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  • पाकिस्तान में भीषण सड़क हादसा, बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा सीमा पर खाई में गिरी यात्री बस; 40 लोगों की मौत, कई घायल, राहत अभियान तेज

    पाकिस्तान में भीषण सड़क हादसा, बलूचिस्तान-खैबर पख्तूनख्वा सीमा पर खाई में गिरी यात्री बस; 40 लोगों की मौत, कई घायल, राहत अभियान तेज

    नई दिल्ली । पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की सीमा पर शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हो गए। यह दुर्घटना उस समय हुई जब बलूचिस्तान के शेरानी जिले से डेरा इस्माइल खान की ओर जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस बलूचिस्तान के धनसार क्षेत्र से रवाना हुई थी और खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान पहाड़ी मार्ग पर बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही दोनों प्रांतों के प्रशासन, पुलिस, बचाव दल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी बचावकर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को खाई से बाहर निकालने का अभियान तेज गति से चलाया। कई घंटे तक चले अभियान के दौरान मृतकों के शवों को भी बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

    प्रशासन के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त बस में यात्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। शुरुआती विवरण में बस में 36 यात्रियों के होने की बात कही गई, लेकिन रास्ते में खराब हुई दूसरी बस के कुछ यात्रियों के भी इसमें सवार हो जाने से कुल यात्रियों की संख्या बढ़ गई थी। बाद में बचाव एजेंसियों ने बताया कि दुर्घटना के समय बस में लगभग 48 यात्री मौजूद थे। इसी कारण मृतकों और घायलों के आंकड़ों का अंतिम सत्यापन किया जा रहा है।

    हादसे के बाद प्रांतीय सरकार ने तत्काल राहत कार्यों की निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है ताकि परिजनों को शीघ्र सूचना दी जा सके और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

    सरकार ने दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा वाहन की तकनीकी खराबी, चालक की लापरवाही, अत्यधिक यात्रियों के सवार होने या सड़क की परिस्थितियों में से किस वजह से हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    पाकिस्तान के पर्वतीय क्षेत्रों में संकरी और घुमावदार सड़कों के कारण सड़क दुर्घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्री वाहनों की नियमित तकनीकी जांच, निर्धारित क्षमता का पालन, सुरक्षित ड्राइविंग और सड़क सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने से ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों के साथ-साथ दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच में जुटा हुआ है।

  • दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत

    दक्षिण सूडान: उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद क्रैश हुआ विमान…. 14 यात्रियों की मौत


    जुबा।
    दक्षिण सूडान (South Sudan) में यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त (Airplane Crash) हो गया, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (SSCAA) ने इस हादसे की पुष्टि की है। अधिकारियों ने जांच के लिए एक टीम दुर्घटनास्थल पर भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण खराब मौसम माना जा रहा है। SSCAA ने अपने बयान में यह जानकारी दी।

    विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:15 बजे जुबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Juba International Airport) से उड़ा था और राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर दुर्घटना का शिकार हो गया। दक्षिण सूडान के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटना में कोई भी बचा नहीं। दुर्घटना स्थल पर पहुंची यूएन बचाव टीम के एक सदस्य ने बताया कि शव इतने जल गए थे कि उन्हें पहचानना असंभव हो गया था। इस दुर्घटना में 12 दक्षिण सूडानी और 2 केन्याई नागरिक शामिल थे।

    दक्षिण सूडान पहले से ही अस्थिरता, संघर्ष और गरीबी की मार झेल रहा है, जहां परिवहन बुनियादी ढांचा बेहद कमजोर है। यहां अक्सर विमान अधिक वजन होने या मौसम की वजह से दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। यह घटना देश की उड़ान सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर रखरखाव, प्रशिक्षण और मौसम संबंधी चेतावनियों की कमी से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

    पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण सूडान में कई बड़ी विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जनवरी 2025 में उत्तरी सूडान में एक क्रैश में 20 लोग मारे गए थे। 2021 में विश्व खाद्य कार्यक्रम के ईंधन ले जा रहे कार्गो प्लेन दुर्घटना में 5 लोगों की जान गई। 2015 में जुबा में एक एंटोनोव विमान दुर्घटना में 36 लोग मारे गए थे, जबकि 2017 में एक और घटना में विमान रनवे से फिसल गया था, लेकिन चमत्कारिक रूप से सभी 37 यात्री बच गए। इस बार की दुर्घटना ने एक बार फिर देश की एयर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

  • तुर्किये में लीबिया के प्रतिनिधिमंडल को लेकर लौट रहा प्लेन क्रैश…आर्मी चीफ समेत 7 लोगों की मौत

    तुर्किये में लीबिया के प्रतिनिधिमंडल को लेकर लौट रहा प्लेन क्रैश…आर्मी चीफ समेत 7 लोगों की मौत


    अंकारा।
    तुर्किये (Turkey) में बड़ा विमान हादसा (Major Plane Crash) हो गया है। लीबिया (Libya ) के प्रधानमंत्री अब्दुल-हमीद दबीबे (Prime Minister Abdul-Hamid Dbeibeh) ने तुर्किये में हुए विमान हादसे में देश के सैन्य प्रमुख (मिलिट्री चीफ) मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद (Military Chief Muhammad Ali Ahmed Al-Haddad) समेत सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। यह हादसा मंगलवार शाम उस समय हुआ, जब लीबियाई प्रतिनिधिमंडल तुर्किये की राजधानी अंकारा से आधिकारिक दौरे के बाद अपने देश लौट रहा था।

    प्रधानमंत्री दबीबा की ओर से जारी बयान में इस घटना को दुर्घटनापूर्ण और बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह लीबिया के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। लीबिया के सैन्य प्रमुख, चार अन्य अधिकारियों और तीन चालक दल के सदस्यों को ले जा रहा एक निजी विमान राजधानी अंकारा से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी लोगों की मौत हो गई। लीबियाई अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना का कारण विमान में तकनीकी खराबी थी।


    तकनीकी खराबी के कारण टूटा संपर्क

    लीबिया के अधिकारियों के अनुसार उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद विमान से संपर्क पूरी तरह टूट गया। प्रारंभिक जानकारी में कहा गया है कि यह संपर्क तकनीकी खराबी के कारण समाप्त हुआ। तुर्किये के अधिकारियों ने बताया कि लीबियाई प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च स्तरीय रक्षा वार्ता के लिए अंकारा में था।

    मलबा बरामद, हादसे की पुष्टि
    इससे पहले के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया था कि लीबियाई मिलिट्री चीफ और चार अन्य लोगों को ले जा रहे फाल्कन-50 श्रेणी के निजी जेट का मलबा अंकारा के पास बरामद कर लिया गया है। हालांकि, बाद में लीबिया के प्रधानमंत्री ने सभी के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी।

    इस दुर्घटना में मारे गए अन्य चार अधिकारी लीबिया के जमीनी बलों के प्रमुख जनरल अल-फितौरी गरैबिल, सैन्य विनिर्माण प्राधिकरण के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल महमूद अल-कतावी, चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार मोहम्मद अल-असावी दियाब और चीफ ऑफ स्टाफ के कार्यालय में कार्यरत सैन्य फोटोग्राफर मोहम्मद उमर अहमद महजूब थे। तीनों चालक दल के सदस्यों की पहचान तुरंत पता नहीं चल पाई।

    उड़ान के तुरंत बाद हुआ हादसा
    तुर्किये के गृह मंत्री के मुताबिक, विमान ने मंगलवार शाम करीब 8:30 बजे अंकारा के एसेनबोगा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। करीब 40 मिनट बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल का विमान से संपर्क टूट गया। इससे पहले विमान ने अंकारा के दक्षिण में स्थित हायमाना जिले के पास इमरजेंसी लैंडिंग का सिग्नल भेजा था। स्थानीय टीवी चैनलों पर दिखाए गए सुरक्षा कैमरा फुटेज में हायमाना क्षेत्र के आसमान में अचानक तेज रोशनी दिखाई दी, जिसे संभावित विस्फोट के रूप में देखा गया।

    तुर्किये दौरे पर थे अल-हद्दाद
    मुहम्मद अली अहमद अल-हद्दाद तुर्की के आधिकारिक दौरे पर अंकारा आए थे, जहां उन्होंने तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। अल-हद्दाद पश्चिमी लीबिया के शीर्ष सैन्य कमांडर थे और संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में चल रहे लीबिया की बंटी हुई सेना को एकजुट करने के प्रयासों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी।

    एयरपोर्ट बंद, उड़ानें डायवर्ट
    हादसे की खबर के बाद अंकारा एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और कई उड़ानों को अन्य स्थानों पर डायवर्ट किया गया। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच जारी है। इस घटना को लीबिया की सुरक्षा और राजनीति के लिहाज से गंभीर झटका माना जा रहा है।