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  • पूर्व CSK खिलाड़ी वंश बेदी ने चौके-छक्कों से पलटा मुकाबला, सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने दर्ज की शानदार जीत

    पूर्व CSK खिलाड़ी वंश बेदी ने चौके-छक्कों से पलटा मुकाबला, सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने दर्ज की शानदार जीत

    नई दिल्ली । दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 में सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने एक रोमांचक मुकाबले में आउटर दिल्ली वॉरियर्स को चार विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। बारिश के कारण 10-10 ओवर का किया गया यह मुकाबला आखिरी गेंदों तक रोमांच से भरपूर रहा। जीत के सबसे बड़े नायक रहे चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व खिलाड़ी वंश बेदी, जिन्होंने दबाव की स्थिति में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए टीम को यादगार जीत दिलाई।

    अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए आउटर दिल्ली वॉरियर्स ने निर्धारित 10 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 130 रन का मजबूत स्कोर बनाया। छोटे प्रारूप में यह लक्ष्य चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था और सेंट्रल दिल्ली किंग्स के सामने 131 रन बनाने की कठिन चुनौती थी।

    आउटर दिल्ली वॉरियर्स की ओर से यजस शर्मा ने 16 गेंदों में 39 रन की तेज पारी खेली। वहीं मोहित पंवार ने 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर टीम की पारी को मजबूती दी। अक्षय सैनी ने भी 15 गेंदों में 31 रन जोड़ते हुए स्कोर को 130 तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी सेंट्रल दिल्ली किंग्स को कप्तान यश ढुल ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में 35 रन बनाए, जिसमें दो चौके और तीन छक्के शामिल रहे। इसके बाद जोंटी सिद्धू ने 12 गेंदों में 25 रन बनाकर रन गति बनाए रखी। हालांकि बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से मुकाबला एक बार फिर संतुलन की स्थिति में पहुंच गया।

    ऐसे समय में वंश बेदी ने जिम्मेदारी संभाली और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने केवल 16 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाए। इस पारी के दौरान उनके बल्ले से तीन चौके और पांच शानदार छक्के निकले। लगभग 294 के स्ट्राइक रेट से खेली गई उनकी पारी ने विपक्षी टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

    मुकाबले का सबसे रोमांचक क्षण अंतिम दो ओवरों में देखने को मिला। नौवें ओवर की आखिरी चार गेंदों पर वंश बेदी ने एक चौका और लगातार तीन छक्के लगाकर मैच पूरी तरह अपनी टीम के पक्ष में कर दिया। इसके बाद अंतिम ओवर में भी उन्होंने लगातार दो चौके और एक छक्का जड़ते हुए टीम को एक गेंद शेष रहते 133 रन तक पहुंचा दिया। सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने 9.5 ओवर में छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    इस जीत के बाद वंश बेदी का एक वीडियो भी चर्चा का विषय बना, जिसमें वह लोकप्रिय फिल्मी संवाद ‘फ्लावर नहीं, फायर हूं मैं’ कहते नजर आए। उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और क्रिकेट प्रशंसकों ने उनकी मैच जिताऊ पारी की जमकर सराहना की।

    वंश बेदी की इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में दबाव के क्षणों में संयम और आक्रामकता का सही संतुलन किसी भी मैच का परिणाम बदल सकता है। उनकी शानदार पारी ने सेंट्रल दिल्ली किंग्स को टूर्नामेंट में एक और महत्वपूर्ण जीत दिलाई और टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

  • CSK के गोल्डन कोच स्टीफन फ्लेमिंग अब इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की बदलेंगे तस्वीर रिपोर्ट्स में बड़ा दावा

    CSK के गोल्डन कोच स्टीफन फ्लेमिंग अब इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट की बदलेंगे तस्वीर रिपोर्ट्स में बड़ा दावा


    नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट टीम को जल्द ही नया टेस्ट मुख्य कोच मिल सकता है और इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान तथा चेन्नई सुपर किंग्स के सबसे सफल कोच स्टीफन फ्लेमिंग का नाम सामने आया है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने लंबी चयन प्रक्रिया के बाद फ्लेमिंग को अपनी पहली पसंद माना है। यदि अंतिम औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं तो फ्लेमिंग इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभालेंगे और यह उनके कोचिंग करियर का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय अध्याय होगा।

    स्टीफन फ्लेमिंग का नाम क्रिकेट जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में लिया जाता है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स को पांच बार चैंपियन बनाया और टीम को लगातार सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शांत स्वभाव शानदार रणनीति और खिलाड़ियों से बेहतर तालमेल उनकी सबसे बड़ी पहचान रही है। इसी कारण उन्हें आधुनिक क्रिकेट का बेहतरीन मैनेजर और रणनीतिकार माना जाता है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने कई उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया लेकिन फ्लेमिंग अनुभव नेतृत्व क्षमता और लंबे समय तक सफल टीम तैयार करने की योग्यता के कारण सबसे आगे निकल गए। उनके सामने टॉम मूडी जोनाथन ट्रॉट और रिचर्ड डॉसन जैसे दावेदार भी थे लेकिन बोर्ड का झुकाव फ्लेमिंग की ओर दिखाई दिया।

    बताया जा रहा है कि इंग्लैंड की टेस्ट टीम में यह बदलाव ब्रेंडन मैकुलम के टेस्ट कोच पद से हटने के बाद किया जा रहा है जबकि सीमित ओवरों की टीम के साथ उनकी भूमिका अलग बनी रह सकती है। ऐसे में इंग्लैंड पहली बार टेस्ट और व्हाइट बॉल क्रिकेट के लिए अलग कोचिंग मॉडल अपनाने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।

    फ्लेमिंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड की टेस्ट टीम को फिर से मजबूत बनाना होगी। उन्हें नए कप्तान के चयन टीम संयोजन युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और आगामी बड़ी टेस्ट सीरीज के लिए मजबूत रणनीति बनानी होगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनका शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देने की शैली इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

    हालांकि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन लगभग सभी प्रमुख रिपोर्ट्स में फ्लेमिंग को इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बताया गया है। यदि नियुक्ति तय होती है तो यह केवल इंग्लैंड क्रिकेट ही नहीं बल्कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट के इतिहास में भी एक बड़ा बदलाव माना जाएगा क्योंकि IPL के सबसे सफल कोचों में शामिल फ्लेमिंग अब अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में अपनी नई पहचान बनाने की तैयारी करेंगे

  • आईपीएल में खत्म हुआ एक स्वर्णिम अध्याय 18 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स से अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग

    आईपीएल में खत्म हुआ एक स्वर्णिम अध्याय 18 साल बाद चेन्नई सुपर किंग्स से अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास का एक बेहद सफल और यादगार अध्याय अब समाप्त हो गया है। पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स और उसके लंबे समय तक हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग ने 18 वर्षों की ऐतिहासिक साझेदारी को आपसी सहमति से समाप्त करने का फैसला लिया है। इस घोषणा के साथ ही आईपीएल के सबसे लंबे और सबसे सफल कोचिंग कार्यकालों में से एक का अंत हो गया। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक रूप से इसकी जानकारी देते हुए फ्लेमिंग के योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

    स्टीफन फ्लेमिंग का चेन्नई सुपर किंग्स से रिश्ता आईपीएल के पहले सीजन वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। उस समय वह खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़े थे। अगले ही वर्ष उन्होंने हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगभग दो दशक तक उन्होंने टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल की सबसे सफल और सबसे सम्मानित फ्रेंचाइजियों में शामिल कर दिया।

    फ्लेमिंग के नेतृत्व में चेन्नई सुपर किंग्स ने पांच बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। इसके अलावा टीम ने दो बार चैंपियंस लीग टी20 का खिताब भी जीता। उनकी कोचिंग में सीएसके ने रिकॉर्ड 12 बार प्लेऑफ में जगह बनाई और 10 बार फाइनल तक का सफर तय किया। यह निरंतर सफलता उनकी रणनीति मजबूत नेतृत्व और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कराने की क्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण मानी जाती है।

    चेन्नई सुपर किंग्स की मालकिन रूपा गुरुनाथ ने फ्लेमिंग की विदाई पर कहा कि उन्होंने केवल टीम को जीत दिलाने का काम नहीं किया बल्कि फ्रेंचाइजी की पहचान और संस्कृति को भी मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि फ्लेमिंग ने लगभग दो दशकों तक समर्पण जुनून और नेतृत्व के साथ टीम को नई दिशा दी। मैदान पर उनका सफर भले ही समाप्त हो रहा हो लेकिन वह हमेशा सुपर किंग्स परिवार और उसकी विरासत का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे।

    फ्रेंचाइजी के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने भी फ्लेमिंग के योगदान को ऐतिहासिक बताया। उनके अनुसार फ्लेमिंग ने केवल टीम की रणनीति नहीं बनाई बल्कि ऐसा माहौल तैयार किया जिसमें अनुशासन निरंतरता विनम्रता और टीम भावना सबसे बड़ी पहचान बन गई। खिलाड़ियों को समझने और हर खिलाड़ी की क्षमता को निखारने की उनकी कला ने चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार सफल बनाया। उनका प्रभाव केवल मैदान तक सीमित नहीं रहा बल्कि टीम की कार्यसंस्कृति का स्थायी हिस्सा बन गया।

    विदाई के अवसर पर स्टीफन फ्लेमिंग भी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि खेल की दुनिया में 18 वर्ष बहुत लंबा समय होता है और वह केवल आभार की भावना के साथ इस जिम्मेदारी से विदा ले रहे हैं। उनके अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताया गया समय उनके पूरे कोचिंग करियर का सबसे यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान टीम ने शानदार जीत हासिल की कठिन दौर का सामना किया और ऐसी अनगिनत यादें बनाई जो जीवनभर उनके साथ रहेंगी।

    फ्लेमिंग ने यह भी कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रहेगी और भले ही अब वह टीम के हेड कोच नहीं होंगे लेकिन भविष्य में भी टीम की सफलता के लिए हमेशा शुभकामनाएं देते रहेंगे। उन्होंने फ्रेंचाइजी प्रबंधन खिलाड़ियों सहयोगी स्टाफ और करोड़ों प्रशंसकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस सफर ने उन्हें एक बेहतर कोच और बेहतर इंसान बनाया।

    स्टीफन फ्लेमिंग और चेन्नई सुपर किंग्स की यह साझेदारी आईपीएल इतिहास में हमेशा एक आदर्श उदाहरण के रूप में याद की जाएगी। लगातार सफलता स्थिर नेतृत्व और मजबूत टीम संस्कृति की जो मिसाल इस जोड़ी ने पेश की है वह आने वाले वर्षों तक फ्रेंचाइजी क्रिकेट के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि चेन्नई सुपर किंग्स फ्लेमिंग के बाद टीम की कमान किसे सौंपती है और नया दौर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • IPL 2026: महंगे अनकैप्ड खिलाड़ियों का फ्लॉप शो, करोड़ों की उम्मीदें हुईं ध्वस्त

    IPL 2026: महंगे अनकैप्ड खिलाड़ियों का फ्लॉप शो, करोड़ों की उम्मीदें हुईं ध्वस्त


    नई दिल्ली  IPL 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने दम दिखाया, लेकिन 5 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बड़े दाम के बावजूद प्रदर्शन में फेल साबित हुए। फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। IPL 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने दम दिखाया, लेकिन 5 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बड़े दाम के बावजूद प्रदर्शन में फेल साबित हुए। फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। IPL 2026 के इस सीजन में जहां कई युवा सितारे चमके, वहीं करोड़ों में खरीदे गए कुछ अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 बड़े नामों के बारे में।

    इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। यह सीजन युवा खिलाड़ियों के उभार के लिए याद किया जाएगा, लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी भी चर्चा में रहे, जिन पर फ्रेंचाइजी ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे, लेकिन उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा।

    सबसे पहले बात करते हैं प्रशांत वीर की, जिन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) ने 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिनर प्रशांत ने 4 मैचों में सिर्फ 66 रन बनाए और गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं लिया। यह प्रदर्शन फ्रेंचाइजी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

    दूसरे खिलाड़ी कार्तिक शर्मा भी CSK का ही हिस्सा हैं, जिन्हें इतने ही बड़े दाम में खरीदा गया था। घरेलू क्रिकेट में छक्कों के लिए मशहूर कार्तिक ने 8 मैचों में 173 रन बनाए। हालांकि मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के खिलाफ उनकी नाबाद 54 रनों की पारी ने थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन निरंतरता की कमी साफ नजर आई।

    तीसरे नाम आकिब नबी डार का है, जिन्हें दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने 8.4 करोड़ में खरीदा था। जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट में 60 विकेट लेकर सनसनी मचाई थी, लेकिन IPL में 4 मैचों में वह एक भी विकेट नहीं ले सके, जिससे टीम की रणनीति पर सवाल उठे।

    चौथे खिलाड़ी अंगकृष रघुवंशी को कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने रिटेन किया था। उन्होंने 10 मैचों में 269 रन बनाए और 3 अर्धशतक लगाए, लेकिन बड़े मौकों पर उनकी अस्थिरता टीम के लिए चिंता का विषय बनी रही।

    पांचवें नाम समीर रिज़वी का है, जिन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने 95 लाख में रिटेन किया था। उन्होंने सीजन की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी और 90 रनों की पारी खेली थी, लेकिन बाद में उनका प्रदर्शन गिरता चला गया। 11 मैचों में 252 रन ही उनके नाम रहे।

    कुल मिलाकर IPL 2026 में इन पांच खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन ये खिलाड़ी लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाए और फ्रेंचाइजी की निवेश रणनीति पर सवाल खड़े हो गए।

  • CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई।

    अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था।

    उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया।

    अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई।

    अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

  • युवा बल्लेबाज का कमाल, गुजरात ने चेन्नई को आसानी से हराकर बढ़ाई रफ्तार..

    युवा बल्लेबाज का कमाल, गुजरात ने चेन्नई को आसानी से हराकर बढ़ाई रफ्तार..

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के इस मुकाबले में गुजरात की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चेन्नई के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की और अपनी स्थिति को मजबूत किया। मैच में टीम का संतुलित खेल और बल्लेबाजों की आक्रामकता साफ तौर पर देखने को मिली, जिसने मुकाबले को जल्दी ही उनके पक्ष में कर दिया। इस जीत के साथ टीम ने अंक तालिका में बढ़त हासिल की, जबकि दूसरी टीम को थोड़ा पीछे खिसकना पड़ा।

    मुकाबले की शुरुआत में बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की टीम को शुरुआत से ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरने के कारण टीम दबाव में आ गई और बड़ा स्कोर बनाने की राह कठिन हो गई। हालांकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी लेते हुए पारी को संभालने की कोशिश की और कुछ अहम साझेदारियां भी कीं, जिससे स्कोर को एक सम्मानजनक स्तर तक पहुंचाया जा सका।

    चेन्नई के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में स्थिति को संभालने का प्रयास किया और कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़े, लेकिन लगातार विकेट गिरने से टीम बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर सकी। अंततः टीम एक ऐसे स्कोर तक पहुंची, जिसे चुनौतीपूर्ण तो कहा जा सकता था, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा था।

    गुजरात की ओर से गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया और नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इस रणनीति का फायदा टीम को बाद में लक्ष्य का पीछा करते समय मिला।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। शुरुआती बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कप्तान ने तेज पारी खेलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई, जिससे बाकी बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो गया।

    इसके बाद साईं सुदर्शन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने बड़े शॉट्स और बेहतरीन स्ट्रोक प्ले के जरिए रन गति को लगातार बनाए रखा और विपक्षी गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। उनके साथ दूसरे छोर पर मौजूद बल्लेबाज ने भी संयमित और प्रभावी खेल दिखाया, जिससे टीम को लक्ष्य हासिल करने में कोई कठिनाई नहीं हुई।

    सुदर्शन की पारी इस मुकाबले का मुख्य आकर्षण रही, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनकी लगातार अच्छी फॉर्म टीम के लिए सकारात्मक संकेत है और आने वाले मैचों में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

     यह मुकाबला गुजरात के लिए पूरी तरह सफल रहा, जहां टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, चेन्नई को अपनी रणनीति और प्रदर्शन पर दोबारा विचार करने की जरूरत है, ताकि आगामी मैचों में बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकें।

  • 60 तक खेल सकता हूं, MS Dhoni ने IPL भविष्य पर दिया बड़ा संकेत, फैंस में जबरदस्त उत्साह

    60 तक खेल सकता हूं, MS Dhoni ने IPL भविष्य पर दिया बड़ा संकेत, फैंस में जबरदस्त उत्साह


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के एक फैन इवेंट में एम.एस. धोनी ने अपने रिटायरमेंट को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने एक बार फिर चर्चाओं को तेज कर दिया। 44 वर्षीय धोनी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह 60 साल की उम्र तक भी आईपीएल खेल सकते हैं। उनके इस बयान से स्टेडियम में मौजूद फैंस जोश से भर गए।

    चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान अभिनेता शिवकार्तिकेयन ने धोनी से कहा कि वह रिटायरमेंट की बातों को नजरअंदाज कर लंबे समय तक खेलते रहें। इस पर धोनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, मुश्किल होगा लेकिन कोशिश कर सकता हूं। इसके बाद पूरा स्टेडियम ‘धोनी-धोनी’ के नारों से गूंज उठा। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    आईपीएल इतिहास में एम.एस. धोनी का नाम सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार है। उन्होंने अब तक 278 मैचों में 5439 रन बनाए हैं और चेन्नई सुपर किंग्स को 5 बार खिताब दिलाया है। आईपीएल 2026 उनका 19वां सीजन होगा। हालांकि, उन्होंने 2024 से पहले कप्तानी छोड़ दी थी और टीम की जिम्मेदारी ऋतुराज गायकवाड़ को सौंप दी गई थी।

    क्या होगा आखिरी सीजन?
    धोनी के भविष्य को लेकर अटकलें लगातार जारी हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के CEO काशी विश्वनाथन ने संकेत दिए हैं कि धोनी 2026 का सीजन खेलेंगे, लेकिन उनकी भूमिका पहले से अलग हो सकती है।

    पिछले कुछ सीजन में उनके रोल में बदलाव साफ देखा गया है अब वह कप्तान नहीं हैं, निचले क्रम में फिनिशर की भूमिका निभाते हैं और इम्पैक्ट प्लेयर नियम के कारण उनकी भागीदारी सीमित हो गई है।

    टीम में नए खिलाड़ियों के आने से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी भविष्य में साझा की जा सकती है, लेकिन धोनी का अनुभव अब भी टीम के लिए बेहद अहम बना हुआ है। खासकर तब, जब 2025 में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था।

    नई शुरुआत या विदाई का संकेत?

    आईपीएल 2026 चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बदलाव का साल हो सकता है और संभव है कि यह एम.एस. धोनी के करियर का आखिरी अध्याय भी साबित हो। हालांकि फैंस की उम्मीद अब भी कायम है कि ‘माही’ एक बार फिर मैदान पर अपना जादू दिखाएंगे, चाहे वह 60 तक खेलने की बात मजाक में ही क्यों न हो।

  • IPL 2026 में रवींद्र जडेजा नहीं होंगे राजस्थान रॉयल्स के कप्तान, इस 24 साल के भारतीय को सौंपी जिम्मेदारी

    IPL 2026 में रवींद्र जडेजा नहीं होंगे राजस्थान रॉयल्स के कप्तान, इस 24 साल के भारतीय को सौंपी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली ।जस्थान रॉयल्स ने आईपीएल के आगामी संस्करण के लिए शुक्रवार को अपने कप्तान का एलान किया. संजू सैमसन पिछले कई सीजनों से टीम की कमान संभाले हुए थे जो आईपीएल 19वें सीजन से पहले ट्रेड के जरिए चेन्नई सुपर किंग्स में जा चुके हैं. टीम ने सीएसके से राजस्थान में आए अनुभवी खिलाड़ी रवींद्र जडेजा को कमान नहीं सौंपी है रियान पराग को कप्तान नियुक्त किया गया है.

    रियान पराग ने आईपीएल के पिछले संस्करण के 3 मैचों में कप्तानी की थी क्योंकि संजू सैमसन फिट नहीं थे. पराग ने 23 मार्च 2026 को पहली बार सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में कप्तानी की तो वह इस टीम के लिए कप्तानी करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने.

    राजस्थान रॉयल्स के 7वें कप्तान बने पराग

    आईपीएल 2026 से पहले रियान पराग को फुल टाइम कप्तान नियुक्त किया गया है वह इस टीम के लिए कप्तानी करने वाले 7वें खिलाड़ी हैं. शेन वार्न राहुल द्रविड़ स्टीव स्मिथ अजिंक्य रहाणे संजू सैमसन इस टीम के कप्तान रहे हैं.

    रियान पराग आईपीएल रिकॉर्ड
    पराग ने 2019 में राजस्थान रॉयल्स में शामिल किए गए थे तब से वह इसी टीम का हिस्सा रहे हैं. उन्होंने आईपीएल में खेले 84 मैचों में 1566 रन बनाए हैं और 7 विकेट लिए हैं. आईपीएल में वह 7 अर्धशतक लगा चुके हैं उनका सर्वाधिक स्कोर 95 का है. 2024 उनके लिए आईपीएल का सबसे सफल सीजन कहा जा सकता है जिसमें उन्होंने 16 मैचों में 573 रन बनाए थे.

    राजस्थान रॉयल्स स्क्वॉड

    शुभम दुबे वैभव सूर्यवंशी डोनोवन फेरीरा लुआन-ड्रे प्रीटोरियस रवि सिंह अमन रओ पेराला शिमरोन हेटमायर यशस्वी जायसवाल ध्रुव जुरेल रियान पराग युद्धवीर सिंह चरक रवींद्र जडेजा सैम करन जोफ्रा आर्चर तुषार देशपांडे क्वेना मफाका रवि बिश्नोई सुशांत मिश्रा यश राज पुंजा विग्नेश पुथुर बृजेश शर्मा एडम मिल्ने कुलदीप सेन संदीप शर्मा नांद्रे बर्गर.

  • रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल

    रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा का सनसनीखेज आरोप: भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में ‘गलत काम’ करने का इल्जाम, क्रिकेट गलियारों में बवाल


    नई दिल्ली/ भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की पत्नी और गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा के हालिया बयान ने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। रिवाबा ने भारतीय खिलाड़ियों पर विदेशों में अनुचित व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और टीम इंडिया तथा BCCI पर दबाव बढ़ा सकता है।

    पति की तारीफ, अन्य खिलाड़ियों पर आरोप

    रिवाबा जडेजा ने अपने पति की तारीफ करते हुए कहा कि रवींद्र जडेजा को अंतरराष्ट्रीय मैचों और टूर्नामेंटों के लिए विदेशों में कई बार जाना पड़ता है, लेकिन उन्होंने कभी गलत आदतों या अनुचित काम में नहीं पड़ने दिया। वहीं, उन्होंने कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी दौरे पर अनुचित व्यवहार करते हैं।

    रिवाबा ने कहा:
    ऐसा नहीं है कि मेरे पति को किसी ने रोक-टोक किया है। वह भी चाहें तो कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी समझते हुए कभी गलत कदम नहीं उठाए।

    उन्होंने विशेष रूप से यह भी बताया कि उनके पति ने लंदन, दुबई, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में खेलते हुए भी कभी व्यसन या अनुचित काम नहीं किया।

    आईपीएल 2026 में जडेजा का हाई-प्रोफाइल ट्रेड

    वहीं, क्रिकेट के मैदान पर भी रवींद्र जडेजा सुर्खियों में हैं। IPL 2026 के लिए चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने जडेजा को राजस्थान रॉयल्स (RR) के साथ ट्रेड किया है। इस हाई-प्रोफाइल ट्रेंड में RR ने अपने कप्तान संजू सैमसन को CSK को सौंपा और इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन को RR में शामिल किया।

    रवींद्र जडेजा ने साल 2008 में राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में पदार्पण किया था और अब वह एक बार फिर अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी के लिए खेलते नजर आएंगे।

    प्रतिक्रिया और बहस

    रिवाबा जडेजा के बयान पर टीम इंडिया और BCCI की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, उनके आरोपों ने क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञ और फैंस इस मुद्दे पर गहन चर्चा कर रहे हैं और इसे संभावित विवाद के रूप में देख रहे हैं।

    रिवाबा के आरोप न केवल जडेजा के फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हैं, बल्कि पूरे क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी यह एक बड़ा विवाद बन सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्रिकेट गलियारों में लगातार सुर्खियों में रह सकता है।