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  • J&K: HC का बड़ा फैसला… श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील में पेट्रोल-डीजल मोटरबोट और जेट स्की पर लगाया बैन

    J&K: HC का बड़ा फैसला… श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील में पेट्रोल-डीजल मोटरबोट और जेट स्की पर लगाया बैन


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट (Jammu & Kashmir and Ladakh High Court) ने श्रीनगर (Srinagar) की प्रसिद्ध डल झील (Famous Dal Lake) में पेट्रोल और डीजल से संचालित सभी प्रकार की मोटरबोट्स और जेट स्की के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश झील के लगातार घटते जलस्तर और बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के मद्देनजर दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन किए जाने पर अवमानना की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने झील में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सोलर और ई-बोट्स के उपयोग की संभावनाएं तलाशने को कहा है।

    मुख्य न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति राजेश सेखरी की खंडपीठ ने मोहम्मद रफीक मीर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिबंध का आदेश दिया है। पीठ ने कहा कि अगले आदेश तक डल झील में ईंधन से चलने वाली कोई भी मोटरबोट, चाहे वह शिकारा मोटरबोट हो या जेट स्की… न चलाई जाए।

    इसके साथ ही लेक कंजर्वेशन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एलसीएमए), पर्यटन विभाग और जम्मू-कश्मीर पुलिस को निर्देश दिया है कि वे झील में किसी भी तरह की ईंधन आधारित मोटरबोट या जेट स्की का चलना पूरी तरह बंद कराएं। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं, कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में तैनात नावों को इस पाबंदी से छूट दी गई है। इसके अलावा, राज्य प्रशासन को विशेषज्ञों की सलाह से एक व्यापक नीति तैयार करने को कहा गया है, ताकि पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन साधा जा सके।


    पारिस्थितिकी व पर्यटन में संतुलन जरूरी

    पीठ ने टिप्पणी की कि जलस्रोतों और झीलों का संरक्षण मौजूदा सभ्यता के लिए सबसे अहम चुनौती है। ऐसे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोकना अनिवार्य है। अदालत ने सुझाव दिया कि पर्यावरण व पर्यटन दोनों को सुरक्षित रखने के लिए सोलर और इलेक्ट्रिक बोट्स एक प्रभावी समाधान साबित हो सकती हैं। खंडपीठ ने वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोहसिन कादरी को निर्देश दिया कि वे 30 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई में यह रिपोर्ट दाखिल करें कि क्या सभी मशीनीकृत इंजनों को पूरी तरह से सौर ऊर्जा संचालित ई-इंजनों में तब्दील किया जा सकता है।

  • मप्रः अब भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव

    मप्रः अब भोपाल में पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव


    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ

    भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा।

    यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भोपाल के बोट क्लब पर ‘शिकारा नाव’ सेवा को झंडी दिखाने के बाद कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। उन्हाेंने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।

    शिकारे की सैर का लिया आनंद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को झंडा दिखाने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाघ और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

    देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है : हरियाणा वि.स. अध्यक्ष हरविंदर

    शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आएं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है।

    उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।

    इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।