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  • बेंगलुरु मैच से पहले पुजारा ने टीम इंडिया को चेताया, गेंदबाजी में सुधार की सलाह, वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाजों की तारीफ

    बेंगलुरु मैच से पहले पुजारा ने टीम इंडिया को चेताया, गेंदबाजी में सुधार की सलाह, वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाजों की तारीफ


    नई दिल्ली। भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में टीम के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए शाई होप की बल्लेबाजी और कीमो पॉल की गेंदबाजी की जमकर तारीफ की है। पुजारा के मुताबिक शाई होप ने जिस संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी की उसने भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। वहीं कीमो पॉल का निर्णायक गेंदबाजी स्पेल मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। पुजारा ने भारतीय गेंदबाजी की कमजोरियों की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि बेंगलुरु में होने वाले अगले मुकाबले में टीम इंडिया को अपनी रणनीति में सुधार करना होगा। गेंदबाजों को सही लेंथ के साथ अधिक विविधता दिखानी होगी ताकि विपक्षी बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का मौका न मिले।

    पुजारा ने शाई होप की बल्लेबाजी को वेस्टइंडीज की सफलता का प्रमुख आधार बताया। उनका कहना है कि होप बिना सोचे-समझे आक्रामक शॉट खेलने के बजाय अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करते हैं। वह गेंद की दिशा और गति को समझकर सही गैप में शॉट लगाते हैं। इसी वजह से वह कम जोखिम लेते हुए भी तेजी से रन बनाने में सफल रहते हैं। पुजारा के अनुसार होप की टाइमिंग और अपनी पसंदीदा जगहों पर शॉट खेलने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। ऐसी पिच पर जहां बल्लेबाजों के लिए स्पिनरों पर हावी होना आसान नहीं था वहां होप ने अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और गेंदबाजों को दबाव बनाने का ज्यादा मौका नहीं दिया।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने होप के निरंतर प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई बल्लेबाज अपनी तकनीक और रणनीति को लेकर स्पष्ट होता है तो उसे रोकना गेंदबाजों के लिए मुश्किल हो जाता है। होप ने पूरी सीरीज में प्रभावशाली बल्लेबाजी की है और उनके आंकड़े भी उनकी निरंतरता को दर्शाते हैं। पुजारा ने शिमरोन हेटमायर और शेरफेन रदरफोर्ड की भी तारीफ की। उनके मुताबिक इन बल्लेबाजों ने भी भारतीय गेंदबाजी योजनाओं की कमजोरियों को पहचाना और जरूरत के मुताबिक आक्रामक रुख अपनाया। इन खिलाड़ियों के सामूहिक योगदान ने वेस्टइंडीज को मुकाबले में मजबूत स्थिति दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    पुजारा ने कीमो पॉल की गेंदबाजी को जीत का निर्णायक मोड़ बताया। पॉल ने अपनी पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को आउट कर भारतीय टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद उसी ओवर में ईशान किशन का विकेट लेकर उन्होंने दबाव और बढ़ा दिया। फिर 19वें ओवर में तीन विकेट लेकर मुकाबले का रुख बदल दिया। पुजारा के मुताबिक मुश्किल परिस्थिति में इस तरह का प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज ने दबाव के बावजूद शानदार वापसी की और अपने प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि टीम मुकाबले में जीत हासिल करने के इरादे से उतरी थी।

    भारतीय गेंदबाजी पर बात करते हुए पुजारा ने कहा कि पावरप्ले के दौरान और उसके बाद गेंदबाज सही लेंथ बनाए रखने में नाकाम रहे। साथ ही गेंदबाजी में पर्याप्त विविधता भी नजर नहीं आई। उन्होंने नमन धीर की गेंदबाजी का उल्लेख करते हुए कहा कि वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने उनकी लेंथ को जल्दी समझ लिया और खराब गेंदों का फायदा उठाया। ऐसे बल्लेबाजों के सामने छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। पुजारा ने सलाह दी कि बेंगलुरु में भारतीय गेंदबाजों को बेहतर लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी और अपनी रणनीति में बदलाव करते रहना होगा। अगले मुकाबले में टीम इंडिया के सामने चुनौती होगी कि वह वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों पर लगाम लगाए और पिछली गलतियों से सबक लेकर बेहतर प्रदर्शन करे।

  • एक नो बॉल ने पलट दी पूरी बाजी टिम डेविड की तूफानी पारी से सीएसके की हार तय

    एक नो बॉल ने पलट दी पूरी बाजी टिम डेविड की तूफानी पारी से सीएसके की हार तय


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के एक हाई स्कोरिंग मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा लेकिन इस मैच की असली कहानी एक छोटी सी गलती से जुड़ी रही जिसने पूरे मुकाबले की दिशा ही बदल दी। यह गलती थी एक नो बॉल जिसने टिम डेविड को नया जीवन दिया और फिर उन्होंने उसी मौके को मैच विनिंग पारी में बदल दिया।

    मैच के शुरुआती चरण में चेन्नई सुपर किंग्स मुकाबले में बनी हुई थी। 13 से 14 ओवर तक स्थिति ऐसी थी कि टीम वापसी कर सकती थी और आरसीबी को एक काबू में रहने वाले स्कोर तक रोक सकती थी। हालांकि फील्डिंग में ढिलाई और पावरप्ले में विकेट न मिलना पहले ही टीम पर दबाव बना चुका था लेकिन असली झटका बाद में लगा।

    जब टिम डेविड क्रीज पर आए तो शुरुआत में वह संघर्ष करते नजर आए। उनकी पहली कुछ गेंदों पर रन नहीं बन रहे थे और ऐसा लग रहा था कि सीएसके उन्हें जल्दी पवेलियन भेज देगी। इसी दौरान 18वें ओवर में तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने एक शानदार गेंद डाली जिस पर टिम डेविड बोल्ड हो गए। उस पल ऐसा लगा कि चेन्नई ने मैच में बड़ी सफलता हासिल कर ली है।

    लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। थर्ड अंपायर ने जांच के बाद पाया कि यह गेंद नो बॉल थी क्योंकि गेंदबाज का पैर क्रीज से बाहर था। यह फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। टिम डेविड को न सिर्फ जीवनदान मिला बल्कि उन्हें फ्री हिट का फायदा भी मिला जिसे उन्होंने छक्के में बदल दिया।

    इसके बाद मैच पूरी तरह बदल गया। आत्मविश्वास से भर चुके टिम डेविड ने अगले ओवर में आक्रामक रुख अपनाया और गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। खासकर 19वें ओवर में उन्होंने जिमी ओवरटन के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 30 रन बटोर लिए। यह ओवर ही सीएसके की उम्मीदों पर भारी पड़ गया और आरसीबी का स्कोर तेजी से 250 के पार पहुंच गया।

    अगर उस समय नो बॉल नहीं होती तो संभव था कि आरसीबी 220 से 230 रन के आसपास सिमट जाती। ऐसे में चेन्नई के बल्लेबाजों पर दबाव कम होता और मैच का नतीजा कुछ अलग हो सकता था। लेकिन क्रिकेट में छोटे-छोटे पल ही बड़े नतीजों को तय करते हैं और इस मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला।

    मैच के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने भी इस बात को स्वीकार किया कि वह नो बॉल टीम के लिए भारी पड़ी। उन्होंने माना कि टिम डेविड का विकेट लगभग मिल चुका था लेकिन उस एक गलती के बाद उन्होंने पूरे मैदान पर दबदबा बना लिया।

    आखिरकार यह मुकाबला इस बात का उदाहरण बन गया कि क्रिकेट में एक छोटी सी चूक किस तरह पूरे मैच की कहानी बदल सकती है। टिम डेविड ने मिले मौके को भुनाया और सीएसके को ऐसी हार दी जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

  • IPL 2026: SRH के सामने कड़ी चुनौती, KKR को उसके घर में हराना आसान नहीं

    IPL 2026: SRH के सामने कड़ी चुनौती, KKR को उसके घर में हराना आसान नहीं


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का छठा मुकाबला गुरुवार को ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों को अपने-अपने पहले मैच में हार मिली थी, ऐसे में इस मुकाबले के सीजन की पहली जीत का दावा बेहद अहम हो गया है।

    होम ग्राउंड पर केकेआर का पलड़ा भारी

    कोलकाता नाइट राइडर्स अपने घरेलू मैदान पर हमेशा मजबूत टीम बनी हुई है। आंकड़ों में यह भी लिखा है कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ केकेआर का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 30 मुकाबलों में केकेआर ने 19 जीत दर्ज की हैं, जबकि एसआरएच को 10 मैचों में सफलता मिली है।

    कैप्टन पैट कमिंस की गैरमौजूदगी बड़ी चिंता

    SRH की सबसे बड़ी समस्या उनके नियमित कप्तान पैट कमिंस की शिकायत है। उनकी गैरमौजूदगी टीम की सदस्यता और लीडरशिप दोनों को प्रभावित कर रही है, जिससे टीम का बैलेंस बैलेंस देखने को मिल रहा है।

    शीर्ष क्रम की ख़राब फॉर्म से बेहतर मुश्किल

    SRH के लिए ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता का विषय है। दोनों ओपनर्स के हाल के मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया जा सका। यदि ये दोनों बैटरियां जल्दी आउट होती हैं, तो टीम बड़े स्कोर तक पहुंच कर संघर्ष कर सकती है।

    मध्य क्रम भी नहीं दे पा रहा साथ

    हेनरिक क्लासेन जैसे पॉकेटमार बल्लेबाज भी हाल के दिनों में अपनी लय में नजर नहीं आए हैं। मिडिल ऑर्डर की यही कमज़ोरी SRH के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

    ईशान किशन पर टिकी विवरण

    SRH के लिए राहत की बात यह है कि ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले मैच में 80 रन की तूफानी पारी खेली थी। केकेआर की टीम के खिलाफ भी बड़ी पारी की उम्मीद है।

    ऑनलाइन खेलना आश्चर्यजनक होगा

    SRH के नामांकन में जयदेव उनादकट, हर्षल पटेल और ईशान मलिंगा को जिम्मेदारी लेनी होगी। केकेआर मजबूत टीम के खिलाफ सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, बल्कि बल्लेबाजी और फील्डिंग में भी बेहतरीन प्रदर्शन जरूरी है।

    प्लांट का कोम्पोट क्या है?

    केकेआर को घरेलू फ्लोरिडा लाभ का लाभ मिलेगा, जबकि एसआरएच को अपने विभाग में सुधार करना होगा। अगर हैदराबाद ने यह मैच जीता है, तो उन्हें ऑलराउंड प्रदर्शन करना होगा।