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  • सरसों तेल की कीमत में भारी उछाल…. 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचे दाम

    सरसों तेल की कीमत में भारी उछाल…. 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचे दाम


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सुल्तानपुर, जौनपुर सहित अन्य आस-पास के जिलों में सरसों का दाम (Mustard price) प्रति क्विंटल 7000 रुपये से 7500 रुपये तक बिक रहा है। किसानों का उम्मीद है कि दाम 8000 रुपये तक भी जाएगा। वहीं, सरसों के तेल (Mustard oil) के फुटकर विक्रेता इस समय 220 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं। महज एक महीने के अंदर ही कीमतों में यह तेजी देखने को मिली है।

    केंद्र सरकार (Central Government) के कंज्यूमर डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किए गए रेट के अनुसार देशभर में औसतन आज सरसों का तेल 197.25 रुपये में बिक रहा है। एक महीना पहले यह 194.15 रुपये में बिक रहा था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल यानी 15 अगस्त 2025 को सरसों के तेल का दाम 188.20 रुपये था। यानी कीमतों में उछाल साफ देखने को मिल रही है।


    देश के प्रमुख शहरों में क्या है सरसों का रेट

    – दिल्ली में 209 रुपये प्रति किलोग्राम
    – मुंबई में 231 रुपये प्रति किलोग्राम
    – चेन्नई में 247 रुपये प्रति किलोग्राम


    मूंगफली, पाम ऑयल की कीमतों में भी लगी आग

    सिर्फ सरसों ही नहीं, पाम ऑयल के दाम भी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी बढ़ गया है। 15 अगस्त को पाम ऑयल का रेट 149.57 रुपये है। एक साल पहले दाम 130.24 रुपये था। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार कीमतों में 20 रुपये का इजाफा हुआ है। करीब 14% दाम बढ़ा है।

    सूरजमुखी के तेल का दाम पिछले साल की तुलना में इस बार 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बीते साल 15 अगस्त को दाम 159 रुपये था। आज यह 191.16 रुपये के स्तर पर है। मूंगफली की बात करें तो यहां भी कीमतों में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है। इसका लेटेस्ट रेट 205.39 रुपये है। पिछले साल आज के दिन ही 185.62 रुपये दाम था। कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।


    दिल्ली में सब्जियों का क्या है रेट

    – आलू का दाम – 23 रुपये प्रति किलोग्राम
    – प्याज का दाम – 45 रुपये प्रति किलोग्राम
    – टमाटर का रेट – 45 रुपये प्रति किलोग्राम

  • भारत के LPG और कच्चे तेल के टैंकरों ने पार किया होर्मुज… जल्द पहुंचेंगे बंदरगाह

    भारत के LPG और कच्चे तेल के टैंकरों ने पार किया होर्मुज… जल्द पहुंचेंगे बंदरगाह


    नई दिल्ली।
    अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध (US-Israel and Iran War) की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद होने से भारत सहित कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच अब भारत (India) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक UAE से दो LPG कैरियर और सऊदी अरब से एक कच्चे तेल का कैरियर भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके। वहीं नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने बढ़ते हुए शिपिंग संकट के चलते ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के अपने आधिकारिक दौरे को रद्द कर दिया है।

    जानकारी के मुताबिक भारतीय झंडे वाले जहाज पाइन गैस और जग वसंत लगभग एक साथ ही चल रहे थे। दोनों जहाज सोमवार सुबह 6 बजे UAE के बंदरगाहों से भारत के लिए रवाना हुए। ईरान ने इन दोनों LPG जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की मंजूरी भी दे दी है। वहीं ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन LPG जहाजों को 24 घंटे तक सुरक्षा दे रहे हैं।

    जहाज में कितना LPG?
    बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि दोनों जहाज पर लगभग 92,000 टन एलपीजी है। उन्होंने कहा, ”यात्रा शुरू हो चुकी है।’’ शिपिंग मंत्रालय के अनुसार जग वसंत के 26 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि पाइन गैस 28 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंच सकता है। इन जहाजों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय नाविक भी सवार हैं।

    सऊदी से आ रहा तेल टैंकर
    इसके अलावा, MT Kallista नाम का एक कच्चे तेल का कैरियर सऊदी अरब के यान्बू बंदरगाह पर तेल भर रहा है और मंगलवार को जेद्दा बंदरगाह होते हुए भारत के पारादीप बंदरगाह के लिए रवाना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के समन्वय से, पनामा के झंडे वाले यह जहाज भी अदन की खाड़ी से गुजरेगा और भारतीय नौसेना इसकी हिफाजत करेगी।

    भारतीय टैंकरों ने ईरान को दी फीस?
    भले ही रिपोर्ट्स में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान द्वारा मोटी फीस लिए जाने की खबरें थीं, लेकिन भारत ने अपने LPG टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने के लिए ईरान को कोई पैसा नहीं दिया है। भारत में ईरानी दूतावास ने सोमवार को ऐसी रिपोर्टों का खंडन किया है।

    इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना से कहा है कि वह भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी के आसपास अपने कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जहाजों को तैनात करे। वहीं भारतीय झंडे वाले सभी जहाज़ों के कप्तानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि उन्हें बताया जा सके कि भारत संकट के समय उनके साथ खड़ा है।

    कितने टैंकर फंसे?
    बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कुल मिलाकर लगभग 500 टैंकर जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 तेल उत्पाद टैंकर, 104 रासायनिक/उत्पाद टैंकर, 52 रासायनिक टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान संभवत: सत्यापन के बाद चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से जाने की अनुमति दे सकता है।