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  • करवा चौथ पर मौसम ने बिगाड़ा सुहागिनों का इंतजार, शिवपुरी में रातभर होती रही बारिश, घने बादलों में छिपा रहा चांद

    करवा चौथ पर मौसम ने बिगाड़ा सुहागिनों का इंतजार, शिवपुरी में रातभर होती रही बारिश, घने बादलों में छिपा रहा चांद


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। शिवपुरी में भी गुरुवार शाम से मौसम ने अचानक करवट ली और रातभर रुक रुककर बारिश होती रही। आसमान में छाए घने बादलों और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को मौसम में ठंडक का अहसास होने लगा है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं शुक्रवार को अगले 24 घंटे के लिए कई जिलों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को शिवपुरी सहित मध्य प्रदेश के 33 जिलों में तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में जहां लोग सर्दी की शुरुआत महसूस करने लगे हैं वहीं अचानक हुई बारिश ने मौसम को और ठंडा कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    शिवपुरी में गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे मौसम अचानक बदलने लगा। दिनभर के सामान्य मौसम के बाद आसमान में काले बादल छाने लगे और हल्की आंधी चलने लगी। कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा और रात में भी रुक रुककर पानी गिरता रहा। कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई तो कहीं बारिश की गति तेज हो गई। इसके साथ चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को मौसम में बदलाव का एहसास कराया। बारिश के कारण सड़कों और खुले स्थानों पर भी ठंडक बढ़ गई।

    मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक भावनात्मक असर करवा चौथ के त्योहार पर देखने को मिला। गुरुवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा था। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर उपवास रखने के बाद रात में चांद के दर्शन कर पूजा करती हैं और फिर व्रत का पारण करती हैं। शिवपुरी में रात करीब साढ़े आठ बजे चांद निकलने का अनुमानित समय था लेकिन आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। ऐसे में चांद के दीदार का इंतजार कर रही महिलाओं को निराशा का सामना करना पड़ा।

    चांद दिखाई नहीं देने के कारण कई महिलाओं ने पूजा पूरी करने के लिए अलग अलग तरीके अपनाए। कुछ महिलाओं ने दूसरे जिलों में दिखाई दे रहे चांद का लाइव प्रसारण देखकर पूजा की। वहीं कुछ ने थाली में चांद की आकृति बनाकर परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना की। कई महिलाएं देर रात तक आसमान साफ होने और चांद निकलने का इंतजार करती रहीं। बाद में कुछ महिलाओं ने परिवार के बुजुर्गों की सलाह और प्रचलित परंपराओं के अनुसार व्रत का पारण किया। इस तरह मौसम की खराबी ने करवा चौथ के उत्सव को प्रभावित किया।

    मध्य प्रदेश में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में भी मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहना होगा। खासकर उन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है जिन्हें तेज हवाओं और बारिश के दौरान यात्रा करनी पड़ती है। अगले कुछ दिनों में मौसम किस तरह करवट लेता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • MP में 2 नवंबर तक आंधी-बारिश का रहेगा दौर, आज 33 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा

    MP में 2 नवंबर तक आंधी-बारिश का रहेगा दौर, आज 33 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताते हुए शुक्रवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम खराब रह सकता है।

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश से फसलों पर असर, मंडी में भीगा मक्का
    बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा की मंडी में गुरुवार को खुले में रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    रायसेन के दशहरा मैदान में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी अपनी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यहां करीब 200 ट्रॉलियों में धान रखा हुआ था। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इस बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पचमढ़ी में 15.2 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान
    आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय ठंडक बढ़ गई। गुरुवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17 तथा धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।

  • आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का तांडव… 5 की मौत, हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद, CM ने किया राहत का ऐलान

    आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का तांडव… 5 की मौत, हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद, CM ने किया राहत का ऐलान


    विशाखापत्तनम।
    आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के राज्य के तटीय इलाकों से गुजरे इस भीषण चक्रवाती तूफान (Cyclonic storm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि फसलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

    मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार शाम राज्य सचिवालय स्थित रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (आरटीजीएस) केंद्र में हालात की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि तूफान के कारण कई जिलों में जान-माल का नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, राज्य में करीब 15 हजार बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। वहीं, हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं या उन्हें नुकसान पहुंचा है।

    अब ये तूफान ओडिशा में दस्तक दे चुका है। हालांकि पहले से इसकी तीव्रता कम हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चेतावनी दी कि आंध्र प्रदेश में तबाही मचाने के बाद, जैसे-जैसे चक्रवात ओडिशा की ओर बढ़ेगा, मलकानगिरि और अधिक प्रभावित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा, ”सरकार गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट, मलकानगिरि और नबरंगपुर जिलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।”


    कहां कितने लोगों की मौत हुई?

    मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के मुताबिक, चक्रवात के कारण पांच लोगों की जान गई है। इनमें से तीन की मौत विशाखापत्तनम जिले में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से हुई। इसके अलावा अनाकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। नायडू ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।


    3.45 लाख किसानों पर असर, 2.24 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित

    चक्रवात और इसके साथ हुई बारिश ने कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शुरुआती अनुमान में करीब 3.45 लाख किसानों के प्रभावित होने की बात सामने आई है। राज्य के 14 जिलों में 2,24,489 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलें जलमग्न हुई हैं या उन्हें नुकसान पहुंचा है।

    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर फसलों और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कृषि और बागवानी फसलों को लगभग 70,900 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान पहुंचने का अनुमान है। इनमें धान की फसल भी शामिल है। करीब 10,450 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों के जलमग्न होने या क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है।


    प्रभावित किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा?

    – राज्य सरकार ने चक्रवात से प्रभावित किसानों के लिए फसल के प्रकार और नुकसान की सीमा के आधार पर आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
    – कपास और गन्ने की फसल के लिए 25,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी।
    – केले की खेती को नुकसान होने पर 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे।
    – टमाटर की फसल के लिए 25,000 रुपये की सहायता घोषित की गई है।
    – अन्य फसलों के किसानों को सरकार की राहत व्यवस्था के तहत संबंधित श्रेणियों के अनुसार आर्थिक मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नुकसान के ये आंकड़े शुरुआती आकलन पर आधारित हैं। फील्ड सर्वे पूरा होने के बाद इनमें बदलाव हो सकता है। सत्यापन के बाद राज्य सरकार केंद्र को नुकसान का विस्तृत ब्योरा सौंपेगी।


    180 मकान क्षतिग्रस्त, सड़कों पर गिरे 220 से ज्यादा पेड़

    चक्रवात ने बिजली व्यवस्था के साथ-साथ मकानों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 180 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इनमें ज्यादातर मकान कोनसीमा जिले में हैं। राज्य की सड़कों पर 220 से अधिक पेड़ गिर गए थे। इनमें से बुधवार दोपहर तक 170 से ज्यादा पेड़ों को हटाया जा चुका था। तटीय इलाकों में सड़क संबंधी बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि गोदावरी डेल्टा के तटीय इलाकों में तूफान का असर खास तौर पर देखने को मिला। इनमें कोनसीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा और अनाकापल्ली जिले शामिल हैं। विशाखापत्तनम के चार वार्डों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से निपटने के लिए दमकल और आपातकालीन सेवा कर्मियों को 220 से अधिक कॉल मिलीं।


    28 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

    चक्रवात के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एहतियाती कदम के तौर पर 28 हजार से अधिक लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया। मछली पकड़ने वाली सभी नौकाओं को भी वापस बंदरगाह पर बुला लिया गया।

    प्रशासन ने प्रभावित जिलों में चिकित्सा दल, एंबुलेंस, राहत सामग्री, बिजली आपूर्ति बहाल करने वाली टीमें और सड़क से मलबा हटाने वाले कर्मियों को तैनात किया है। जिला कलेक्टरों को मौके पर राहत कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य सरकार ने 14 जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 16 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 11 टीमों को तैनात किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और अन्य केंद्रीय एजेंसियों से लगातार सहयोग देने की अपील की। उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम जल्द भेजने का भी आग्रह किया।

    नायडू ने कहा कि प्रशासन का ध्यान उन परिवारों की मदद पर रहेगा, जिन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा है या जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों से खतरा पूरी तरह टलने तक राहत एवं बचाव दल तैनात रहेंगे।

    125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात अर्नब बुधवार सुबह दो बजे से आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश-यानम तट से गुजरा। उस समय यह अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान था और इसकी अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। सुबह करीब 8:30 बजे यह कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसके बाद हवा की रफ्तार घटकर 110 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे रह गई।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों में तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना थी। इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर चक्रवाती तूफान और फिर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान जताया गया। इसके दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों से गुजरने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने की संभावना थी।


    ओडिशा में भी अलर्ट, 30 हजार से ज्यादा लोगों को निकाला गया

    चक्रवात से प्रभावित ओडिशा में भी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए। बारिश के कारण राज्य में 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने का अभियान जारी था। उन्होंने कहा कि चक्रवात का असर बढ़ने के कारण अगले 24 घंटे बेहद अहम रहने की आशंका थी।

    संवेदनशील इलाकों में कुल 313 राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 60, एनडीआरएफ की नौ और दमकल एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल थीं। राज्य की सभी 19,143 मछली पकड़ने वाली नौकाएं तट पर लौट आई थीं। भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर कुछ सड़कों पर आवाजाही भी रोकी गई।

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ट्रेनों का परिचालन सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। उन्होंने बताया कि 10 स्थानों पर पेड़ गिरने जैसी छोटी बाधाओं को समय रहते दूर कर लिया गया। भुवनेश्वर हवाई अड्डे के निदेशक प्रसन्ना प्रधान के मुताबिक, उड़ानों का परिचालन ज्यादातर सामान्य था, हालांकि एक उड़ान रद्द हुई। प्रभावित विशाखापत्तनम हवाई क्षेत्र से बचने के लिए चेन्नई और हैदराबाद से भुवनेश्वर आने वाली उड़ानों को रायपुर के ऊपर से वैकल्पिक मार्ग दिया गया।

    ओडिशा के नबरंगपुर, रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरि, गजपति और गंजाम जिलों में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया था। इन इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई। हालांकि, राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल ने बताया कि दक्षिणी जिलों के कुछ हिस्सों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं, लेकिन बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं थी।

  • MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम

    MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि भोपाल, ग्वालियर समेत कई शहरों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है। बारिश और बादलों के कारण आज करवा चौथ पर चांद के दीदार में भी परेशानी हो सकती है।

    विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में ज्यादा असर
    बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदला रहा। सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम का असर गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में दिखाई दे सकता है।

    मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताए जाने के साथ सतना, रीवा, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    सिंगरौली में सुबह से बारिश, तेज हवाओं के साथ छाए बादल
    सिंगरौली में गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से जिले में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है।

    भोपाल-ग्वालियर समेत इन जिलों में गरज-चमक के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

    मालवा के कई जिलों में खिल सकती है धूप
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। इन जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट नहीं बताया गया है। हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। लोगों को अपने जिले के ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

    शाजापुर के गिरवर में 12.8 डिग्री तापमान
    बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में 15.2 डिग्री, धार में 15.4 डिग्री और आगर-मालवा में 15.9 डिग्री तापमान रहा। नीमच के मरुखेड़ा और छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आंधी और बारिश के प्रभाव से दिन के तापमान में भी करीब एक डिग्री तक की गिरावट आई है। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 33.2 से 34.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    मानसून की विदाई के बाद भी जारी है बारिश
    मध्यप्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था, लेकिन अब चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से अक्टूबर के आखिरी दिनों में फिर बारिश का दौर बन गया है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।

  • अर्नब’ चक्रवात से MP में बदला मौसम, सतना-कटनी में बारिश से ठंड की दस्तक, करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी

    अर्नब’ चक्रवात से MP में बदला मौसम, सतना-कटनी में बारिश से ठंड की दस्तक, करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश और बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को सतना और कटनी में बारिश दर्ज की गई जबकि महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक मौसम बदला रहने के आसार हैं। दूसरी ओर धार और झाबुआ में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से सुबह के समय ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश आंधी और गरज चमक की संभावना जताई है। ऐसे में अक्टूबर के आखिरी दिनों में लोगों को एक साथ बारिश ठंड और गर्मी के बदलते मिजाज का सामना करना पड़ सकता है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को सीधी सिंगरौली अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा भोपाल नर्मदापुरम भिंड दतिया रायसेन सीहोर विदिशा जबलपुर छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज चमक का दौर देखने को मिल सकता है।

    धार में तापमान में अचानक गिरावट ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। यहां न्यूनतम तापमान मंगलवार को 15.4 डिग्री सेल्सियस था जो बुधवार सुबह घटकर 11.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस तरह केवल एक दिन में पारे में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। सुबह के समय तेज हवाओं और कम तापमान के कारण लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है।

    विंध्य क्षेत्र में भी आसमान पर बादलों का डेरा है। सतना में बुधवार सुबह से बादल छाए रहे जबकि मैहर में कुछ देर के लिए बूंदाबांदी हुई। यहां करीब पांच से सात मिनट तक बारिश होने से बाजार में मौजूद लोगों को अपना सामान बचाना पड़ा। सब्जी मंडी में दुकानदार सामान को भीगने से बचाते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 अक्टूबर के बीच विंध्य क्षेत्र में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को सतना में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

    झाबुआ में भी सुबह की ठंड बढ़ गई है। जिले में न्यूनतम तापमान 27 अक्टूबर को 17.6 डिग्री सेल्सियस था जो 28 अक्टूबर को गिरकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। एक दिन में 3.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दोपहर में तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के कारण गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को हल्की बारिश गरज चमक बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है।

    मौसम में यह बदलाव करवा चौथ के त्योहार पर भी असर डाल सकता है। 29 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव बढ़ने की संभावना के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 11 जिलों में अति भारी और नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। बादल घने रहने पर चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना नहीं है। लोगों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और बारिश व तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित

    MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को 31 जिलों में मौसम प्रभावित रह सकता है, जबकि सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम का सबसे ज्यादा असर 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

    29 अक्टूबर को बढ़ेगा बारिश का असर

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई है। इस दिन प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश का दौर रह सकता है। करवा चौथ भी इसी दिन है, ऐसे में बादलों के कारण कई इलाकों में चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।

    पूर्वी MP में ज्यादा असर, पश्चिमी जिलों में धूप

    चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं है। इन क्षेत्रों में धूप निकलने की संभावना है।

    धार में सुबह के तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट

    चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। धार जिले में तेज हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री पर पहुंच गया। यानी एक दिन में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    मंगलवार को धार में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

    बारिश से धान की फसल को नुकसान, गेहूं की बुआई पर भी असर संभव

    चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होने पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की खेती होती है। ऐसे में लगातार या तेज बारिश से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने के काम में परेशानी आ सकती है।

    रीवा संभाग में किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने या कृषि कार्यों में बाधा आने से बुआई प्रभावित हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज प्रमुख खरीफ फसलें हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक असर उसकी मात्रा, अवधि और फसल की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।

    पूर्वी हिस्से में मानसून के दौरान हुई थी ज्यादा बारिश

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। अब चक्रवाती सिस्टम का असर भी इसी क्षेत्र में ज्यादा रहने का अनुमान है। बारिश से भूमिगत जलस्तर को फायदा मिल सकता है, हालांकि इसका लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि पानी का कितना हिस्सा जमीन में समाता है।

    शाजापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री

    भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात की ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन में कई शहरों का तापमान अब भी 34 से 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में अधिकतम तापमान 34.3 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।