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  • भारत घूमने आया कपल, ऑटो खरीद 75 दिन किया सफर, ऐसा भाया कि जहाज पर लादकर साथ ले गए ब्रिटेन

    भारत घूमने आया कपल, ऑटो खरीद 75 दिन किया सफर, ऐसा भाया कि जहाज पर लादकर साथ ले गए ब्रिटेन


    नई दिल्ली।
    भारत (India) घूमने आने वाले विदेशी पर्यटक (Foreign tourists) आमतौर पर टैक्सी, बस या किराये की कार से सफर करते हैं. लेकिन ब्रिटेन (Britain) के हेलेन और मिक (Helen and Mick) ने अपना रास्ता खुद चुना. उन्होंने चेन्नई में एक लाल रंग का ऑटो रिक्शा खरीदा और उसे नाम दिया ‘टिम्मी द टिन कैन’।

    ऑटो का लुक भी काफी दिलचस्प है. उसके आगे कार्टून जैसी आंखें और मुस्कुराता हुआ चेहरा बना है. यह ऑटो तमिलनाडु के चेन्नई में रजिस्टर्ड है. ब्रिटिश कपल हेलेन और मिक के लिए धीरे-धीरे यह सिर्फ आने-जाने का साधन नहीं रहा, बल्कि उनके सफर का सबसे खास साथी बन गया. जब वे भारत की यात्रा खत्म कर यूके (UK) पहुंचे, तो अपने साथ ऑटो को भी पानी के जहाज से लेकर चले गए।


    ऑटो से घूमे, सोशल मीडिया पर भी शेयर किया सफर

    हेलेन और मिक ने अपने इस लाल ऑटो के नाम से इंस्टाग्राम पर ‘timmy_the_tin_can’ अकाउंट बनाया. यहां वे सफर के वीडियो और तस्वीरें शेयर करने लगे. देखते ही देखते लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ने लगी. कपल के इस अकाउंट पर नौ हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. उनकी पोस्ट में कहीं सड़क पर दौड़ता टिम्मी नजर आता है, तो कहीं उसके साथ बिताए खास पलों की झलक मिलती है. भारत की सड़कों पर इस तरह ऑटो से घूमना उनके लिए एक अलग अनुभव रहा।


    राजस्थान से गोवा तक तय किया लंबा रास्ता

    कपल ने अपने ऑटो से भारत के अलग-अलग हिस्सों की सैर की. उनके सफर में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दक्षिण भारत की कई जगहें शामिल रहीं. वे आगरा पहुंचे और ताजमहल भी देखा. इसके अलावा गोवा के बीच तक भी अपने ऑटो से गए. इस दौरान उन्होंने करीब 4,218 किलोमीटर की दूरी तय की. पूरे सफर में टिम्मी उनके साथ रहा. कभी शहरों की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर, तो कभी लंबे रास्तों पर चलता यह ऑटो उनकी यात्रा की पहचान बन गया।


    भारत छोड़ते वक्त टिम्मी को अलविदा कहना मुश्किल

    किसी जगह घूमने के दौरान वहां की यादें साथ रह जाती हैं, लेकिन हेलेन और मिक के लिए भारत की यादों के साथ एक ऑटो भी जुड़ गया. कई हफ्तों तक साथ सफर करने के बाद टिम्मी उनके लिए महज एक गाड़ी नहीं रहा था. जब वापस ब्रिटेन जाने का वक्त आया, तो उसे भारत में छोड़कर जाना आसान नहीं लगा. ऐसे में कपल ने उसे अपने साथ यूके ले जाने का फैसला किया. इसके बाद ऑटो को समुद्री रास्ते से भेजने की तैयारी की गई।


    लकड़ी के बड़े क्रेट में पैक होकर पहुंचा लंदन

    टिम्मी को भारत से ब्रिटेन पहुंचाने के लिए समुद्री माल ढुलाई का सहारा लिया गया. करीब छह महीने की शिपिंग के बाद 23 अक्टूबर 2026 को ऑटो लंदन गेटवे पोर्ट पहुंचा. सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में कपल लकड़ी के बड़े क्रेट से अपने लाल ऑटो को बाहर निकालते दिखाई देता है. इतने लंबे इंतजार के बाद टिम्मी को दोबारा सामने देखकर उनकी खुशी साफ झलकती है. अब यही वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है।

    सीजन वन खत्म, अब ब्रिटेन की बारी
    कपल ने अपने पोस्ट में भारत के सफर को याद करते हुए बताया कि उनके लिए यह अनुभव काफी भावुक रहा. उन्होंने 75 दिनों में 4,218 किलोमीटर की यात्रा पूरी की और ऐसी यादें बनाईं, जिन्हें वे कभी नहीं भूलना चाहते. उनके मुताबिक, टिम्मी ने उनकी जिंदगी को एक अलग अनुभव दिया. अब उन्होंने अपने सफर के अगले हिस्से का इशारा भी कर दिया है. भारत में टिम्मी के साथ उनकी कहानी का पहला हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि अगला सफर ब्रिटेन में शुरू होने वाला है।


    एक ऑटो, हजारों किलोमीटर और ढेर सारी यादें

    हेलेन और मिक की कहानी में खास बात सिर्फ यह नहीं है कि उन्होंने भारत में ऑटो खरीदा और उसे विदेश ले गए. असल बात यह है कि सफर के दौरान एक साधारण-सा वाहन उनकी यात्रा का अहम हिस्सा बन गया. भारत की सड़कों पर बिताए दिन, अलग-अलग शहरों की झलक और रास्ते में बने अनुभव अब उनके साथ यूके तक पहुंच गए हैं. टिम्मी को अपने साथ ले जाकर कपल ने इन यादों को भी अपने पास रखने का इंतजाम कर लिया. अब सोशल मीडिया पर लोग उनके अगले सफर का इंतजार कर रहे हैं. देखना दिलचस्प होगा कि भारत में हजारों किलोमीटर घूम चुका यह लाल ऑटो ब्रिटेन की सड़कों पर कैसी कहानी लिखता है।

  • गुना जिले में मंगेतर से युवक के सामने गैंगरेप का प्रयास, पहले की मारपीट फि‍र लूटपाट, जाने पूरा मामला

    गुना जिले में मंगेतर से युवक के सामने गैंगरेप का प्रयास, पहले की मारपीट फि‍र लूटपाट, जाने पूरा मामला


    गुना । मध्य प्रदेश के गुना में नेशनल हाइवे-46 पर हुई सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस के अनुसार, झारखंड के रहने वाले एक युवक और उसकी मंगेतर के साथ लूटपाट की गई. बदमाश उन्हें सड़क किनारे से जंगल में घसीटकर ले गए और युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया. विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट की गई. युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए.

    पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक राघौगढ़ स्थित एक प्लांट में इंजीनियर है. वह अपनी मंगेतर के साथ टेकरी मंदिर में दर्शन करने के बाद बाइक से लौट रहा था. नेशनल हाइवे-46 पर बाइक पंचर हो गई. दोनों सड़क किनारे खड़े होकर मदद का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान जंगल में छिपे बैठे 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया.

    पुलिस का कहना है कि बदमाश दोनों को जंगल की ओर ले गए, युवक के साथ मारपीट की. इसके बाद युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया. युवती ने विरोध किया और शोर करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई. आवाज सुनकर हाइवे से गुजर रहे कुछ लोगों की हलचल बढ़ी, जिससे आरोपी घबरा गए. इसके बाद वे युवती का पर्स और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए.

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. दोनों घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज कराया गया. पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शुरुआती जांच के बाद अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई.

    बदमाशों ने युवक के साथ मारपीट की और युवती के साथ गैंगरेप की कोशिश की. दुपट्टे से युवती के हाथ बांधकर प्राइवेट पार्ट में लकड़ी से चोट पहुंचाई गई. मंगेतर ने विरोध किया तो उसे बुरी तरह से पीटा. इस घटना की सूचना के बाद डायल 112 पुलिस भी पहुंच गई. पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेजा. इसके बाद एक टीम जंगल में बदमाशों की सर्चिंग के लिए भेजी गई.

    एसपी हितिका वासल ने बताया कि महिला और पुरुष के साथ लूटपाट की घटना हुई है. बदमाशों ने महिला के साथ गैंगरेप की भी कोशिश की. चीख-पुकार के बाद बदमाश फरार हो गए. पुलिस ने सात में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी दो की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है. मैं खुद निजी तौर पर इस मामले की निगरानी कर रही हूं और प्रयास रहेगा कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए.

    पुलिस के अनुसार, घटना के बाद युवती गहरे सदमे में है. उसकी काउंसलिंग और मेडिकल हेल्प की व्यवस्था की गई है. पुलिस मौके से मिले सबूतों, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.

  • लंबी कानूनी जंग खत्म, 61 मामलों का निपटारा कर दंपती को अलग होने की अनुमति

    लंबी कानूनी जंग खत्म, 61 मामलों का निपटारा कर दंपती को अलग होने की अनुमति


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश में 1994 से चल रहे वैवाहिक विवाद को समाप्त करते हुए दंपती को तलाक की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने देशभर की विभिन्न अदालतों में लंबित 61 मुकदमों को एक साथ खत्म कर दिया।

    जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने अनुच्छेद 142 के विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी के विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया। मामला अवमानना याचिका के रूप में शीर्ष अदालत पहुंचा था, लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे स्थायी समाधान तक पहुंचाने का फैसला किया।

    आपसी सहमति से हुआ निपटारा

    सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया तय की गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एलिमनी पर सहमति बन चुकी है और पति पत्नी को एकमुश्त 1 करोड़ रुपये देगा। इसके साथ ही लोनावला स्थित संपत्ति में पत्नी को हिस्सा देने पर भी सहमति बनी।

    अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के खाते में संपत्ति हिस्सेदारी के रूप में 90 लाख रुपये जमा किए जाएं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद समाप्त माने जाएंगे।

    61 केस एक साथ खत्म

    शीर्ष अदालत ने विभिन्न अदालतों—ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट—में चल रहे कुल 61 मामलों को रद्द कर दिया। इनमें घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और अन्य आपराधिक व दीवानी मुकदमे शामिल थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इसी विवाद से जुड़े किसी भी नए मामले की सुनवाई नहीं होगी।

    अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल

    अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश देने का अधिकार है। इसी प्रावधान का उपयोग करते हुए अदालत ने कहा कि इस लंबे विवाद का स्थायी समाधान जरूरी है और अब किसी भी तरह की कानूनी बाधा नहीं रहनी चाहिए।

    दोनों पक्षों ने लिखित रूप में अदालत के फैसले को स्वीकार किया और आगे कोई मुकदमा न लड़ने पर सहमति जताई। अदालत ने इस मामले में पहले से जारी विभिन्न न्यायिक आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिससे 32 साल पुराना विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया।