Tag: Dead Body

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस

    BHEL गेट के पास बोरी में मिला युवक का शव, पहचान नहीं हुई; CCTV फुटेज खंगाल रही गोविंदपुरा पुलिस


    भोपाल । भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब BHEL गेट नंबर 8 के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। झाड़ियों में शव मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि शव करीब चार से पांच दिन पुराना हो सकता है। शव की हालत और घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध माना जा रहा है और पुलिस ने हर संभावित पहलू से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना है। युवक के पास से ऐसा कोई स्पष्ट दस्तावेज या पहचान संबंधी जानकारी नहीं मिली है जिससे उसकी तुरंत पहचान हो सके। पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों की जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस दूसरे संभावित माध्यमों से भी मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पिछले कुछ दिनों में इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखा गया था या नहीं।

    शव की जांच के दौरान युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं। इन्हीं चोटों के कारण पुलिस हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत की वास्तविक वजह को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस वजह से हुई और शरीर पर मिले चोटों के निशान किस परिस्थिति में आए। पुलिस हत्या समेत अन्य सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

    घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। शव को जिस जगह बोरी में बंद करके फेंका गया था उसके आसपास के इलाके की भी बारीकी से जांच की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शव को कहीं और से लाकर यहां फेंका गया या वारदात इसी इलाके में हुई। इसके लिए घटनास्थल तक पहुंचने वाले रास्तों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    मामले की जांच में CCTV फुटेज को भी अहम माना जा रहा है। BHEL गेट नंबर 8 और आसपास के प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले चार से पांच दिनों के दौरान किसी संदिग्ध वाहन या व्यक्ति की आवाजाही तो नहीं हुई थी। अगर किसी वाहन के जरिए शव यहां लाए जाने की पुष्टि होती है तो CCTV फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है।

    फिलहाल युवक की पहचान और मौत की वजह दोनों ही पुलिस के लिए रहस्य बनी हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CCTV फुटेज की जांच के साथ पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच के दौरान मिलने वाले साक्ष्यों से मृतक की पहचान के साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव BHEL गेट के पास झाड़ियों में बोरी के अंदर किसने और क्यों फेंका।

  • पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक

    पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक


    इंदौर इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र स्थित जबरन कॉलोनी में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव उसके घर की पानी की टंकी से बरामद किया गया। कई दिनों तक लापता रहने के बाद जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद टंकी से शव बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच में पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ पप्पू मालवीय के रूप में हुई है। वह पेशे से पुताई का काम करता था और जबरन कॉलोनी में अकेले रहता था। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी और बेटी कई वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शराब पीने का आदी भी था।

    बताया जा रहा है कि रविवार के बाद से ओमप्रकाश किसी को दिखाई नहीं दिया। पहले लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके घर से तेज बदबू आने लगी। जब लोगों ने घर का गेट खोलकर देखा तो पानी की टंकी से दुर्गंध आ रही थी। सूचना मिलते ही रावजी बाजार थाना पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    करीब सात फीट गहरी और साढ़े तीन फीट चौड़ी पानी की टंकी में लगभग डेढ़ फीट पानी भरा हुआ था। उसी में ओमप्रकाश का शव डूबा मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह डिकंपोज हो चुका था और शरीर की चमड़ी भी निकलने लगी थी। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। संकरी टंकी से शव निकालना भी बेहद मुश्किल साबित हुआ। इसके लिए मौके पर मौजूद टीम को फर्श का हिस्सा तोड़ना पड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।

    शव निकालने के दौरान एक दिलचस्प लेकिन महत्वपूर्ण स्थिति भी सामने आई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बदबू कम करने के लिए पानी की टंकी में फिनाइल डालने की सलाह दी। यहां तक कि कुछ लोग फिनाइल की बोतल भी ले आए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ डालने से जांच प्रभावित हो सकती है और पोस्टमार्टम के दौरान भी यह गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

    इस पूरे मामले पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी पुलिस के फैसले को सही बताया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह के अनुसार, डिकंपोज शव वाले पानी में फिनाइल या कोई अन्य केमिकल मिलाने से वह शव के हर हिस्से तक पहुंच जाता है। इससे पोस्टमार्टम के दौरान मिलने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्कर्ष प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मौत के कारणों का सही आकलन करना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शव भले ही अत्यधिक सड़ चुका हो और दुर्गंध असहनीय हो, फिर भी वैज्ञानिक जांच की शुद्धता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉक्टर कई बार दो से तीन जोड़ी दस्ताने पहनकर पोस्टमार्टम करते हैं, ताकि आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच पूरी की जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।