दिन में दो बार हल्के और माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोना चाहिए। बहुत ज्यादा हार्श साबुन या केमिकल वाले प्रोडक्ट त्वचा की प्राकृतिक नमी को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे स्किन और अधिक डल दिखने लगती है। माइल्ड क्लेंजर त्वचा की गंदगी को हटाकर उसे साफ और बैलेंस बनाए रखता है।
रात का समय त्वचा की मरम्मत के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान कुछ प्राकृतिक उपाय काले धब्बों को हल्का करने में मदद कर सकते हैं। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देकर उसे रिपेयर करता है और धीरे-धीरे दाग कम करता है। हल्दी और दही का फेस पैक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो त्वचा को निखारता है। वहीं नींबू रस को सावधानीपूर्वक और डाइल्यूट करके केवल हल्के दागों पर लगाया जा सकता है, क्योंकि यह संवेदनशील त्वचा में जलन पैदा कर सकता है।
कई लोग काले धब्बों के इलाज में मॉइस्चराइज़र को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह बेहद जरूरी है। सूखी त्वचा में दाग-धब्बे ज्यादा स्पष्ट दिखते हैं। हल्का और नॉन-ग्रीसी मॉइस्चराइज़र त्वचा को हाइड्रेट रखता है और उसे स्मूद बनाता है।
त्वचा की खूबसूरती सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं, बल्कि अंदरूनी पोषण से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना, विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा और अमरूद का सेवन करना और तले-भुने भोजन से दूरी बनाना त्वचा को अंदर से साफ और हेल्दी बनाता है।
हफ्ते में दो बार हल्की स्क्रबिंग करने से डेड स्किन सेल्स हटते हैं और त्वचा अधिक चमकदार दिखाई देती है। ओट्स या कॉफी स्क्रब का उपयोग सुरक्षित माना जाता है, लेकिन ज्यादा स्क्रबिंग से बचना चाहिए क्योंकि इससे स्किन डैमेज हो सकती है।
यह समझना जरूरी है कि काले धब्बे 7 दिनों में पूरी तरह खत्म नहीं होते, खासकर अगर वे पुराने, मुंहासों के बाद बने हुए या हार्मोनल कारणों से हों। लेकिन सही स्किन केयर रूटीन अपनाने से उनकी दृश्यता काफी कम हो सकती है और त्वचा अधिक साफ, चमकदार और स्वस्थ नजर आने लगती है।

