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  • स्पेन से हार के साथ रोनाल्डो के वर्ल्ड कप सफर का अंत, 1-0 की जीत से क्वार्टर फाइनल में पहुंची स्पेन

    स्पेन से हार के साथ रोनाल्डो के वर्ल्ड कप सफर का अंत, 1-0 की जीत से क्वार्टर फाइनल में पहुंची स्पेन


    नई दिल्ली। फुटबॉल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का वर्ल्ड कप सफर स्पेन के खिलाफ हार के साथ समाप्त हो गया। राउंड ऑफ 16 में खेले गए मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अर्लिंगटन में खेले गए इस मुकाबले के बाद 41 वर्षीय रोनाल्डो का छठा और अंतिम वर्ल्ड कप अभियान खत्म हो गया।

    मैच समाप्त होने के बाद रोनाल्डो भावुक नजर आए। उन्होंने मैदान से बाहर जाते समय दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और समर्थन के लिए आभार जताया। उनकी नम आंखों ने प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया।

    गोल करने के कई मौके, लेकिन सफल नहीं हुए रोनाल्डो
    मुकाबले में रोनाल्डो के पास गोल करने के कुछ अच्छे अवसर आए, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्हें सफल नहीं होने दिया। रोनाल्डो ने पूरे मैच में तीन शॉट लगाए, जिनमें दो सीधे गोलपोस्ट की ओर थे।

    एक अहम मौके पर जोआओ फेलिक्स के हेडर के बाद गेंद सिमोन के कंधे से टकराई। इसके बाद रोनाल्डो ने बैक-किक से गोल करने की कोशिश की, लेकिन हवा में रहते हुए भी सिमोन ने दोनों हाथों से गेंद को सुरक्षित पकड़ लिया।

    आखिरी मैच नहीं बनाना चाहते थे
    मैच से एक दिन पहले रोनाल्डो ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह उम्मीद करते हैं कि यह उनका आखिरी मुकाबला साबित न हो और वह अपने अंतिम वर्ल्ड कप के हर पल का आनंद लेना चाहते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में रोनाल्डो के नाम सर्वाधिक 146 गोल दर्ज हैं। वर्ल्ड कप इतिहास में उन्होंने कुल 11 गोल किए हैं, जिससे वह सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में नौवें स्थान पर हैं। वर्ष 2006 में अपने पहले वर्ल्ड कप में वह पुर्तगाल को सेमीफाइनल तक ले गए थे, जो इस टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।

    स्पेन ने बनाया नया रिकॉर्ड
    स्पेन ने इस जीत के साथ एक नया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टीम ने लगातार छठे मैच में क्लीन शीट बरकरार रखी, जो टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले यह रिकॉर्ड इटली और स्विट्जरलैंड के नाम था।

    स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन ने भी लगातार 609 मिनट तक गोल नहीं खाने का नया कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस मामले में इटली के दिग्गज गोलकीपर वाल्टर जेंगा का 1990 का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

  • क्रिस्टियानो रोनाल्डो का बड़ा ऐलान, फीफा वर्ल्ड कप 2026 होगा आखिरी विश्व कप, बोले- स्पेन के खिलाफ आखिरी मैच नहीं चाहता

    क्रिस्टियानो रोनाल्डो का बड़ा ऐलान, फीफा वर्ल्ड कप 2026 होगा आखिरी विश्व कप, बोले- स्पेन के खिलाफ आखिरी मैच नहीं चाहता


    नई दिल्ली । पुर्तगाल के महान फुटबॉलर और कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यह उनके करियर का आखिरी विश्व कप होगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से तत्काल संन्यास नहीं है। रोनाल्डो ने कहा कि वह अभी भी देश के लिए खेलना चाहते हैं और उनके भविष्य का फैसला कोई और नहीं बल्कि वह स्वयं करेंगे।

    स्पेन के खिलाफ राउंड ऑफ 16 मुकाबले से पहले मीडिया से बातचीत में 41 वर्षीय रोनाल्डो ने कहा कि यह उनका अंतिम विश्व कप है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि स्पेन के खिलाफ होने वाला मुकाबला उनके करियर का आखिरी मैच नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब तक उनका कोई भी विश्व कप खराब नहीं रहा है और इस टूर्नामेंट में भी वह तीन गोल कर चुके हैं। उनकी कोशिश होगी कि स्पेन के खिलाफ भी गोल कर टीम की जीत में योगदान दें।

    इस विश्व कप में रोनाल्डो शानदार लय में नजर आए हैं। ग्रुप चरण में उन्होंने उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल किए थे जबकि राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी को गोल में बदलकर विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में अपना पहला गोल दर्ज किया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार छह फीफा विश्व कप संस्करणों में गोल करने का अनोखा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। विश्व कप इतिहास में उनके नाम अब 11 गोल दर्ज हो चुके हैं और वह लगातार छह विश्व कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं।

    संन्यास को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर रोनाल्डो ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह कब तक खेलेंगे इसका फैसला सिर्फ वही करेंगे। उनका मानना है कि चाहे वह मैदान पर हों या नहीं उनकी राष्ट्रीय टीम में हमेशा एक अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि स्पेन के खिलाफ मैच में वह पूरी ताकत से खेलेंगे क्योंकि फुटबॉल को उन्होंने अपना सब कुछ दिया है और हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे।

    रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने पुर्तगाल के लिए अब तक 232 मैच खेले हैं और रिकॉर्ड 146 अंतरराष्ट्रीय गोल किए हैं। उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरो कप का खिताब जीता था। इसके अलावा 2019 और 2025 में यूईएफए नेशंस लीग जीतने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

    विश्व कप के माहौल को लेकर भी रोनाल्डो काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी पहचान दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों का जुनून है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग देशों के प्रशंसकों से मिलकर उन्हें महसूस होता है कि फुटबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि भावनाओं को जोड़ने वाला माध्यम है। यही प्यार उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है।

    क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को मिलाकर रोनाल्डो अब तक 976 गोल कर चुके हैं और उनका अगला बड़ा लक्ष्य 1000 गोल का ऐतिहासिक आंकड़ा छूना है। ऐसे में भले ही यह उनका आखिरी विश्व कप हो लेकिन फुटबॉल प्रेमियों को अभी भी मैदान पर रोनाल्डो का जादू देखने को मिलता रहेगा।

  • 'मेसी-रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फिर शायद कभी नहीं दिखेगी' ओलिवर कान ने दोनों दिग्गजों की जमकर की तारीफ

    'मेसी-रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता फिर शायद कभी नहीं दिखेगी' ओलिवर कान ने दोनों दिग्गजों की जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली। जर्मनी के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर ओलिवर कान का मानना है कि फुटबॉल इतिहास में लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसी प्रतिद्वंदिता दोबारा देखने को मिलना बेहद मुश्किल है। उनके अनुसार दोनों खिलाड़ियों ने लगभग दो दशकों तक लगातार एक-दूसरे को बेहतर बनने की प्रेरणा दी और अपने शानदार प्रदर्शन से विश्व फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। कान ने कहा कि उनकी प्रतिस्पर्धा केवल लोकप्रियता तक सीमित नहीं रही बल्कि मैदान पर प्रदर्शन और निरंतर उत्कृष्टता के दम पर इतिहास रचा गया।

    फीफा विश्व कप 2026 के दौरान विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे ओलिवर कान ने कहा कि मेसी और रोनाल्डो ने हर सीजन में एक-दूसरे को चुनौती देते हुए अपने खेल का स्तर लगातार ऊंचा किया। यही वजह है कि दोनों खिलाड़ियों ने वर्षों तक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों की सूची में अपना दबदबा बनाए रखा। कान के मुताबिक उनकी प्रतिद्वंदिता व्यक्तिगत उपलब्धियों से कहीं आगे थी क्योंकि इसने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों को लंबे समय तक रोमांचित किया।

    उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता लेकिन मेसी और रोनाल्डो ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से यह कर दिखाया। दोनों ने क्लब फुटबॉल में कई रिकॉर्ड बनाए और एक-दूसरे को लगातार चुनौती देते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। कान का मानना है कि इसी कारण यह प्रतिद्वंदिता खेल इतिहास की सबसे यादगार प्रतिस्पर्धाओं में गिनी जाएगी।

    ओलिवर कान ने अपने करियर के सबसे यादगार पल के रूप में 2002 फीफा विश्व कप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस टूर्नामेंट में जर्मनी को फाइनल तक पहुंचाना उनके जीवन का सबसे बड़ा अनुभव था। हालांकि फाइनल में हार का दर्द आज भी उनके मन में है क्योंकि हर खिलाड़ी का सपना विश्व कप जीतना होता है। उन्होंने स्वीकार किया कि गोलकीपर के रूप में गोल्डन बॉल जीतना उनके लिए गर्व की बात थी लेकिन यदि मौका मिले तो वह इस व्यक्तिगत सम्मान के बदले विश्व कप ट्रॉफी लेना पसंद करेंगे।

    दिग्गज गोलकीपर ने मौजूदा विश्व कप में खेल रहे युवा खिलाड़ियों और खासकर गोलकीपरों को भी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। खिलाड़ियों को लगातार अपने खेल में सुधार करते रहना चाहिए और बड़े मंच पर दबाव से घबराने के बजाय उसका आनंद लेना चाहिए। उनके अनुसार विश्व कप ऐसा मंच है जहां पूरी दुनिया की नजर खिलाड़ियों पर होती है और कई बार एक पल या एक फैसला पूरे टूर्नामेंट का भविष्य तय कर देता है। इसलिए हर खिलाड़ी को हर क्षण पूरी एकाग्रता के साथ खेलना चाहिए।

    मेसी और रोनाल्डो को आधुनिक फुटबॉल के सबसे महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। दोनों ने क्लब फुटबॉल में वर्षों तक शानदार मुकाबले खेले और अनगिनत रिकॉर्ड अपने नाम किए। हालांकि विश्व कप में दोनों कभी आमने-सामने नहीं आ सके। माना जा रहा है कि फीफा विश्व कप 2026 दोनों दिग्गजों का आखिरी विश्व कप हो सकता है। ऐसे में दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर एक बार फिर इन दोनों खिलाड़ियों पर रहेगी, जो अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर यादगार प्रदर्शन कर इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना सबसे धमाकेदार टूर्नामेंट 59वें मैच में टूटा सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अभी कई मुकाबले बाकी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026 बना सबसे धमाकेदार टूर्नामेंट 59वें मैच में टूटा सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अभी कई मुकाबले बाकी


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने गोलों के मामले में नया इतिहास रच दिया है। अमेरिका कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट ने अभी आधा सफर भी पूरा नहीं किया है लेकिन एक संस्करण में सबसे ज्यादा गोल होने का रिकॉर्ड पहले ही टूट चुका है। नए 48 टीमों वाले प्रारूप ने विश्व कप को पहले से अधिक रोमांचक बना दिया है और मैदान पर गोलों की लगातार बारिश देखने को मिल रही है।

    टूर्नामेंट के 59वें मुकाबले में अमेरिका और तुर्किये के बीच खेले गए मैच के दौरान विश्व कप का 173वां गोल दर्ज हुआ। इसके साथ ही कतर में आयोजित 2022 विश्व कप में बने 172 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया गया। इसके बाद गोलों की संख्या लगातार बढ़ती रही और अब तक कुल 177 गोल हो चुके हैं। खास बात यह है कि नॉकआउट चरण के कई बड़े मुकाबले अभी बाकी हैं जिससे यह आंकड़ा और आगे जाने की पूरी संभावना है।

    इस रिकॉर्ड के पीछे सबसे बड़ा कारण विश्व कप का नया प्रारूप माना जा रहा है। पहली बार टूर्नामेंट में 48 टीमों को शामिल किया गया है। इससे पहले 1930 से 2022 तक विश्व कप में 32 टीमें हिस्सा लेती थीं और कुल 64 मुकाबले खेले जाते थे। अब मैचों की संख्या बढ़कर 104 हो गई है जिससे खिलाड़ियों को गोल करने के अधिक अवसर मिल रहे हैं और दर्शकों को अधिक रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं।

    इस विश्व कप में कई स्टार खिलाड़ियों ने भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पुर्तगाल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल कर लगातार छह अलग अलग विश्व कप में गोल करने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर बनने का गौरव हासिल किया। 41 वर्ष की उम्र में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है।

    फ्रांस के स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बाप्पे ने भी अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक छह बार किसी मैच में दो या उससे अधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनके कुल विश्व कप गोलों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। वहीं अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी भी 18 गोल के साथ बेहतरीन लय में बने हुए हैं।

    ब्राजील के विनिसियस जूनियर भी गोल्डन बूट की दौड़ में मजबूती से शामिल हो गए हैं। स्कॉटलैंड के खिलाफ उनके दो गोलों ने ब्राजील को अगले दौर में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नए प्रारूप के तहत हर टीम को ग्रुप चरण में कम से कम तीन मैच मिलने से खिलाड़ियों के पास बेहतर प्रदर्शन और अधिक गोल करने के अवसर भी बढ़ गए हैं।

    विश्व कप के इतिहास पर नजर डालें तो 1930 के पहले टूर्नामेंट में कुल 70 गोल हुए थे। इसके बाद 1998 और 2014 में 171 गोल तथा 2022 में 172 गोल का रिकॉर्ड बना था। अब 2026 विश्व कप ने इन सभी उपलब्धियों को पीछे छोड़ दिया है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रफ्तार जारी रही तो फाइनल तक कुल गोलों की संख्या 200 के आंकड़े को भी पार कर सकती है। इससे यह विश्व कप गोलों और रोमांच दोनों के लिहाज से अब तक का सबसे यादगार संस्करण बनने की ओर बढ़ रहा है।

  • पुर्तगाल की पांच सितारा जीत रोनाल्डो के डबल अटैक ,से उज्बेकिस्तान पस्त

    पुर्तगाल की पांच सितारा जीत रोनाल्डो के डबल अटैक ,से उज्बेकिस्तान पस्त


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में पुर्तगाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इस जीत के सबसे बड़े नायक रहे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर न सिर्फ टीम को बड़ी जीत दिलाई बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    41 वर्षीय रोनाल्डो ने इस मुकाबले में ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो अब तक कोई खिलाड़ी नहीं बना सका था। वह दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए हैं जिन्होंने छह अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में गोल करने का कारनामा किया है। यह उपलब्धि उनके लंबे और शानदार करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।

    मैच की शुरुआत से ही पुर्तगाल ने आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार उज्बेकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाया। रोनाल्डो ने अपने अनुभव और बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे। उनके गोलों ने मैच का रुख पूरी तरह पुर्तगाल के पक्ष में मोड़ दिया। टीम के अन्य खिलाड़ियों ने भी शानदार तालमेल दिखाते हुए कुल पांच गोल किए और उज्बेकिस्तान को मुकाबले में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

    रोनाल्डो के लिए यह मुकाबला बेहद खास रहा क्योंकि पिछले मैच में वह अपनी छाप छोड़ने में सफल नहीं रहे थे। कांगो के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पुर्तगाल को 1-1 की बराबरी से संतोष करना पड़ा था और उस मैच में रोनाल्डो गोल नहीं कर सके थे। इसके बाद कई फुटबॉल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे कि क्या उन्हें अब भी शुरुआती एकादश में जगह मिलनी चाहिए। हालांकि उज्बेकिस्तान के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने सभी आलोचनाओं का जवाब दे दिया।

    गोल करने के बाद रोनाल्डो ने अपना मशहूर SIUUU सेलिब्रेशन किया जिसे देखकर स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसक उत्साह से झूम उठे। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ बेंच की ओर दौड़े और जीत का जश्न मनाया। यह दृश्य मैच के सबसे यादगार पलों में शामिल रहा।

    इस जीत के साथ पुर्तगाल के ग्रुप चरण में चार अंक हो गए हैं और टीम की नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीदें काफी मजबूत हो गई हैं। अब पुर्तगाल का अगला और अंतिम ग्रुप मुकाबला कोलंबिया के खिलाफ होगा जो काफी अहम माना जा रहा है। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान की टीम अटलांटा में कांगो से भिड़ेगी और टूर्नामेंट में बने रहने के लिए उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।इस बीच अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी भी टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं।

    मेसी अब तक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। ऐसे में फुटबॉल प्रेमियों को रोनाल्डो और मेसी के बीच एक और यादगार मुकाबले जैसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। फिलहाल पूरे फुटबॉल जगत की नजरें रोनाल्डो पर टिकी हैं जिन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और महान खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से इतिहास लिखते हैं।
  • रोनाल्डो के दम पर अल नासर बना चैंपियन, जीता सऊदी प्रो लीग खिताब

    रोनाल्डो के दम पर अल नासर बना चैंपियन, जीता सऊदी प्रो लीग खिताब


    नई दिल्ली । Cristiano Ronaldo ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Al Nassr FC को सऊदी प्रो लीग 2025-26 का चैंपियन बना दिया। अल नासर ने सीजन के आखिरी मुकाबले में Damac FC को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

    जनवरी 2023 में क्लब से जुड़ने के बाद रोनाल्डो का यह पहला बड़ा खिताब है। अल नासर ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी Al Hilal SFC को दो अंकों से पीछे छोड़ते हुए क्लब इतिहास का 11वां लीग टाइटल जीता।

    मैच में पहले हाफ के अंत में Sadio Mane ने गोल कर अल नासर को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में Kingsley Coman ने स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद रोनाल्डो ने अपने अनुभव और क्लास का शानदार प्रदर्शन किया।

    रोनाल्डो ने 60वें मिनट में बेहतरीन फ्री-किक से गोल दागा, जबकि 81वें मिनट में गोलकीपर को छकाते हुए दूसरा गोल कर मैच पूरी तरह अल नासर के नाम कर दिया। यह इस सीजन में उनके 27वें और 28वें गोल रहे।

    Joao Felix भी इस मुकाबले में अल नासर की ओर से खेले। वहीं दमैक की टीम सिर्फ एक गोल ही कर सकी।

    मैच खत्म होने से तीन मिनट पहले रोनाल्डो को स्टैंडिंग ओवेशन के साथ मैदान से बाहर बुलाया गया। यह पल स्टेडियम में मौजूद फैंस के लिए बेहद भावुक रहा।

    पांच बार के बैलन डी’ओर विजेता रोनाल्डो अब पुर्तगाल, इंग्लैंड, स्पेन, इटली और सऊदी अरब में लीग खिताब जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। अब उनकी नजर FIFA World Cup 2026 पर होगी, जो उनके करियर का छठा विश्व कप होगा।