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  • 154.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मचाई सनसनी 4 विश्व कप खेले 315 विकेट झटके ऐसी रही मैसूर एक्सप्रेस की क्रिकेट यात्रा

    154.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मचाई सनसनी 4 विश्व कप खेले 315 विकेट झटके ऐसी रही मैसूर एक्सप्रेस की क्रिकेट यात्रा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब तेज गेंदबाजों की बात होती है तो जवागल श्रीनाथ का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। मैसूर एक्सप्रेस के नाम से मशहूर श्रीनाथ ने अपनी गति स्विंग और गेंद को अलग अलग अंदाज में इस्तेमाल करने की क्षमता से लंबे समय तक बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कीं। 31 अगस्त 1969 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे दाएं हाथ के तेज गेंदबाज श्रीनाथ ने उस दौर में भारतीय तेज गेंदबाजी को नई पहचान दी जब टीम में तेज गति के गेंदबाजों की संख्या सीमित हुआ करती थी। कपिल देव के बाद श्रीनाथ भारतीय तेज गेंदबाजी का सबसे प्रमुख चेहरा बने और कपिल के संन्यास के बाद उन्होंने भारतीय आक्रमण की जिम्मेदारी संभाली।

    श्रीनाथ ने 1991 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। शुरुआती दौर में उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज गति थी लेकिन करियर के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी में स्विंग और धीमी गेंद जैसे हथियार भी जोड़े। 1997 में चोट ने उनके करियर को बड़ा झटका दिया और उन्हें लगभग पूरा साल क्रिकेट से बाहर रहना पड़ा। उस समय उनकी वापसी को लेकर सवाल उठने लगे थे लेकिन श्रीनाथ ने हार नहीं मानी। वापसी के बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलाव किया और 1998 उनके करियर के सबसे शानदार वर्षों में शामिल हो गया। चोट के बाद उनकी गति कुछ प्रभावित हुई लेकिन विकेट लेने की क्षमता और गेंदबाजी की समझ और मजबूत होती गई।

    1999 वनडे विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीनाथ ने 154.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर अपनी गति का जबरदस्त प्रदर्शन किया। लंबे समय तक यह वनडे क्रिकेट में किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा फेंकी गई सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड रहा। बाद में 2023 में उमरान मलिक ने श्रीलंका के खिलाफ 156 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डालकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके बावजूद श्रीनाथ की तेज गेंदबाजी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक खास मुकाम रखती है।

    श्रीनाथ ने भारत की ओर से चार वनडे विश्व कप खेले। 1992 1996 1999 और 2003 में वह भारतीय टीम का हिस्सा रहे। 2003 विश्व कप से पहले उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था लेकिन तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें वापसी के लिए तैयार किया। श्रीनाथ ने भी कप्तान के भरोसे को सही साबित किया और 2003 विश्व कप में शानदार गेंदबाजी करते हुए 11 मैचों में 16 विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन ने भारत को फाइनल तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका निभाई।

    2002 में भी श्रीनाथ उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने श्रीलंका के साथ संयुक्त रूप से आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। इसके बाद 2003 विश्व कप के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उनके आंकड़े उनकी महानता की गवाही देते हैं। श्रीनाथ ने भारत के लिए 229 वनडे मैचों में 315 विकेट हासिल किए और वह वनडे क्रिकेट में भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं। कुल भारतीय गेंदबाजों में केवल अनिल कुंबले उनसे आगे हैं। वह 300 से ज्यादा वनडे विकेट लेने वाले भारत के एकमात्र तेज गेंदबाज भी रहे हैं।

    टेस्ट क्रिकेट में भी श्रीनाथ का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 67 टेस्ट मैचों में 236 विकेट अपने नाम किए। करीब 12 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी को लगातार मजबूती दी और कई मुश्किल विदेशी दौरों पर टीम की गेंदबाजी की अगुआई की।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद श्रीनाथ ने कमेंट्री या कोचिंग को अपना मुख्य पेशा बनाने के बजाय मैच रेफरी के रूप में नई पारी शुरू की। वह आईसीसी के प्रतिष्ठित मैच रेफरी के रूप में लंबे समय से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। क्रिकेट में उनके योगदान के लिए 1999 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। तेज गति स्विंग अनुभव और लगातार प्रदर्शन की बदौलत जवागल श्रीनाथ भारतीय क्रिकेट में उस दौर के प्रतीक बन गए जब एक अकेला तेज गेंदबाज पूरी गेंदबाजी इकाई की पहचान बन सकता था।

  • ODI वर्ल्ड कप 2027 की बदलेगी शुरुआत की तारीख? गांधी जयंती पर होगा पहला मुकाबला, जानें पूरा प्लान

    ODI वर्ल्ड कप 2027 की बदलेगी शुरुआत की तारीख? गांधी जयंती पर होगा पहला मुकाबला, जानें पूरा प्लान


    नई दिल्ली । वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की शुरुआत की तारीख में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC अब 2 अक्टूबर 2027 को टूर्नामेंट शुरू करने पर विचार कर रहा है। यह तारीख इसलिए खास है क्योंकि इसी दिन भारत में महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है। हालांकि अभी ICC की ओर से नई शुरुआत की तारीख का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

    शुरुआती कार्यक्रम के मुताबिक 2027 वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत अक्टूबर के पहले सप्ताह के बाद होनी थी। पहले 8 अक्टूबर को मुख्य टूर्नामेंट शुरू करने की योजना सामने आई थी और उससे पहले वार्म अप मुकाबले खेले जाने थे। अब अगर ICC की नई योजना पर सहमति बनती है तो मुख्य टूर्नामेंट 2 अक्टूबर से शुरू हो सकता है। फाइनल फिलहाल 21 नवंबर को होने की उम्मीद है। इस स्थिति में प्रतियोगिता करीब 50 दिनों तक चल सकती है।

    गांधी जयंती को टूर्नामेंट के आगाज से जोड़ने के पीछे महात्मा गांधी और दक्षिण अफ्रीका के बीच गहरा ऐतिहासिक संबंध भी एक अहम वजह माना जा रहा है। गांधी ने अपने जीवन के करीब 21 वर्ष दक्षिण अफ्रीका में बिताए थे। वहीं उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत गांधी जयंती से करना एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

    2027 का वर्ल्ड कप कई मायनों में खास होने वाला है। इस बार प्रतियोगिता में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और मुकाबले दक्षिण अफ्रीका जिम्बाब्वे तथा नामीबिया में खेले जाएंगे। ICC ने टूर्नामेंट के लिए 12 वेन्यू की जानकारी भी साझा की है। दक्षिण अफ्रीका के आठ शहरों में मुकाबले होंगे जबकि जिम्बाब्वे के तीन और नामीबिया के एक वेन्यू को शामिल किया गया है।

    टूर्नामेंट के फॉर्मेट में भी बड़ा बदलाव किया गया है। ICC ने 2027 वर्ल्ड कप को 14 टीमों का करने के साथ क्वालिफिकेशन चरण में नई सुपर सीरीज व्यवस्था जोड़ी है। सबसे निचली रैंक वाली तीन क्वालिफाइड टीमों को सुपर सीरीज में आपस में मुकाबले करने होंगे और इस चरण से एक टीम मुख्य प्रतियोगिता के लिए आगे बढ़ेगी। इसके बाद मुख्य टूर्नामेंट में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटकर मुकाबले कराए जाएंगे। ग्रुप चरण के बाद सुपर सिक्स चरण और फिर सेमीफाइनल तथा फाइनल का रास्ता होगा।

    वर्ल्ड कप के लिए भारत समेत कई बड़ी टीमों ने अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड पाकिस्तान इंग्लैंड श्रीलंका बांग्लादेश अफगानिस्तान और मेजबान दक्षिण अफ्रीका तथा जिम्बाब्वे भी क्वालिफाई कर चुके हैं। वहीं नामीबिया समेत बाकी टीमों की स्थिति क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से तय होगी।

    फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा गांधी जयंती के दिन वर्ल्ड कप शुरू होने को लेकर है। अगर ICC इस प्रस्ताव पर मुहर लगाता है तो 2027 वनडे वर्ल्ड कप का आगाज सिर्फ क्रिकेट के लिहाज से ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदेश के लिहाज से भी बेहद खास बन जाएगा। हालांकि अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि ICC के आधिकारिक ऐलान के बाद ही होगी।