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  • आत्महत्या या हत्या? ट्विशा केस में CBI जोड़ रही हर कड़ी, समर्थ से हो रही लंबी पूछताछ

    आत्महत्या या हत्या? ट्विशा केस में CBI जोड़ रही हर कड़ी, समर्थ से हो रही लंबी पूछताछ


    मध्य प्रदेश । भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। मामले में आरोपी समर्थ की फरारी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी को मिले शुरुआती तथ्यों के अनुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ तत्काल शहर नहीं छोड़ पाया था और करीब तीन दिनों तक भोपाल में ही अलग-अलग स्थानों पर रुका रहा। इसके बाद वह जबलपुर पहुंचा, जहां उसने लगभग पांच दिनों तक अपनी मौजूदगी छिपाए रखी। अब सीबीआई इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसी का मुख्य फोकस यह जानने पर है कि फरारी के दौरान समर्थ कहां-कहां रुका, किन लोगों के संपर्क में रहा और उसे किस-किस व्यक्ति ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहायता पहुंचाई। इसके लिए उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन हिस्ट्री, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल चैट्स की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से फरारी के दौरान की गतिविधियों की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

    मामले में एक नया पहलू ट्विशा की कथित प्रेग्नेंसी और गर्भपात से भी जुड़ा हुआ है। इसी क्रम में सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी पूछताछ के लिए तलब किया है, जिसने कथित तौर पर ट्विशा को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी यानी गर्भपात की सलाह दी थी। जांच एजेंसी यह समझना चाहती है कि प्रेग्नेंसी और गर्भपात को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उनमें कितनी सच्चाई है और उनका इस पूरे मामले से क्या संबंध हो सकता है।

    सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान समर्थ लगातार यह दावा कर रहा है कि ट्विशा की मौत आत्महत्या का मामला है। उसका कहना है कि गर्भपात के बाद ट्विशा मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रही थी, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। हालांकि जांच एजेंसी केवल उसके बयानों पर निर्भर नहीं है और हर दावे को वैज्ञानिक तथा फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर परख रही है।

    सीबीआई इस मामले को आत्महत्या और हत्या दोनों संभावनाओं के दृष्टिकोण से देख रही है। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना से पहले दोनों के संबंधों की स्थिति क्या थी, क्या किसी प्रकार का विवाद या मारपीट हुई थी और घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या संकेत देते हैं। यदि यह आत्महत्या थी तो उसके पीछे तत्काल कारण क्या था और यदि नहीं, तो फिर वास्तविक घटनाक्रम क्या रहा।

    जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक की पूरी टाइमलाइन तैयार करना भी है। सीबीआई समर्थ से लगातार पूछताछ कर रही है कि उसने सबसे पहले ट्विशा को किस अवस्था में देखा, उसे फंदे से किसने उतारा, उस समय घर में कौन-कौन मौजूद था और अस्पताल ले जाने तक क्या-क्या घटनाएं हुईं। इन सभी बयानों का मिलान फोरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से किया जा रहा है।

    इसके अलावा जांच एजेंसी उन लोगों की भी पहचान करने में जुटी है जिन्होंने एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ को फरार रहने में मदद की हो सकती है। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    ट्विशा शर्मा मौत मामला शुरुआत से ही कई सवालों और विवादों के घेरे में रहा है। अब सीबीआई हर एंगल से जांच कर रही है ताकि घटनाओं की वास्तविक श्रृंखला सामने लाई जा सके और यह स्पष्ट हो सके कि यह मामला आत्महत्या का था या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है।

  • इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे

    इंदौर में दोस्ती की आड़ में दरिंदगी: 12 साल की छात्रा से दुष्कर्म, जेवर-नकदी भी ठगे


    इंदौर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ के एक प्रतिष्ठित थाना क्षेत्र में बारह वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दोस्ती के नाम पर विश्वासघात और फिर घिनौनी दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक युवक ने पहले मासूम बच्ची को अपने झांसे में लेकर उससे दोस्ती की और फिर एकांत का फायदा उठाकर उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। अपराधी की हैवानियत यहीं नहीं थमी बल्कि उसने इस कुकृत्य के बाद बच्ची को डराना और धमकाना शुरू कर दिया ताकि वह किसी को कुछ बता न सके।

    हैवानियत के बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का खौफनाक दौर

    दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्ची की मासूमियत और डर का फायदा उठाते हुए उसे बदनाम करने की धमकी दी। लोक लाज और समाज के डर से सहमी छात्रा अपराधी के इशारों पर नाचने को मजबूर हो गई। आरोपी ने इसे अपनी कमाई का जरिया बना लिया और बच्ची पर घर से कीमती जेवर और नकदी लाने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। डरी-सहमी छात्रा ने बदनामी के डर से अपने ही घर की अलमारी में सेंध लगाना शुरू कर दिया और समय-समय पर घर के गहने और मेहनत की कमाई आरोपी के हवाले करती रही। आरोपी का दुस्साहस इतना बढ़ गया था कि वह लगातार और अधिक धन की मांग कर रहा था जिससे बच्ची मानसिक तनाव के गहरे भंवर में फंसती चली गई।

    परिजनों की चौकसी से उजागर हुआ दरिंदगी का राज

    इस पूरी घटना का पर्दाफाश तब हुआ जब घर की महिलाओं ने अलमारी से कीमती जेवर और नकदी को गायब पाया। पहले तो परिजनों को लगा कि घर में कोई बाहरी चोर घुस आया है लेकिन जब घर का सामान बार-बार गायब होने लगा तो उन्हें किसी करीबी पर शक हुआ। इसी दौरान उन्होंने अपनी बारह वर्षीय बेटी के व्यवहार में एक अजीब सा डर और चिड़चिड़ापन महसूस किया। जब माता-पिता ने बच्ची को विश्वास में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह फूट-फूटकर रोने लगी। छात्रा ने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्ची ने बताया कि किस तरह दोस्ती के नाम पर उसे धोखा दिया गया और फिर उसे आर्थिक रूप से लूटने का सिलसिला शुरू हुआ।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई और आरोपी की सरगर्मी से तलाश

    मामले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल टीम गठित की गई। पुलिस ने छात्रा के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसे इस सदमे से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिकों द्वारा काउंसलिंग भी प्रदान की जा रही है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसके तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपा हो उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा और कठोरतम दंड सुनिश्चित किया जाएगा।