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  • वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी

    वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। लेकिन उनके रिकॉर्ड्स और सफलता के पीछे एक ऐसा शख्स भी है, जो कैमरों की चमक से दूर रहकर लगातार उनके साथ एक साये की तरह खड़ा रहा। यह शख्स है Romy Bhinder, जो न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर हैं, बल्कि वैभव के गार्जियन और मेंटर की भूमिका भी निभा रहे हैं।

    आईपीएल के पूरे सीजन के दौरान रोमी भिंडर को अक्सर डगआउट, बाउंड्री लाइन, टीम बस और पोस्ट मैच इवेंट्स में वैभव के साथ देखा गया। जब भी युवा खिलाड़ी मैदान पर उतरे या किसी बड़े पल का हिस्सा बने, रोमी हमेशा उनके आसपास मौजूद रहे। यही वजह है कि फैंस के बीच यह सवाल लगातार उठता रहा कि आखिर यह शख्स कौन है जो हर जगह उनके साथ नजर आता है।

    असल में, नाबालिग खिलाड़ी होने के चलते BCCI और IPL नियमों के तहत वैभव सूर्यवंशी के लिए एक आधिकारिक गार्जियन का होना जरूरी था। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर अचानक क्रिकेट की दुनिया में सुर्खियां बटोरने वाले इस युवा खिलाड़ी के लिए रोमी भिंडर वही सहारा बने, जिन्होंने उन्हें आईपीएल की तेज रफ्तार, दबाव और ग्लैमर के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद की।

    रोमी भिंडर का क्रिकेट से जुड़ा अनुभव भी काफी लंबा है। वे इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और भारत में विदर्भ, महाराष्ट्र तथा नागपुर यूनिवर्सिटी स्तर पर क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट मैनेजमेंट और टैलेंट डेवलपमेंट में अपनी पहचान बनाई। वर्ल्ड क्रिकेट अकादमी से जुड़े रहने के साथ-साथ वे ग्रासरूट क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

    आईपीएल में भी उनका अनुभव करीब दो दशक पुराना है। राजस्थान रॉयल्स से उनका जुड़ाव पहले सीजन से ही रहा है, जहां उन्होंने लायजन ऑफिसर और असिस्टेंट मैनेजर जैसी भूमिकाएं निभाई हैं।

    हालांकि आईपीएल 2026 में एक मैच के दौरान उनका मोबाइल इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो सामने आने के बाद वे विवादों में भी आए थे। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने उन्हें नोटिस जारी किया और बाद में जुर्माना भी लगाया गया, हालांकि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला गंभीर नियम उल्लंघन का नहीं था।

    इसके बावजूद, मैदान के अंदर और बाहर रोमी भिंडर ने वैभव के लिए एक मजबूत सहारा बनकर काम किया। जब युवा खिलाड़ी शतक से चूककर भावुक हुए, तब भी रोमी ने उन्हें संभाला और हौसला बढ़ाया।

    आज जब वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन से नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, तब उनके पीछे खड़े इस गुमनाम लेकिन महत्वपूर्ण शख्स की भूमिका भी उतनी ही बड़ी मानी जा रही है, जो उन्हें हर कदम पर मार्गदर्शन और सुरक्षा देता नजर आता है।

  • RCB की जीत के बाद भावुक कप्तान रजत पाटीदार, बोले- यह मेरी किस्मत थी

    RCB की जीत के बाद भावुक कप्तान रजत पाटीदार, बोले- यह मेरी किस्मत थी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर एक बार फिर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के कप्तान रजत पाटीदार बेहद भावुक नजर आए और उन्होंने अपने सफर को लेकर बड़ा बयान दिया।

    मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में रजत पाटीदार ने कहा कि यह पल उनके लिए किसी सपने से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “बहुत ही शानदार लग रहा है। जब हम यहां आए थे, तो पिछले साल की कई यादें ताजा हो गईं। मेरे पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं, लेकिन मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है।”

    पाटीदार ने टीम की रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिसमें भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, रसिक सलाम, क्रुणाल पंड्या, सुयश और रोमारियो शेफर्ड जैसे खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा।

    उन्होंने यह भी बताया कि टीम की योजना बेहद स्पष्ट थी और टॉस जीतने के बाद लक्ष्य का पीछा करना आसान हो गया। कप्तान के अनुसार, टीम ने पूरे टूर्नामेंट में आत्मविश्वास बनाए रखा और पिछले सीजन की तुलना में इस बार बेहतर तैयारी के साथ उतरी।

    रजत पाटीदार ने अपने व्यक्तिगत सफर पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह RCB की कप्तानी करेंगे और टीम को खिताब दिलाएंगे। उन्होंने इसे अपनी किस्मत और टीम के समर्थन का परिणाम बताया।

    उन्होंने टीम के मेंटर और सीनियर खिलाड़ी दिनेश कार्तिक का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके सुझाव उनके लिए बेहद उपयोगी साबित हुए। पाटीदार ने कहा कि कार्तिक हमेशा टीम के हर खिलाड़ी के साथ खड़े रहे और उनका मार्गदर्शन करते रहे।

    अंत में कप्तान ने RCB के प्रशंसकों के लिए संदेश देते हुए कहा कि यह जीत उन्हें समर्पित है। उन्होंने कहा, “यह एक बार फिर आपके लिए है, आरसीबी के फैन्स। इस साल कप हमारा है।”

    फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने 155 रन बनाए थे। जवाब में RCB ने विराट कोहली की नाबाद 75 रनों की शानदार पारी की बदौलत 18 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की।

  • RCB की लगातार दूसरी जीत के बाद खिलाड़ियों ने खोले दिल, कोहली की पारी से फाइनल में 5 विकेट से जीत

    RCB की लगातार दूसरी जीत के बाद खिलाड़ियों ने खोले दिल, कोहली की पारी से फाइनल में 5 विकेट से जीत


    मध्य प्रदेश । आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, लेकिन टीम के अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं, बल्कि टीम की जीत सबसे महत्वपूर्ण है।

    भुवनेश्वर कुमार ने कहा, “मुझे ट्रॉफी चाहिए थी, पर्पल कैप नहीं। यह सीजन हमारे लिए बेहद खास रहा और हमने शुरुआत से ही मजबूत रणनीति के साथ खेला।” उन्होंने बताया कि लगातार विकेट लेने से आत्मविश्वास बढ़ता है और बड़े मैचों में यह अनुभव काफी काम आता है।

    भुवनेश्वर इस सीजन में आरसीबी के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लिए और सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। उनसे आगे केवल गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा रहे, जिन्होंने 29 विकेट झटके, हालांकि उन्होंने एक मैच ज्यादा खेला था।

    टीम की जीत में बल्लेबाजों का भी अहम योगदान रहा। देवदत्त पड्डिकल ने कहा कि इस टीम के साथ खेलना एक शानदार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि टीम में मौजूद बड़े खिलाड़ियों से सीखने का मौका मिला और गेंदबाजों ने बेहतरीन योजनाओं के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने विशेष रूप से विराट कोहली की बल्लेबाजी और उनके रन बनाने की भूख की तारीफ की।

    विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने भी टीम मैनेजमेंट की रणनीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम का फोकस दबाव में भी प्रक्रिया पर टिके रहने पर था, न कि सिर्फ नतीजों पर। इसी सोच ने टीम को मजबूत बनाए रखा और लगातार जीत की ओर बढ़ाया।

    वहीं तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा कि टीम का माहौल और सपोर्ट स्टाफ बेहद मजबूत है, जिसने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भुवनेश्वर की लगातार विकेट लेने की क्षमता को टीम के लिए बड़ा प्लस पॉइंट बताया।

    फाइनल मुकाबले की बात करें तो गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 155 रन बनाए। जवाब में RCB ने विराट कोहली की नाबाद 75 रनों की शानदार पारी की बदौलत 18 ओवर में 5 विकेट पर 161 रन बनाकर मैच जीत लिया।

    इस जीत के साथ RCB ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की और टीम ने एक बार फिर साबित किया कि संतुलित प्रदर्शन और मजबूत रणनीति ही सफलता की कुंजी है।

  • RCB की ऐतिहासिक जीत पर गर्व से भरे दादा, लेकिन पिछले हादसे की याद ने रोके जश्न के कदम

    RCB की ऐतिहासिक जीत पर गर्व से भरे दादा, लेकिन पिछले हादसे की याद ने रोके जश्न के कदम


    मध्य प्रदेश । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार के लिए इस बार का जन्मदिन जीवन की सबसे खास यादों में शामिल हो गया है। 33वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले उनकी टीम ने आईपीएल का खिताब अपने नाम कर लिया और इस उपलब्धि ने परिवार तथा प्रशंसकों की खुशी को दोगुना कर दिया। हालांकि इस ऐतिहासिक सफलता के बावजूद इंदौर स्थित पाटीदार परिवार ने जश्न को सादगी और संवेदनशीलता के साथ मनाने का फैसला किया है।

    इन दिनों रजत पाटीदार अपनी टीम और परिवार के साथ अहमदाबाद में मौजूद हैं, जबकि इंदौर स्थित उनके घर पर दादा जगदीश नारायण पाटीदार परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मैच का रोमांच देख रहे थे। जैसे ही आरसीबी की जीत सुनिश्चित हुई, घर पर बधाई देने वालों का सिलसिला शुरू हो गया। रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक लगातार पहुंचकर परिवार को शुभकामनाएं देने लगे। हर किसी के चेहरे पर खुशी थी, क्योंकि रजत ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे इंदौर और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है।

    परिजनों के अनुसार दादा जगदीश नारायण पाटीदार अपने पोते की उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उनके चेहरे पर गर्व साफ दिखाई देता है, लेकिन उन्होंने इस खुशी को शोर-शराबे के बजाय शांत और गरिमापूर्ण तरीके से महसूस करना पसंद किया। काफी आग्रह के बाद वे घर से बाहर आए और लोगों की शुभकामनाएं स्वीकार कीं। इस दौरान समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और आतिशबाजी भी की, लेकिन दादाजी खुद इस उत्सव से दूरी बनाए रहे।

    इसके पीछे एक भावनात्मक कारण भी है। परिवार आज भी उस दर्दनाक घटना को नहीं भूला है, जब आरसीबी की पहली आईपीएल जीत के बाद हुए जश्न के दौरान भगदड़ मच गई थी और कई लोगों की जान चली गई थी। उस हादसे ने परिवार को गहराई से प्रभावित किया था। यही वजह है कि इस बार जीत की खुशी के बावजूद परिवार ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों से दूरी बनाकर रखने का निर्णय लिया है।

    रजत पाटीदार के जन्मदिन पर उनके मित्र और प्रशंसक विशेष आयोजन करना चाहते थे, लेकिन परिवार की भावनाओं और रजत की अनुपस्थिति को देखते हुए उन्होंने भी सादगी का रास्ता चुना। परिवार का मानना है कि खेल में मिली सफलता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन किसी भी उत्सव में मानव जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी सबसे ऊपर है।

    पाटीदार परिवार के लिए यह अवसर केवल एक खेल उपलब्धि का नहीं, बल्कि विनम्रता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का भी संदेश लेकर आया है। एक ओर पोते की सफलता पर दादा का सीना गर्व से चौड़ा है, तो दूसरी ओर वे यह भी चाहते हैं कि जीत का जश्न हमेशा संयम और समझदारी के साथ मनाया जाए। यही सोच इस परिवार को बाकी लोगों से अलग बनाती है और यही कारण है कि रजत पाटीदार की सफलता आज केवल क्रिकेट की जीत नहीं, बल्कि मूल्यों की भी जीत बन गई है।

  • 15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

    15 साल के वैभव की धमाकेदार पारी पर बिग बी हुए इम्प्रेस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर रहे युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी ने न सिर्फ क्रिकेट फैंस को प्रभावित किया है, बल्कि बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन भी उनके खेल के कायल हो गए हैं। वैभव की धमाकेदार पारियों के बाद सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा लगातार तेज होती जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए वैभव सूर्यवंशी की जमकर सराहना की। उन्होंने 15 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को “अद्भुत” बताया और उनकी बल्लेबाजी की तुलना करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि इस उम्र में तो लोग सामान्य खेल भी ठीक से नहीं खेल पाते, जबकि वैभव बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

    बिग बी के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। जहां कई फैंस ने अमिताभ बच्चन की तारीफ की, वहीं कुछ लोगों ने इस पोस्ट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं। हालांकि अमिताभ बच्चन अक्सर अपने विचारों और ट्वीट्स को लेकर चर्चा में रहते हैं, और एक बार फिर उन्होंने सुर्खियां बटोर ली हैं।

    दूसरी ओर, वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन IPL 2026 में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने हाल ही में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मात्र 37 गेंदों में 103 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इसके बाद गुजरात टाइटन्स के खिलाफ क्वालिफायर मुकाबले में भी उन्होंने 47 गेंदों में 96 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

    भले ही उनकी टीम को गुजरात के खिलाफ जीत नहीं मिली, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी ने सभी का दिल जीत लिया। कम उम्र में इतने बड़े मंच पर इस तरह का प्रदर्शन उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा साबित कर रहा है।

    अमिताभ बच्चन का यह रिएक्शन भी इस बात का संकेत है कि वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेट जगत ही नहीं, बल्कि फिल्म और मनोरंजन जगत में भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

  • IPL 2026: प्लेऑफ इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के, RR की जीत ने बनाए कई रिकॉर्ड

    IPL 2026: प्लेऑफ इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के, RR की जीत ने बनाए कई रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया मैच क्रिकेट इतिहास में एक यादगार पन्ना जोड़ गया। इस मुकाबले में न सिर्फ रन बरसे, बल्कि छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि प्लेऑफ इतिहास का नया रिकॉर्ड बन गया। दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने मिलकर कुल 26 छक्के लगाए, जो अब तक किसी भी आईपीएल प्लेऑफ मैच में सबसे अधिक हैं।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड साल 2025 में मुंबई इंडियंस और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए एलिमिनेटर के नाम था, जिसमें कुल 25 छक्के लगे थे। लेकिन बुधवार को हुए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

    महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान रॉयल्स ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आक्रामक शुरुआत की। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 48 गेंदों में 125 रनों की धमाकेदार साझेदारी की।

    यशस्वी जायसवाल ने 29 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन असली तूफान वैभव सूर्यवंशी के बल्ले से आया। वैभव ने मात्र 29 गेंदों में 97 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 चौके और 12 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने पूरे मैच का रुख ही बदल दिया।

    मिडिल ऑर्डर में ध्रुव जुरेल ने भी तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 21 गेंदों में 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 3 छक्के शामिल थे। कप्तान रियान पराग ने 12 गेंदों में 26 रन जोड़कर रन गति को और बढ़ाया, जबकि रविंद्र जडेजा ने 9 गेंदों में नाबाद 12 रन बनाए।राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए, जबकि ट्रेविस हेड सिर्फ 17 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ईशान किशन ने 11 गेंदों में 33 रन जरूर बनाए, लेकिन बड़ी पारी में बदल नहीं सके।

    हेनरिक क्लासेन भी 18 रन पर आउट होकर निराश हुए। हालांकि नीतीश कुमार रेड्डी ने 38 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली, जबकि साहिल अरोड़ा ने 35 रन और शिवांग कुमार ने 27 रन बनाकर संघर्ष किया।

    आरआर की गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर सबसे सफल रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके। नांद्रे बर्गर, सुशांत मिश्रा और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट लेकर एसआरएच की पारी को 196 रन पर समेट दिया।

    इस मुकाबले ने साबित कर दिया कि आईपीएल सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि रिकॉर्ड्स और रोमांच का सबसे बड़ा मंच है।

  • वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी से दंग हुए क्रिस गेल: 59 छक्कों का रिकॉर्ड टूटने पर दिया बड़ा रिएक्शन

    वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी से दंग हुए क्रिस गेल: 59 छक्कों का रिकॉर्ड टूटने पर दिया बड़ा रिएक्शन


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी का बल्ला जिस अंदाज में आग उगल रहा है उसने पूरी क्रिकेट दुनिया को हैरान कर दिया है। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने वो कारनामा कर दिखाया है जो आईपीएल के इतिहास में बड़े-बड़े दिग्गज बल्लेबाज नहीं कर पाए थे। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी।

    इस तूफानी पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 5 चौके और 12 गगनचुंबी छक्के लगाए। इन्हीं 12 छक्कों के साथ उन्होंने आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने का क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल के नाम था जिन्होंने साल 2012 में एक सीजन में 59 छक्के लगाए थे। अब वैभव सूर्यवंशी 65 छक्कों के साथ इस लिस्ट में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं।

    सबसे खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ तीन रन से शतक से चूक गए। अगर वह 29वीं गेंद पर आउट नहीं होते तो शायद आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक भी उनके नाम हो जाता। यह रिकॉर्ड फिलहाल क्रिस गेल के नाम है जिन्होंने 2013 में मात्र 30 गेंदों में सेंचुरी जड़ी थी।

    वैभव की इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज खिलाड़ियों ने उनकी बल्लेबाजी को खास बताया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त हुई जब खुद क्रिस गेल ने वैभव की तारीफ में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया।

    क्रिस गेल ने इंस्टाग्राम स्टोरी और एक्स पर वैभव सूर्यवंशी के आंकड़े शेयर करते हुए लिखा, “वैभव क्या जबरदस्त खिलाड़ी है। बहुत मजेदार नौजवान। IPL की नई सिक्स मशीन।” यूनिवर्स बॉस का यह रिएक्शन बताता है कि वैभव की बल्लेबाजी ने दुनिया के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक को भी प्रभावित कर दिया है।

    वैभव सूर्यवंशी की इस पारी का असर ऑरेंज कैप की रेस पर भी पड़ा। अब उनके नाम आईपीएल 2026 में 680 रन हो गए हैं और वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने एक सीजन में 200 से ज्यादा स्ट्राइक रेट के साथ 600 से अधिक रन बनाए हैं।

    अगर मैच की बात करें तो राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 243 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 280 रन तक पहुंच जाएगी, लेकिन वैभव के आउट होने के बाद टीम की रफ्तार धीमी पड़ गई। ध्रुव जुरेल ने जरूर अर्धशतक लगाया लेकिन बाकी बल्लेबाज ज्यादा योगदान नहीं दे सके।

    244 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के जल्दी आउट होने के बाद पूरी टीम दबाव में आ गई और 196 रन पर सिमट गई। हैदराबाद की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई।

    अब राजस्थान रॉयल्स का सामना 29 मई को क्वालीफायर-2 में गुजरात टाइटंस से होगा। यह मुकाबला न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। इस मैच की विजेता टीम फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से भिड़ेगी। लेकिन फिलहाल क्रिकेट जगत में सबसे ज्यादा चर्चा सिर्फ एक नाम की हो रही है और वो नाम है वैभव सूर्यवंशी।

  • राजस्थान रॉयल्स की बड़ी खोज, लेकिन पहली बोली किसी और टीम ने लगाई थी!

    राजस्थान रॉयल्स की बड़ी खोज, लेकिन पहली बोली किसी और टीम ने लगाई थी!


    नई दिल्ली। राजस्थान रॉयल्स को वैभव सूर्यवंशी के रूप में ऐसा हीरा मिल गया है जिसे अब फ्रेंचाइजी किसी भी कीमत पर अपने से दूर नहीं होने देना चाहेगी। महज 15 साल की उम्र में आईपीएल में तहलका मचाने वाले वैभव आज क्रिकेट दुनिया का सबसे चर्चित नाम बन चुके हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आईपीएल नीलामी में इस युवा बल्लेबाज पर पहली बोली राजस्थान रॉयल्स ने नहीं बल्कि दिल्ली कैपिटल्स ने लगाई थी।

    आईपीएल 2025 की नीलामी में जब वैभव सूर्यवंशी का नाम सामने आया तब उनकी उम्र सिर्फ 13 साल थी। बिहार के इस युवा बल्लेबाज का बेस प्राइस 30 लाख रुपए रखा गया था। जैसे ही नाम पुकारा गया वैसे ही दिल्ली कैपिटल्स ने सबसे पहले दांव खेला। राजस्थान रॉयल्स ने तुरंत दूसरी बोली लगाई और फिर दोनों टीमों के बीच जबरदस्त बिड वॉर शुरू हो गई।

    दिल्ली कैपिटल्स एक विस्फोटक ओपनर की तलाश में थी और टीम मैनेजमेंट को वैभव में भविष्य का बड़ा मैच विनर नजर आ रहा था। दूसरी तरफ राजस्थान रॉयल्स भी इस प्रतिभा को किसी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहती थी। आखिरकार बोली 1 करोड़ रुपए तक पहुंची जहां दिल्ली पीछे हट गई और राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपए में इस युवा खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल कर लिया। उस समय शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि यह खिलाड़ी आगे चलकर आईपीएल का सबसे बड़ा आकर्षण बन जाएगा।

    आईपीएल 2025 के शुरुआती मुकाबलों में वैभव को मौका नहीं मिला। उस समय टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ थे जो युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में माहिर माने जाते हैं। वैभव ने आधा सीजन डगआउट में बैठकर खेल को समझा और खुद को बड़े मंच के लिए तैयार किया। आखिरकार 19 अप्रैल 2025 को उन्हें आईपीएल डेब्यू का मौका मिला। तब उनकी उम्र सिर्फ 14 साल 23 दिन थी और वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए।

    वैभव ने अपने करियर की पहली ही गेंदों में बता दिया कि वह साधारण खिलाड़ी नहीं हैं। उन्होंने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत शार्दुल ठाकुर के खिलाफ छक्का लगाकर की और पूरे टूर्नामेंट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से फैंस का दिल जीत लिया। पहले ही सीजन में उन्होंने 32 गेंदों में शतक ठोककर क्रिकेट जगत को चौंका दिया।

    आईपीएल 2025 में वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 7 मैचों में 206.56 के स्ट्राइक रेट से 252 रन बनाए। हालांकि असली परीक्षा आईपीएल 2026 में मानी जा रही थी क्योंकि अक्सर खिलाड़ी पहले सीजन में चमकते हैं लेकिन अगले सीजन विरोधी टीमें उनके खिलाफ रणनीति बनाकर उन्हें रोक देती हैं।

    मगर वैभव ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ ‘वन सीजन वंडर’ नहीं हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने और ज्यादा आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। इस सीजन वह 15 मैचों में 680 रन बना चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट 242.86 का है। सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने 65 छक्के लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    आज वैभव सूर्यवंशी सिर्फ राजस्थान रॉयल्स ही नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं। जिस खिलाड़ी को दिल्ली कैपिटल्स अपने साथ जोड़ना चाहती थी उसे राजस्थान ने समय रहते पहचान लिया और अब यही ‘कोहिनूर’ पूरी दुनिया में चमक रहा है।

  • IPL 2026 प्लेऑफ: क्वालिफायर-1 में हारकर भी RCB और GT को मिलेगा दूसरा मौका

    IPL 2026 प्लेऑफ: क्वालिफायर-1 में हारकर भी RCB और GT को मिलेगा दूसरा मौका


    मध्य प्रदेश । आईपीएल 2026 के 70 लीग मुकाबलों के बाद अब प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। अंक तालिका में टॉप-4 टीमें तय हो गई हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच होने वाले क्वालिफायर-1 मुकाबले की हो रही है।

    इस मुकाबले में जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर खत्म नहीं होगा। आईपीएल के नियमों के अनुसार टॉप-2 में रहने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि टीम को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलता है।

    क्वालिफायर-1 में हारने वाली टीम सीधे बाहर नहीं होगी, बल्कि उसे क्वालिफायर-2 में खेलने का अवसर मिलेगा। वहां उसका सामना एलिमिनेटर जीतकर आने वाली टीम से होगा। यानी RCB और GT में से जो भी टीम पहले मुकाबले में हारती है, उसके पास फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मौजूद रहेगा।

    इस सीजन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। रजत पाटीदार की कप्तानी में टीम ने 14 मैचों में 9 जीत दर्ज की और 18 अंकों के साथ अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। टीम की बैटिंग लाइनअप में विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल लगातार रन बना रहे हैं। कोहली ने 557 रन बनाए हैं, जबकि टिम डेविड ने फिनिशर की भूमिका बखूबी निभाई है। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड और रसिख सलाम ने शानदार प्रदर्शन किया है।

    दूसरी ओर गुजरात टाइटंस ने भी 14 मैचों में 9 जीत हासिल कर 18 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। शुभमन गिल और साई सुदर्शन की ओपनिंग जोड़ी इस सीजन सबसे मजबूत कड़ी साबित हुई है। सुदर्शन 638 रन और गिल 616 रन बना चुके हैं। जोस बटलर ने भी अहम मौकों पर टीम को मजबूती दी है।

    गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा की जोड़ी ने लगातार विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया है। यही वजह है कि GT इस समय एक संतुलित और खतरनाक टीम के रूप में नजर आ रही है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि क्वालिफायर-1 में कौन सी टीम बाजी मारती है और कौन सी टीम क्वालिफायर-2 के जरिए फाइनल की दूसरी राह पकड़ती है।

  • हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल

    हार नहीं मानी, यही असली ताकत थी”: जीत के बाद भावुक दिखे दिल्ली कप्तान अक्षर पटेल


    कोलकाता । कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए आईपीएल 2026 के आखिरी लीग मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 40 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ दिल्ली ने अपने अभियान का अंत एक सकारात्मक नोट पर किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 203 रन बनाए। टीम की ओर से KL Rahul ने 30 गेंदों में 60 रनों की तेजतर्रार पारी खेली, जबकि कप्तान Axar Patel ने 25 गेंदों में 39 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
     कप्तान अक्षर पटेल का बड़ा बयान: “टीम ने हार नहीं मानी”
    मैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि पिछले तीन मुकाबलों में टीम ने जिस तरह से संघर्ष किया, उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि भले ही परिणाम पक्ष में नहीं रहे, लेकिन खिलाड़ियों ने कभी हार मानने का रवैया नहीं अपनाया। अक्षर ने कहा, “हम जानते थे कि चीजें सही नहीं चल रही थीं, लेकिन किसी ने हार मानने के बारे में नहीं सोचा। टीम ने आखिरी गेंद तक लड़ाई लड़ी।”

    गलतियों से सीख और आगे बढ़ने की सोच
    दिल्ली कप्तान ने माना कि सीजन में कुछ अहम मौकों पर टीम से गलतियां हुईं, जिनका असर परिणाम पर पड़ा। उन्होंने कहा कि टीम को अपनी गलतियों को स्वीकार कर आगे सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कुछ मैचों में छोटे-छोटे पल उनके पक्ष में जाते, तो कहानी कुछ और होती।

    कप्तानी का अनुभव और मानसिक मजबूती
    अक्षर पटेल ने अपनी कप्तानी पर बात करते हुए कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में मानसिक मजबूती सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि शांत दिमाग से लिए गए फैसले ही टीम को सही दिशा में ले जाते हैं। उनके मुताबिक, दबाव में आकर फैसले लेना टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए संयम बेहद जरूरी है।

    केकेआर की पारी लड़खड़ाई
    204 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम 18.4 ओवर में 163 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दिल्ली के गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट निकालते रहे।

    हालांकि दिल्ली कैपिटल्स का पूरा सीजन उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिरी मैच की जीत ने टीम को सकारात्मक अंत दिया। अक्षर पटेल का संदेश साफ था—हार के बावजूद लड़ाई जारी रखना ही असली पहचान है।