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  • महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में

    महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट में महज 21 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है, जब किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी का शव उसके अपने ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। जैसे ही परिजनों की नजर फंदे पर झूलती किरन पर पड़ी, घर में कोहराम मच गया और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। किरन के मायके वालों का आरोप है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक शोषण का परिणाम है।

    परिजनों ने बताया कि किरन का विवाह करीब तीन साल पहले पुष्पेंद्र लोधी के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। “शादी के बाद से ही उसे चैन से रहने नहीं दिया गया, ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति लगातार क्रूर होता जा रहा था,” मायके पक्ष ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह बात स्पष्ट रूप से कही है। उनका दावा है कि इसी निरंतर हो रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।

    इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। सीएसपी ने आगे जानकारी दी कि मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके बयानों को आधार मानते हुए गुरुवार रात को ससुराल पक्ष के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया गया है।

     पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे केवल प्रताड़ना ही मुख्य कारण था या कुछ और भी तथ्य छिपे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर में हुई इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहिताओं की सुरक्षा और उनके प्रति हो रहे सामाजिक व पारिवारिक व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

  • MP में ड्रग माफियाओं पर कसेगा शिंकजा, मोहन सरकार ने 3 साल का बड़ा एक्शन प्लान किया तैयार

    MP में ड्रग माफियाओं पर कसेगा शिंकजा, मोहन सरकार ने 3 साल का बड़ा एक्शन प्लान किया तैयार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में ड्रग माफियाओं के खिलाफ मोहन यादव सरकार ने तीन साल का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख शहरों में ड्रग सप्लाई नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस महानिदेशक डीजीपी कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक हुई। उन्होंने बताया कि पिछले साल शुरू किया गया राज्य पुलिस का ड्रग्स आर ए डिस्टेंस अभियान काफी सफल रहा। डीजीपी ने कहा जिस तरह राज्य नक्सलवाद से मुक्त हुआ वैसे ही ड्रग्स के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।

    डिमांड और सप्लाई चेन पर फोकस

    डीजीपी ने बताया कि अगले तीन साल में मंदसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर और अन्य प्रभावित इलाकों में ड्रग तस्करी की डिमांड और सप्लाई चेन तोड़ी जाएगी। शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल्स का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए भी सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इस तीन वर्षीय योजना में ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ना, ड्रग डिमांड को कम करना और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना प्रमुख लक्ष्य हैं।

    तस्करों की संपत्ति जब्त

    डीजीपी के अनुसार 2025 में राज्य में 1,44,025 किलोग्राम ड्रग्स कुल कीमत 347 करोड़ रुपए जब्त कर नष्ट किया गया। इसके अलावा ड्रग तस्करों के खिलाफ SAFEMA एक्ट के तहत 301.41 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। मंदसौर और नीमच जिले इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।