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  • दमोह में दर्दनाक हादसा: दवा मिले गेहूं की जहरीली गैस से चार मासूम बेहोश, 5 वर्षीय बच्चे की मौत, तीन की हालत गंभीर

    दमोह में दर्दनाक हादसा: दवा मिले गेहूं की जहरीली गैस से चार मासूम बेहोश, 5 वर्षीय बच्चे की मौत, तीन की हालत गंभीर

    मध्य प्रदेश: के दमोह जिले में एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज संरक्षण के लिए उपयोग की जाने वाली कीटनाशक दवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिण्डोरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में एक ही परिवार के चार मासूम बच्चे रात के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसके तीन भाई-बहनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार परिवार द्वारा घर में रखे गेहूं को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए उसमें विशेष कीटनाशक दवा का उपयोग किया गया था। यह अनाज उसी कमरे में रखा हुआ था जहां बच्चे रात में सो रहे थे। कमरे के अपेक्षाकृत बंद वातावरण में दवा से निकलने वाली गैस और तीखी दुर्गंध धीरे-धीरे पूरे कमरे में फैल गई। रातभर बच्चे उसी वातावरण में सांस लेते रहे, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

    सुबह परिजनों ने बच्चों को अचेत अवस्था में देखा तो घर में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल चारों बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने एक पांच वर्षीय बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में शोक का माहौल छा गया। वहीं अन्य तीन बच्चों को गंभीर स्थिति में भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार तीनों बच्चों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जहरीली गैस के प्रभाव को देखते हुए उपचार की प्रक्रिया बेहद सावधानी से की जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मृत बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि अनाज में कौन-सी दवा का उपयोग किया गया था और उससे सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अनाज को सुरक्षित रखने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली कुछ कीटनाशक दवाएं अत्यंत जहरीली गैस छोड़ सकती हैं। यदि इनका उपयोग बंद कमरों या रिहायशी क्षेत्रों में किया जाए तो यह मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी समस्याओं से ग्रस्त लोगों पर इसका प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर किसान फसलों और अनाज को कीटों से बचाने के लिए विभिन्न प्रकार की रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इनके उपयोग के दौरान निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं करने पर ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कीटनाशक मिले अनाज को हमेशा हवादार स्थानों पर रखा जाना चाहिए और उसे आवासीय कमरों से दूर रखना आवश्यक है।

    यह घटना न केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि ग्रामीण समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। अनाज संरक्षण में प्रयुक्त रसायनों के सुरक्षित उपयोग और जागरूकता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की पीड़ा का सामना न करना पड़े।

  • पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा, दमोह में पंचायत सचिव रंगे हाथ पकड़ा गया

    पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का खुलासा, दमोह में पंचायत सचिव रंगे हाथ पकड़ा गया


    नई दिल्ली।  दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक की तेजगढ़ ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत सचिव जुगराज सिंह लोधी को सागर लोकायुक्त पुलिस ने 6000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई सोमवार दोपहर पंचायत भवन में की गई। लोकायुक्त टीम ने सचिव को रिश्वत लेते पकड़ने के बाद पंचायत चौकीदार गुड्डा रैकवार को भी आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि रिश्वत की रकम सचिव ने लेने के बाद चौकीदार को थमा दी थी।

    हाथ धुलवाए तो निकला लाल रंग
    लोकायुक्त अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए, जिसमें उनके हाथों से लाल रंग निकल आया। इससे यह साफ हो गया कि दोनों ने रिश्वत के नोटों को छुआ था।
    यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस द्वारा पूर्व योजना के तहत की गई थी।

    पीएम आवास की दूसरी किस्त रोककर बनाया दबाव
    तेजगढ़ निवासी महेंद्र कोष्ठी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत हुए थे।
    महेंद्र के अनुसार, दूसरी किस्त जारी करने के बदले पंचायत सचिव ने 15 हजार रुपये की मांग की थी। जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो उनकी किस्त रोक दी गई।

    पहले 4 हजार दिए, फिर लोकायुक्त को दी सूचना
    पीड़ित ने बताया कि सचिव ने बाद में रकम घटाकर 6000 रुपये कर दी थी। महेंद्र पहले ही 4000 रुपये दे चुके थे और बाकी रकम देते समय उन्होंने लोकायुक्त पुलिस को सूचना दे दी।
    16 अप्रैल को सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज होने के बाद टीम ने जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
    लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की ने बताया कि पंचायत सचिव जुगराज सिंह और चौकीदार गुड्डा रैकवार दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

    सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की यह घटना एक बार फिर व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। गरीबों के लिए बनी योजनाओं में रिश्वतखोरी आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रही है। लोकायुक्त की कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
  • दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक

    दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक


    दमोह, 24 अप्रैल:
    जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्था को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में विभिन्न गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने के लिए अब ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।

    इसी क्रम में कलेक्टर ने 25 अप्रैल को गौशाला संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में गौशालाओं के संचालन, उपलब्ध संसाधनों, साफ-सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य, चारे-पानी की व्यवस्था और गौवंश की समुचित देखभाल जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई गौशालाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिससे गौवंश के रखरखाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन अब इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने जा रहा है, ताकि हर गौशाला में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

    कलेक्टर श्री यादव ने आमजन से भी इस पहल में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही गौशालाओं की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिक अपने सुझाव देकर इस अभियान को मजबूत बना सकते हैं।

    प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिले की सभी गौशालाओं में गौ माताओं को बेहतर सुविधा, पर्याप्त पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी देखभाल उच्च स्तर पर सुनिश्चित हो सके।

  • दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई

    दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई


    दमोह । दमोह शहर में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार शहर में लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 4 करोड़ 68 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे वसूलने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
    बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटने की कार्रवाई के बावजूद कई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए हैं। ऐसे मामलों में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच के लिए मामला सौंपा है। ये आरोपी अवैध रूप से लाइन से छेड़छाड़ कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
    विभाग ने बकाया राशि जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 एवं 147 के तहत आरआरसी नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।इसी क्रम में अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में 24 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान फीडर नंबर 24 में कार्रवाई करते हुए शिवशक्ति मंदिर के पास रहने वाली माया/देवेंद्र जाटव, जिन पर 64 हजार रुपये बकाया था, तथा मल्लपुरा नया बाजार क्षेत्र के निवासी दयाशंकर/डल्लू प्रसाद अहिरवार, जिन पर 42,178 रुपये बकाया था, के दो वाहनों को जब्त किया गया।
    अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क कर नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक अभियंताओं को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे राजस्व वसूली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
    अपील:
    बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करें, अन्यथा उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

  • MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

    MP: दमोह में भाईदूज पर बहन के घर जा रहे नाबालिग का हथौड़े से सिर फोड़ा….फिर खून पीया और मांस खाया

    दमोह। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दमोह जिले (Damoh district) से हत्या की

    Damoh

    खौफनाक वारदात का मामला सामने आया है, यहां एक शख्स ने हथौड़े से 15-20 वार कर नाबालिग (Minor) का सिर फोड़ दिया और उसकी नृशंस हत्या कर दी। आरोप है कि सिर फोड़ने के बाद आरोपी शख्स ने ना केवल नाबालिग का खून पिया, बल्कि उसका भेजा निकालकर भी खाया। इस वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है। वारदात की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। आरोपी अपनी पत्नी की हत्या के मामले में जेल की सजा भी काट चुका है

    यह वारदात दमोह जिले में देहात थाना क्षेत्र में भाई दूज पर बहन के घर जा रहे एक नाबालिग के साथ हुई। इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा भाईदूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आ रहा था, लेकिन बहन के घर पहुंचने से पहले ही यहां गांव में रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने भरत के सिर पर पहले रॉड से हमला किया, फिर इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया है।


    कजिन बोला- उसने मेरे सामने भाई का भेजा खाया

    इस दौरान भरत के साथ मौजूद मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि हम रास्ते में पहुंचे ही थे कि आरोपी ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, मैं तो किसी तरह बच गया, लेकिन आरोपी ने मेरे सामने भरत की हत्या कर दी और उसका मांस (भेजा) खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया।


    वारदात के बाद आरोपी भागकर खेतों में छुपा

    प्राप्त जानकारी के अनुसार वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा और जाकर खेतों में छिप गया। ग्रामीणों ने उसका पीछा किया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी करते हुए उसे दबोचा। हालांकि आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिसके चलते कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। आरोपी की पहचान गुड्डा पटेल के रूप में हुई है।


    आरोपी ने 20 साल पहले की थी पत्नी की हत्या

    ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी गांव में ही घूमता रहता था और 20 साल पहले उसने अपनी पत्नी की हत्या की थी। इस मामले में वह जेल की सजा काट चुका है और 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। आरोपी के घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो चुकी है, और उसका बेटा उससे अलग रहकर खेती करता है।

    मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है और गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर वारदात की वजह जानने की कोशिश की जा रही है।

  • नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नोहलेश्वर महादेव की महिमा ऐसी है जो यहाँ एक बार आता है, उसका मन बार-बार यहां आने को करता है। कृपावंत, कृपाशंकर भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से हम प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नोहलेश्वर महोत्सव आस्था ही नहीं, स्थानीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। हमारी सरकार आस्था के स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दमोह जिले के ग्राम नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। साथ ही नोहलेश्वर मंदिर परिसर और मेला परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण के उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में 2 करोड़ रूपए की लागत से गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। दमोह जिले में बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता में वृद्धि कर 600 करोड़ रूपए की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी। इससे जिले के 33 गांवों के खेतों को सिंचाई के लिये भरपूर पानी मिलेगा। दमोह में 10 करोड़ रूपए की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूखेड़ा और हटा में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का अभिनंदन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दमोह के साथ पूरे बुंदेलखंड के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ की नई योजना को स्वीकृति दी गई है। दमोह के लिए नया फोर लेन भी मंजूर किया गया है। दमोह में पर्यटन के साथ उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में समान रूप से प्रयास कर रही है। दमोह जिले में जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए जैविक हाट लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 69 जैविक हाटों में 28 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किसानों को खाद वितरण के लिए की गई ई-टोकन की व्यवस्था की सराहना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी खुशहाली और समृद्धि से ही देश खुशहाल बनेगा। उन्होंने कहा कि हम खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहन दे रहे हैं। कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण बढ़ाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पशुपालन से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमने प्रदेश का दूध उत्पादन 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। हमारी सरकार पशुपालन, गौपालन और गौ-संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसी भी देश के साथ रिश्तों में किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं किया। खेतों में किसान और सीमा पर जवान, दोनों हमारे लिए बराबर सम्मान रखते हैं। राज्य सरकार किसानों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख रही है। विकास कार्यों को गति देने में हमारी सरकार सदैव जनता के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का स्थान सर्वोपरि है। हम अपने देश को भी माता का दर्जा देते हुए भारत माता कहकर सम्मान देते हैं। माताएं-बहनें हमारे परिवार की गरिमा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हमेशा लाड़ली बहनों के साथ है। लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। वे अपनी मेहनत और निष्ठा से पूरे कुल, खानदान, परिवार का लालन-पालन करती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में औद्योगिक प्रक्षेत्र के विकास के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो फसल सोने जैसी हो जाती है। दमोह जिले को देश की पहली नदी जोड़ो केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी और गीता जयंती को भव्यता के साथ मनाने की शुरुआत की। मध्यप्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जो विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नोहटा का नोहलेश्वर मंदिर 1100 साल से अधिक प्राचीन है, जिसे कलचुरी साम्राज्य में महारानी नोहला ने बनवाया था। नोहलेश्वर महोत्सव के आयोजन से इस क्षेत्र के पर्यटन को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों के पुनर्स्थापन से नया चमत्कार हुआ है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में विदेश से 20 चीता लाए गए थे, अब 35 चीते प्रदेश की धरती पर दौड़ लगा रहे हैं, चीतों का परिवार बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले मादा चीता आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल जून में नौंरादेही अभयारण्य में चीतों को छोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, गिद्ध और घड़ियाल के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने होम-स्टे योजना बनाई है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और वे पर्यटकों को अपने घरों में होम-स्टे बनाकर ठहरा सकेंगे। होम-स्टे तैयार करने वाले हितग्राहियों को शासकीय अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने होम-स्टे संचालनकर्ताओं से कहा कि जब पर्यटक आएं, तो उनकी अच्छी तरह मेहमाननवाज़ी करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन पर्यटन क्षेत्रों में होम-स्टे चल रहे हैं, वहाँ होम-स्टे से ग्रामीणों की आय तेजी से बढ़ रही है।

    संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश ने ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति करते हुए आज 26 हजार मेगावॉट से अधिक बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की है। मध्यप्रदेश में किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ‘मैन ऑफ आइडियाज’ हैं। उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है।

    दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि दमोह में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो रहा है। बुंदेलखंड में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी, जो अब दूर होती जा रही है। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक से दमोह जिले के 300 से अधिक गांवों को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी, हर वर्ग को सरकार की जनहितैषी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। श्याम शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ की लागत से जागेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य की घोषणा की थी, जिसका काम जारी है।

    किसान सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत मलैया, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटैल, उपाध्यक्ष श्रीमती मंजु धर्मेन्द्र कटारे, विधायक हटा श्रीमती उमा खटीक, पूर्व मंत्री दशरथ सिंह लोधी, पूर्व सांसद चन्द्रभान सिंह, वरिष्ठ नेता विद्यासागर पांडे, भावसिंह लोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, लाड़ली बहनें, युवा और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे।

  • दमोह में क्रिकेट टूर्नामेंट से अनाथ बेटियों को मिल रही नई जिंदगीफाइनल में दो बेटियों की शादी

    दमोह में क्रिकेट टूर्नामेंट से अनाथ बेटियों को मिल रही नई जिंदगीफाइनल में दो बेटियों की शादी


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह में एक ऐसा क्रिकेट टूर्नामेंट हो रहा हैजिसने सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। यह केवल खेल का मुकाबला नहीं हैबल्कि यह एक समाजिक पहल का हिस्सा बन चुका हैजहां क्रिकेट के मैदान पर जीतने वालों को नहींबल्कि समाज की मदद से दो अनाथ बेटियों को एक नई जिंदगी मिल रही है। इस टूर्नामेंट को “विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट” के नाम से जाना जा रहा हैजिसमें फाइनल मैच में बराती आएंगे और दो बेटियों की शादी कराई जाएगी।

    समाज के सामूहिक प्रयास से बेटियों की मदद
    यह टूर्नामेंट न सिर्फ एक खेल की प्रतियोगिता हैबल्कि यह समाज की एक सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बन चुका है। इस पहल का उद्देश्य उन गरीब और अनाथ बेटियों को एक बेहतर भविष्य देना हैजिन्हें घर की स्थिति या समाजिक असमानताओं के कारण अपना जीवन साथी नहीं मिल पाता। इस प्रतियोगिता के दौरानस्थानीय लोग और समाज के अन्य लोग एकजुट होकर इन बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेंगे।

    फाइनल में रोमांच और उम्मीद का संगम

    मकर संक्रांति के बाद इस टूर्नामेंट का रोमांचक पहलू देखने को मिलेगाक्योंकि उसी समय इसका फाइनल मैच खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल मैच एक बड़ा उत्सव होगाजिसमें जीत और हार से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण यह होगा कि इस टूर्नामेंट के जरिए दो अनाथ बेटियों की शादी की जाएगी। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई हैजिसमें समाज के लोग अपनी सामूहिक मदद से बेटियों की ज़िंदगी में एक नई उम्मीद और उज्जवल भविष्य की शुरुआत करेंगे।

    विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत

    यह टूर्नामेंट कुछ खास उद्देश्य के तहत शुरू किया गया था। इस टूर्नामेंट का आयोजन एक क्रिकेट क्लब और समाज के कुछ स्थानीय लोगों ने मिलकर किया हैजिनका मुख्य उद्देश्य उन बेटियों की मदद करना थाजिनका विवाह सामान्य परिस्थितियों में नहीं हो पा रहा था। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी और दर्शक इस बात को महसूस कर रहे हैं कि वे सिर्फ क्रिकेट का मैच नहीं देख रहेबल्कि वे एक सामाजिक बदलाव का हिस्सा बन रहे हैं।

    समाज के सहयोग से बेटियों को मिलेगा जीवन साथी  

    इस टूर्नामेंट की खास बात यह है कि यहां सिर्फ खेल का मुकाबला नहीं हैबल्कि यह समाज का एक खूबसूरत उदाहरण हैजहां लोग अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। टूर्नामेंट के फाइनल के दौरानजहां एक तरफ क्रिकेट खिलाड़ियों का मुकाबला होगावहीं दूसरी तरफ समाज के लोग इन बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेंगे। यह दृश्य दर्शाता है कि खेल भी समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता हैऔर एक जश्न का हिस्सा बन सकता हैजिसमें समाज के लोग एकजुट होकर बेटियों को उनके जीवन में नई दिशा दे सकते हैं।

    समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा

    यह टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं हैबल्कि यह समाज में एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रयास है। जब समाज के लोग एकजुट होते हैं और दूसरों की मदद करते हैंतो यह बदलाव बड़े स्तर पर दिखाई देता है। इस पहल के जरिए समाज को यह संदेश दिया जा रहा है कि हमें अपनी सामूहिक जिम्मेदारी का पालन करते हुए जरूरतमंद और अनाथ बेटियों को उनके जीवन में खुशियों का हिस्सा बनाना चाहिए।

  • मप्र के दमोह में अरंडी के बीज खाने से 30 बच्चे बीमार, जिला अस्पताल में भर्ती

    मप्र के दमोह में अरंडी के बीज खाने से 30 बच्चे बीमार, जिला अस्पताल में भर्ती


    दमोह।
    मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पथरिया ब्लॉक के किशनगंज गांव में मंगलवार शाम स्कूल में खेलते समय कुछ बच्चों ने अरंडी के बीज खा लिए। इसके बाद घर लौटते ही बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं। एक के बाद एक 30 बच्चे बीमार हो गए, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तुरंत सभी बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

    एक बच्चे की मां जानकी पटेल ने बताया कि बच्चे मूंगफली जैसी दिखने वाली बीज खाने के बाद बीमार हुए। सभी बच्चों को ऑटो और एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है। अस्पताल के चिकित्सक डॉ सुनील जैन ने बताया कि फिलहाल बच्चों की हालत स्थिर है।

    कलेक्टर के निर्देश पर छह से अधिक डॉक्टरों की टीम ने बच्चों का इलाज शुरू किया। जिला अस्पताल में डॉक्टर विक्रांत चौहान, डॉक्टर सोनू शर्मा और सिविल सर्जन डॉक्टर प्रहलाद पटेल की मौजूदगी में सभी बच्चों का उपचार किया गया। इलाज के बाद बच्चों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है।

    घटना की जानकारी लगते ही एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी और पथरिया एसडीएम निखत चौरसिया जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बच्चों और उनके परिजनों से स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम को किशनगंज गांव भेजकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए। एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने निर्देश पर पुलिस गांव में मुनादी कर बीमार बच्चों को अस्पताल भेजने की अपील कर रही है।

    एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि चंपत पिपरिया गांव में अरंडी के बीज खाने से 30 से अधिक बच्चे बीमार हुए हैं। जिनको जिला अस्पताल लाया गया है। वह अस्पताल पहुंचे हैं और परिजनों से जानकारी ली है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की एक टीम भी गांव भेजी गई है। वहीं, एसडीएम निखत चौरसिया ने बताया कि बच्चों की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। कल स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूल और उसके आसपास का निरीक्षण करेगी। यदि स्कूल परिसर में अरंडी के पौधे पाए गए, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। साथ ही परिजनों को विषैले पौधों और उनके फलों के खतरों के बारे में जानकारी दी जाएगी।