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  • साउथ Vs बॉलीवुड: 1000 करोड़ क्लब में बराबर फिल्में, फिर भी कुल कमाई में हिंदी सिनेमा ने कैसे बनाई बढ़त?

    साउथ Vs बॉलीवुड: 1000 करोड़ क्लब में बराबर फिल्में, फिर भी कुल कमाई में हिंदी सिनेमा ने कैसे बनाई बढ़त?

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा अब सिर्फ एक बॉक्स ऑफिस नंबर नहीं, बल्कि इंडस्ट्री की ताकत और फिल्मों की पहुंच का बड़ा पैमाना बन चुका है। कभी यह मुकाम सिर्फ चुनिंदा साउथ फिल्मों के नाम था, लेकिन अब बॉलीवुड ने भी इस क्लब में अपनी मजबूत जगह बना ली है।

    खास बात यह है कि 1000 करोड़ क्लब में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की फिल्मों की संख्या बराबर है। फिर भी कमाई के मामले में बॉलीवुड का पलड़ा भारी है। यहां जानिए कैसे?

    किस फिल्म से हुई 1000 करोड़ क्लब की शुरुआत?

    1000 करोड़ क्लब की शुरुआत भारतीय सिनेमा में एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ से हुई थी। इसके बाद साउथ की कई फिल्मों ने इस आंकड़े को पार किया और हिंदी सिनेमा के लिए भी एक नया बॉक्स ऑफिस बेंचमार्क तैयार किया। अब ‘बाहुबली 2’ से शुरू हुआ ये सिलसिला रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ तक जा पहुंचा है।

    लिस्ट में शामिल हैं कौन सी फिल्में?

    अब सवाल यह है कि आखिर बॉलीवुड और साउथ की फिल्मों के बीच 1000 करोड़ की कमाई का यह मुकाबला कितना दिलचस्प है? किस इंडस्ट्री की फिल्मों ने कौन से नंबर पर अपना दबदबा बनाया और साथ ही अगर पांच-पांच फिल्मों की कमाई का टोटल किया जाए तो कौन आगे होगा? आइए जानते हैं इसके बारे में।

    कल्कि (1042 करोड़ रुपये)

    दसवें नंबर पर ‘कल्कि’ है। प्रभास, दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन स्टारर 2024 में रिलीज हुई थी। अब मेकर्स जल्द ही इसका दूसरा पार्ट भी लेकर आ सकते हैं।

    पठान (1055 करोड़ रुपये)

    नौवें नंबर पर शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की मूवी ‘पठान’ है। साल 2023 में आई इस मूवी का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद ने किया था।

    जवान (1160 करोड़ रुपये)

    आठवें नंबर पर भी शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘जवान’ है। 2023 में आई इस मूवी का निर्देशन एटली कुमार ने किया था। इसमें किंग खान के साथ नयनतारा, रिद्धि डोगरा और विजय सेतुपति समेत कई सितारे नजर आए थे।

    केजीएफ 2 (1215 करोड़ रुपये)

    सातवें नंबर पर यश स्टारर फिल्म ‘केजीएफ 2’ 2022 में आई थी। इस मूवी में अभिनेता के साथ रवीना टंडन, संजय दत्त, श्रीनिधि शेट्टी समेत कई सितारे नजर आए। फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील ने किया था।

    आरआरआर (1230 करोड़ रुपये)

    लिस्ट में छठे नंबर पर एसएस राजामौली की ही फिल्म ‘आरआरआर’ है, जो 2022 में आई थी। इसमें आलिया भट्ट, राम चरण और जूनियर एनटीआर नजर आए थे।

    धुरंधर (1307 करोड़ रुपये)

    पांचवें नंबर पर रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ है, जो साल 2025 के दिसंबर में आई थी। फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया था। इसमें अर्जुन रामपाल, आर माधवन समेत कई स्टार्स दिखाई दिए।

    पुष्पा 2 (1788 करोड़ रुपये)

    चौथे नंबर पर ‘पुष्पा 2’ है, अल्लू अर्जुन स्टारर यह मूवी 2024 में आई थी। फिल्म का निर्देशन सुकुमार ने किया था।

    बाहुबली 2 (1788 करोड़ रुपये)

    तीसरे नंबर पर प्रभास स्टारर ‘बाहुबली 2’ है, जो 2017 में आई थी। एसएस राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया समेत कई सितारे नजर आए।

    धुरंधर 2 (1813 करोड़ रुपये)

    दूसरे नंबर पर ‘धुरंधर 2’ है। रणवीर सिंह स्टारर यह मूवी इसी साल मार्च में रिलीज हुई थी। इसमें रणवीर के अलावा माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मौजूद थे।

    दंगल (2070 करोड़ रुपये)

    टॉप पर ‘दंगल’ है, जिसने 2070 करोड़ रुपये कमाए। आमिर खान की यह फिल्म 2016 में रिलीज हुई थी। इसमें अभिनेता के साथ फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा समेत कई सितारे नजर आए।

    कैसे बॉलीवुड है रेस में आगे?

    वैसे तो इस फेहरिस्त में पांच फिल्में बॉलीवुड की हैं तो वहीं पांच साउथ की भी हैं, पर अगर फिल्मों की कमाई का विश्लेषण करें, तो बॉलीवुड फिल्में इस क्लब में टॉप पर हैं। समझिए कैसे?अगर इस लिस्ट में शामिल बॉलीवुड की पांच फिल्मों ‘दंगल’, ‘धुरंधर 2’, ‘धुरंधर’, ‘जवान’ और ‘पठान’ के कलेक्शन का टोटल किया जाए, तो यह 7405 करोड़ रुपये होगा।

    वहीं, साउथ की फिल्म ‘बाहुबली 2’, ‘पुष्पा 2’, ‘आरआरआर’, ‘केजीएफ 2’ और ‘कल्कि’ का टोटल किया जाए तो यह 7017 करोड़ होगा। इन आंकड़ों से भी साफ जाहिर है कि बॉलीवुड यहां भी आगे है।

  • जब दंगल की शूटिंग में हो गई थी बड़ी गड़बड़, नितेश तिवारी ने VFX से ऐसा खेल रचा कि सब देखते रह गए

    जब दंगल की शूटिंग में हो गई थी बड़ी गड़बड़, नितेश तिवारी ने VFX से ऐसा खेल रचा कि सब देखते रह गए


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर स्टारर रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के बाद फिल्म के विजुअल्स और VFX को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी को लेकर ट्रेलर रिलीज से पहले सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल भी उठाए गए थे। कुछ लोगों का मानना था कि दंगल और छिछोरे जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके नितेश तिवारी इतने बड़े VFX प्रोजेक्ट के लिए सही चुनाव नहीं हैं। इसकी वजह यह बताई जा रही थी कि उनकी पिछली फिल्मों में बड़े स्तर पर VFX का इस्तेमाल देखने को नहीं मिला था। हालांकि दंगल से जुड़े उनके कुछ पुराने किस्से बताते हैं कि नितेश तिवारी शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन के स्तर पर तकनीक का बेहद समझदारी से इस्तेमाल कर चुके हैं।

    नितेश तिवारी की फिल्म दंगल साल 2016 में रिलीज हुई थी और आमिर खान स्टारर इस फिल्म ने दर्शकों के साथ साथ बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार सफलता हासिल की थी। फिल्म की कहानी और कलाकारों के अभिनय की जितनी चर्चा हुई उतनी ही दिलचस्प इसके निर्माण से जुड़ी कई बातें भी हैं। खास बात यह है कि फिल्म के कुछ ऐसे सीन भी थे जिनकी शूटिंग के दौरान खामियां सामने आने के बाद नितेश तिवारी ने VFX और क्रोमा तकनीक का सहारा लिया और दर्शकों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।

    दंगल के क्लाइमैक्स से जुड़ा एक सीन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। फिल्म में महावीर सिंह फोगाट को एक कमरे में बंद कर दिया जाता है। इस पूरे सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान टीम ने महसूस किया कि दरवाजा तोड़ने वाले हिस्से को जितना प्रभावी होना चाहिए था उतना शूट नहीं किया जा सका। एडिटिंग के दौरान जब नितेश तिवारी और उनकी टीम ने फुटेज देखा तो उन्हें महसूस हुआ कि सीन में जरूरी प्रभाव की कमी है। समस्या यह थी कि जिस कमरे में शूटिंग हुई थी वह लोकेशन अब दोबारा उपलब्ध नहीं थी।

    ऐसे में नितेश तिवारी ने दोबारा पूरी शूटिंग करने के बजाय तकनीक का सहारा लिया। उन्होंने एक अलग दरवाजा तैयार करवाया और आमिर खान को उसके सामने खड़ा करके पीछे क्रोमा लगाया। इसके बाद जरूरी शॉट्स शूट किए गए और पोस्ट प्रोडक्शन में उन्हें पहले से मौजूद फुटेज के साथ इस तरह जोड़ा गया कि पूरा सीन स्वाभाविक दिखाई देने लगा। दर्शकों को फिल्म देखते समय यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि सीन के एक हिस्से को बाद में VFX की मदद से तैयार किया गया है।

    दंगल में एक और सीन ऐसा था जहां कहानी के भीतर एक तरह का विरोधाभास दिखाई दे रहा था। यह वह हिस्सा था जब महावीर फोगाट अपनी बेटियों को लड़कों के दंगल में उतारने के लिए ले जाते हैं। वहां मौजूद एक व्यक्ति लड़कियों को लड़कों के साथ मुकाबला कराने का विरोध करता है लेकिन बाद में एक अन्य व्यक्ति यह बात कहता है कि अगर लड़कियां लड़कों के साथ दंगल करेंगी तो मुकाबला देखने के लिए भीड़ जुटेगी और दंगल हिट हो जाएगा।

    इस सीन को भी नितेश तिवारी ने साधारण तरीके से दोबारा शूट करने के बजाय VFX और क्रोमा की मदद से ठीक किया। दूसरे कलाकार की मदद से जरूरी हिस्सा शूट किया गया और फिर उसे मौजूदा सीन में इस तरह शामिल किया गया कि कहानी की निरंतरता बनी रहे। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि फिल्म देखने वाले ज्यादातर दर्शक इस बदलाव को पहचान भी नहीं पाए।

    यही वजह है कि रामायण के बड़े VFX प्रोजेक्ट को लेकर नितेश तिवारी की क्षमता पर सवाल उठाने से पहले उनके पुराने काम को देखना जरूरी है। दंगल में उन्होंने सीमित परिस्थितियों के बावजूद तकनीक और कहानी के बीच ऐसा संतुलन बनाया था कि VFX पर्दे पर अलग से नजर नहीं आया बल्कि कहानी का हिस्सा बन गया। अब रामायण में उन्हें इससे कहीं बड़े स्तर पर यही काम करना है। फिल्म के ट्रेलर ने जिस तरह के भव्य विजुअल्स दिखाए हैं उससे साफ है कि नितेश तिवारी के सामने इस बार चुनौती बड़ी है लेकिन दंगल का उनका अनुभव उनके लिए निश्चित तौर पर मजबूत आधार साबित हो सकता है।

  • अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम

    अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम


    ग्वालियर । ग्वालियर व्यापार मेला जो मध्य भारत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मेला माना जाता है 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस मेले का उद्घाटन होने वाला है जो व्यापारियों और सैलानियों के लिए एक खास अवसर बनेगा। मेला प्राधिकरण और प्रशासन ने उद्घाटन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब इस मेला के उद्घाटन का इंतजार है।

    इस वर्ष का मेला पहले से भी ज्यादा खास होगा क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से व्यापारियों और स्थानीय लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
    मेले में इस बार विभिन्न सेक्टरों की छटा देखने को मिलेगी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शोरूम सजाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदारी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नए गैजेट्स और घरेलू उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

    इसके साथ ही झूला सेक्टर और फूड जोन में रोमांच और स्वाद का तड़का होगा। हाई-टेक झूले युवाओं के लिए तैयार हैं जबकि फूड जोन में राजस्थानी पंजाबी और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी स्वादिष्ट रूप से परोसे जाएंगे। मेला न केवल व्यापार बल्कि कला और संस्कृति का भी केंद्र बनेगा जहां 1 जनवरी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू होगा।
    जनवरी के महीने में पहलवानी का भी आयोजन होगा। 19-20 जनवरी को जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता और 23-25 जनवरी को राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी जो खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    व्यापारी भी इस वर्ष मेला में उत्साहित हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकान आवंटन के बाद उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में व्यापारी ग्वालियर आ रहे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी अनोखी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। ग्वालियर व्यापार मेला इस बार एक बेहतरीन अनुभव देने वाला है जिसमें व्यापार कला संस्कृति और खेल का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।