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  • एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अहम अपडेट, तय समय सीमा से पहले e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

    नई दिल्ली । देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया को समय पर पूरा करना जरूरी हो गया है। गैस कनेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और प्रमाणित बनाने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर e-KYC कराने की सलाह दी गई है। यदि तय अवधि तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है, तो भविष्य में गैस सिलेंडर की आपूर्ति या उससे जुड़ी कुछ सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।

    e-KYC का उद्देश्य उपभोक्ताओं की पहचान का सत्यापन करना और एलपीजी कनेक्शन से संबंधित जानकारी को अद्यतन रखना है। इससे वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी या निष्क्रिय कनेक्शनों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी। साथ ही गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे 16 अगस्त की निर्धारित समय सीमा से पहले अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें। इसके लिए गैस एजेंसी, अधिकृत सेवा केंद्र या उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।

    e-KYC के दौरान आधार से जुड़ी जानकारी और बायोमेट्रिक अथवा अन्य निर्धारित पहचान प्रक्रिया के माध्यम से उपभोक्ता का सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित गैस कनेक्शन का रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी या दस्तावेजी परेशानी की संभावना कम हो जाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर e-KYC पूरा करने से उपभोक्ताओं को गैस वितरण, सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की जानकारी अपडेट नहीं होगी, उन्हें भविष्य में सेवा प्राप्त करने के दौरान अतिरिक्त सत्यापन या अन्य औपचारिकताओं से गुजरना पड़ सकता है।

    ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए भी यह प्रक्रिया समान रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे क्षेत्रों में संबंधित एजेंसियां लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करा रही हैं, ताकि कोई भी पात्र उपभोक्ता समय सीमा के कारण असुविधा का सामना न करे। वरिष्ठ नागरिकों और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले लोगों को भी परिवार या स्थानीय सेवा केंद्र की मदद से यह प्रक्रिया जल्द पूरी करने की सलाह दी गई है।

    उपभोक्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके मोबाइल नंबर, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण गैस कनेक्शन के रिकॉर्ड में सही दर्ज हों। यदि किसी जानकारी में बदलाव हुआ है, तो उसे e-KYC के दौरान अपडेट कराया जा सकता है। इससे भविष्य में गैस बुकिंग, वितरण और अन्य सेवाओं में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

    एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अंतिम समय तक प्रतीक्षा करने के बजाय जल्द से जल्द e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। समय सीमा के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने से गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति, रिकॉर्ड का सही रखरखाव और सभी उपलब्ध सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहेगा।

  • ITR: डेडलाइन के अंतिम दिनों में इनकम टैक्स पोर्टल हुआ ठप… टैक्सपेयर्स की बढ़ी टेंशन

    ITR: डेडलाइन के अंतिम दिनों में इनकम टैक्स पोर्टल हुआ ठप… टैक्सपेयर्स की बढ़ी टेंशन


    नई दिल्ली।
    अगर आपने अभी तक अपना ITR फाइल नहीं किया है, तो अलर्ट हो जाइए। 31 जुलाई की आखिरी तारीख से ठीक पहले इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) का ई-फाइलिंग पोर्टल (E-filing portal) कई यूजर्स के लिए ठप पड़ गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि न तो वेबसाइट खुल रही है, न लॉगिन हो रहा है और न ही टैक्स पेमेंट या ITR फाइल हो पा रहा है। 31 जुलाई को इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return 2026- ITR) भरने की आखिरी तारीख है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग अपना रिटर्न दाखिल करने और बाकी टैक्स का पेमेंट करने में जुटे हैं। लेकिन कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिकायत की कि इनकम टैक्स विभाग का ई-फाइलिंग पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है।


    टैक्सपेयर्स ने की शिकायत

    यूजर्स के मुताबिक पोर्टल पर लॉगिन करने में दिक्कत आ रही है। कई लोगों का कहना है कि वे आईटीआर फाइल नहीं कर पा रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स टैक्स पेमेंट भी नहीं कर सके। एक यूजर ने लिखा कि पिछले दो घंटे से पोर्टल काम नहीं कर रहा है और इनकम टैक्स पर भी वेबसाइट का इस तरह बंद होना हैरान करने वाला है।


    आखिरी दिनों में पोर्टल पर बढ़ा ट्रैफिक

    इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट के मुताबिक असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। हर साल की तरह इस बार भी आखिरी कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोग रिटर्न फाइल करने के लिए पोर्टल पर पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि बढ़ते ट्रैफिक की वजह से भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ सकती हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    31 जुलाई है आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख
    फिलहाल इनकम टैक्स विभाग की ओर से पोर्टल में आई दिक्कतों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। साथ ही 31 जुलाई की आखिरी तारीख बढ़ाने को लेकर भी कोई घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जिन लोगों का आईटीआर अभी तक फाइल नहीं हुआ है, उन्हें सलाह दी जाती है कि पोर्टल सामान्य होते ही तुरंत अपना रिटर्न दाखिल करें। जब तक इनकम टैक्स विभाग की ओर से कोई नई सूचना नहीं आती, तब तक 31 जुलाई की अंतिम तारीख पहले की तरह ही लागू रहेगी।

  • अब तक सिर्फ 1.97 करोड़ ITR दाखिल, डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद नहीं… कहीं भारी न पड़ जाए 31 जुलाई का इंतजार!

    अब तक सिर्फ 1.97 करोड़ ITR दाखिल, डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद नहीं… कहीं भारी न पड़ जाए 31 जुलाई का इंतजार!


    नई दिल्ली।
    अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return- ITR) दाखिल नहीं किया है और सोच रहे हैं कि पिछले साल की तरह इस बार भी सरकार अंतिम तारीख बढ़ा देगी, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए 31 जुलाई ITR फाइल करने की आखिरी तारीख है। हालांकि, अब तक केवल करीब 1.97 करोड़ ITR ही दाखिल हुए हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में कुल 7 करोड़ से ज्यादा रिटर्न फाइल हुए थे। धीमी रफ्तार को देखकर कई लोग डेडलाइन (Deadline) बढ़ने की उम्मीद लगा रहे हैं, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि इस बार ऐसा होने की संभावना बेहद कम है।

    पिछले साल सरकार ने ITR फाइल करने की अंतिम तारीख इसलिए बढ़ाई थी, क्योंकि आयकर विभाग ने ITR फॉर्म और ऑनलाइन फाइलिंग यूटिलिटी जारी करने में देरी की थी। इसके कारण करदाताओं के पास रिटर्न दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं बचा था। लेकिन, इस साल स्थिति पूरी तरह अलग है। अधिकांश ITR फॉर्म, ऑनलाइन यूटिलिटी, फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और TIS (Taxpayer Information Summary) पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में टैक्सपेयर्स के पास समय की कमी का कोई बड़ा कारण नहीं है।

    एक्सपर्ट का मानना है कि अगर कोई बड़ा तकनीकी व्यवधान या आयकर पोर्टल पर गंभीर समस्या नहीं आती, तो सरकार के पास डेडलाइन बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं होगा। इसलिए केवल उम्मीद के भरोसे बैठना महंगा साबित हो सकता है।

    अगर कोई करदाता 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करता है, तो उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे पहले इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ सकती है। अगर टैक्स बकाया है, तो उस पर ब्याज भी देना होगा। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में कैपिटल लॉस या बिजनेस लॉस को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने का लाभ भी नहीं मिलेगा, यानी देरी सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य की टैक्स प्लानिंग पर भी असर डाल सकती है।

    टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि जल्दी ITR फाइल करने के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर आपको टैक्स रिफंड मिलना है, तो वह जल्दी प्रोसेस हो जाएगा। इसके अलावा अगर रिटर्न में कोई गलती रह जाती है, तो उसे समय रहते सुधारा भी जा सकता है। आखिरी दिनों में पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण वेबसाइट धीमी पड़ने या तकनीकी दिक्कतें आने की संभावना भी बढ़ जाती है, जिससे फाइलिंग में परेशानी हो सकती है।

    ITR दाखिल करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। सबसे पहले फॉर्म 16, बैंक इंटरेस्ट सर्टिफिकेट, कैपिटल गेन स्टेटमेंट, अन्य आय से जुड़े दस्तावेज और टैक्स कटौती की पूरी जानकारी एकत्र कर लें। इसके बाद फॉर्म 26AS, AIS और TIS में दर्ज जानकारी का मिलान करें ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचा जा सके। साथ ही यह भी जांच लें कि इस बार आपके लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) बेहतर है या नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)। सिर्फ पिछले साल चुने गए विकल्प के आधार पर निर्णय लेना सही नहीं होगा।

    इस बार ITR की अंतिम तारीख बढ़ने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। इसलिए आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करना ही समझदारी होगी। इससे न केवल जुर्माने और ब्याज से बचा जा सकेगा, बल्कि रिफंड भी जल्दी मिलेगा और किसी संभावित टैक्स नोटिस की आशंका भी कम हो जाएगी। अगर आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो 31 जुलाई से पहले यह काम पूरा करना आपके लिए सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।

  • कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आखिरी मौका: सीबीएसई री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन के लिए आज अंतिम दिन

    कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आखिरी मौका: सीबीएसई री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन के लिए आज अंतिम दिन

    नई दिल्ली । कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए सीबीएसई द्वारा री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन का आवेदन आज अंतिम दिन है। जिन छात्रों को अपने परीक्षा परिणाम पर आपत्ति है, उनके पास अब केवल कुछ घंटे बचे हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की समय सीमा आज रात 11 बजकर 59 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।

    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इस बार पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल के माध्यम से छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जांच कराने का अवसर दिया है। पहले यह समय सीमा 6 जून तय की गई थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं और उच्च मांग को देखते हुए इसे एक दिन बढ़ा दिया गया।

    छात्रों के लिए इस प्रक्रिया में सबसे पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद छात्र सत्यापन के लिए आवेदन कर सकते हैं या किसी विशेष प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध कर सकते हैं। री-इवैल्यूएशन और सत्यापन की यह व्यवस्था मूल्यांकन की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और छात्रों का भरोसा मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है।

    इस वर्ष बोर्ड ने कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने में ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली का उपयोग किया है। कई छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में धुंधली तस्वीरें या अंकन न दिखने जैसी समस्याओं की शिकायत की थी। यही कारण है कि इस प्रक्रिया के लिए आवेदन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अब तक 70 हजार से अधिक आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं।

    छात्रों को सत्यापन के लिए निर्धारित शुल्क और पुनर्मूल्यांकन के लिए प्रति प्रश्न शुल्क जमा करना होता है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद जारी अंक अंतिम और बाध्यकारी होंगे। इसके बाद किसी अन्य स्तर पर अपील की अनुमति नहीं होगी। इसलिए जिन छात्रों को अपने परिणाम पर संदेह है, उनके लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे समय रहते पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें। रात 11:59 के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और इसके बाद कोई नया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह कदम छात्रों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता का भरोसा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    छात्रों के लिए यह अवसर उनकी मेहनत और प्रयासों की सही पहचान सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। बोर्ड की यह व्यवस्था छात्रों और अभिभावकों के बीच भरोसे को बढ़ाने में सहायक साबित होगी।

    इसलिए कक्षा 12वीं के वे छात्र जिन्होंने अपने अंक या परिणाम पर आपत्ति दर्ज कराई है, उन्हें तुरंत री-इवैल्यूएशन और सत्यापन के लिए आवेदन करना चाहिए। समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • 31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन

    31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन


    नई दिल्ली।
    एक अप्रैल (April 1st) से नए फाइनेंशियल ईयर (New Financial Year) की शुरुआत होने वाली है। इससे पहले, 31 मार्च को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर में कुछ जरूरी काम निपटा लेने होंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कई ऐसी डेडलाइन (Deadline) हैं जो 31 मार्च को पूरी हो रही हैं। इनमें इनकम टैक्स (Income Tax) और इन्वेस्टमेंट (Investment) से जुड़ी डेडलाइन (Deadline) भी शामिल हैं।


    वेतन आयोग को सुझाव देने की डेडलाइन

    8वें वेतन आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित सुधारों के लिए सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है। यह डेडलाइन केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न हितधारकों के लिए है। बता दें कि वेतन आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का एक विस्तृत प्रश्नावली जारी किया है। इस प्रश्नावली के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों, न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट कर्मचारियों, नियामक संस्थाओं के सदस्यों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है।


    ITR-U की डेडलाइन

    31 मार्च तक अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की डेडलाइन है। जिन लोगों ने अपनी कोई इनकम रिपोर्ट नहीं की है या इनकम का गलत हिसाब लगाया है, जिससे उनकी इनकम टैक्स देनदारी कम हो गई है, उनके पास अब इस गलती को सुधारने का मौका है। ऐसे लोग ITR-U फाइल करके ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि ITR-U फाइल करने के लिए आपको पेनल्टी और ब्याज के तौर पर अतिरिक्त इनकम टैक्स देना होगा और ITR-U के जरिए टैक्स रिफंड का कोई दावा नहीं किया जा सकता। पहले ITR-U का इस्तेमाल पिछले दो सालों की गलतियों को सुधारने के लिए किया जा सकता था लेकिन बजट 2025 में, इस समयसीमा को बढ़ाकर पिछले चार सालों तक कर दिया गया है। अगर आप रिटर्न सही समय पर भरने या सही डेटा देने से चूक गए हैं तो समझदारी इसी में है कि आप अभी अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करें और ITR-U फाइल कर दें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप अभी ITR-U फाइल नहीं करते हैं और बाद में इनकम टैक्स विभाग आपको पकड़ लेता है, तो आप पर अभी ITR-U फाइल करने के लिए लगने वाली पेनल्टी से कहीं ज्यादा बड़ी पेनल्टी लगाई जा सकती है।


    धारा 80C के तहत टैक्स बचाने का आखिरी मौका

    पुराने टैक्स सिस्टम को मानने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 31 मार्च निवेश करने का आखिरी मौका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसे विकल्पों में योगदान 31 मार्च से पहले पूरा कर लेना चाहिए। इन निवेशों में देरी करने का मतलब हो सकता है कि आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए कीमती टैक्स छूट से चूक जाएं।

    – नया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले यह आवेदन कर लेना चाहिए। इससे अप्रैल 2026 से ही डिडक्टर सही दर पर TDS काट सकेंगे। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है लेकिन प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी है।
    – वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) का TDS रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।


    PAN कार्ड नियमों की समय सीमा

    31 मार्च के बाद आप सिर्फ आधार का इस्तेमाल करके PAN के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। इसलिए अगर आप कम से कम डॉक्यूमेंट्स और बिना किसी परेशानी के PAN कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको यह 31 मार्च को या उससे पहले करना होगा। उसके बाद, पैन एप्लीकेशन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी। जरूरत पड़ने पर एफिडेविट और दूसरे सरकारी डॉक्यूमेंट्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


    नियोक्ताओं को निवेश के प्रमाण जमा करना

    आपको 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक अपने नियोक्ता को अपने निवेश के प्रमाण जमा करने होंगे। इनमें मकान किराया भत्ता (HRA) के दावों के लिए किराए की रसीदें, जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भुगतान की रसीदें, ELSS निवेश विवरण, PPF पासबुक या जमा की रसीदें शामिल हैं।