Tag: Cricketer

  • सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह नाम है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी असाधारण प्रतिभा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाने की काबिलियत से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले वैभव अब इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इस महीने के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम को दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है और इसके ठीक बाद टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। इस व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को आजमाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि आईपीएल के हालिया सीजन में उनके बल्ले से जो रनों का तूफान निकला है, उसने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है। अगर चयन समिति उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया की जर्सी सौंप देती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना एक महाकीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे।

    सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे।

    वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

  • भारत को घर पर मिली बड़ी हारबुमराह को लगे 4 छक्के और अर्शदीप का 13 गेंदों वाला ओवर टी-20 में टूटे कई रिकॉर्ड

    भारत को घर पर मिली बड़ी हारबुमराह को लगे 4 छक्के और अर्शदीप का 13 गेंदों वाला ओवर टी-20 में टूटे कई रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रन से हराकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 213 रन बनाए। भारतइन रन का पीछा करते हुए 191 ओवर में 162 रन पर ऑलआउट हो गयाऔर इस हार के साथ भारत को अपने घरेलू मैदान पर टी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले4 अक्टूबर 2022 को इंदौर में साउथ अफ्रीका ने भारत को 49 रन से हराया था।

    बुमराह को पहली बार पड़ी 4 छक्के

    इस मैच में एक और दिलचस्प मोमेंट आया जब जसप्रीत बुमराह को अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार एक पारी में 4 छक्के लगे। यह उनके 82वें टी-20 मैच का हिस्सा था। इससे पहले बुमराह के खिलाफ कभी एक पारी में तीन से अधिक छक्के नहीं लगे थेऔर उनका पिछला सबसे खराब रिकॉर्ड 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ थाजब उन्हें तीन छक्के पड़े थे।

    अर्शदीप सिंह का 13 गेंदों वाला ओवर

    अर्शदीप सिंह ने इस मैच में एक नया रिकॉर्ड बनाया जब उन्होंने एक ओवर में 13 गेंद फेंकीं। साउथ अफ्रीका की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप ने 7 वाइड गेंदें फेंकीजिसके चलते उनका ओवर 13 गेंदों का हो गया। यह रिकॉर्ड फुल मेंबर देशों के मैचों में अब तक का सबसे लंबा ओवर था। इससे पहले2024 में अफगानिस्तान के नवीन-उल-हक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक ओवर में 13 गेंदें फेंकी थीं।

    भारत ने डालीं 16 वाइड गेंदें

    भारत के गेंदबाजों ने इस मैच में 16 वाइड गेंदें डालींजो टी-20 इंटरनेशनल इतिहास में भारत का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन था। इससे पहले2009 में मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 17 वाइड फेंकी थींजो अब भी सबसे खराब रिकॉर्ड है। 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी भारत ने 16 वाइड डाली थींऔर 2007 में डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 15 वाइड डाली थीं।

    तिलक वर्मा का छक्का रिकॉर्ड

    इस मैच में भारतीय युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 27 छक्के लगाकर भारतीय बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इस सूची में दूसरे स्थान पर सूर्यकुमार यादव हैंजिन्होंने 25 छक्के लगाए हैंजबकि तीसरे स्थान पर संजू सैमसन हैंजिनके नाम 19 छक्के हैं।

    डी कॉक का 50+ स्कोर

    साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने भारत के खिलाफ पांचवीं बार 50 से अधिक रन बनाए। उन्होंने केवल 12 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कीजो भारत के खिलाफ सबसे तेजी से 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड है। इससे पहले निकोलस पूरन और जोस बटलर ने इसे करने में 20 और 24 पारियां ली थीं। डी कॉक का यह प्रदर्शन भारत के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।

    साउथ अफ्रीका का छक्का रिकॉर्ड

    साउथ अफ्रीका ने इस मैच में 15 छक्के लगाएजो भारत के खिलाफ उनके टी-20 इंटरनेशनल में दूसरे सबसे ज्यादा छक्के थे। इससे पहले2022 में इंदौर में उन्होंने भारत के खिलाफ 16 छक्के लगाए थे। इस मैच में साउथ अफ्रीका का छक्का लगाने का प्रदर्शन उनकी बल्लेबाजी शक्ति को दर्शाता हैऔर यह भारत के गेंदबाजों के लिए एक कड़ा संदेश था।

    भारत की यह हार एक कड़ा संदेश है कि घरेलू मैदान पर भी एक मजबूत टीम को हराना आसान नहीं होता। भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगाखासकर वाइड बॉल्स और गेंदबाजों की लय को लेकर। वहींबुमराह को भी अपनी लय में लौटने की आवश्यकता हैजबकि युवा खिलाड़ियों जैसे तिलक वर्मा को सकारात्मक प्रदर्शन जारी रखना होगा। साउथ अफ्रीका ने इस मैच में सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन कियाऔर उन्होंने भारत को साबित किया कि उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।