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  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसों से बढ़ी चिंता, दौसा में दो साल में 61 मौतों के बाद खुद निरीक्षण करेंगे नितिन गडकरी

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगातार हादसों से बढ़ी चिंता, दौसा में दो साल में 61 मौतों के बाद खुद निरीक्षण करेंगे नितिन गडकरी

    नई दिल्ली । दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के राजस्थान स्थित दौसा खंड पर लगातार बढ़ते सड़क हादसों ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के वर्षों में इस हिस्से पर दुर्घटनाओं और मौतों की बढ़ती संख्या के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी स्वयं मौके का निरीक्षण करने जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर मौजूद संभावित तकनीकी और यातायात संबंधी कमियों का आकलन करना तथा भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक सुधारों की दिशा तय करना है।

    दौसा जिले की सीमा में आने वाले एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2025 में 33 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 35 लोगों की जान गई। वहीं वर्ष 2026 में जून तक 24 हादसों में 26 लोगों की मौत हो चुकी है। इस तरह दो वर्षों से भी कम समय में इस मार्ग पर 61 लोगों की जान जा चुकी है। लगातार सामने आ रहे इन आंकड़ों ने सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेसवे के संचालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    हाल ही में इसी मार्ग पर हुई एक भीषण बस दुर्घटना ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले कि मार्ग पर दिशा-सूचक संकेत स्पष्ट नहीं होने के कारण आगे चल रहे वाहन के चालक को सही निकास बिंदु समझने में परेशानी हुई। इसके बाद वाहन की गति अचानक कम होने से पीछे आ रही तेज रफ्तार बस उससे टकरा गई। इस दुर्घटना में कई लोगों की जान चली गई, जबकि अनेक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए।

    प्रारंभिक स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में लगे दिशा-सूचक बोर्ड तेज गति से चल रहे वाहनों के चालकों के लिए पर्याप्त स्पष्ट नहीं हैं। कई स्थानों पर टर्न से पहले लगाए गए संकेत छोटे दिखाई देते हैं, जिससे चालक समय रहते सही लेन नहीं चुन पाते। कुछ मामलों में वाहन आगे निकलने के बाद अचानक गति कम कर देते हैं या वापस मुड़ने की कोशिश करते हैं, जिससे पीछे आ रहे वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक एक्सप्रेसवे पर केवल चौड़ी सड़क बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले साइनेज, पर्याप्त दूरी पर चेतावनी संकेत, स्पष्ट लेन मार्गदर्शन और सुरक्षित निकास व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। यदि संकेत समय पर और स्पष्ट दिखाई दें तो चालक पहले ही आवश्यक निर्णय ले सकते हैं और दुर्घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है।

    केंद्रीय मंत्री के निरीक्षण के दौरान सड़क की डिजाइन, साइनेज, लेन प्रबंधन, निकास बिंदुओं और अन्य सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा किए जाने की संभावना है। इसके आधार पर आवश्यक सुधार कार्यों की रूपरेखा तैयार की जा सकती है ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं की संख्या कम हो और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है और इस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन आवाजाही करते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर इंजीनियरिंग, स्पष्ट संकेतक, नियमित सुरक्षा ऑडिट और यातायात नियमों का सख्ती से पालन ही इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय हो सकता है। गडकरी के इस निरीक्षण से एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस में भीषण आग, 7 यात्रियों की दर्दनाक मौत; मध्य प्रदेश के 5 लोग जिंदा जले, 13 की हालत गंभीर, 4 अब भी लापता

    मध्य प्रदेश:  राजस्थान के दौसा जिले के पास ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में मध्य प्रदेश के पांच यात्री शामिल हैं, जो बस के भीतर ही आग की चपेट में आने से बाहर नहीं निकल सके। इसके अलावा दो अन्य यात्रियों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें 13 की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। वहीं चार यात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चल सका है, जिससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

    बताया जा रहा है कि बस उत्तराखंड के ऋषिकेश से यात्रियों को लेकर इंदौर के लिए रवाना हुई थी। देर रात जब बस राजस्थान के दौसा क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी उसमें अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग तेजी से पूरी बस में फैल गई और कुछ ही मिनटों में वाहन आग की लपटों से घिर गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर छलांग लगा दी। हालांकि कई यात्री समय रहते बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही सात यात्रियों की मृत्यु हो चुकी थी। मृतकों में पांच शव इतने अधिक झुलस चुके थे कि उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    अस्पताल में भर्ती घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। चिकित्सकीय टीम लगातार उनका उपचार कर रही है और गंभीर रूप से घायल यात्रियों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर बेहतर उपचार के लिए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित करने की भी तैयारी की है।

    हादसे के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर, बड़वाह, डबरा और अन्य क्षेत्रों के परिवारों में शोक और चिंता का माहौल है। कई परिजन अपने रिश्तेदारों की जानकारी लेने और उनकी पहचान के लिए राजस्थान रवाना हो चुके हैं। प्रशासन लगातार घायलों और मृतकों की पहचान संबंधी जानकारी परिजनों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है ताकि राहत कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।

    इस बीच चार यात्रियों के लापता होने की सूचना ने राहत एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन बस के आसपास के क्षेत्र में उनकी तलाश कर रहे हैं। साथ ही अस्पतालों और अन्य संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि सभी यात्रियों का पता लगाया जा सके।

    घटना के कारणों का अभी स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने आग लगने की वजह की जांच शुरू कर दी है। तकनीकी विशेषज्ञ बस की स्थिति, इंजन, विद्युत प्रणाली और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के साथ घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

  • Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत

    Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत


    दौसा।
    राजस्थान के दौसा (Dausa, Rajasthan) में मंगलवार रात एक भयानक हादसा हो गया। एनएच-2 पर एक तेज रफ्तार कार (High Speed Car) ने नियंत्रण खोने के बाद ट्रेलर में टक्कर मार दी। भीषण हादसे में छह दोस्तों (Six Friends) की मौत हो गई। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे।

    हादसा जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास रात करीब 11 बजे हुआ। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर में फंस गया और उसे क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। कार में सवार सभी 6 युवक दौसा जिले के कालाखो गांव के रहने वाले थे। वे आभानेरी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    समारोह से लौटते समय जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर उनकी कार तेज गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार अचानक अनियंत्रित हुई, डिवाइडर पार कर गई और दूसरी लेन में सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद कार को ट्रेलर से अलग किया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


    चार की सिकंदरा अस्पताल में और दो की दौसा में मौत

    सिकंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य गंभीर रूप से घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से एक युवक ने दौसा में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में कुल छह युवकों की जान चली गई।


    23 से 26 साल के सभी दोस्त

    मृतकों की पहचान समय सिंह (25) पुत्र राम सिंह योगी, लोकेश (24) पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश (24) पुत्र बनवारी योगी, मनीष (23) पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित (26) पुत्र लालाराम बैरवा और नवीन (23) के रूप में हुई है।


    हादसे के बाद मचा कोहरा

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। एक साथ छह युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।