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  • बारिश में बाल झड़ना, डैंड्रफ और फ्रिज से हैं परेशान? मॉनसून में अपनाएं ये 8 आसान आदतें, बाल रहेंगे मजबूत और हेल्दी

    बारिश में बाल झड़ना, डैंड्रफ और फ्रिज से हैं परेशान? मॉनसून में अपनाएं ये 8 आसान आदतें, बाल रहेंगे मजबूत और हेल्दी

    नई दिल्ली ।बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं बालों की सेहत के लिए कई नई चुनौतियां भी पैदा कर देता है। वातावरण में बढ़ी नमी, प्रदूषण और बार-बार बालों के भीगने की वजह से बाल कमजोर, बेजान और रूखे दिखाई देने लगते हैं। इस दौरान हेयर फॉल, डैंड्रफ, फ्रिज और स्कैल्प से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में केवल महंगे हेयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय सही हेयर केयर रूटीन अपनाना अधिक प्रभावी माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार मॉनसून में सबसे पहले बालों को बारिश के पानी से बचाने की कोशिश करनी चाहिए। बारिश के पानी में धूल, प्रदूषण और अन्य अशुद्धियां हो सकती हैं, जो स्कैल्प और बालों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यदि बाल भीग जाएं तो घर पहुंचकर माइल्ड और सल्फेट-फ्री शैंपू से उन्हें साफ करना बेहतर माना जाता है।

    बारिश के मौसम में स्कैल्प को लंबे समय तक गीला नहीं रहने देना चाहिए। नमी के कारण फंगल संक्रमण और डैंड्रफ का खतरा बढ़ सकता है। बाल धोने या भीगने के बाद उन्हें माइक्रोफाइबर तौलिये से हल्के हाथों से सुखाना या हेयर ड्रायर के कूल मोड का सीमित उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर रखना भी नुकसानदायक माना जाता है।

    हवा में अधिक नमी होने के कारण इस मौसम में बाल आसानी से फ्रिजी हो जाते हैं। ऐसे में बाल धोने के बाद हल्का एंटी-फ्रिज हेयर सीरम लगाने से बाल स्मूद रहते हैं और उलझने की समस्या कम हो सकती है। साथ ही गीले बालों में बहुत टाइट पोनीटेल या जूड़ा बनाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बालों की जड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और टूटने की संभावना बढ़ जाती है।

    बालों को सुलझाने के लिए हमेशा चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। गीले बालों में बारीक कंघी या ब्रश का उपयोग करने से बाल अधिक टूट सकते हैं। इसलिए नीचे से ऊपर की ओर धीरे-धीरे कंघी करने की आदत बालों को सुरक्षित रखने में मदद करती है।

    कई लोग मॉनसून में कंडीशनर लगाना बंद कर देते हैं, जबकि इस मौसम में इसकी जरूरत और बढ़ जाती है। कंडीशनर केवल बालों की लंबाई और सिरों पर लगाना चाहिए, स्कैल्प पर नहीं। इससे बाल मुलायम रहते हैं और उनमें उलझन कम होती है। इसके अलावा लंबे समय तक तेल लगाकर रखने से भी बचना चाहिए। सप्ताह में एक बार हल्के नारियल या आर्गन ऑयल से 15 से 20 मिनट तक मसाज करने के बाद बाल धोना पर्याप्त माना जाता है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि मॉनसून में स्ट्रेटनर, कर्लर और अत्यधिक गर्म ब्लो ड्रायर जैसी हीट स्टाइलिंग मशीनों का कम से कम उपयोग करें। लगातार गर्मी मिलने से बाल कमजोर और दोमुंहे हो सकते हैं। जहां तक संभव हो, बालों को प्राकृतिक तरीके से सूखने देना बेहतर विकल्प है।

    नियमित सफाई, संतुलित पोषण, पर्याप्त पानी का सेवन और सही हेयर केयर रूटीन अपनाकर बारिश के मौसम में बालों को स्वस्थ, मजबूत और चमकदार बनाए रखा जा सकता है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाने से हेयर फॉल, फ्रिज और डैंड्रफ जैसी सामान्य समस्याओं का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • सिर्फ गर्मी नहीं स्कैल्प का पसीना भी पहुंचा सकता है बालों को नुकसान एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के असरदार तरीके

    सिर्फ गर्मी नहीं स्कैल्प का पसीना भी पहुंचा सकता है बालों को नुकसान एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के असरदार तरीके


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप उमस और पसीने की समस्या लेकर आता है। शरीर का पसीना आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करती है लेकिन जब यही पसीना लंबे समय तक सिर की त्वचा यानी स्कैल्प पर जमा रहता है तो यह बालों की सेहत के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यही वजह है कि गर्मियों में कई लोगों को बाल झड़ने डैंड्रफ खुजली और स्कैल्प से बदबू आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार स्कैल्प पर लगातार नमी बनी रहने से वहां बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपने लगते हैं। पसीना तेल और धूल मिलकर रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं जिससे बालों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते। इसका सीधा असर बालों की मजबूती पर पड़ता है और धीरे धीरे बाल कमजोर होकर टूटने लगते हैं। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए तो हेयर फॉल तेजी से बढ़ सकता है।

    वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो पसीने में पानी के साथ नमक और लैक्टिक एसिड भी मौजूद होता है। जब यह लंबे समय तक स्कैल्प पर बना रहता है तो सिर की त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने लगता है। इससे बालों की बाहरी परत कमजोर हो जाती है और बाल रूखे बेजान तथा दोमुंहे दिखाई देने लगते हैं। कई बार स्कैल्प में जलन और खुजली भी शुरू हो जाती है जो आगे चलकर डैंड्रफ का रूप ले सकती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में बालों की देखभाल के लिए सबसे पहले स्कैल्प की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। यदि ज्यादा पसीना आता है तो जरूरत के अनुसार हल्के और सौम्य शैंपू से बाल धोना फायदेमंद रहता है। इससे अतिरिक्त तेल धूल और पसीना साफ हो जाता है तथा रोमछिद्र खुले रहते हैं। हालांकि जरूरत से ज्यादा शैंपू करने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे स्कैल्प का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है।

    हल्की तेल मालिश भी स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद करती है। आंवला नारियल या अन्य प्राकृतिक तेलों से हल्के हाथों से मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और बालों की जड़ों तक पोषण आसानी से पहुंचता है। आंवला में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट बालों को मजबूत बनाने में सहायक माने जाते हैं।

    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बालों की अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर स्कैल्प का संतुलन बिगड़ सकता है। पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और त्वचा के साथ साथ स्कैल्प को भी स्वस्थ बनाए रखता है।

    एलोवेरा जेल गर्मियों में स्कैल्प को ठंडक देने का एक प्राकृतिक उपाय माना जाता है। इसे सीधे सिर की त्वचा पर लगाने से खुजली और जलन में राहत मिल सकती है। वहीं गुलाब जल का हल्का स्प्रे स्कैल्प को ताजगी देता है और पसीने की बदबू कम करने में मदद करता है। कुछ विशेषज्ञ पानी में मिलाकर ऐप्पल साइडर विनेगर का सीमित उपयोग भी स्कैल्प का पीएच संतुलित रखने के लिए लाभदायक मानते हैं।

    इसके अलावा बहुत टाइट हेयर स्टाइल बनाने और बार बार हेयर ड्रायर या हीट स्टाइलिंग उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ढीले हेयर स्टाइल अपनाने से हवा आसानी से स्कैल्प तक पहुंचती है और पसीना जल्दी सूख जाता है।

    स्वस्थ बालों के लिए संतुलित खानपान भी उतना ही जरूरी है। हरी सब्जियां मौसमी फल मेवे बीज और पर्याप्त प्रोटीन युक्त भोजन बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं जबकि अधिक मसालेदार भोजन जंक फूड और जरूरत से ज्यादा चाय कॉफी शरीर की गर्मी बढ़ाकर पसीना बढ़ा सकते हैं।

    यदि बालों का झड़ना लगातार बढ़ रहा हो डैंड्रफ लंबे समय तक बना रहे या स्कैल्प में संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।