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  • सर्जरी के निशानों के साथ आत्मविश्वास की नई परिभाषा बनीं राजश्री देशपांडे, कहा- जख्म नहीं, ये मेरी जीत हैं

    सर्जरी के निशानों के साथ आत्मविश्वास की नई परिभाषा बनीं राजश्री देशपांडे, कहा- जख्म नहीं, ये मेरी जीत हैं

    नई दिल्ली। जीवन कई बार ऐसे मोड़ पर ले आता है, जहां इंसान को अपनी सबसे बड़ी लड़ाई खुद से और अपने हालात से लड़नी पड़ती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है अभिनेत्री राजश्री देशपांडे की, जिन्होंने ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए न सिर्फ उसे मात दी, बल्कि अपने अनुभव को खुलकर साझा कर हजारों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है।

    हाल ही में उन्होंने अपने कुछ ऐसे चित्र साझा किए, जिनमें उनके शरीर पर सर्जरी के निशान साफ नजर आ रहे थे। आमतौर पर लोग ऐसे निशानों को छुपाने की कोशिश करते हैं, लेकिन राजश्री ने इन्हें अपनी पहचान और अपनी जीत का हिस्सा मानते हुए पूरी ईमानदारी के साथ दुनिया के सामने रखा। उनके इस कदम ने लोगों के बीच एक गहरी भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा कर दी।

    अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उनके शरीर पर बने ये निशान उनकी कहानी को बयां करते हैं। हर निशान उस संघर्ष की याद दिलाता है, जिसमें उन्होंने दर्द, डर और अनिश्चितता का सामना करते हुए खुद को मजबूत बनाए रखा। उन्होंने यह भी कहा कि यह बीमारी उनके शरीर तक सीमित रही, लेकिन उनकी आत्मा और हिम्मत को कभी कमजोर नहीं कर पाई।

    राजश्री ने अपने संदेश में महिलाओं को खास तौर पर संबोधित करते हुए उन्हें आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कोई भी जख्म किसी की खूबसूरती को कम नहीं करता, बल्कि वह उस साहस की पहचान बन जाता है, जिसने कठिन समय में भी हार नहीं मानी। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में असली ताकत बाहरी रूप से नहीं, बल्कि अंदर की सोच और आत्मबल से आती है।

    अपने वर्तमान जीवन के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि आज वह पूरी तरह से अपने काम और जीवन को नए नजरिए से देख रही हैं। उनके अंदर एक नई ऊर्जा है, जो उन्हें हर दिन आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि वह अब अपने अनुभवों को कमजोरी नहीं बल्कि अपनी ताकत मानती हैं और उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं।

    उनकी यह भावुक और साहसी पोस्ट सामने आने के बाद लोगों में चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों ने इसे साहस और आत्मस्वीकृति का बेहतरीन उदाहरण बताया। खासकर उन लोगों के लिए यह कहानी बेहद प्रेरणादायक बन गई है जो किसी गंभीर बीमारी या जीवन की कठिन परिस्थिति से गुजर रहे हैं।

    राजश्री देशपांडे का यह कदम केवल एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक संदेश है कि जीवन में आने वाली चुनौतियाँ हमें तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि मजबूत बनाने के लिए आती हैं। उनका यह आत्मविश्वास भरा संदेश यह साबित करता है कि जब इंसान अपने दर्द को स्वीकार कर लेता है, तभी वह असली जीत की ओर बढ़ता है।

  • न्यायपालिका को बदनाम करने की हिम्मत कैसे हुई? रिजिजू ने DMK सांसद को लताड़ा

    न्यायपालिका को बदनाम करने की हिम्मत कैसे हुई? रिजिजू ने DMK सांसद को लताड़ा

     
    नई दिल्ली ।लोकसभा में शुक्रवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब तमिलनाडु से DMK सांसद टी.आर. बालू ने एक मुद्दे पर बोलते हुए एक हाईकोर्ट जज को RSS जज कह दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तत्काल आपत्ति जताते हुए कहा कि यह संसद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने बालू से बिना शर्त माफी की मांग की और कहा- आप न्यायपालिका पर दाग कैसे लगा सकते हैं? किसी जज के लिए असंसदीय भाषा का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    इंडिगो फाल्ट के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
    राज्यसभा में विपक्ष ने इंडिगो एयरलाइन के स्टाफ संकट से देशभर की उड़ानें प्रभावित होने पर सरकार से जवाब मांगा। रिजिजू ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू हालात की समीक्षा कर रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि केंद्र किस तरह एयरलाइन की मदद कर सकता है। सदन के बाहर प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार के मोनोपोली मॉडल की देन है। राहुल गांधी ने भी X पर इसे सरकार की नीतियों का नतीजा बताया। वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर सरकार का साफ रुख
    अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया।

    उन्होंने बताया-
    1.51 लाख वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने भी समय बढ़ाने से मना किया है। तीन महीने तक देरी करने वालों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। कर्नाटक सबसे आगे रहा, जहां लगभग 50,000 संपत्तियां दर्ज हुईं। सत्र में पेश होने वाले अहम बिल संसद के शीतकालीन सत्र में 10 बड़े बिल पेश होने जा रहे हैं। इनमें कुछ महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं-

    1. एटॉमिक एनर्जी बिल
    न्यूक्लियर सेक्टर में पहली बार निजी कंपनियों को एंट्री का रास्ता खुलेगा। परमाणु ऊर्जा से जुड़े नियमों के लिए नया ढांचा बनेगा।

    2. हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल
    UGC, AICTE, NCTE को हटाकर एक ही आयोग बनाने का प्रस्ताव।
    उद्देश्य- विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को अधिक स्वतंत्रता व बेहतर पारदर्शिता।

    3. नेशनल हाईवे संशोधन बिल
    भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज व पारदर्शी बनाकर हाईवे परियोजनाओं की देरी कम करना।

    4. कॉर्पोरेट लॉ अमेंडमेंट बिल, 2025
    कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में सुधार करके ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाना।

    5. सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल
    SEBI एक्ट, डिपॉजिटरीज एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को मिलाकर एक ही कानून बनाना।

    6. संविधान 131वां संशोधन बिल
    चंडीगढ़ UT को संविधान के आर्टिकल 240 के दायरे में लाना, जिससे केंद्र विशेष रेगुलेशन बना सके।

    7. आर्बिट्रेशन एंड कंसिलीएशन अमेंडमेंट बिल
    मध्यस्थता मामलों के समाधान को तेज करना और फैसलों को चुनौती देने की प्रक्रिया सरल बनाना।

    पहले चार दिनों की बड़ी घटनाएँ

    1 दिसंबर: वित्त मंत्री ने 3 बिल पेश किए, मणिपुर GST संशोधन बिल पास।

    2 दिसंबर: विपक्ष SIR पर चर्चा के लिए तैयार हुआ; 9 दिसंबर को 10 घंटे की बहस।

    3 दिसंबर: PM मोदी ने बंगाल BJP सांसदों से राज्य की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

    4 दिसंबर: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी मेहमानों से विपक्ष को मिलने नहीं देती।

    जस्टिस वर्मा पर कार्रवाई की संभावना
    स्पीकर द्वारा गठित तीन-सदस्यीय कमेटी अपनी रिपोर्ट इस सत्र में पेश करेगी। यदि आरोप साबित होते हैं तो संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रस्ताव को पास होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी और फिर यह राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। हालांकि माना जा रहा है कि आरोप सही पाए जाने की स्थिति में जस्टिस वर्मा खुद इस्तीफा दे सकते हैं।