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  • सागर में जहरीली शराब का कहर: 12 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा बीमार, 8 की हालत गंभीर

    सागर में जहरीली शराब का कहर: 12 लोगों की मौत, 20 से ज्यादा बीमार, 8 की हालत गंभीर


    सागर।
    मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंडा तहसील के घूघर, नौराज, गूगरा खुर्द, बराज और आसपास के गांवों में शराब पीने के बाद अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 24 मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर रेफर किया गया है। घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

    शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत

    जानकारी के मुताबिक शनिवार रात कई गांवों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके कुछ ही समय बाद लोगों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन मरीजों को बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ लोगों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सागर भेजा गया।

    अस्पताल पहुंचे कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने और अकड़न जैसी शिकायतें भी सामने आईं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर शराब पीने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।

    प्रशासन ने छह शराब दुकानें कराईं सील

    घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया समेत वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की स्थिति की जानकारी ली।

    एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया गया है। शराब के नमूने लेने और उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। बंडा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    24 से 48 घंटे में शराब पीने वालों की स्क्रीनिंग

    कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब का सेवन किया है, वे किसी तरह के लक्षण नहीं होने पर भी स्क्रीनिंग जरूर कराएं।

    उल्टी, सिरदर्द, बुखार या तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सिविल अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ सकती है।

    ग्रामीण ने सुनाई खौफनाक कहानी

    बमुराबेड़ा गांव के रामकुमार दांगी के मुताबिक उनके गांव में भी चार लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके बाद उनकी हालत तेजी से खराब होने लगी। शरीर ठंडा पड़ने और तबीयत बिगड़ने के बाद कुछ लोगों की जल्द ही मौत हो गई।

    आबकारी विभाग पर भी उठे सवाल

    घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय सूत्रों और कुछ शराब ठेकेदारों का दावा है कि इलाके में नकली और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। हालिया बैठक में लाइसेंसी ठेकेदारों की ओर से भी अवैध शराब के कारोबार का मुद्दा उठाए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    मृतकों में 45 वर्षीय गोलू उर्फ चमन भी शामिल

    पुलिस के मुताबिक मृतकों में गोलू उर्फ चमन लोधी (45), दिग्विजय लोधी (28), करतार सिंह लोधी (30), उजियार सिंह लोधी (56), रोशन लोधी (30), राजेंद्र लोधी (32), हरनाम राय (42), उत्तम नत्थू नायक (42), सुमेर सिंह दांगी (47), राजकुमार लोधी (47) और सुरेंद्र अहिरवार (35) समेत अन्य लोग शामिल हैं। गोलू उर्फ चमन के पहले से कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी भी सामने आई है।

    गंभीर मरीजों का बीएमसी में इलाज

    गंभीर हालत वाले मरीजों में हरनाम राय, उत्तम नत्थू नायक, मंगल रजक, परम आदिवासी, धनसिंह आदिवासी, चंद्रभान लोधी, अजय लोधी, विनोद और राघवेंद्र लोधी समेत अन्य शामिल हैं। इन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएमसी सागर रेफर किया गया है।

    फिलहाल प्रशासन शराब के स्रोत और उसमें किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी की जांच में जुटा है। मौतों की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और शराब के सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

  • कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा गंभीर

    कुलगाम में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों को मारी गोली, एक की मौत, दूसरा गंभीर


    श्रीनगर।
    दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया। केलम क्षेत्र में गुरुवार शाम आतंकियों की गोलीबारी में दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक मजदूर ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, केलम इलाके में काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर अज्ञात आतंकियों ने अचानक गोलीबारी कर दी। घटना के बाद दोनों घायल मजदूरों को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का उपचार जीएमसी अनंतनाग में जारी है।

    घटना के तुरंत बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हमलावर आतंकियों की तलाश के लिए इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    हाल के वर्षों में गैर-स्थानीय लोगों पर प्रमुख आतंकी हमले

    • 31 जुलाई 2026, केलम (कुलगाम): दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी, एक की मौत और एक गंभीर रूप से घायल।
    • 22 अप्रैल 2025, बैसरन (पहलगाम): पर्यटकों और गैर-स्थानीय लोगों पर आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत।
    • 20 अक्टूबर 2024, गगनगीर (गांदरबल): जेड-मोड़ सुरंग परियोजना शिविर पर हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक चिकित्सक की हत्या।
    • 17 अप्रैल 2024, बिजबिहाड़ा (अनंतनाग): बिहार निवासी गैर-स्थानीय विक्रेता राजा शाह की गोली मारकर हत्या।
    • 7-8 फरवरी 2024, हब्बा कदल (श्रीनगर): पंजाब के दो गैर-स्थानीय मजदूरों अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

    सुरक्षा एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के लिए व्यापक अभियान जारी है।