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  • LPG उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश… त्योहारी सीजन में नहीं होगी सिलेंडर की किल्लत

    LPG उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश… त्योहारी सीजन में नहीं होगी सिलेंडर की किल्लत


    नई दिल्ली।
    मोदी सरकार (Modi government) किसी भी कीमत पर एलपीजी (LPG) की किल्लत नहीं होने देना चाहती। आने वाले त्योहारी और शादियों के सीजन (Festive and Wedding season) से पहले सरकारी और प्राइवेट 21 कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के सख्त आदेश दिए गए हैं। क्योंकि, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर अनिश्चितता आयात पर खतरा पैदा कर रही है।


    सरकार का 13 अगस्त का निर्देश क्या कहता है

    13 अगस्त की सरकारी सूचना के अनुसार, निजी और सरकारी रिफाइनरियों, साथ ही तेल और गैस उत्पादक कंपनियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के लिए “सभी तकनीकी और आर्थिक रूप से संभव कदम” उठाने का आदेश दिया गया है। इसमें नेफ्था को एलपीजी में बदलने जैसे वैकल्पिक तरीकों को अपनाने की भी बात कही गई है।


    त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया गया उत्पादन

    युद्ध से पहले घरेलू रिफाइनरियां रोजाना लगभग 36,000 टन एलपीजी का उत्पादन करती थीं। पारंपरिक त्योहारी सीजन सितंबर से शुरू होकर नवंबर में दिवाली के दौरान चरम पर होता है। इस दौरान बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उन्होंने पहले ही उत्पादन बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया है।


    कंपनियों को मिला नया लक्ष्य और जिम्मेदारी

    सरकार चाहती है कि उद्योग निर्धारित समय-सीमा के भीतर 63,810 टन प्रतिदिन उत्पादन करने में सक्षम हो जाए। सूचना में सभी रिफाइनरियों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की घरेलू बाजार पर केंद्रित इकाई को सबसे बड़ा लक्ष्य (18,000 टन प्रतिदिन) दिया गया है, जबकि उसकी निर्यात-केंद्रित स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) रिफाइनरी को इससे छूट दी गई है।

    सरकारी कंपनियों ओएनजीसी, ऑयल इंडिया और राष्ट्रीय गैस पाइपलाइन कंपनी गेल को भी कुल राष्ट्रीय लक्ष्य का लगभग दसवां हिस्सा पूरा करने को कहा गया है।


    आयात पर निर्भरता और खाड़ी संकट

    भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग दो-तिहाई (66%) हिस्सा आयात करता है। इसमें से करीब 90% सप्लाई फारस की खाड़ी के रास्ते से होकर आती है। मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद जब सप्लाई बाधित हुई, तो भारत में LPG की भारी कमी हो गई थी। इस संकट के दौरान हफ्तों तक लोगों को बायोमास और मिट्टी के तेल (केरोसिन) जैसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले विकल्पों का सहारा लेना पड़ा था।


    वैकल्पिक सप्लाई की चुनौती

    रेटिंग एजेंसी ICRA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत वशिष्ठ ने कहा, “लंबे समय तक चले इस युद्ध के कारण सरकार घरेलू एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करना चाहती है।” उन्होंने बताया कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से वैकल्पिक आपूर्ति लाने में बहुत अधिक समय लगता है, जिससे लागत बढ़ जाती है और इन सप्लाई के लिए महीनों पहले ही इंतजाम करने पड़ते हैं।

  • घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत

    घरेलू रसोई गैस की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं, देशभर में उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिली बढ़ोतरी से राहत


    नई दिल्ली ।
    देशभर में रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 14 अगस्त को राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों ने आज घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के साथ 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम भी आज स्थिर रखे गए हैं। ऐसे में दिल्ली से पटना और मुंबई से हैदराबाद तक ग्राहकों को आज सिलेंडर के लिए वही कीमत चुकानी होगी जो पहले लागू थी।

    दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये पर बना हुआ है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर 941.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,691.50 रुपये में उपलब्ध है। नोएडा में घरेलू LPG की कीमत 939.50 रुपये, जबकि कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,738 रुपये है।

    जयपुर में घरेलू LPG सिलेंडर के लिए 945.50 रुपये देने होंगे। यहां 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,765.50 रुपये है। हैदराबाद में घरेलू सिलेंडर का भाव 994 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,985 रुपये है। वहीं पटना में घरेलू LPG सिलेंडर 1,031.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 3,018 रुपये में मिल रहा है।

    चंडीगढ़ में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 951.50 रुपये है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर का भाव 2,760 रुपये है। कोलकाता में घरेलू LPG सिलेंडर 968 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 2,872.50 रुपये में उपलब्ध है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर स्थानीय करों और अन्य लागतों के कारण देखने को मिलता है।

    महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 192 रुपये की बड़ी कटौती की गई थी। इसके बाद 14 अगस्त को कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखने से आम परिवारों के मासिक रसोई खर्च पर फिलहाल अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा है।

    वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत LPG की आपूर्ति को लेकर भी अपनी रणनीति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए भारत अलग-अलग देशों से LPG आपूर्ति हासिल करने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य किसी एक क्षेत्र या आपूर्तिकर्ता पर अत्यधिक निर्भरता कम करना है।

    अमेरिका से LPG आयात भी भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस वर्ष अगस्त तक अमेरिका से भारत को करीब 3.9 मिलियन टन LPG की आपूर्ति हो चुकी है। भारत 2027 के लिए अमेरिकी LPG की दीर्घकालिक आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

    सरकारी तेल कंपनियां संभावित आपूर्तिकर्ताओं और उनके प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और LPG की कीमतों, आयात लागत तथा वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है। फिलहाल 14 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर के दाम स्थिर हैं और उपभोक्ताओं को किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

  • LPG उपभोक्ता 16 अगस्त से पहले जरूर करा लें ये काम… वरना, सिलेंडर पाने में होगी दिक्कत

    LPG उपभोक्ता 16 अगस्त से पहले जरूर करा लें ये काम… वरना, सिलेंडर पाने में होगी दिक्कत


    नई दिल्ली।
    आप एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) यूज करते हैं, तो फिर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (Registered Mobile Number) पर भी एक मैसेज आया होगा, जिसमें e-KYC पूरा करने का अलर्ट (LPG e-KYC Alert) दिया गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से भेजे गए इस एसएमएस में एलपीजी यूजर्स को ये जरूरी काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है. इसके लिए डेडलाइन 16 अगस्त तय की गई है, ऐसे में अगर ये लास्ट डेट चूक जाती है, तो फिर एलपीजी सिलेंडर पाने में मुश्किल हो सकती है, इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी सरकारी सब्सिडी में रुकावट पेश आ सकती है।


    राहत के साथ अगस्त की शुरुआत

    अगस्त महीने की शुरुआत एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी हुई. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 अगस्त 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती कर राहत दी. हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर (14 Kg LPG Cylinder) का दाम जस का तस रखा गया. इसके साथ ही कंपनियों ने अलर्ट भी जारी किया है कि सिलेंडर की सप्लाई सुचारू पाने के लिए फटाफट ई-केवाईसी करा लें।

    घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर नजर डालें, तो दिल्ली में सिलेंडर की कीमत (Delhi LPG Cylinder Price) 942 रुपये, कोलकाता में दाम (Kolkata LPG Cylinder Price) 968 रुपये, मुंबई में कीमत 941.50 रुपये और चेन्नई में ये 957.50 रुपये है।


    SMS अलर्ट के जरिए चेतावनी

    घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को 16 अगस्त तक ये आधार बेस्ड ई-केवाईसी सत्यापन प्रोसेस पूरा करना है और इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने उन्हें एसएमएस अलर्ट भेजना भी शुरू कर दिया है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि जो लोग डेडलाइन तक ये काम पूरा नहीं करते हैं, तो फिर अधिसूचित घरेलू दर पर LP Cylinder खरीदने में दिक्कत पेश आ सकती है. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को भी तय की गई लास्ट डेट तक LPG e-KYC पूरा करना जरूरी है।

    बता दें 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के देश में अब तक 10 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी हैं और इसके तहत उन्हें हर साल चार एलपीजी सिलेंडर की रिफिल पर 300 रुपये का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मिलता है. इससे पहले 9 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलते हैं, जिसका नियम बीते जून महीने में ही बदला गया है।


    घर बैठे कर सकते हैं काम पूरा

    ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से भी लगातार एसएमएस के जरिए अलर्ट भेजा जा रहा है. इनमें कहा गया है, ‘प्रिय ग्राहक, घरेलू दरों पर एलपीजी सिलेंडर पाने के लिए आपको e-KYC करना जरूरी है, पहले भी कई बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं किया है।

    IOCL की ओर से इस जरूरी काम के लिए अलर्ट भेजने के साथ ही घर बैठे इसे पूरा करने का प्रोसेस भी शेयर किया गया है. मैसेज में आगे कहा गया है कि आप इंडियनऑयल वन ऐप (Indian Oil One App) के माध्यम से घर बैठे, अपने डिस्ट्रिब्यूटर के पास जाकर या डिलीवरी कर्मी के जरिए ई-केवाईसी प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं. इसमें साफ कहा गया है कि, ’16 अगस्त 2026 तक ये काम पूरा न करने पर, इसके पूरा होने तक आप घरेलू दरों पर सिलेंडर प्राप्त करने के पात्र नहीं रहेंगे. कृपया जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरा करें।

  • एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    नई दिल्ली । देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी हो गया है। गैस कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और प्रमाणित बनाने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर e-KYC कराने की सलाह दी गई है। यदि तय अवधि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो भविष्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति या उससे जुड़ी कुछ सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।

    e-KYC का उद्देश्य उपभोक्ताओं की पहचान का सत्यापन करना और एलपीजी कनेक्शन से संबंधित जानकारी को अद्यतन रखना है। इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी। साथ ही गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे 16 अगस्त की निर्धारित समय सीमा से पहले अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए गैस एजेंसी, अधिकृत सेवा केंद्र या उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

    e-KYC के दौरान आधार से जुड़ी जानकारी और बायोमेट्रिक अथवा अन्य निर्धारित पहचान प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ता का सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित गैस कनेक्शन का रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी परेशानी की संभावना कम हो जाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर e-KYC पूरा करने से उपभोक्ताओं को गैस वितरण, सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की जानकारी अपडेट नहीं होगी, उन्हें भविष्य में सेवा प्राप्त करने के दौरान अतिरिक्त सत्यापन या अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ सकता है।

    ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए भी यह प्रक्रिया समान रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियां लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करा रही हैं, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता समय सीमा के कारण असुविधा का सामना न करे। वरिष्ठ नागरिकों और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोगों को भी परिवार या स्थानीय सेवा केंद्र की मदद से यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है।

    उपभोक्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके मोबाइल नंबर, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण गैस कनेक्शन के रिकॉर्ड में सही दर्ज हों। यदि किसी जानकारी में बदलाव हुआ है, तो उसे e-KYC के दौरान अपडेट कराया जा सकता है। इससे भविष्य में गैस बुकिंग, वितरण और अन्य सेवाओं में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अंतिम समय तक प्रतीक्षा करने के बजाय जल्द से जल्द e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। समय सीमा के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने से गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति, रिकॉर्ड का सही रखरखाव और सभी उपलब्ध सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा।

  • 14.2 किलो और 19 किलो LPG सिलेंडर की ताजा कीमतें जारी, घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल रेट भी जानिए

    14.2 किलो और 19 किलो LPG सिलेंडर की ताजा कीमतें जारी, घरेलू गैस के दाम स्थिर, कमर्शियल रेट भी जानिए

    नई दिल्ली । देशभर में रसोई गैस का उपयोग करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए 21 जुलाई को राहत की खबर है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों की ओर से इस महीने की शुरुआत में जो दरें तय की गई थीं, वही आज भी लागू हैं। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग पहले की निर्धारित कीमत पर ही करानी होगी। एलपीजी की कीमतें पेट्रोल और डीजल की तरह प्रतिदिन नहीं बदलतीं, बल्कि सामान्य तौर पर प्रत्येक महीने की पहली तारीख को उनकी समीक्षा की जाती है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये बनी हुई है। मुंबई में इसकी कीमत 941.50 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है। इसके अलावा चंडीगढ़ में घरेलू सिलेंडर 951.50 रुपये, देहरादून में 961 रुपये, हैदराबाद में 934 रुपये, भुवनेश्वर में 968 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 951 रुपये की दर से उपलब्ध है। अलग-अलग राज्यों में कर और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में कुछ अंतर देखने को मिलता है।

    व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में इसका दाम 2930 रुपये है, जबकि मुंबई में यह 2885.50 रुपये में उपलब्ध है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3082 रुपये और चेन्नई में 3106 रुपये निर्धारित है। चंडीगढ़ में इसकी कीमत 2954.50 रुपये, देहरादून में 2983.50 रुपये, हैदराबाद में 2052.50 रुपये, भुवनेश्वर में 3115 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 2970.50 रुपये बनी हुई है। इन दरों का असर होटल, रेस्तरां, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत पर पड़ता है।

    घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर मुख्य रूप से घरों में भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि 19 किलोग्राम का कमर्शियल सिलेंडर होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में अधिक मात्रा में गैस की आवश्यकता को पूरा करता है। दोनों श्रेणियों की कीमतें अलग-अलग निर्धारित की जाती हैं और इनमें बदलाव बाजार की परिस्थितियों तथा अंतरराष्ट्रीय एलपीजी कीमतों के आधार पर किया जाता है।

    इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया था, जबकि घरेलू सिलेंडर के दाम यथावत रखे गए थे। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू गैस की कीमतों में स्थिरता से आम परिवारों के मासिक बजट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि व्यावसायिक क्षेत्र की लागत पर कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों का सीधा असर दिखाई देता है।

    अब उपभोक्ताओं की निगाहें अगले मूल्य संशोधन पर टिकी हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव होता है, तो आगामी महीने की शुरुआत में नई दरें घोषित की जा सकती हैं। फिलहाल 21 जुलाई को देशभर में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर निर्धारित मौजूदा कीमतों पर ही उपलब्ध हैं और उपभोक्ताओं को किसी अतिरिक्त बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत…. PNG कनेक्शन लेने पर सरेंडर नहीं होगा सिलेंडर, बदला नियम!

    LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत…. PNG कनेक्शन लेने पर सरेंडर नहीं होगा सिलेंडर, बदला नियम!


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं (Domestic LPG consumers) को राहत देने के लिए एलपीजी सप्लाई और वितरण नियमों में बड़ा बदलाव किया है. केंद्र सरकार ने 25 मई 2026 को ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (रेगुलेशन ऑफ सप्लाई एंड डिस्ट्रीब्यूशन) संशोधन आदेश 2026’ को अधिसूचित किया. इस संशोधन का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा देना है, जिन्होंने PNG कनेक्शन ले लिया है।

    ऐसे में नए नियमों के तहत पीएनजी लेने पर अब उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए सरेंडर करने की मजबूरी नहीं होगी।

    दरअसल, मिडिल ईस्ट संकट के चलते एलपीजी सिलेंडरों को लेकर चल रही वेटिंग को कम करने के लिए सरकार लोगों को लगातार पीएनजी कनेक्शन लेने की सलाह दे रही है. इसको लेकर हाल ही में सरकार ने पीएनजी कनेक्शन के आवेदन पर 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे. इस बीच सरकार पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को और सुविधा देने जा रही है।

    पेट्रोल-डीजल के स्टॉक पर सरकार का बड़ा बयान
    अब नए नियमों के तहत एलपीजी उपभोक्ताओं के पास दो विकल्प होंगे. पहला, यदि किसी उपभोक्ता ने PNG कनेक्शन ले लिया है तो वह 30 दिनों के भीतर अपने एलपीजी कनेक्शन को बंद कराने के लिए आवेदन कर सकता है. दूसरा, उपभोक्ता चाहें तो भविष्य में एलपीजी कनेक्शन दोबारा शुरू कराने के लिए ट्रांसफर वाउचर प्राप्त कर सकते हैं.

    सरकार के अनुसार यह ट्रांसफर वाउचर उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से ऐसे क्षेत्रों में स्थानांतरित होते रहते हैं जहां PNG की सुविधा उपलब्ध नहीं है. ऐसे मामलों में उपभोक्ता भविष्य में गैर-PNG क्षेत्र में जाने पर आसानी से अपना एलपीजी कनेक्शन फिर से बहाल करा सकेंगे।

    यह नई व्यवस्था विशेष रूप से ट्रांसफरेबल नौकरी करने वाले कर्मचारियों, प्रवासी परिवारों, किराएदारों, छात्रों और उन परिवारों के लिए लाभकारी मानी जा रही है जो समय-समय पर शहर बदलते रहते हैं।

    सरकार का कहना है कि इस संशोधन से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी और उन्हें बार-बार नए एलपीजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. साथ ही PNG और LPG दोनों सुविधाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

  • MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा

    MP: ग्वालियर में छुट्टी के दिन खुलीं LPG एजेंसियां, भोपाल-हरदा में सिलेंडर की किल्लत से हंगामा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में LPG संकट से थोड़ी राहत मिलने लगी है। सोमवार को ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर साप्ताहिक छुट्टी के दिन भी गैस एजेंसियां खुलीं और बुकिंग के आधार पर सिलेंडर की डिलिवरी शुरू हुई। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग की 40% समस्या अब खत्म हो गई है।

    भोपाल में हंगामा
    भोपाल के टीटी नगर दशहरा मैदान में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से भरा एक ट्रक पहुंचा। सिलेंडर बांटने के बाद 50 से अधिक लोग खाली हाथ रह गए, जिससे वहां हंगामा हो गया। ग्राहकों का कहना था कि सिलेंडर यहीं मंगवाए जाएं, जबकि कर्मचारियों ने उन्हें एजेंसी जाने के लिए कहा। एक घंटे के बाद कर्मचारियों ने अतिरिक्त ट्रक की व्यवस्था कर लोगों की समस्या दूर की।

    हरदा में भी लगी लंबी लाइन
    हरदा में एलपीजी एजेंसियों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। लोग सुबह से ही सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में खड़े हैं।

    होटल इंडस्ट्री में राहत
    एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, “लगातार 6-7 दिन से प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला। अब सरकार ने हमें भी सिलेंडर देने की बात कही है। यह हमारे लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा है।”
    सिलेंडर की कमी के कारण प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन, डीज़ल भट्ठी आदि की सुविधा की गई थी, लेकिन यह काफी खर्चीला था।

    भोपाल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू
    भोपाल गैस एजेंसियों के मुताबिक, सोमवार से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो गई है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि अब होटल संचालक इंडक्शन, इलेक्ट्रिक ग्रिडल और फ्रायर की जगह सिलेंडर का उपयोग कर सकेंगे।

    ग्वालियर में सभी एजेंसियां खुलीं
    ग्वालियर में कलेक्टर रुचिका चौहान के आदेश पर सभी एलपीजी एजेंसियां खुलीं। एजेंसी संचालक धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि पिछले 3-4 दिन से सॉफ्टवेयर समस्या के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी। सोमवार से सभी को गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और कोई कमी नहीं है।