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  • शराब के लिए विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    शराब के लिए विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    मध्यप्रदेश । सागर जिले के गोपालगंज थाना क्षेत्र में खेल परिसर के सामने एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    घटना 1 जून की रात की है, जब फरियादी अतुल मिश्रा अपने साथियों के साथ मेला ग्राउंड स्थित खेल परिसर के पास मौजूद था। इसी दौरान आरोपी अंकित दक्ष और उसका साथी बिट्टू प्रजापति वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

    विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने धारदार हथियार से युवक पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया।

    घटना की शिकायत मिलने के बाद गोपालगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की और लगातार तलाश जारी रखी। इसी कार्रवाई के तहत मंगलवार को मुख्य आरोपी अंकित दक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।

    थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई है और न्यायालय में पेश किया गया है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • केबल कारोबार के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गोलीकांड का आरोपी गिरफ्तार

    केबल कारोबार के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गोलीकांड का आरोपी गिरफ्तार


    ग्वालियर । ग्वालियर में केबल नेटवर्क कारोबार को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। कोटेश्वर कॉलोनी निवासी केबल संचालक विक्की यादव का अपहरण कर उसे गोली मारने वाले 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश छोटू कमरिया को पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले कई दिनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।

    पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात के पीछे केबल नेटवर्क कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर चल रहा विवाद मुख्य कारण है। घायल विक्की यादव शहर में डिस्क और केबल नेटवर्क व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि छोटू कमरिया और उसके साथी विक्की के कारोबार में जबरन साझेदारी चाहते थे। जब विक्की ने उनकी मांग ठुकरा दी तो आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

    घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। आरोपियों ने विक्की यादव को बातचीत और समझौते का झांसा देकर बुलाया और उसे जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे सिटी सेंटर क्षेत्र की ओर ले जाया गया। रास्ते में और सुनसान स्थान पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। जब वह गंभीर रूप से घायल हो गया तो उस पर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने के बाद आरोपी उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस अधीक्षक ने मुख्य आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

    मंगलवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी बदमाश छोटू कमरिया बेहटा चौकी के पास हाईवे पर किसी वाहन का इंतजार कर रहा है और शहर छोड़ने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।

    जैसे ही छोटू कमरिया ने पुलिस को देखा, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे पीछा कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा होने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल घायल विक्की यादव का उपचार जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

  • ग्वालियर में भाभी की गोली लगने से मौत का मामला उलझा: देवर बोला ‘मजाक में चला ट्रिगर’, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

    ग्वालियर में भाभी की गोली लगने से मौत का मामला उलझा: देवर बोला ‘मजाक में चला ट्रिगर’, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर के तृप्ति नगर में 32 वर्षीय ज्योति उर्फ जाह्नवी कुशवाह की गोली लगने से हुई मौत का मामला अब गंभीर रूप से उलझता जा रहा है। एक ओर जहां मृतका के देवर योगेश ने इसे गलती से हुआ हादसा बताया है, वहीं दूसरी ओर मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। पुलिस ने देवर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतका का पति अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    देवर का दावा: ‘मजाक में चला ट्रिगर, गोली चल गई’
    पुलिस पूछताछ में देवर योगेश ने बताया कि वह रात में पिस्टल के साथ हवाई फायरिंग कर रहा था, इसी दौरान एक कारतूस चेंबर में फंस गया था। उसने बताया कि सुबह जब वह नीचे आया तो उसने मजाक में पिस्टल पहले भाई और फिर बहन पर तानकर ट्रिगर दबाया, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद जब उसने भाभी ज्योति के सिर पर पिस्टल सटाकर ट्रिगर दबाया, तो चेंबर में फंसा कारतूस चल गया और गोली सीधे उनके सिर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

    शव छिपाने का आरोप, फ्रीजर में रखने से बढ़ा शक
    घटना के बाद परिजनों पर पुलिस को सूचना देने के बजाय शव को डीप फ्रीजर में रखने का आरोप भी लगा है। मायके पक्ष का कहना है कि यदि यह वास्तव में दुर्घटना थी, तो तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया।

    मायके पक्ष का आरोप: ‘हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश’
    मृतका के भाई भावेश ने थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि घटना को हादसा बताकर छिपाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि शव को अस्पताल ले जाने के बजाय छिपाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी भी की जा रही थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतका को शादी के बाद से पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता था और मामले में पूरे परिवार की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

    पुलिस जांच में जुटी, पति फरार
    थाटीपुर थाना पुलिस ने आरोपी देवर योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हथियार की बरामदगी और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है। वहीं, मृतका का पति मनोज कुशवाह अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    जांच पर टिकी नजर
    फिलहाल पुलिस इस मामले को हादसा और हत्या दोनों एंगल से जांच रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हथियार की फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

  • उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सोशल मीडिया पर 21 मई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक को खेत में गिराकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। महज 26 सेकेंड के इस वीडियो में 5 से 6 हमलावरों को युवक पर लगातार लाठियां बरसाते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उस पर 60 से अधिक वार किए गए।

    घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़ित युवक का नाम संदीप कुमावत है, जो पिपलियाहाना गांव का रहने वाला है और डीजे चलाने का काम करता है। संदीप के अनुसार यह हमला 11 मई को हुआ था, जब वह उज्जैन से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी बाइक रोककर उसे जबरन खेत में ले जाकर हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उससे हर महीने 5 हजार रुपए की रंगदारी (हफ्ता) मांगी थी। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। संदीप का कहना है कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और पिटाई के दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे गंभीर बात यह है कि संदीप ने 11 मई को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां वह पांच दिनों तक भर्ती रहा। लगभग 10 दिन बाद मामला तब सामने आया जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    इस दौरान एक किसान को धमकी देने के लिए आरोपियों ने यही वीडियो भेजा था। आरोप है कि किसान से भी पैसे की मांग की गई और कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उसका हाल भी संदीप जैसा होगा। डरने के बजाय किसान ने यह वीडियो आगे भेज दिया, जिसके बाद मामला वायरल हो गया और पुलिस हरकत में आई।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला रंगदारी का नहीं बल्कि डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद का है। पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले संदीप का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके चलते यह हमला किया गया।

    वहीं पीड़ित और स्थानीय लोग इसे ‘ढाबा गैंग’ की दहशत बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में यह गिरोह हफ्ता वसूली और सूदखोरी के लिए कुख्यात है। लोगों में इस गैंग का इतना डर है कि वे खुलकर बोलने से भी डरते हैं।

    संदीप का कहना है कि हमले के बाद वह कई दिनों तक रिश्तेदारों के यहां छिपकर रहा क्योंकि उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। वह अब भी मानसिक रूप से इस घटना से उबर नहीं पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अलग-अलग दावों की पुष्टि करने में जुटी है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सक्रिय कथित गैंग के आतंक की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है।

  • सोशल मीडिया स्टार पर गंभीर आरोप, सरेंडर के बाद बढ़ी हलचल

    सोशल मीडिया स्टार पर गंभीर आरोप, सरेंडर के बाद बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में आरोपी यूट्यूबर मनीष पटेल के समर्थन में शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग एसपी कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान एसपी कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस बल ने हालात को नियंत्रित रखा।

    समर्थकों का आरोप था कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा तरीके से की जा रही है और पूरे मामले की दोबारा समीक्षा होनी चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि आरोपी को बिना निष्पक्ष जांच के निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई कानून और दर्ज मामलों के आधार पर की जा रही है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मनीष पटेल के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में तीन प्रकरण, सिविल लाइन थाने में एक मामला और समान थाने में एक अन्य मामला शामिल है। इसके अलावा सिविल लाइन थाने में उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी मोबाइल लूट के एक मामले में स्थायी वारंटी भी रहा है।

    सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह के अनुसार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2016 में चोरी का मामला दर्ज हुआ था। वहीं विश्वविद्यालय थाने में उसी वर्ष चोरी, लूट और मारपीट के अलग-अलग मामलों में प्रकरण कायम किए गए थे। समान थाने में भी उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज बताया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से जुड़े पुराने और वर्तमान सभी मामलों की एक साथ जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।

    इधर, पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। एक पक्ष पुलिस कार्रवाई को सही ठहरा रहा है और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है। मामले ने अब सामाजिक और राजनीतिक रंग लेना भी शुरू कर दिया है।

    फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आरोपी को सरेंडर के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

  • दोस्ती बनी दुश्मनी: आपत्तिजनक हरकत के बाद गला दबाकर हत्या से हड़कंप

    दोस्ती बनी दुश्मनी: आपत्तिजनक हरकत के बाद गला दबाकर हत्या से हड़कंप


    मध्यप्रदेश। जबलपुर शहर के धनवंतरी नगर क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में 28 वर्षीय युवक सुरेंद्र सिंह उर्फ चिंगम की हत्या उसके ही खास दोस्त आयुष यादव (26) ने की थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी आयुष यादव ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसका कहना है कि वह पिछले लगभग दो वर्षों से मृतक सुरेंद्र के संपर्क में था, लेकिन इस दौरान सुरेंद्र अक्सर उसके साथ गलत तरीके से व्यवहार करता था और शराब के नशे में उसे परेशान करता था। आरोपी के अनुसार, कई बार मना करने के बावजूद वह लगातार उसे बुलाकर प्रताड़ित करता और मारपीट करता था।

    आयुष ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात भी सुरेंद्र ने उसे बुलाया और फिर कथित रूप से गलत हरकतें करने लगा। विरोध करने पर मारपीट हुई, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया। इसी तनाव और गुस्से में उसने हत्या करने का निर्णय ले लिया।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले गमछे से गला दबाकर सुरेंद्र की हत्या की और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके बाएं हाथ की नस चाकू से काट दी। शव शुक्रवार सुबह उसके कमरे में मिला था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले सुरेंद्र का स्थानीय लोगों से विवाद हुआ था। वह शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहा था, जिसके बाद वह अपने कमरे की ओर गया। कुछ ही समय बाद वहां विवाद और गिरने की आवाजें सुनी गई थीं। बाद में जब लोग पहुंचे तो आयुष वहां मौजूद था और उसने खुद को उसका दोस्त बताते हुए कहा कि वह ज्यादा शराब पीकर गिर गया है।

    इसके बाद दोनों अन्य लोगों ने उसे कमरे तक पहुंचाया, लेकिन अगली सुबह उसकी मौत की जानकारी मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि श्वासनली टूटने से गला घुटने के कारण उसकी मौत हुई है।

    एएसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि मृतक सुरेंद्र के खिलाफ भी आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं आरोपी आयुष ने पूछताछ में दावा किया कि वह लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान था और लगातार प्रताड़ना से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और कई नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

  • शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए

    शाहपुर केस में पुलिस की सफलता: मारपीट कर हत्या करने वाले 3 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । Sagar जिले के शाहपुर क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला शराब बेचने के संदेह में हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को डिजिटल ट्रांजेक्शन और लोकेशन के आधार पर दबोचा है।

    पुलिस के अनुसार, 8 मई की रात नीरज प्रजापति अपने साथी सूरज अहिरवार के साथ गढ़ाकोटा से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उनकी गाड़ी रोककर हमला कर दिया। लाठी-डंडों और लात-घूंसों से की गई बेरहमी से पिटाई में नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सूरज किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। बाद में नीरज का शव बरेठा बाबा घाटी के पास सड़क किनारे मिला, जबकि सूरज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    घटना को हादसा दिखाने की कोशिश, पुलिस जांच में खुलासा
    आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया था। मामले में पहले ही हत्या का केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

    जांच के दौरान पुलिस ने पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य फरार चल रहे थे। अब मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भोपाल रोड जैसीनगर तिराहा के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    डिजिटल सबूत और बैंक ट्रांजेक्शन से खुली फरारी की साजि
    गिरफ्तार आरोपी सत्यपाल लोधी ने पूछताछ में खुलासा किया कि घटना में वह और उसके साथी शामिल थे। उसने बताया कि हत्या के बाद सभी फरार हो गए थे और बचने के लिए पैसों का ट्रांजेक्शन किया गया था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान शराब कंपनी के खाते से आरोपी ने अपने साथियों के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। इसी डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके अलावा मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन से भी अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं, जो पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं।

    पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
    तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

  • दर्दनाक घटना: फंदे पर युवक, नीचे मिली सरकारी टीचर की खून से सनी लाश

    दर्दनाक घटना: फंदे पर युवक, नीचे मिली सरकारी टीचर की खून से सनी लाश

    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Satna जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक कमरे के अंदर दो शव मिलने से हड़कंप मच गया। कमरे के भीतर फर्श पर 29 वर्षीय सरकारी शिक्षिका पूनम अहिरवार का खून से लथपथ शव पड़ा था, जबकि उसके ऊपर 30 वर्षीय युवक अंबिकेश गौतम का शव फंदे से लटका हुआ मिला। यह घटना सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी।

    मौके से मिला खून से सना तवा, बढ़ा रहस्य
    घटनास्थल से एक खून और बालों से सना तवा भी बरामद हुआ है, जिसे कथित तौर पर तीसरी मंजिल से नीचे फेंका गया था। यह सबूत इस केस को और भी रहस्यमयी बना रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि पहले युवती की हत्या की गई और बाद में युवक ने आत्महत्या कर ली।

    कैसे सामने आया मामला
    रीवा जिले के बेला गांव निवासी दो भाई एक ही कमरे में रहते थे। बड़ा भाई जब कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा बाहर से बंद मिला। अंदर कूलर चलने की आवाज आ रही थी। फोन करने पर अंदर से ही रिंग बजने से शक गहरा गया। खिड़की से झांकने पर उसने फंदे पर युवक को देखा, जिसके बाद मकान मालिक की मदद से दरवाजा तोड़ा गया और अंदर भयावह दृश्य सामने आया।

    मृतका सरकारी टीचर, अनूपपुर की रहने वाली
    मृतका की पहचान Poonam Ahirwar के रूप में हुई है, जो अनूपपुर जिले की रहने वाली थीं और बाणसागर देवलोंद में वर्ग-1 की शिक्षिका थीं। परिजनों के अनुसार, वह 14 मई को घर से भोपाल जाने की बात कहकर निकली थीं, लेकिन सतना कैसे पहुंचीं, यह स्पष्ट नहीं है।

    पिता का आरोप तीसरे व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध
    मृतका के पिता ने इस मामले में हत्या का शक जताते हुए कहा कि उनकी बेटी का एक फल व्यापारी से संबंध था और वह इस केस में संदेह जता रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कमरे का ताला कैसे टूटा, हथियार कहां गया और क्या कोई तीसरा व्यक्ति इस वारदात में शामिल था।

     CCTV से मिला अहम सुराग
    पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें 14 मई की रात दोनों को साथ कमरे की ओर जाते हुए देखा गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।

     पुलिस जांच में कई एंगल
    पुलिस अब इस मामले में
    कॉल डिटेल रिकॉर्ड
    सीसीटीवी फुटेज
    फॉरेंसिक रिपोर्ट
    के आधार पर जांच कर रही है ताकि घटना की असली सच्चाई सामने आ सके।

    सतना का यह डबल डेथ केस अब भी कई सवाल छोड़ गया है—हत्या, आत्महत्या या तीसरे व्यक्ति की भूमिका? जांच के बाद ही इस रहस्यमयी घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • बंधक बनाकर पिटाई और फिरौती का आरोप, परिवार से मांगे 61 हजार रुपये

    बंधक बनाकर पिटाई और फिरौती का आरोप, परिवार से मांगे 61 हजार रुपये


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा के साथ अपहरण, मारपीट और लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पीड़ित का आरोप है कि 10 मई को भोपाल से लौटते समय उन्हें एक सुनियोजित साजिश के तहत रोका गया और हथियारों के दम पर जंगल में ले जाया गया, जहां उनके साथ घंटों तक बेरहमी से मारपीट की गई।

    दीपक शर्मा के मुताबिक, रास्ते में एक परिचित महिला ने उनकी कार रुकवाई, जिसके बाद 7–8 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि बदमाश उन्हें जबरन जंगल की ओर ले गए और वहां मोबाइल, नकदी, घड़ी, अंगूठी और अन्य सामान छीन लिया।

    पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की। जब उन्होंने असमर्थता जताई तो बदमाशों ने उन्हें धमकाकर पत्नी, बेटी और परिचितों से पैसे मंगवाए। डर के माहौल में परिजनों ने करीब 61 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

    इतना ही नहीं, आरोप है कि बदमाशों ने उनसे चेक पर हस्ताक्षर भी करवाए और लगातार जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित का दावा है कि इस दौरान उनके कपड़े फाड़े गए और अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी भी दी गई।

    घटना के बाद किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर दीपक शर्मा राजगढ़ पहुंचे और अगले दिन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीरो पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और केस को ब्यावरा थाने ट्रांसफर किया गया है।

    पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

  • होटल में हुई हत्या का खुलासा 10 साल बाद शिल्पु भदौरिया केस में तीनों आरोपियों को उम्रकैद

    होटल में हुई हत्या का खुलासा 10 साल बाद शिल्पु भदौरिया केस में तीनों आरोपियों को उम्रकैद


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में एक दशक पुराने चर्चित हत्याकांड में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है जहां शिल्पु भदौरिया हत्या मामले में अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2016 का है जिसने उस समय पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था और अब लगभग 10 साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

    यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश विश्व दीपक तिवारी की अदालत ने सुनाया जिसमें यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि तीनों आरोपियों ने पहले शिल्पु के साथ शराब पी और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को होटल की चौथी मंजिल से नीचे फेंककर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

    घटना 7 अगस्त 2016 की रात की है जब शिल्पु भदौरिया अपने दोस्तों के साथ आरएनटी मार्ग स्थित होटल लेमन ट्री के कमरे नंबर 418 में रुकी हुई थी। उसके साथ आशुतोष जोहरे शैलेंद्र सारस्वत और नीरज दंडोतिया मौजूद थे। शुरुआत में इन लोगों ने पुलिस को बताया था कि शिल्पु ने गैलरी से कूदकर आत्महत्या की है लेकिन जांच में यह कहानी झूठी साबित हुई।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कई अहम सबूत मिले जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या से पहले शिल्पु के साथ संघर्ष हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके अलावा उसके नाखूनों में आरोपियों की त्वचा के निशान भी पाए गए जिससे संघर्ष की पुष्टि हुई।

    कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की थी और सबूत मिटाने का भी प्रयास किया था। लेकिन जांच एजेंसियों की गहन पड़ताल और गवाहों के बयानों के कारण पूरा सच सामने आ गया।अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही साक्ष्य छिपाने के अपराध में 7-7 साल की अतिरिक्त सजा और आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

    इस फैसले के साथ ही शिल्पु भदौरिया के परिवार को लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिला है और यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि अपराध कितना भी छुपाने की कोशिश की जाए कानून अंततः सच को सामने ला ही देता है।