Tag: Crime Thriller

  • नदी किनारे हो रही रहस्यमयी मौतों ने बढ़ाया खौफ 7 एपिसोड की इस सीरीज में हर मोड़ पर मिलेगा नया ट्विस्ट

    नदी किनारे हो रही रहस्यमयी मौतों ने बढ़ाया खौफ 7 एपिसोड की इस सीरीज में हर मोड़ पर मिलेगा नया ट्विस्ट


    नई दिल्ली।अगर आपको क्राइम थ्रिलर और साइकोलॉजिकल सस्पेंस से भरपूर कहानियां पसंद हैं तो ओटीटी पर मौजूद एक ऐसी सीरीज आपका ध्यान खींच सकती है जिसमें रहस्यमयी मौतों के साथ लोककथाओं और जंगली मगरमच्छों का खौफ भी देखने को मिलता है। इस सीरीज का नाम राक्षसा है। कहानी नॉर्थ कर्नाटक की पृष्ठभूमि में बुनी गई है जहां मालाप्रभा नदी के आसपास कुछ रहस्यमयी मौतें होने लगती हैं। इन घटनाओं के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल बन जाता है और गांव वाले इन मौतों को पुरानी लोककथाओं तथा मगरमच्छों के हमलों से जोड़कर देखने लगते हैं।

    कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा पुलिस जांच और स्थानीय मान्यताओं के बीच पैदा होने वाला टकराव है। सीरीज में विजय राघवेंद्र सब इंस्पेक्टर हनमप्पा की भूमिका निभा रहे हैं। यह उनका ओटीटी डेब्यू बताया गया है। हनमप्पा अंधविश्वास और श्राप जैसी बातों पर आसानी से विश्वास नहीं करता। वह हर घटना को तर्क और सबूतों के आधार पर समझने की कोशिश करता है। उसका जोर घटनाओं की सही टाइमलाइन और उपलब्ध सबूतों पर रहता है।

    जैसे जैसे हनमप्पा इस रहस्यमयी मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करता है वैसे वैसे कहानी में कई नए सवाल खड़े होने लगते हैं। एक तरफ उसके सामने लगातार सामने आ रही मौतों की गुत्थी है तो दूसरी तरफ उसकी निजी जिंदगी भी कई जिम्मेदारियां लेकर खड़ी है। उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है और ऐसे समय में उसे अपने परिवार के साथ साथ अपने पुलिस के काम पर भी पूरा ध्यान देना पड़ता है। यही दोहरी जिम्मेदारी उसके किरदार को और दिलचस्प बनाती है।

    राक्षसा की खासियत इसका छोटा और तेज रफ्तार फॉर्मेट भी है। सीरीज में कुल 7 एपिसोड हैं और हर एपिसोड लगभग 20 से 22 मिनट का है। कम समय में कहानी को आगे बढ़ाने के कारण दर्शकों को लगातार नए घटनाक्रम देखने को मिलते हैं। एक रहस्य सामने आने के बाद दूसरा सवाल खड़ा हो जाता है और यही सिलसिला दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखता है।

    यह सीरीज जी5 पर देखी जा सकती है। इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.2 बताई गई है। सीरीज का निर्देशन सुहान प्रदास ने किया है। इसमें विजय राघवेंद्र के साथ अविनाश और मयूरी क्यातरी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। इसे थरुन सुधीर ने प्रोड्यूस किया है जबकि कहानी और लेखन की जिम्मेदारी सुहान प्रसाद ने अपूर्वा कुमार के साथ संभाली है।

    राक्षसा को तमिल वेब सीरीज विलंगू का कन्नड़ अडैप्शन बताया गया है। हालांकि इसे हूबहू कॉपी करने के बजाय कन्नड़ दर्शकों और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यही वजह है कि कहानी में स्थानीय माहौल और लोकविश्वासों की झलक भी दिखाई देती है। अगर आपको रहस्यमयी मौतें पुलिस जांच सस्पेंस और लगातार आने वाले ट्विस्ट पसंद हैं तो राक्षसा आपके लिए एक दिलचस्प क्राइम थ्रिलर साबित हो सकती है।

  • 9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर

    9 एपिसोड की इस क्राइम सीरीज में है बदले की खतरनाक कहानी क्लाइमेक्स तक नहीं हटेगी नजर


    नई दिल्ली। ओटीटी पर क्राइम और थ्रिलर कंटेंट पसंद करने वालों के लिए ऐसी कई सीरीज मौजूद हैं जिनकी कहानी धीरे धीरे आगे बढ़ते हुए दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। अगर आपको अपराध रहस्य बदला और सस्पेंस से भरपूर कहानियां पसंद हैं तो जी5 की बिच्छू का खेल आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। साल 2020 में रिलीज हुई इस क्राइम थ्रिलर सीरीज में कहानी एक ऐसे युवक के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रखता है।

    सीरीज की कहानी अखिल श्रीवास्तव नाम के युवक से शुरू होती है। बनारस का रहने वाला अखिल एक उभरता हुआ लेखक है लेकिन उसकी जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल जाती है जब उसके पिता पर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं। इसके बाद उनके साथ ऐसी घटना होती है जो अखिल को भीतर तक झकझोर देती है। पिता की मौत के पीछे जिम्मेदार लोगों को तलाशना और उन्हें सजा दिलाना ही उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद बन जाता है।

    अखिल का किरदार दिव्येंदु शर्मा ने निभाया है। कहानी की शुरुआत ही एक दिलचस्प स्थिति से होती है जहां अखिल पुलिस के सामने अपना अपराध कबूल करता दिखाई देता है। इसके बाद कहानी फ्लैशबैक में जाती है और दर्शकों को धीरे धीरे पता चलता है कि आखिर वह इस स्थिति तक कैसे पहुंचा। यही तरीका सीरीज के रहस्य को बनाए रखता है और दर्शकों को अगले एपिसोड तक पहुंचने के लिए उत्सुक करता है।

    बिच्छू का खेल में बदले की कहानी के साथ अपराध की दुनिया के कई पहलू देखने को मिलते हैं। कहानी में ऐसे मोड़ आते हैं जहां दर्शक यह समझने की कोशिश करते रहते हैं कि कौन सही है और कौन गलत। जैसे जैसे अखिल अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है वैसे वैसे उसके सामने नई मुश्किलें भी खड़ी होती जाती हैं। सीरीज की कहानी में सस्पेंस और क्राइम के साथ बनारस का माहौल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    इस सीरीज का पहला पार्ट कुल 9 एपिसोड का है। इसे जी5 पर देखा जा सकता है। सीरीज के रिलीज होने के बाद इसके दूसरे सीजन को लेकर दर्शकों के बीच दिलचस्पी बनी रही है। हालांकि इसकी अगली कहानी को लेकर दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है।

    सीरीज का निर्देशन आशीष शुक्ला ने किया है जबकि बलजीत सिंह चड्ढा और सौरभ अरोड़ा ने भी निर्देशन में योगदान दिया है। कलाकारों की बात करें तो दिव्येंदु शर्मा के साथ अंशुल चौहान और सैयद जीशान कादरी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। दिव्येंदु को इससे पहले अलग तरह के किरदारों में देखा गया है लेकिन इस सीरीज में उनका अंदाज दर्शकों को अलग अनुभव देता है।

    बिच्छू का खेल को IMDb पर करीब 7 की रेटिंग मिली हुई है। सीरीज की कहानी लोकप्रिय हिंदी क्राइम फिक्शन की परंपरा से प्रभावित नजर आती है और इसमें बदले के साथ लगातार आने वाले ट्विस्ट कहानी को आगे बढ़ाते हैं। खासतौर पर उन दर्शकों को इसका फॉर्मेट पसंद आ सकता है जो तेज घटनाक्रम के बजाय धीरे धीरे खुलने वाले रहस्य और अपराध की कहानियां देखना पसंद करते हैं।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी क्राइम थ्रिलर तलाश रहे हैं जिसमें मुख्य किरदार के सामने निजी बदला सबसे बड़ी चुनौती बन जाए और कहानी फ्लैशबैक के जरिए धीरे धीरे रहस्य खोलती जाए तो बिच्छू का खेल आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है। इसके 9 एपिसोड एक साथ देखने पर कहानी का पूरा घटनाक्रम ज्यादा आसानी से समझ में आता है और क्लाइमेक्स तक पहुंचते पहुंचते कई सवालों के जवाब सामने आते हैं।

  • वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी

    वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी


    नई दिल्ली। अगर आपको बॉबी देओल की चर्चित वेब सीरीज आश्रम पसंद आई थी और अब आप उसी तरह की डार्क थ्रिलर, क्राइम और सस्पेंस से भरपूर कहानियां देखना चाहते हैं तो ओटीटी पर आपके लिए शानदार विकल्प मौजूद हैं। इन सीरीज में सत्ता का खेल, अपराध, अंधविश्वास, राजनीति और समाज की कड़वी सच्चाइयों को बेहद रोमांचक अंदाज में दिखाया गया है। यही वजह है कि ये सीरीज दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं और वीकेंड बिंज वॉच के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं।

    इस सूची में सबसे पहले अनदेखी का नाम आता है। यह सीरीज एक रसूखदार परिवार की कहानी है जो अपने प्रभाव के दम पर अपराध को दबाने की कोशिश करता है। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे वैसे रहस्य और सस्पेंस गहराता जाता है। अगर आपको सत्ता और अपराध का खेल पसंद है तो यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए।

    दूसरी सीरीज दहन राकन का रहस्य है। इसमें अंधविश्वास और आधुनिक सोच के टकराव को बेहद दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है। एक छोटे से गांव में छिपे रहस्य और डरावनी घटनाएं दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। इसकी कहानी रहस्य और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण है।

    द रेलवे मेन इस सूची की सबसे अलग सीरीज है। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी केवल एक हादसे की नहीं बल्कि उन लोगों की बहादुरी की भी है जिन्होंने हजारों लोगों की जान बचाने की कोशिश की। इसमें सिस्टम की लापरवाही और मानवीय संघर्ष दोनों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।

    अगर आपको सामाजिक मुद्दों के साथ क्राइम थ्रिलर पसंद है तो पाताल लोक बेहतरीन विकल्प है। एक साधारण पुलिस जांच के जरिए यह सीरीज समाज, राजनीति, मीडिया और अपराध की कई परतों को सामने लाती है। दमदार अभिनय और मजबूत कहानी इसे भारतीय ओटीटी की सबसे चर्चित सीरीज में शामिल करते हैं।

    रंगबाज भी दर्शकों की पसंदीदा क्राइम ड्रामा सीरीज है। इसके हर सीजन में उत्तर प्रदेश और बिहार की पृष्ठभूमि पर गैंगस्टर और राजनीति के गठजोड़ की नई कहानी देखने को मिलती है। वास्तविक घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज अपराध की दुनिया का अलग ही चेहरा दिखाती है।

    सस्पेंस और माइथोलॉजी का अनोखा मेल देखने के लिए असुर शानदार विकल्प है। इसमें पौराणिक कथाओं को आधुनिक साइकोलॉजिकल क्राइम के साथ जोड़ा गया है। हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं और दर्शक आखिरी पल तक कहानी से जुड़े रहते हैं। यही वजह है कि इसे भारतीय ओटीटी की सबसे बेहतरीन थ्रिलर सीरीज में गिना जाता है।

    अगर पावर, राजनीति और गैंगवार की कहानी पसंद है तो मिर्जापुर आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी जैसे किरदारों ने इस सीरीज को नई पहचान दी है। पूर्वांचल की राजनीति, अपराध और सत्ता की लड़ाई पर आधारित यह सीरीज आज भी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली हिंदी वेब सीरीज में शामिल है।

    अगर इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो रोमांच, रहस्य और दमदार कहानी से भरपूर हो तो ये सातों वेब सीरीज शानदार विकल्प हैं। इनमें हर सीरीज अपनी अलग कहानी और मजबूत किरदारों के दम पर दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। क्राइम, सस्पेंस और डार्क थ्रिल पसंद करने वालों के लिए ये सभी सीरीज एक यादगार ओटीटी अनुभव साबित हो सकती हैं।

  • धमाकेदार एक्शन और गहरे इमोशंस के साथ वापसी करेगा ‘इंस्पेक्टर अविनाश’, नया सीजन होगा पहले से ज्यादा खतरनाक

    धमाकेदार एक्शन और गहरे इमोशंस के साथ वापसी करेगा ‘इंस्पेक्टर अविनाश’, नया सीजन होगा पहले से ज्यादा खतरनाक

    नई दिल्ली। रणदीप हुड्डा एक बार फिर अपने चर्चित किरदार इंस्पेक्टर अविनाश के रूप में वापसी करने जा रहे हैं। क्राइम, एक्शन और इमोशंस से भरपूर ‘इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार कहानी पहले से ज्यादा गहरी और रोमांचक बताई जा रही है।

    नए सीजन में इंस्पेक्टर अविनाश सिर्फ अपराधियों से ही नहीं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी के संघर्षों से भी जूझते नजर आएंगे। कहानी में भावनात्मक उतार-चढ़ाव के साथ हाई-वोल्टेज एक्शन और सस्पेंस का तड़का देखने को मिलेगा। रणदीप हुड्डा ने संकेत दिया है कि इस बार किरदार का सफर पहले से कहीं ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण होगा।

    सीरीज की कहानी 90 के दशक के उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां अपराध, राजनीति और व्यक्तिगत संघर्ष एक साथ टकराते दिखाई देंगे। इंस्पेक्टर अविनाश एक ऐसे दौर से गुजरते हैं जहां उनका परिवार, करियर और व्यक्तिगत जीवन सभी मुश्किलों में घिर जाता है।

    सीजन 2 में एक्शन सीक्वेंस को पहले से ज्यादा बड़ा और रियलिस्टिक बनाया गया है। साथ ही कहानी में इमोशनल एंगल को भी काफी मजबूत रखा गया है ताकि दर्शकों को हर मोड़ पर रोमांच और भावनात्मक जुड़ाव दोनों महसूस हो सके।

    इस सीजन में उर्वशी रौतेला भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। उनके किरदार को लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। इसके अलावा कई दमदार कलाकार कहानी को और मजबूत बनाते दिखाई देंगे। मेकर्स का दावा है कि नया सीजन दर्शकों को पहले से ज्यादा थ्रिल और ड्रामा देने वाला है।

    निर्देशन और लेखन में भी इस बार कहानी को अधिक परतों और संघर्षों के साथ पेश किया गया है। सीरीज में सिर्फ बाहरी लड़ाई ही नहीं बल्कि इंस्पेक्टर अविनाश की अंदरूनी जंग को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।

    क्राइम थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सीजन खास होने वाला है। दमदार डायलॉग, तेज रफ्तार कहानी और इमोशनल ड्रामा इसे और ज्यादा दिलचस्प बनाने वाले हैं। जल्द रिलीज होने जा रही यह सीरीज दर्शकों के बीच पहले से ही काफी चर्चा में बनी हुई है।