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  • मप्रः दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा की बड़ी कार्रवाई, जिला-मंडल से बूथ तक की कार्यकारिणी भंग

    मप्रः दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा की बड़ी कार्रवाई, जिला-मंडल से बूथ तक की कार्यकारिणी भंग


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उप चुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी नेतृत्व ने जिला कार्यकारिणी समेत दतिया के सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों की इकाइयों को भंग कर दिया है।

    पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार की रात दतिया उपचुनाव में हार की समीक्षा के लिए बनाई गई विशेष समिति की अनुशंसा यह कार्रवाई की है। दरअसल, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित वरिष्ठ नेताओं की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। बैठक के बाद दतिया उप चुनाव के परिणाम की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।

    समिति गठन के छह घंटे बाद ही भाजपा संगठन ने दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित जिला पदाधिकारियों, जिला कार्य समिति, मंडल मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प एवं विभागों की समस्त वर्तमान संगठनात्मक इकाइयां तत्काल प्रभार से पदमुक्त कर दीं। समिति की जांच रिपोर्ट से पार्टी संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को भी अवगत कराया और इसके बाद मंगलवार देर रात कार्रवाई की गई।

    गौरतलब है कि दतिया उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया था। जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने तीखे विरोध प्रदर्शन किए। कई कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किए गए थे। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा को खुद सामने आकर समर्थकों से तिवारी का समर्थन करने की अपील करनी पड़ी थी। दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद जिला अध्यक्ष रघुवीर शरण कुशवाह समेत कई पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए थे। इस पर संगठन ने कहा था कि कोई भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा। लेकिन अब उपचुनाव हारने के बाद जिले की पूरी टीम को हटा दिया गया है।

    भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने बैठक में दिए भितरघात के प्रमाण

    मुख्यमंत्री आवास पर हार के कारणों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, उपचुनाव प्रभारी और सांसद भारत सिंह कुशवाह, कई मंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी शिकायतों की आडियो रिकार्डिंग लेकर पहुंचे थे। उन्होंने भावुक होते हुए अपनी बात रखी और चुनाव के दौरान भितरघात संबंधी वाट्सएप चैट के स्क्रीनशाट भी दिखाए। बैठक में हार के कारणों, संगठन की भूमिका, भितरघात की शिकायतों पर चर्चा के बाद परिणाम की समीक्षा करने के लिए दो सदस्यीय समिति बनाने का निर्णय लिया गया था। इसमें प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे एवं वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को सदस्य बनाया गया।

    पार्टी ने हार का ठीकरा सबसे पहले नरोत्तम समर्थकों की टीम मानी जाने वाली भाजपा कार्यकारिणी पर ही फोड़ा। इस कार्यकारिणी में जिलाध्यक्ष रघुवीरसिंह कुशवाह, नरोत्तम मिश्रा के ही समर्थक माने जाते हैं। इसके अलावा कार्यकारिणी में महामंत्री से लेकर उपाध्यक्ष व सभी मंडल अध्यक्ष, मोर्चा प्रभारी भी नरोत्तम टीम के ही बताए जाते हैं। यही कारण रहा कि जब पार्टी आलाकमान ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. मिश्रा का टिकट बदला तो यह पूरी कार्यकारिणी सामूहिक तौर पर इस्तीफा देने को खड़ी हो गई।

    इतना ही नहीं भाजपा के जिला कार्यालय को ही समर्थकों ने अपने उपद्रव का अखाड़ा बनाया था। यहां पर मात्र डॉ. मिश्रा की एक मात्र कार्यकर्ता बैठक के अलावा कोई भी चुनावी गतिविधि नहीं हुई। पूरे चुनाव में वहां सन्नाटा पसरा रहा।

    हालांकि उपचुनाव सिर पर देख प्रदेश आलाकमान ने इतने बड़े विरोध को शांत करने के लिए उस समय इस्तीफे स्वीकार नहीं किए जाने की रणनीति अपनाई थी, ताकि पार्टी का डैमेज कंट्रोल किसी तरह रोका जा सके। यही कारण रहा कि प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित मुख्यमंत्री मोहन यादव व प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने दतिया में ही लगातार आकर चुनावी कमान पर निगरानी बनाए रखी। जिसके चलते ही भाजपा की हार का आंकड़ा चार अंकों में रह पाया।

    इधर पार्टी सूत्रों की मानें तो इस उपचुनाव में भीतरघाती इस स्तर पर सक्रिय थे कि वह हार का आंकड़ा 20 हजार तक पहुंचाने के लिए ताकत लगा रहे थे। कांग्रेस की दतिया में जीत का यही सबसे बड़ा कारण भी रहा। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद जहां कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है, वहीं भाजपा के कई स्थानीय खेमों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

    पार्टी ने हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर संगठनात्मक मंथन का दौर जारी है। इस बीच जिला कार्यकारिणी भंग होने और भीतरघात के आरोपों ने दतिया के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और वरिष्ठ नेता अंबाराम कराड़ा को समीक्षा समिति में शामिल किया है। समिति चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से दतिया में चर्चा कर यह पता लगाएगी कि किन कारणों से पार्टी उपचुनाव में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी।

  • दतिया के जनादेश का राजनीतिक असर, कांग्रेस ने जीत का जश्न मनाया; भाजपा में जवाबदेही तय करने की तैयारी

    दतिया के जनादेश का राजनीतिक असर, कांग्रेस ने जीत का जश्न मनाया; भाजपा में जवाबदेही तय करने की तैयारी


    भोपाल। दतिया उपचुनाव के नतीजों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस ने इस सीट पर जीत दर्ज कर न केवल अपना कब्जा बरकरार रखा बल्कि लंबे समय बाद कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भी भर दिया। जीत का जश्न भी कांग्रेस ने अनोखे अंदाज में मनाया। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिठाई की जगह मेलोडी टॉफी बांटकर जीत की खुशियां साझा कीं और राजनीतिक संदेश देने की भी कोशिश की। दतिया से लेकर भोपाल तक कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और जीत का उत्सव मनाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस जनादेश को मध्य प्रदेश की राजनीति में बदलाव का संकेत बताते हुए इसे जनता की सकारात्मक सोच की जीत बताया और दतिया की जनता का आभार व्यक्त किया।

    दूसरी ओर भाजपा के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है। चुनाव प्रचार के दौरान जीत का भरोसा जताने वाले नेताओं के सुर नतीजे आने के बाद बदल गए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि दतिया पहले भी कांग्रेस की सीट थी और अब भी कांग्रेस के पास ही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव की तुलना में भाजपा को इस बार करीब सत्रह सौ वोट अधिक मिले हैं। वहीं नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि उपचुनाव भले ही आम चुनाव जितने महत्वपूर्ण नहीं होते लेकिन हार को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरे परिणाम की गंभीर समीक्षा करेगी ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

    उपचुनाव के नतीजों के बाद पूर्व मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा भी चर्चा के केंद्र में आ गए। चुनाव प्रचार के दौरान उनका भावुक होना काफी चर्चा में रहा था। हार के बाद विपक्ष ने भीतरघात के आरोप लगाए और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि टिकट नहीं मिलने की नाराजगी का असर चुनाव परिणाम पर पड़ा। हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कहा कि उन्हें किसी पद की इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी पार्टी के कार्यकर्ता थे और आगे भी कार्यकर्ता ही रहेंगे। उनकी केवल एक अभिलाषा है कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी दे उसे पूरी निष्ठा से निभाने का अवसर मिले। अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि भाजपा नेतृत्व भविष्य में उन्हें कौन सी भूमिका सौंपता है।

    भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने हार स्वीकार करते हुए जनादेश का सम्मान किया। मीडिया से बातचीत के दौरान वे भावुक भी नजर आए। भीतरघात से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि किसी ने पार्टी के खिलाफ काम किया है तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए क्योंकि भाजपा को मां मानने वाले कार्यकर्ता से ऐसी उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि पार्टी की पहचान अनुशासन और सेवा भाव से है इसलिए व्यक्तिगत नाराजगी को संगठन से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी स्पष्ट किया कि पार्टी पूरे चुनाव की समीक्षा करेगी और यदि कोई कार्यकर्ता अनुशासनहीनता या भीतरघात का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    **सूत्रों के अनुसार भाजपा ने चुनाव के दौरान हुई गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए हैं और उन्हें संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व तक भेजा गया है। माना जा रहा है कि समीक्षा पूरी होने के बाद दतिया से ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की शुरुआत हो सकती है। ऐसे में दतिया उपचुनाव का परिणाम केवल एक सीट का फैसला नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों और रणनीतियों की शुरुआत माना जा रहा है। कांग्रेस जहां इस जीत से उत्साहित होकर इसे आगामी राजनीतिक लड़ाइयों का आधार बना रही है वहीं भाजपा हार के कारणों का विश्लेषण कर संगठन को और मजबूत बनाने की तैयारी में जुट गई है। दोनों दलों के लिए यह परिणाम आने वाले चुनावों की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

  • दतिया की हार से भाजपा सतर्क, कैलाश विजयवर्गीय बोले- भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, करेंगे मंथन

    दतिया की हार से भाजपा सतर्क, कैलाश विजयवर्गीय बोले- भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, करेंगे मंथन


    इंदौर  मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा कि उपचुनाव का महत्व भले ही आम चुनाव जितना न हो, लेकिन हार को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस परिणाम की गंभीर समीक्षा करेगी और यह पता लगाएगी कि किन कारणों से पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

    इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनावी हार हमेशा सीख देने वाली होती है। उन्होंने कहा कि पार्टी का संगठन हर चुनाव के बाद उसकी समीक्षा करता है और दतिया उपचुनाव के परिणामों का भी गहराई से विश्लेषण किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संगठन इस हार पर गंभीरता से विचार करेगा और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

    विजयवर्गीय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर चुनाव महत्वपूर्ण होता है। जीत से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है, जबकि हार संगठन को आत्मविश्लेषण का अवसर देती है। इसलिए पार्टी इस परिणाम को नजरअंदाज नहीं करेगी, बल्कि सभी पहलुओं पर विचार करते हुए संगठनात्मक और राजनीतिक स्तर पर सुधार की दिशा में काम करेगी।

    मीडिया ने जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के प्रभाव वाले क्षेत्र में आए चुनाव परिणाम को लेकर सवाल किया तो विजयवर्गीय ने कहा कि वे स्वयं चुनाव प्रचार के लिए वहां गए थे। उन्होंने माना कि यह काफी हद तक व्यक्ति आधारित सीट थी और जिस नेता का उस क्षेत्र में व्यक्तिगत प्रभाव था, उनके चुनाव नहीं लड़ने का असर भी परिणामों पर देखने को मिला। उन्होंने कहा कि कई बार स्थानीय समीकरण और उम्मीदवार की व्यक्तिगत स्वीकार्यता चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में राजनीतिक परिस्थितियां सामान्य चुनावों से अलग होती हैं।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका, जनसंपर्क अभियान, चुनावी रणनीति और क्षेत्रीय समीकरणों का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। भाजपा का प्रयास रहेगा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों और संगठन पहले से अधिक मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरे।

    दतिया उपचुनाव के परिणाम ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। कांग्रेस इस जीत को जनता का भाजपा सरकार के खिलाफ संदेश बता रही है, जबकि भाजपा इसे स्थानीय परिस्थितियों और उम्मीदवार आधारित चुनाव मानते हुए आगे की रणनीति बनाने में जुट गई है। पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रहा है कि एक उपचुनाव का परिणाम उसके व्यापक जनाधार को प्रभावित नहीं करता, लेकिन इससे मिलने वाले संकेतों को गंभीरता से लेना आवश्यक है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा संगठन अब जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। वहीं कैलाश विजयवर्गीय के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि पार्टी इस हार को केवल औपचारिक घटना मानकर नहीं छोड़ेगी, बल्कि इसके कारणों की विस्तृत समीक्षा कर संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश करेगी।

  • दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह विजयी, पटवारी बोले-ये BJP के कुशासन के विरुद्ध शंखनाद

    दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह विजयी, पटवारी बोले-ये BJP के कुशासन के विरुद्ध शंखनाद

    दतिया। मध्‍य प्रदेश के दतिया उपचुनाव के लिए आज यानि सोमवार को मतगणना हुई। सबसे पहले टेबल नंबर 21 पर 451 डाक मतपत्रों की गिनती पूरी की गई। फिर ईवीएम की मतों की गिनती की गई। इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के मुख्य प्रत्याशियों समेत कुल 21 प्रत्याशी मैदान में थे।
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया उप चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं की तपस्या की जीत है। हमारा एक-एक कार्यकर्ता मैदान में आखिरी समय तक डाटा रहा।
    दतिया के मतदाताओं ने भाजपा सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार की व्यवस्था, अनुसूचित जाति- जनजाति, पिछड़ वर्ग पर हो रहे अत्याचार, बेरोजगारी को लेकर अपना मत दिया है। किसान की जो उपेक्षा भाजपा सरकार में हो रही है, उसकी नाराजगी भी सामने आई। वहीं, पार्टी नेता राहुल गांधी द्वारा जनहित में उठाए जा रहे मुद्दों का समर्थन भी जनादेश के माध्यम से सामने आया है। मैं दतिया के मतदाताओं को साधुवाद देता हूं जिन्होंने निडरता के साथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए मतदान किया। यह एक प्रकार से भाजपा के कुशासन के विरुद्ध शंखनाद है।
  • दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड तक कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, घनश्याम सिंह 6,583 वोट से आगे

    दतिया उपचुनाव: 8वें राउंड तक कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा, घनश्याम सिंह 6,583 वोट से आगे


    दतिया। मध्य प्रदेश की चर्चित दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। आठवें राउंड की गिनती पूरी होने तक कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मुकाबले में मजबूत बढ़त बना ली है। वह भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी से 6,583 मतों से आगे चल रहे हैं। अब तक 15 में से आठ राउंड की मतगणना पूरी हो चुकी है, जबकि सात राउंड की गिनती शेष है।

    आठवें राउंड तक यह रही स्थिति
    आठवें राउंड में कांग्रेस को 6,828, भाजपा को 3,540 और आजाद समाज पार्टी (आसपा) को 1,303 वोट मिले। इसके साथ ही कुल मतों का आंकड़ा इस प्रकार है—
    घनश्याम सिंह (कांग्रेस): 38,264 वोट
    आशुतोष तिवारी (भाजपा): 31,681 वोट
    दामोदर यादव (आसपा): 11,754 वोट
    कांग्रेस ने इस चरण तक 6,583 वोटों की बढ़त बना ली है।

    पहले राउंड में भाजपा आगे, फिर कांग्रेस ने पलटी बाजी
    सुबह 8 बजे शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना शुरू हुई। पहले राउंड में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने 909 वोटों की बढ़त बनाई थी। हालांकि दूसरे, तीसरे और चौथे राउंड में कांग्रेस ने लगातार बढ़त हासिल कर मुकाबले का रुख बदल दिया। पांचवें राउंड में भाजपा ने कुछ अंतर कम किया, लेकिन छठे, सातवें और आठवें राउंड में कांग्रेस ने बढ़त लगातार बढ़ाते हुए निर्णायक स्थिति बना ली।

    नेता प्रतिपक्ष ने किया जीत का दावा
    मतगणना के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि दतिया की जनता का रुझान कांग्रेस के पक्ष में है और पार्टी की जीत तय है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र के खिलाफ भी लड़ा गया। सिंघार ने यह भी कहा कि दतिया उपचुनाव का परिणाम 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला साबित होगा।

    दोनों दलों को जीत का भरोसा
    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने दावा किया कि उनकी जीत का अंतर 12 से 15 हजार वोट तक पहुंच सकता है। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों के दम पर भाजपा ही जीत दर्ज करेगी।

    कड़ी सुरक्षा के बीच जारी मतगणना
    दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था। मतगणना के लिए 21 टेबल लगाई गई हैं और करीब 350 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मतगणना केंद्र को छावनी में तब्दील किया गया है और केवल अधिकृत पासधारकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।

  • कोबरा से सामना, वोट का खुलासा और भ्रष्टाचार पर हमला, मध्य प्रदेश की राजनीति में दिनभर रही हलचल

    कोबरा से सामना, वोट का खुलासा और भ्रष्टाचार पर हमला, मध्य प्रदेश की राजनीति में दिनभर रही हलचल


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमे तक चर्चा का माहौल बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्र जीवन का एक रोमांचक अनुभव साझा किया, जिसमें उनके हाथ पर जहरीला कोबरा लिपट गया था। दूसरी ओर दतिया उपचुनाव में मतदान करने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने खुले तौर पर बताया कि उन्होंने भाजपा और पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। वहीं गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने सार्वजनिक मंच से खनिज विभाग पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप लगाकर अपनी ही सरकार के अधिकारियों पर सवाल खड़े कर दिए।

    उज्जैन में बन रहे स्नेक पार्क के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कॉलेज जीवन का एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि विज्ञान महाविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्होंने जादू की कुछ ट्रिक्स सीखी थीं। गणेश उत्सव के एक कार्यक्रम में प्रदर्शन के लिए वे एक सांप लेकर पहुंचे और उससे जादू का खेल दिखाया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोस्तों के कहने पर जब उन्होंने सांप को बाहर निकाला तो वह अचानक सक्रिय हो गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सांप को मजबूती से पकड़ लिया, लेकिन वह उनके हाथ पर लिपट गया और दूसरे हाथ पर काटने की कोशिश करने लगा। बाद में जब वे सांप को वापस छोड़ने पहुंचे तो पता चला कि वह साधारण सांप नहीं बल्कि जहरीला कोबरा था और उसके विषैले दांत भी सुरक्षित थे। यह सुनकर वे भी हैरान रह गए। मुख्यमंत्री का यह अनुभव सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी आश्चर्यचकित रह गए।

    उधर दतिया विधानसभा उपचुनाव में मतदान के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने कमल के फूल के निशान पर वोट दिया है और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में मतदान किया है। उनके इस बयान की राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा रही। नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जीत का दावा भी किया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी अपनी पार्टी की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह बड़ी बढ़त से चुनाव जीतेंगे। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं।

    गुना में उद्योग विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वैध रसीद होने के बावजूद रेत लेकर जा रहे व्यक्ति पर जुर्माना लगाने का प्रयास किया गया। विधायक ने कहा कि कार्रवाई असली दोषियों पर होने के बजाय आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मंच से ही विभागीय अधिकारियों पर अवैध वसूली के आरोप लगाए और कहा कि इस संबंध में अधिकारियों से बात करने की कोशिश भी की, लेकिन उनकी बात तक नहीं सुनी गई। भाजपा विधायक के इन आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इसी बीच दतिया उपचुनाव से जुड़ा एक दिलचस्प घटनाक्रम भी सामने आया। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की एक टीम वोट मांगने के लिए ऐसे गांव पहुंच गई, जो दतिया विधानसभा क्षेत्र में आता ही नहीं था। जब कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की तो लोगों ने बताया कि वे इस उपचुनाव के मतदाता ही नहीं हैं क्योंकि उनका गांव भांडेर विधानसभा क्षेत्र में आता है। यह सुनकर कार्यकर्ता असहज हो गए और उन्हें वहां से लौटना पड़ा।

    एक ही दिन में सामने आए इन घटनाक्रमों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग कारणों से हलचल पैदा कर दी। मुख्यमंत्री का रोचक अनुभव, चुनावी बयानबाजी, सरकारी विभागों पर भ्रष्टाचार के आरोप और चुनाव प्रचार की चूक—इन सभी ने राजनीतिक चर्चा को नया विषय दे दिया।

  • दतिया उपचुनाव में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, कांग्रेस-बीजेपी कर रही अपनी-अपनी जीत का दावा

    दतिया उपचुनाव में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, कांग्रेस-बीजेपी कर रही अपनी-अपनी जीत का दावा

    दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को मतदान उत्साहपूर्ण माहौल में जारी है। 3 बजे तक 61.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

    इस बीच कांग्रेस ने सिरोल क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई। पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्वाचन अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की।

    वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने की आशंका के चलते बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी की हताशा और निराशा को दर्शाता है।

    ठाकुरपुरा के बूथ संख्या-275 पर कुल 841 मतदाता हैं। यहां दोपहर 3:30 बजे तक करीब 82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पिछले विधानसभा चुनाव में इसी बूथ पर लगभग 98 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने डबरा में दावा किया कि दतिया में प्रशासनिक दबाव और धनबल का इस्तेमाल किया गया, लेकिन इसके बावजूद जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह बड़ी बढ़त के साथ चुनाव जीतेंगे और पार्टी को करीब 25 हजार वोटों से विजय मिलेगी।

    उधर, कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी कार्यकर्ता शिवपुरी सीमा पर सक्रिय हैं और दतिया की जनता प्रदेश की “सरकारी अराजकता” का लोकतांत्रिक जवाब देने के लिए मतदान कर रही है।

    मतदान के दौरान मौसम ने भी करवट बदली। दतिया शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिसके बाद तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम की चुनौती के बावजूद मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया लगातार जारी रही।

  • दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु

    दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु


    दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को लोकतंत्र का उत्साह पूरे जिले में देखने को मिला। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं। दोपहर तक जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 32.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और सभी केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट क्रमांक 108 पर बैलेटिंग यूनिट और क्रमांक 290 पर कंट्रोल यूनिट में समस्या आई थी। हालांकि मॉक पोल के दौरान सभी राजनीतिक दलों के एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में खराब उपकरणों को तुरंत बदल दिया गया। इसके बाद सभी केंद्रों पर तय समय पर मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि तकनीकी खराबियों का समय रहते समाधान कर लिया गया था और कहीं भी मतदान प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चल रहा है तथा प्रशासन लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

    इस बीच बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार करते हुए सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की समझाइश के बाद लगभग 50 ग्रामीणों ने मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और भाजपा के अहंकार का जवाब वोट के जरिए देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बसई क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को प्रवेश नहीं दिया गया जिसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारियों से की गई है।

    वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ पहुंचकर पूजा अर्चना की और दतिया के विकास युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र में शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरपूर समर्थन भाजपा के साथ है और पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख बीस हजार चार सौ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी उपचुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।

  • दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का महापर्व मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें सड़क के मुद्दे पर विरोध के बीच दोनों दलों ने किया जीत का दावा

    दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का महापर्व मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें सड़क के मुद्दे पर विरोध के बीच दोनों दलों ने किया जीत का दावा


    दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार सुबह सात बजे से मतदान शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और लोगों ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शुरुआती घंटों में ही 16.33 प्रतिशत मतदान दर्ज होने से चुनाव को लेकर लोगों की सक्रिय भागीदारी साफ दिखाई दी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मतदाता समय से पहले मतदान केंद्रों पर पहुंच गए जिससे पूरे जिले में चुनावी माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।

    हालांकि मतदान के बीच एक स्थान पर स्थानीय समस्या भी प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई। बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव के ग्रामीणों ने मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया और सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सूचना मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद लगभग पचास ग्रामीणों ने मतदान में हिस्सा लिया।

    चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी अपने अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने मतदान करने के बाद दावा किया कि जनता इस बार भाजपा के अहंकार को जवाब देगी और कांग्रेस ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बसई क्षेत्र में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग भी की।

    वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले मां पीतांबरा पीठ पहुंचकर दर्शन किए और दतिया के विकास युवाओं के रोजगार तथा भयमुक्त वातावरण की कामना की। इसके बाद उन्होंने अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की और विश्वास जताया कि जनता विकास के पक्ष में मतदान कर रही है तथा भाजपा को भरपूर समर्थन मिलेगा।

    जिले में कुल 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं जहां दो लाख बीस हजार चार सौ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं जबकि सेक्टर मोबाइल दल लगातार क्षेत्र में गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय पर मतदान शुरू हुआ और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संचालित की जा रही है। प्रशासन ने मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने की अपील भी की।

    दतिया उपचुनाव में शुरुआती मतदान प्रतिशत और मतदाताओं के उत्साह ने संकेत दिया है कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण अवसर पर जनता अपने अधिकार का उपयोग करने के लिए पूरी तरह जागरूक है। अब सभी की नजर मतदान समाप्त होने के बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है जो यह तय करेंगे कि दतिया की जनता ने किस पर अपना भरोसा जताया है।

  • दतिया की चुनावी जंग में आरोप प्रत्यारोप तेज भाजपा की नई रणनीति नरोत्तम का टैंकर और सिंधिया के तंज बने चर्चा का केंद्र

    दतिया की चुनावी जंग में आरोप प्रत्यारोप तेज भाजपा की नई रणनीति नरोत्तम का टैंकर और सिंधिया के तंज बने चर्चा का केंद्र


    भोपाल । मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार अब पूरी तरह गर्मा चुका है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल जीत के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। चुनावी सभाओं में विकास के मुद्दों के साथ साथ तंज व्यंग्य और राजनीतिक बयानबाजी भी सुर्खियां बटोर रही है। नेताओं के बयान और चुनावी रणनीतियां इस उपचुनाव को लगातार दिलचस्प बना रही हैं।

    भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है लेकिन प्रचार अभियान में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका भी बेहद अहम नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दतिया में आयोजित चुनावी सभा के दौरान आशुतोष तिवारी और नरोत्तम मिश्रा को मंच पर साथ खड़ा करते हुए दोनों को राम लक्ष्मण की जोड़ी बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोग इसे भाजपा की ऐसी रणनीति बता रहे हैं जिसमें प्रत्याशी के साथ वरिष्ठ नेता की लोकप्रियता का भी पूरा लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है।

    इसी बीच दतिया में सड़क किनारे खड़े एक पुराने टैंकर ने भी चुनावी माहौल को नया मोड़ दे दिया। टैंकर पर पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम लिखा होने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने लगीं। कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर भाजपा पर तंज कसते हुए दावा किया कि पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता को राजनीतिक रूप से पीछे कर दिया है। हालांकि भाजपा नेताओं ने इस तरह की टिप्पणियों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।

    उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी दतिया में लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि उनका पूरा ध्यान दतिया उपचुनाव पर है और कांग्रेस इस सीट को हर हाल में जीतना चाहती है। भाजपा ने भी इस बयान पर पलटवार किया। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जीतू पटवारी आजकल हर जगह घूम रहे हैं लेकिन उनका अपना कोई हल्का नहीं है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई।

    चुनावी प्रचार के दौरान नेताओं ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को भी अपने अपने तरीके से उठाया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी की पृष्ठभूमि को लेकर बयान दिए तो कांग्रेस ने लोकतंत्र में जनता को सबसे बड़ा बताया। दोनों दल अपने समर्थकों को यह भरोसा दिलाने में जुटे हैं कि वही जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी दतिया पहुंचकर भाजपा के पक्ष में प्रचार किया। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल की बिजली व्यवस्था का जिक्र करते हुए पुराने दिनों का उदाहरण दिया और अपने खास अंदाज में कांग्रेस पर निशाना साधा। उनके भाषण और मंचीय प्रस्तुति को लेकर भी सभा में मौजूद लोगों के बीच खूब चर्चा रही।

    राजनीतिक हलकों में चुनाव प्रचार से जुड़ा एक रोचक प्रसंग भी चर्चा का विषय बना। भाजपा की एक संगठनात्मक बैठक के दौरान एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने मजाकिया अंदाज में संगठन के एक पदाधिकारी से मुख्यमंत्री बनने की बात कह दी। इस टिप्पणी पर कुछ देर के लिए बैठक में मौजूद नेताओं के बीच हल्की मुस्कान और हास्य का माहौल बन गया।

    दतिया उपचुनाव में अब प्रचार अंतिम दौर में पहुंच रहा है। दोनों प्रमुख दल अपने अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार जनसभाएं कर रहे हैं। आने वाले दिनों में चुनावी बयानबाजी और रणनीतियां और तेज होने की संभावना है जबकि अंतिम फैसला मतदाता अपने वोट के जरिए करेंगे।