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  • हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा, स्ट्रक्चर गिरने से छात्रा की मौत, बहन गंभीर रूप से घायल

    नई दिल्ली । तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नादरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कॉलेज में आयोजित उत्सव के दौरान लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाया गया एक स्ट्रक्चर अचानक गिर गया। इस घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (ईईई) की प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौत हो गई, जबकि उसकी बहन मीना नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में कई अन्य छात्र भी घायल हुए हैं।

    यह घटना शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को कॉलेज में आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुई। उत्सव में छात्र शामिल हुए थे और कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच लाइटिंग या लिफ्टिंग के लिए लगाए गए स्ट्रक्चर के गिरने से वहां मौजूद लोगों में हादसे की स्थिति पैदा हो गई। घटना में कई छात्रों को चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल सोना नारायण दास को बचाने और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    मृत छात्रा की पहचान सोना नारायण दास के रूप में हुई है। वह एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की प्रथम वर्ष की छात्रा थी। डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुए इस हादसे ने कॉलेज के उत्सवी माहौल को दुखद घटना में बदल दिया। सोना की बहन मीना नारायण दास भी हादसे की चपेट में आ गई। उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

    घायल मीना नारायण दास को इलाज के लिए नादरगुल के पास स्थित प्रत्युषा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में उसका उपचार जारी है। हादसे में घायल हुए अन्य छात्रों को भी चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद घायलों के इलाज पर ध्यान दिया गया, जबकि मृत छात्रा की पहचान और हादसे से जुड़ी शुरुआती जानकारी सामने आई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह कार्यक्रम के दौरान लगाया गया स्ट्रक्चर गिरना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्ट्रक्चर किन परिस्थितियों में गिरा। यह भी अभी साफ नहीं है कि उसके गिरने के पीछे तकनीकी खराबी, असंतुलन या कोई अन्य कारण था। घटना के समय कार्यक्रम स्थल पर कितने छात्र मौजूद थे, इसकी भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं। स्ट्रक्चर लगाने की व्यवस्था कैसी थी, उसे किस उद्देश्य से स्थापित किया गया था और कार्यक्रम के दौरान उसकी सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इन बिंदुओं पर अभी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, स्ट्रक्चर गिरने से कई छात्र घायल हुए और सोना नारायण दास की इलाज के दौरान मौत हो गई।

    इस घटना में सबसे गंभीर स्थिति सोना की बहन मीना की है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है। फिलहाल उसकी सेहत को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। कॉलेज में डांडिया नाइट के दौरान हुई इस दुर्घटना में एक छात्रा की मौत और कई विद्यार्थियों के घायल होने से कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होते हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण और परिस्थितियों की पूरी तस्वीर सामने आने के लिए अधिक जानकारी का इंतजार है।

  • नवरात्रि गरबा प्रैक्टिस के लिए ये 8 बॉलीवुड गाने प्लेलिस्ट में करें शामिल, बेसिक स्टेप्स से तेज फुटवर्क तक होगी तैयारी

    नवरात्रि गरबा प्रैक्टिस के लिए ये 8 बॉलीवुड गाने प्लेलिस्ट में करें शामिल, बेसिक स्टेप्स से तेज फुटवर्क तक होगी तैयारी

    नई दिल्ली: नवरात्रि में गरबा और डांडिया की धूम के बीच अगर इस बार गरबा नाइट में बिना झिझक डांस करना है तो अभी से प्रैक्टिस शुरू की जा सकती है। इसके लिए ऐसी प्लेलिस्ट तैयार की जा सकती है, जिसमें धीमी बीट से लेकर तेज गरबा बीट तक के गाने हों। इससे अलग-अलग तरह के स्टेप्स की रिहर्सल करने में मदद मिल सकती है। खासकर पहली बार गरबा करने वालों के लिए सही गानों के साथ अभ्यास करना उपयोगी हो सकता है। गरबा आमतौर पर गोल घेरे में लयबद्ध कदमों और ताली के साथ किया जाता है, जबकि डांडिया में स्टिक का इस्तेमाल होता है। प्रैक्टिस की शुरुआत बेसिक स्टेप्स से करना बेहतर रहेगा और धीरे-धीरे तेज बीट वाले गानों की ओर बढ़ा जा सकता है।

    गरबा की शुरुआती प्रैक्टिस के लिए ‘Chogada’ को प्लेलिस्ट में रखा जा सकता है। इसकी लय पर बेसिक दो-स्टेप, ताली और घूमने वाले स्टेप्स की प्रैक्टिस की जा सकती है। बेसिक स्टेप्स समझ आने के बाद ‘Dholi Taaro Dhol Baaje’ पर अभ्यास किया जा सकता है। इसकी तेज बीट पर लगातार स्टेप बदलने और ताल के साथ चलने की आदत डालने की कोशिश की जा सकती है। ‘Odhani’ पर पैरों के साथ हाथों के मूवमेंट पर ध्यान दिया जा सकता है। इस गाने पर हाथों की दिशा, ताली और घूमने वाले स्टेप्स को एक साथ करने की रिहर्सल की जा सकती है। इसके बाद ‘Dholida’ पर तेज कदमों और ऊर्जा से भरे मूवमेंट का अभ्यास किया जा सकता है।

    अगर गरबा अकेले के बजाय पार्टनर या दोस्तों के साथ करना है तो ‘Udi Udi Jaye’ को भी प्रैक्टिस प्लेलिस्ट में शामिल किया जा सकता है। इसकी अपेक्षाकृत आसान गति पर पार्टनर के साथ तालमेल और घूमने वाले स्टेप्स की रिहर्सल की जा सकती है। वहीं, गरबा नाइट में बीट तेज होने पर कदमों का तालमेल बनाए रखने के लिए ‘Kamariya’ पर तेज फुटवर्क और लगातार मूवमेंट का अभ्यास किया जा सकता है। प्रैक्टिस शुरू करने से पहले शरीर को तैयार करने के लिए ‘Shubhaarambh’ जैसे गाने पर हल्के स्टेप्स से शुरुआत की जा सकती है। इससे धीरे-धीरे रिदम पकड़ने के बाद तेज गानों पर अभ्यास बढ़ाया जा सकता है।

    जब बेसिक स्टेप्स से लेकर तेज फुटवर्क तक की तैयारी हो जाए तो ‘Nagada Sang Dhol’ पर ग्रुप के साथ डांस की प्रैक्टिस की जा सकती है। इस गाने पर फुल एनर्जी के साथ ग्रुप डांस के लिए रिहर्सल की जा सकती है। हालांकि अभ्यास के दौरान शुरुआत में बहुत तेज स्टेप्स करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पहले पैरों की चाल और बीट का तालमेल समझना चाहिए। इसके बाद हाथों और घूमने वाले स्टेप्स को इसमें जोड़ा जा सकता है। ग्रुप में डांस करना हो तो सामने वाले की स्पीड के साथ तालमेल बनाना जरूरी है। लंबे समय तक प्रैक्टिस करने से पहले हल्का वार्मअप करना चाहिए। डांस के दौरान अपनी सुविधा के अनुसार स्टेप्स की स्पीड रखनी चाहिए, ताकि अभ्यास के दौरान पैरों, हाथों और शरीर की गतिविधियों में तालमेल बना रहे।

  • नवरात्रि से पहले फाल्गुनी पाठक ने पेश किया नया लगातार चलने वाला गरबा, एक घंटे तक थिरकने का तैयार किया म्यूजिकल सफर

    नवरात्रि से पहले फाल्गुनी पाठक ने पेश किया नया लगातार चलने वाला गरबा, एक घंटे तक थिरकने का तैयार किया म्यूजिकल सफर

    नई दिल्ली ।नवरात्रि का त्योहार नजदीक आते ही गरबा और डांडिया की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसी बीच गरबा गायिका फाल्गुनी पाठक ने इस नवरात्रि के लिए एक नई संगीत पेशकश तैयार की है। इसका नाम ‘गरबा नाइट्स विद फाल्गुनी पाठक’ है। यह एक घंटे का लगातार चलने वाला गरबा है, जिसे खास तौर पर नवरात्रि के उत्सव और गरबा आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    इस नई पेशकश की खासियत इसका लगातार चलने वाला म्यूजिक फॉर्मेट है। इसमें अलग-अलग गानों को इस तरह जोड़ा गया है कि एक गाना खत्म होते ही दूसरा शुरू हो जाता है। इस वजह से संगीत के बीच लंबा अंतर नहीं आता और गरबा करने का सिलसिला लगातार जारी रखा जा सकता है।

    फाल्गुनी पाठक ने अपने नए गरबा कलेक्शन को लेकर कहा कि गरबा उनके लिए हमेशा लोगों के साथ जुड़ने, जश्न मनाने और संगीत व भक्ति में पूरी तरह डूबने का माध्यम रहा है। उन्होंने बताया कि ‘गरबा नाइट्स विद फाल्गुनी पाठक’ के जरिए इस नवरात्रि के लिए एक नया म्यूजिकल सफर तैयार किया गया है।

    उन्होंने इस बात को लेकर उत्साह जताया कि लोग इन गानों को सुनें, गरबा करें और एक साथ मिलकर नवरात्रि का जश्न मनाएं। उनके मुताबिक, इन धुनों के साथ लोग अपनी यादों को भी जोड़ सकेंगे।

    फाल्गुनी पाठक ने बताया कि इस गरबा कलेक्शन को विशेष रूप से नवरात्रि और गरबा आयोजनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे केवल बड़े आयोजनों में ही नहीं, बल्कि दोस्तों और परिवार के साथ होने वाली छोटी-बड़ी महफिलों में भी सुना जा सकता है।

    नए गरबा कलेक्शन में गानों की प्रस्तुति को इस तरह रखा गया है कि संगीत शुरू होने के बाद डांस का सिलसिला बना रहे। गानों के बीच लगातार जुड़ाव होने के कारण इसे एक लंबे गरबा सेशन के तौर पर सुना जा सकता है। इस पेशकश का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा आयोजनों के माहौल में उत्साह बनाए रखना है।

    फाल्गुनी पाठक ने कहा कि इस संगीत को सुनते हुए लोग एक और राउंड के लिए गरबा मैदान में उतरने से खुद को रोक न पाएं, इसी भावना के साथ इसे तैयार किया गया है। लगातार चलने वाले इस गरबा कलेक्शन में संगीत, भक्ति और उत्सव के माहौल को एक साथ जोड़ने की कोशिश की गई है।

    इस नए कलेक्शन में फाल्गुनी पाठक की आवाज इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। गरबा और नवरात्रि के संगीत से उनकी आवाज लंबे समय से जुड़ी रही है। इस नई पेशकश में भी उनकी गायकी को केंद्र में रखा गया है।

    म्यूजिक कंपनी की ओर से भी ‘गरबा नाइट्स विद फाल्गुनी पाठक’ को गरबा संगीत की अपनी पेशकश में एक नई कड़ी के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। इसमें संगीत की प्रस्तुति के साथ फाल्गुनी पाठक की आवाज को शामिल किया गया है।

    नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में इस एक घंटे के लगातार चलने वाले कलेक्शन का इस्तेमाल किया जा सकता है। दोस्तों और परिवार के साथ होने वाली महफिलों के लिए भी इसे तैयार किया गया है। इस तरह नई पेशकश नवरात्रि के दौरान संगीत और गरबा के उत्सवी माहौल का हिस्सा बनने के लिए तैयार है।