

    राजनीतिक घटनाक्रम के बीच प्राधिकरण के एक बड़े नेता और उनके मातहत नेता के बीच चल रही खींचतान भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण में एक नेता के करीबी बाबू को महत्वपूर्ण पद पर बैठाया गया था और दोनों मिलकर फैसले ले रहे थे। इससे नाराज दूसरे नेता ने शिकायत की और मामला सरकार तक पहुंच गया। इसके बाद संबंधित बाबू को पद से हटा दिया गया लेकिन उनकी जगह नियुक्त अधिकारी भी उसी नेता का करीबी बताया जा रहा है। अब शिकायत करने वाले नेता दोबारा राजधानी के चक्कर लगा रहे हैं। इन घटनाओं ने प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही के भीतर चल रही खींचतान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

  • रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई

    रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर रेलखंड में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को जबलपुर लेकर पहुंची और उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड की मांग की गई है।

    मामला रेलवे के सागर रेलखंड से जुड़ा है, जहां गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि इसी राशि को जारी करने के बदले सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने उसकी सिक्योरिटी राशि रोक दी।

    इसके बाद ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर के एक होटल में बुलाया था। तय योजना के तहत सीबीआई टीम सादी वर्दी में पहले से ही होटल के आसपास तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को ₹1 लाख की राशि सौंपी, टीम ने तुरंत उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

    सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।