Tag: cricket stats

  • ICC T20 रैंकिंग में भारत का दबदबा कायम, अभिषेक शर्मा टॉप पर, ईशान किशन दूसरे स्थान पर

    ICC T20 रैंकिंग में भारत का दबदबा कायम, अभिषेक शर्मा टॉप पर, ईशान किशन दूसरे स्थान पर

    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट की ताजा रैंकिंग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय बल्लेबाज इस प्रारूप में लगातार अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। बल्लेबाजों की सूची में Abhishek Sharma शीर्ष स्थान पर कायम हैं, जबकि Ishan Kishan दूसरे स्थान पर मजबूती से जमे हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले कम होने के बावजूद इन खिलाड़ियों की रैंकिंग में कोई गिरावट नहीं आई है।

    बल्लेबाजी क्रम में तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के Sahibzada Farhan हैं। इसके बाद इंग्लैंड के Phil Salt और श्रीलंका के Pathum Nissanka क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज Tilak Varma और कप्तान Suryakumar Yadav भी शीर्ष दस में शामिल हैं, जो टीम की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी प्रतिस्पर्धा कड़ी बनी हुई है। अफगानिस्तान के Rashid Khan पहले स्थान पर बने हुए हैं, जबकि भारत के Varun Chakravarthy दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के Abrar Ahmed तीसरे और इंग्लैंड के Adil Rashid चौथे स्थान पर काबिज हैं। भारत के Jasprit Bumrah भी शीर्ष पांच गेंदबाजों में शामिल हैं, जो उनकी लगातार अच्छी गेंदबाजी का प्रमाण है।

    इस बार की रैंकिंग में बांग्लादेश के खिलाड़ियों की प्रगति खास चर्चा में रही है। हाल ही में खेले गए मुकाबलों में अच्छे प्रदर्शन के चलते उनके कई खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है। बल्लेबाजी में Towhid Hridoy ने उल्लेखनीय छलांग लगाई है, जबकि गेंदबाजी में Mehidy Hasan Miraz और Shoriful Islam ने भी अपनी रैंकिंग को बेहतर किया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने भी इस सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। Ben Sears ने रैंकिंग में सुधार किया है, वहीं Ish Sodhi ने भी अपने प्रदर्शन के दम पर ऊपर की ओर बढ़त बनाई है। खास बात यह रही कि सोढ़ी ने टी20 क्रिकेट में अपने देश के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है, जो उनकी लंबे समय से बनी निरंतरता को दर्शाता है।

    वर्तमान समय में विभिन्न घरेलू टी20 लीगों का आयोजन जारी है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय मैच सीमित हैं। इसके बावजूद खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन और हालिया सीरीज के आधार पर रैंकिंग में बदलाव देखने को मिल रहा है।

    यह ताजा रैंकिंग स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय टीम के खिलाड़ी इस प्रारूप में लगातार मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि अन्य देशों के खिलाड़ी भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की संख्या बढ़ने के साथ इन रैंकिंग में और अधिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की संभावना है।

  • अर्धशतक के बावजूद आलोचनाओं में घिरे ऋतुराज गायकवाड़, धीमी पारी बनी चर्चा का कारण

    अर्धशतक के बावजूद आलोचनाओं में घिरे ऋतुराज गायकवाड़, धीमी पारी बनी चर्चा का कारण

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के एक अहम मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकालने की कोशिश की। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ नाबाद 74 रन बनाए, लेकिन इस पारी की रफ्तार ने इसे एक अलग ही वजह से सुर्खियों में ला दिया।

    गायकवाड़ ने अपनी पारी के दौरान संयम और धैर्य का परिचय दिया, लेकिन उन्होंने अर्धशतक पूरा करने में 49 गेंदों का समय लिया। यही आंकड़ा उन्हें टीम के उन बल्लेबाजों की सूची में ले गया, जिन्होंने सबसे धीमी फिफ्टी लगाई है। टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में यह बात काफी अहम मानी जाती है, जहां हर गेंद पर तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जाती है।

    मुकाबले की शुरुआत चेन्नई के लिए बेहद निराशाजनक रही। शुरुआती ओवरों में ही टीम के शीर्ष बल्लेबाज जल्दी-जल्दी आउट हो गए, जिससे स्कोर पर दबाव बढ़ गया। ऐसे में कप्तान गायकवाड़ ने मोर्चा संभाला और विकेट बचाते हुए पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने हालात को देखते हुए जोखिम कम लिया और लंबी पारी खेलने पर ध्यान दिया।

    बीच के ओवरों में उन्होंने दूसरे छोर से आए बल्लेबाजों के साथ साझेदारी करने की कोशिश की। शिवम दुबे के साथ उनकी साझेदारी ने टीम को थोड़ी स्थिरता दी और स्कोर को आगे बढ़ाने में मदद की। हालांकि साझेदारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी, लेकिन तब तक टीम पूरी तरह संभल चुकी थी।

    गायकवाड़ ने अंत तक टिके रहकर पारी को आगे बढ़ाया और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने अपनी पारी में चौकों और छक्कों का भी सहारा लिया, लेकिन उनकी कुल स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही। यही वजह रही कि उनकी पारी को लेकर क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

    टीम ने निर्धारित ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए, जिसमें गायकवाड़ का योगदान सबसे ज्यादा रहा। अन्य बल्लेबाजों का प्रदर्शन औसत रहा, जिससे कप्तान पर जिम्मेदारी और बढ़ गई थी।

    दूसरी ओर, विपक्षी टीम के गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत करते हुए दबाव बनाए रखा। उन्होंने शुरुआती विकेट लेकर मैच का रुख अपने पक्ष में करने की कोशिश की, लेकिन गायकवाड़ की संयमित पारी ने मुकाबले को संतुलित बनाए रखा।

    यह मुकाबला इस बात का उदाहरण बन गया कि टी20 क्रिकेट में सिर्फ टिककर खेलने से काम नहीं चलता, बल्कि रन बनाने की गति भी उतनी ही अहम होती है।

    गायकवाड़ की यह पारी जहां एक ओर जिम्मेदारी और धैर्य का प्रतीक रही, वहीं दूसरी ओर धीमी गति के कारण यह एक अनचाहे रिकॉर्ड के साथ भी जुड़ गई।

  • SA vs NZ: रन कम, विकेट ज्यादा! जानें किस गेंदबाज ने मचाया धमाल

    SA vs NZ: रन कम, विकेट ज्यादा! जानें किस गेंदबाज ने मचाया धमाल


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज 3-2 से अपने नाम की। मेहमान साउथ अफ्रीकी टीम ने सीरीज का पहला मैच 7 विकेट से अपने नाम किया, जिसके बाद अगले मैच को 68 रन से गंवा दिया। इसके बाद कीवी टीम ने तीसरे टी20 मैच को 8 विकेट से जीतकर सीरीज में 2-1 से लीड बना ली थी।

    यहां से साउथ अफ्रीका ने चौथा मैच 19 रन से अपने नाम करते हुए सीरीज को रोमांचक बना दिया था। अंतिम मुकाबले में 33 रन से जीत दर्ज करते हुए साउथ अफ्रीका ने सीरीज जीत ली।

    इस पूरी सीरीज में सिर्फ 2 ही बल्लेबाज 100 रन जुटा सके। कॉनर एस्टरहुइजन ने पांच मुकाबलों में 50 की औसत के साथ 200 रन बनाए। इस दौरान दो अर्धशतक भी लगाए। साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज ने इस सीरीज मे 45*, 8, 15, 57 और 75 रन की पारियां खेलीं।

    इनके अलावा, न्यूजीलैंड के डेवोन कॉन्वे इस सीरीज में 100 रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, जिन्होंने 3 मुकाबलों में 33.33 की औसत के साथ 100 रन बनाए। कॉन्वे ने सीरीज के पहले मैच में सिर्फ 1 ही रन बनाया। इसके बाद अगले मुकाबले में 60 रन की पारी खेली। सीरीज के तीसरे मैच में कॉन्वे 39 रन बनाकर आउट हुए थे।

    इस सीरीज के शीर्ष गेंदबाजों की बात करें, तो साउथ अफ्रीकी पेसर गेराल्ड कोएत्जी ने 5 मुकबलों में 18.5 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 117 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। इस मामले में कीवी गेंदबाज बेन सियर्स संयुक्त रूप से नंबर-1 रहे, जिन्होंने 5 मुकाबलों में 18 ओवर गेंदबाजी करते हुए 116 रन देकर 8 विकेट हासिल किए।

    इस लिस्ट में साउथ अफ्रीका के ऑटनील बार्टमैन और केशव महाराज संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर हैं। बार्टमैन ने 4 मुकाबलों में 16.57 की औसत के साथ 7 विकेट निकाले, जबकि केशव ने 5 मुकाबलों में 22.43 की औसत के सात 7 विकेट अपने नाम किए। मिचेल सेंटनर, वियान मुल्डर और काइल जेमीसन ने सीरीज में 5-5 विकेट हासिल किए।

  • न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का धमाका: ICC T20 रैंकिंग में जबरदस्त उछाल

    न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का धमाका: ICC T20 रैंकिंग में जबरदस्त उछाल


    नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ताजा टी20 रैंकिंग में न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज ने शानदार प्रदर्शन के दम पर बड़ी टीम बनाई है। दक्षिण अफ्रीका की टी-20 सीरीज में मजबूत दावेदारी का सीधा-सीधा रैंकिंग देखने को मिला, जहां चार खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है।

    फर्ग्यूसन को सबसे अधिक लाभ, सियर्स और जैमीसन भी आगे बढ़े

    अनुभवी टीम के विशेषज्ञ लॉकी फर्ग्यूसन को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। ऑकलैंड में शानदार स्पेल दिखाते हुए उन्होंने 9 रन, 1 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। इस प्रदर्शन के दम पर वह 12 वें स्थान पर 39 वें स्थान पर पहुंचे। उनके दोस्त बेन सियर्स ने 20 ‍कड़ी की बड़ी बढ़त के साथ 59वां स्थान ‍हासिल ‍किया। वहीं काइल जैमीसन पांचवे स्थान पर ऊपरी मंजिल 76वें और जकारी फाउलकेस पांच स्थान पर ऊपरी मंजिल 81वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    दक्षिण अफ़्रीका को भी मिला फ़ायदा

    इस सीरीज का असर दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के टिकटों पर भी दिखता है। कैप्टन केशव महाराज पांच मंजिले पैमाने पर 47वें स्थान पर पहुंचे हैं। ओटनील बार्टमैन सात स्थान ऊपर ग्लास 66 वें और गेराल्ड कोएत्ज़ी 46 के बड़े पैमाने पर स्टॉक 88 वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    अज़ेन और फ्लोटिंग रैंकिंग में भी बदलाव

    स्टॉक रैंकिंग में जॉर्ज लिंडे एक स्थान पर शीर्ष 22 वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि सिकंदर रजा शीर्ष स्थान पर रहे। वैकल्पिक रैंकिंग में अभिषेक शर्मा पहले स्थान पर हैं और ईशान किशन पीछे हैं। सूर्यकुमार यादव दो सुपरमार्केट शोरूम बर्थ स्थान पर पहुंच गए हैं।

    कीवी बल्लेबाज टिम रॉबिन्सन ने भी सुधारवादी रैंकिंग की

    टिम रॉबिन्सन ने भी अपनी प्रदर्शन रैंकिंग में सुधार किया है। वेलिंगटन में 32वें रन की पारी के बाद वह 34वें स्थान पर दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। यह बदलाव टी20 सीरीज के हर मैच के खिलाड़ियों की रैंकिंग पर सीधा असर दिखाता है।

  • IPL Orange Cap: इन 3 दिग्गज बल्लेबाजों का रहा दबदबा, जानिए किसने कितनी बार जीता खिताब

    IPL Orange Cap: इन 3 दिग्गज बल्लेबाजों का रहा दबदबा, जानिए किसने कितनी बार जीता खिताब



    नई दिल्ली। IPL Orange Cap उस बल्लेबाज को दी जाती है, जो पूरे सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाता है। यह अवॉर्ड 2008 से शुरू हुआ और तब से हर साल बल्लेबाजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।

    David Warner
    डेविड वॉर्नर IPL इतिहास के सबसे सफल ऑरेंज कैप विजेता माने जाते हैं। उन्होंने 2015, 2017 और 2019 में तीन बार यह खिताब अपने नाम किया है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। उनकी खासियत लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और टीम को मजबूत शुरुआत देना रही है। वॉर्नर ने हर सीजन में अपनी बल्लेबाजी से यह साबित किया कि वह IPL के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं।

    Virat Kohli
    विराट कोहली का नाम भी ऑरेंज कैप (IPL Orange Cap) की लिस्ट में काफी ऊपर आता है। उन्होंने 2016 और 2024 में यह अवॉर्ड जीता। खास बात यह है कि 2016 में कोहली ने 973 रन बनाए, जो एक ही सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। हाल के वर्षों में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और वह लगातार रन बनाते हुए टॉप खिलाड़ियों में शामिल हैं।

    क्रिस गेल
    क्रिस गेल को IPL का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है। उन्होंने 2011 और 2012 में लगातार दो बार ऑरेंज कैप जीती। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और लंबे छक्कों के लिए वह दुनिया भर में मशहूर हैं। गेल ने IPL में कई यादगार पारियां खेलीं, जिसने उन्हें इस लिस्ट में खास जगह दिलाई।

    अन्य महत्वपूर्ण विजेता
    IPL में हर साल नए खिलाड़ी भी उभरकर सामने आते हैं। हाल के वर्षों में 2023 में शुभमन गिल, 2024 में विराट कोहली और 2025 में साई सुदर्शन ने ऑरेंज कैप जीती। इससे साफ है कि इस अवॉर्ड के लिए हर सीजन में नई टक्कर देखने को मिलती है।
    क्यों खास है यह अवॉर्ड?

    ऑरेंज कैप सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि बल्लेबाज की मेहनत, निरंतरता और क्लास का प्रतीक है। IPL में यह सम्मान पाना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यही इसे सबसे खास बनाता है।

  • टी20 में टीम इंडिया का जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, सुपर-8 मुकाबले से पहले आंकड़े

    टी20 में टीम इंडिया का जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, सुपर-8 मुकाबले से पहले आंकड़े


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ‘सुपर-8’ मुकाबले में भारत और जिम्बाब्वे 26 फरवरी को आमने-सामने होंगे। टीम इंडिया को इस टूर्नामेंट में पहले सुपर-8 मैच में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है।

    टी20 फॉर्मेट में भारत और जिम्बाब्वे अब तक कुल 13 मैच खेल चुके हैं, जिनमें टीम इंडिया ने 10 मुकाबले जीते हैं। जिम्बाब्वे केवल 3 मैचों में विजयी रहा है। टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच अब तक सिर्फ एक मुकाबला हुआ है, जिसे भारत ने जीत हासिल की। दोनों देशों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज के सभी मैच हरारे, जिम्बाब्वे में खेले गए।

    टी20 क्रिकेट में भारत और जिम्बाब्वे का पहला मैच 12 जून 2010 को हुआ था, जिसमें भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। अगले दिन 13 जून को खेले गए दूसरे और अंतिम मुकाबले में भारत ने 7 विकेट से जीत हासिल कर क्लीन स्वीप किया।

    इसके बाद 2015 में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 2 मैचों की टी20 सीरीज खेली, जो 1-1 से ड्रॉ रही। जून 2016 में दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की सीरीज हुई। पहला मैच मेजबान जिम्बाब्वे ने 2 रन से जीता, लेकिन भारत ने अगले दो मुकाबले जीतकर सीरीज 2-1 अपने नाम कर ली।

    टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत और जिम्बाब्वे आमने-सामने आए। उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 186/5 का स्कोर बनाया और जिम्बाब्वे को केवल 115 रन पर आउट कर दिया, जिससे भारत ने 71 रन से जीत दर्ज की। यह मुकाबला मेलबर्न में खेला गया था।

    जुलाई 2024 में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली। पहले मैच में जिम्बाब्वे ने 13 रन से जीत हासिल कर सभी को चौंकाया। इसके बावजूद टीम इंडिया ने शानदार पलटवार किया। दूसरे मुकाबले में भारत ने 100 रन से जीत हासिल की। तीसरे मैच में टीम इंडिया ने 23 रन की जीत दर्ज की। चौथे मैच में भारत ने 10 विकेट से जीत हासिल कर अजेय बढ़त बनाई। अंत में, पांचवें मैच को 42 रन से जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली।

    इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि टीम इंडिया का जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 रिकॉर्ड बहुत ही मजबूत रहा है। अब 26 फरवरी को होने वाले सुपर-8 मैच में भारतीय टीम इसी रिकॉर्ड और भरोसे के साथ मैदान में उतरेगी। टीम इंडिया के लिए यह मैच पिछली हार से वापसी का मौका भी होगा, जबकि जिम्बाब्वे की टीम अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार होगी।

  • स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन

    स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड चैलेंज: शुभमन गिल को पछाड़कर बन सकती हैं 2025 की सबसे बड़ी रन मशीन


    नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला आज यानी मंगलवार, 30 दिसंबर को खेला जा रहा है। यह 2025 में टीम इंडिया का अंतिम मैच भी है। मैच से पहले क्रिकेट की नजरें उप-कप्तान स्मृति मंधाना पर टिकी हुई हैं, जो इस साल के रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं।टीम इंडिया इस मैच में 5-0 से क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी लेकिन मंधाना का ध्यान अब व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर है। 2025 में उन्होंने महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का कारनामा किया है। अब उनका लक्ष्य पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों मिलाकर इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनना है। इसके लिए उन्हें पुरुष क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शुभमन गिल का रिकॉर्ड तोड़ना होगा।

    स्मृति मंधाना ने इस साल सभी फॉर्मेट में कुल 1,703 रन बनाए हैं। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में 1,764 रन बनाए हैं। अगर मंधाना आज श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 62 रन बनाने में कामयाब रहती हैं, तो वह पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट मिलाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन जाएंगी।मंधाना के इस साल के परफॉर्मेंस की बात करें तो उनके अधिकांश रन वनडे फॉर्मेट में आए हैं। उन्होंने 23 वनडे मुकाबलों में 61.9 की औसत के साथ 1,362 रन बनाए, जिनमें 5 शतक शामिल हैं। इसके अलावा, टी20 फॉर्मेट में उन्होंने 9 मैचों में एक शतक के साथ 341 रन बनाए। मंधाना ने भारतीय महिला टीम को पहला वर्ल्ड कप जीताने में अहम योगदान दिया था।

    स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय करियर भी बेहद शानदार रहा है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 7 मैचों और 12 पारियों में 57.18 की औसत से 629 रन बनाए, जिसमें दो शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वनडे में उन्होंने 117 मैचों में 48.38 की औसत से 5,322 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 34 अर्धशतक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर वह वनडे में छठी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बन गई हैं। T20I में उन्होंने 157 मैचों में 29.94 की औसत और 124.22 के स्ट्राइक रेट से 4,102 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं। वह T20I में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं।

    इस मुकाबले में मंधाना का प्रदर्शन सिर्फ व्यक्तिगत रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। टीम इंडिया की जीत के साथ वह इतिहास रच सकती हैं। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ दोनों इस मैच और मंधाना के प्रदर्शन को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके रन केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और पुरुष क्रिकेट के रिकॉर्ड को चुनौती देने का प्रतीक हैं।इस मुकाबले का परिणाम और मंधाना का प्रदर्शन निश्चित रूप से 2025 की क्रिकेट वर्ष की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल होगा।