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  • फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

    फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों और कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह


    नई दिल्ली ।
    फ्रांस में जारी हिंसक प्रदर्शनों और कई शहरों में लगाए गए कर्फ्यू के बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें फ्रांस में रह रहे भारतीयों और वहां यात्रा की योजना बना रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दूतावास ने नागरिकों से प्रदर्शन स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही, बदलते हालात पर नजर रखने के लिए स्थानीय समाचारों और फ्रांस सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेते रहने को कहा गया है।

    दूतावास की सलाह के अनुसार, भारतीय नागरिकों को ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं या बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हैं। विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और पुलिस के साथ झड़पों की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बरतने पर जोर दिया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और परिस्थितियों के अनुसार अपनी आवाजाही तय करें।

    फ्रांस में स्थिति से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए नागरिक gouvernement.fr वेबसाइट देख सकते हैं। किसी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस स्थित भारतीय दूतावास या मार्सिले स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकते हैं। एडवाइजरी में बदलते हालात के बीच सूचनाओं की नियमित निगरानी और सतर्कता को महत्वपूर्ण बताया गया है।

    फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों का दायरा बढ़ने के बीच विभिन्न संगठनों ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है। प्रमुख छात्र संघों और येलो वेस्ट आंदोलन ने शनिवार को रैलियां निकालने का आह्वान किया है। येलो वेस्ट आंदोलन इससे पहले वर्ष 2018 और 2019 में ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में बड़े प्रदर्शन कर चुका है। उस समय आंदोलन का प्रभाव फ्रांस के कई हिस्सों में देखने को मिला था।

    इसके अलावा, ट्रेड यूनियनों ने महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के विरोध में 5 नवंबर को हड़ताल का ऐलान किया है। इससे आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शनों और जन आंदोलनों की गतिविधियां जारी रहने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, इन कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों की स्थिति स्थानीय निर्देशों पर निर्भर करेगी।

    प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद अधिकारियों ने कई शहरों में प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। 17 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़कने के बाद पेरिस के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगाया गया। लिली, लियोन और नीस में भी स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लागू किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि मार्सिले में सभाओं और प्रदर्शनों पर पाबंदियां लगाई गईं। इन कदमों का उद्देश्य प्रभावित इलाकों में व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।

    हिंसा के दौरान गिरफ्तारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, सप्ताहांत में हुई घटनाओं के दौरान हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया और सैकड़ों पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना मिली। हालांकि, इन आंकड़ों की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

    फ्रांस में मौजूदा आंदोलन की शुरुआत सितंबर के अंतिम दिनों में छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी बताई गई है। छात्रों ने स्कूलों की खराब स्थिति, संसाधनों की कमी और कक्षाओं में बढ़ती भीड़भाड़ के खिलाफ विरोध शुरू किया था। बाद में आंदोलन का दायरा बढ़ा और महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत तथा सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित चिंताएं भी इसमें शामिल हो गईं। विभिन्न स्थानों पर लूटपाट, आगजनी और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की घटनाएं सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    ऐसे हालात में भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास की एडवाइजरी महत्वपूर्ण है। फ्रांस में मौजूद भारतीयों और वहां जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों को स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेते रहने, संवेदनशील स्थानों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

  • दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया

    दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 6 जनवरी की रात को हुए हिंसक घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर दिया। एमसीडी द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाने केअभियान के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पथराव किया जिससे पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल तुर्कमान गेट के आस-पास कर्फ्यू जैसे हालात हैं सभी दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। पुलिस ने इलाके को छावनी में बदल दिया है और गली-गली में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाईएमसीडी द्वारा यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी जो लंबे समय से पेंडिंग था। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36 400स्क्वायर फीट इलाके में अवैध रूप से दो मंजिला दीवार और उसके ऊपर एकमंजिला संरचना बनाई गई थी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने 32 बुलडोजरों 4 एक्सकेवेटरों और कई ट्रकों का इस्तेमाल कर इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की पूरी टीम मौके पर मौजूद थी और स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।

    पत्थरबाजी और हिंसा

    जैसे ही बुलडोजर अभियान शुरू हुआ कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिएअतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने इलाके में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है और मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। ड्रोन कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।

    एफआईआर और गिरफ्तारी

    दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दंगा सरकारी कर्मचारी पर हमला और ड्यूटी में रुकावट डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और CCTV फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।

    सीसीटीवी और बॉडी कैमरा फुटेज से आरोपियों की पहचान

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस अधिकारियों के बॉडी कैमरा फुटेज और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा। जॉइंट पुलिस कमिश्नर सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने कहा कि इस तरह के शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए पुलिस को पूरी जानकारी उपलब्ध हो रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि पत्थरबाजी के दौरान उन्होंने अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया।

    तबाही की स्थिति और छावनी जैसा माहौल

    पथराव के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। तुर्कमान गेट क्षेत्र में सभी दुकानें और बाजार बंद हैं और सड़कें वीरान पड़ी हैं। दिल्ली पुलिस रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवान गली-गली में पैट्रोलिंग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने कर्फ्यू जैसी स्थिति बनाए रखने के लिए मुख्य मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया है।तुर्कमान गेट की यह हिंसक घटना दिल्ली में एक और विवादास्पद और संवेदनशील स्थिति का उदाहरण बन गई है। पुलिस और प्रशासन ने प्रभावी सुरक्षा कदम उठाए हैं और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है। हालांकि इस घटना से इलाके में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहरी जांच की जाएगी और जिन लोगों ने हिंसा भड़काई उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।