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  • टीकमगढ़ में मृत गाय को लोडर से बांधकर सड़क पर घसीटा, घटना का वीडियो वायरल होने से लोगों में आक्रोश

    टीकमगढ़ में मृत गाय को लोडर से बांधकर सड़क पर घसीटा, घटना का वीडियो वायरल होने से लोगों में आक्रोश

    मध्य प्रदेश: के टीकमगढ़ जिले में मृत गाय के शव के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दो लोग मृत गाय को लोडर वाहन से बांधकर सड़क पर घसीटते दिखाई दे रहे हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और इस मामले में प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    बताया जा रहा है कि यह घटना टीकमगढ़ शहर के सागर हाईवे मार्ग पर स्थित नए बस स्टैंड के बायपास रोड की है। वायरल वीडियो में एक लोडर वाहन पर सवार लोग मृत गाय के शव को वाहन से बांधकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वाहन तेज गति से आगे बढ़ता नजर आता है और गाय का शव सड़क पर घिसटता हुआ दिखाई देता है।

    घटना से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद मृत पशु के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर नाराजगी की बात कही जा रही है। मृत गाय के शव को इस तरह सड़क पर घसीटकर ले जाने की परिस्थितियां क्या थीं और ऐसा करने के पीछे संबंधित लोगों का उद्देश्य क्या था, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

    इस घटना ने मृत पशुओं के निपटान और उनके शवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के तरीके पर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी पशु की मृत्यु के बाद उसके शव को उचित तरीके से हटाना जरूरी होता है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर असुविधा न हो और स्वच्छता संबंधी समस्याएं पैदा न हों। लेकिन वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा तरीका पशु के शव के प्रति असंवेदनशील व्यवहार को दर्शाता है।

    घटना का स्थान शहर के बायपास मार्ग पर बताया जा रहा है। ऐसे में वीडियो के आधार पर संबंधित वाहन और उसमें सवार लोगों की पहचान करना जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। यदि आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं, तो उनकी फुटेज से भी घटना के समय, वाहन की आवाजाही और संबंधित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, ऐसी किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

    इस मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मृत गाय का शव कहां से लाया गया था और उसे किस स्थान पर ले जाया जा रहा था। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों ने शव को वाहन से बांधकर ले जाने का फैसला क्यों किया, इस सवाल का जवाब भी संबंधित व्यक्तियों की पहचान और पूछताछ के बाद ही सामने आ सकता है।

    पशुओं के प्रति क्रूरता से जुड़े मामलों में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का प्रश्न परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करता है। इस मामले में भी किसी कानूनी कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

    टीकमगढ़ की इस घटना ने मृत गाय के शव को ले जाने के तरीके को लेकर चिंता पैदा की है। अब मामले में संबंधित लोगों की पहचान, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

  • मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज

    मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का आरोप, अधेड़ मोहम्मद अबरार गिरफ्तार; पुलिस ने निकाला जुलूस, FIR दर्ज


    मध्य प्रदेश:
    के मंदसौर में गाय के साथ कुकृत्य का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक अधेड़ व्यक्ति ने मंदसौर बस स्टैंड परिसर में गाय के साथ रेप किया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपी की पहचान मोहम्मद अबरार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि मंदसौर बस स्टैंड परिसर में आरोपी मोहम्मद अबरार द्वारा गाय के साथ कुकृत्य किया गया। घटना की जानकारी लोगों को मिलने के बाद इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया। घटना सार्वजनिक स्थान पर सामने आने के कारण बस स्टैंड क्षेत्र में लोगों के बीच इसकी चर्चा रही और मामले को लेकर आक्रोश भी दिखाई दिया।

    पुलिस ने आरोपी का जुलूस भी निकाला। आरोपी को पुलिस की निगरानी में ले जाते हुए उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिसकर्मी उसे अपने साथ ले जाते हुए दिखाई दिए। आरोपी के जुलूस का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस उसे अपने साथ लेकर जाती हुई नजर आ रही है। घटना के बाद पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई की भी चर्चा हो रही है। आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    आरोपी मोहम्मद अबरार मूल रूप से मंदसौर जिले के नाहरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी बस स्टैंड परिसर में किस परिस्थिति में पहुंचा और घटना किस तरह हुई। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

    कोतवाली पुलिस ने मोहम्मद अबरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हिरासत में लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा रही। पुलिस घटना से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, गोपालन के लिए महिला को मदद और दिव्यांग को न्याय का भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान सीतापुर की रहने वाली पूनम देवी ने मुख्यमंत्री के सामने गोपालन के जरिए आत्मनिर्भर बनने की इच्छा जताई। उनकी मांग पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की निवासी पूनम देवी ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह गोपालन के माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करना चाहती हैं। उनके पास पहले से पांच गाय हैं और उन्होंने बताया कि अन्य गोवंश रखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। उन्होंने सरकार से अतिरिक्त गाय उपलब्ध कराने की मांग रखी, ताकि दूध और उससे जुड़े उत्पादों की बिक्री के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाई जा सके।

    पूनम देवी की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव पशुधन को निर्देश दिया कि उन्हें नियमानुसार निराश्रित गाय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ भी दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने महिला की गोपालन के प्रति रुचि और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।

    जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से एक-एक करके उनकी समस्याएं पूछीं और प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पूनम देवी से बातचीत के दौरान उन्होंने गोसेवा के महत्व का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की ओर से उन्हें नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिला ने अपनी मांग पर तत्काल संज्ञान लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।

    इसी दौरान जनता दर्शन में पहुंचे एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखी। पीड़ित ने बताया कि उसकी जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उसे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जमीन की जांच कराने और नियमानुसार समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता दर्शन में आने वाले लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनता दर्शन में सामने आए मामलों में सरकारी योजनाओं का लाभ, भूमि विवाद और अन्य स्थानीय समस्याएं शामिल रहीं।

    इस दौरान मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर रहा कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी न हो और शिकायतों का समाधान संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी ढंग से किया जाए। महिला की गोपालन संबंधी मांग और दिव्यांग की भूमि से जुड़े मामले में तत्काल निर्देश दिए जाने से जनता दर्शन में शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर प्रशासनिक सक्रियता का संदेश गया।

  • मौलाना मदनी बोले- गाय को दिया जाए राष्ट्रीय पशु का दर्जा….इससे मॉब लिंचिंग व हिंसा रुकेगी

    मौलाना मदनी बोले- गाय को दिया जाए राष्ट्रीय पशु का दर्जा….इससे मॉब लिंचिंग व हिंसा रुकेगी


    सहारनपुर।
    जमीयत उलमा-ए-हिंद (Jamiat Ulama-e-Hind) के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी (Maulana Arshad Madani) ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा, इससे गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग और हिंसा (Mob lynching and violence) पर रोक लग सकती है। सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से क्यों बच रही है, यह बड़ा सवाल है।

    मदनी ने कहा, गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर मुसलमानों को कोई आपत्ति नहीं होगी, बल्कि उन्हें खुशी होगी कि समाज में नफरत और तनाव कम होगा। मदनी ने कहा कि गाय के मुद्दे को राजनीतिक और भावनात्मक हथियार बना दिया गया है।

  • MP: मुस्लिम MLA ने गाय को लेकर उठाई मांग पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुश… बोले-ये हिंदू विधायकों पर कलंक जैसा

    MP: मुस्लिम MLA ने गाय को लेकर उठाई मांग पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुश… बोले-ये हिंदू विधायकों पर कलंक जैसा

    Swami Avimukteshwaranand 

    भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल के एक मुस्लिम विधायक (Muslim MLA) ने गौमाता को लेकर ऐसी कुछ मांग कर दी है कि जिससे ज्योतिर्मठ पीठ (Jyotirmath Peeth) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) बहुत खुश हो गए हैं और उन्होंने विधायक की जमकर तारीफ करते हुए हिंदू विधायकों को उनसे सीख लेने के लिए कहा है। दरअसल भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने हाल ही में मध्य प्रदेश विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है, साथ ही गाय की मृत्यु पर उसकी अंतिम संस्कार करने और उसके मांस व चमड़े के व्यापार पर रोक लगाने की मांग भी की है। विधायक की इस मांग के बारे में जानने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रतिक्रिया देते हुए ना केवल मुस्लिम MLA की तारीफ की बल्कि यहां तक कह दिया कि अगर उनका यह प्रस्ताव असफल रहता है तो यह हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा।

    इस मामले को लेकर जारी एक वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘उस वक्त बड़ा आश्चर्य होता है, जब हम जिससे आशा करते हैं वह हमारी आशा को पूरा नहीं करता है, और जिससे हमारी आशा ही ना हो, वह आगे बढ़कर के हमारे हृदय के पास खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक दृश्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से निकलकर आया है। जहां पर भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने गौमाता के मांस और चमड़े के व्यापार पर भी पूरी तरह से रोक लगाने और गोकशी करने वाले लोगों के ऊपर सख्ती बरतने के लिए कहा है।’ शंकराचार्य ने बताया कि अकील ने गौमाता की मृत्यु होने पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था करने की मांग भी की है।’


    ‘हिंदू अपना धर्म पालन करने में चूक रहे’

    आगे राज्य के हिंदू विधायकों को निशाने पर लेते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ‘यह मांग स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों के द्वारा की जानी चाहिए थी, यह संकल्प उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन हिंदू ना केवल अपना धर्म पालन करने में चूक रहे हैं, बल्कि अपने आप को हिंदू कहलवाने में भी चूक रहे हैं।’


    ‘हिंदू विधायकों के पास अब भी एक मौका’

    आगे अकील की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज MP विधानसभा में जितने भी हिंदू विधायक हैं, आतिफ अकील कहीं ना कहीं उनसे बढ़त ले चुके हैं। लेकिन कोई बात नहीं, अभी भी मौका है, इनके द्वारा जो संकल्प प्रस्तुत किया गया है, उस संकल्प को पारित करके सभी विधायक, इस अच्छे कार्य में अपने आप को सहभागी बना सकते हैं और सभी अभिनंदनीय हो सकते हैं।’


    ‘तो हिंदू विधायकों पर होगा बहुत बड़ा कलंक’

    आगे उन्होंने मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों को कहीं ना कहीं चुनौती देते हुए कहा कि ‘अगर यह प्रस्ताव असफल रहता है तो मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा, यही हम कहना चाहते हैं। साथ ही हम भोपाल उत्तर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील का खूब-खूब अभिनंदन करना चाहेंगे, साथ ही उनके परिवार को और उनके इष्ट मित्रों का भी अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने उनको यह बल दिया कि वह विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव ला सकें।’


    ‘संसद में भी यही हाल, मुस्लिम सांसद कर रहे मांग’

    आगे उन्होंने कहा कि संसद में भी हम देख रहे हैं कि मुस्लिम सांसद तो कह रहे हैं कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करो, लेकिन तथाकथित जो अपने आप को हिंदू कहने वाली पार्टी है, या जो अपने आप को हिंदू कहने वाले सांसद हैं, दूसरी पार्टियों के, वो लोग कहीं ना कहीं इस मामले में चूक रहे हैं। इसलिए इस मामले में हमारा सबसे यही कहना है कि, आपकी जो भी आस्था है, या आपकी आस्था अगर मर भी गई है तो भी आप जिनके प्रतिनिधि हैं उस जनता की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की और इस तरह का प्रस्ताव लाने की आवश्यकता है।


    हिंदुओं से की गौमाता के पक्ष में खड़े होने की अपील

    अपनी बात खत्म करते हुए अंत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘हर हिंदू से हम कहना चाहेंगे, गौमाता के पक्ष में खड़े होकर के अपने आपको असली हिंदू घोषित करिए, नहीं तो जनता की नजर में आप नकली हिंदू होंगे, नकली हिंदू का कोई मतलब नहीं। इसलिए गौमाता के पक्ष में खड़े होइये।’


    आतिफ अकील बोले- भाजपा की कथनी और करनी में फर्क

    बता दें कि भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मंगलवार 17 फरवरी को विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी। इस बारे में बताते हुए आतिफ अकील ने कहा था, ‘मैंने गाय को लेकर विधानसभा में अशासकीय संकल्प लगाया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म अगर गाय को माता मानता है तो बिल्कुल उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। वहीं गाय की मौत होने पर उसका अंतिम संस्कार भी होना चाहिए और गाय के चमड़े का व्यापार भी बंद होना चाहिए।’ आगे उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2017 में मेरे पिता ने भी यही मांग की थी, और उस वक्त भी भाजपा की सरकार थी, लेकिन बहुमत होने के बाद भी यह संकल्प पारित नहीं हो पाया था।