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  • पश्चिम बंगाल में एक साल के दौरान जारी OBC सर्टिफिकेट होंगे अमान्य? सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

    पश्चिम बंगाल में एक साल के दौरान जारी OBC सर्टिफिकेट होंगे अमान्य? सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) प्रमाणपत्रों की वैधता से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करने की बात कही। मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका से संबंधित है, जिसमें 8 मई 2025 से 18 मई 2026 के बीच राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए सभी ओबीसी प्रमाणपत्रों को अमान्य करार दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

    जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका को इसी तरह के मुद्दे से संबंधित एक अन्य लंबित याचिका के साथ जोड़ दिया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से आग्रह किया कि मामले का अंतिम फैसला आने तक कुछ रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं की जाएं।

    इस पर पीठ ने कहा कि सरकारी पदों को खाली नहीं रखा जा सकता। अदालत ने निर्देश दिया कि इस दौरान की जाने वाली नियुक्तियां विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के अंतिम परिणाम के अधीन रहेंगी। राज्य सरकार को सफल उम्मीदवारों को जारी किए जाने वाले नियुक्ति पत्रों में भी इस शर्त का उल्लेख करना होगा।

    मई 2024 के फैसले से शुरू हुआ विवाद

    ओबीसी आरक्षण को लेकर विवाद मई 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद शुरू हुआ था। अदालत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 2010 से 2012 के बीच जारी कार्यकारी आदेशों के तहत ओबीसी सूची में शामिल की गई कई श्रेणियों को रद्द कर दिया था। इसके साथ ही ओबीसी-ए और ओबीसी-बी में उप-वर्गीकरण तथा दोनों श्रेणियों के बीच 17 प्रतिशत आरक्षण के वितरण से संबंधित प्रावधान भी निरस्त कर दिए गए थे।

    इसके बाद राज्य सरकार ने मई और जून 2025 में नई अधिसूचनाएं जारी कर संशोधित ओबीसी आरक्षण नीति लागू करने की कोशिश की। हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने 17 जून 2025 को इन अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी। अदालत का कहना था कि राज्य सरकार कार्यकारी आदेश जारी करके न्यायालय के फैसले को निष्प्रभावी नहीं कर सकती।

    ओबीसी-ए प्रमाणपत्र को लेकर भी पहुंचा मामला

    बाद में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी। इसके बाद राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दायर अपनी अपीलें वापस ले लीं।

    वर्तमान याचिकाएं कलकत्ता हाईकोर्ट के 12 अगस्त के आदेश के बाद दायर की गई हैं। उस आदेश में अदालत ने एक ऐसे उम्मीदवार की याचिका खारिज कर दी थी, जिसने 2025 की अधिसूचना के तहत अप्रैल 2026 में जारी ओबीसी-ए प्रमाणपत्र के आधार पर राहत मांगी थी।

    अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान ओबीसी प्रमाणपत्रों की वैधता और उनसे जुड़े नियुक्ति मामलों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • दिल्ली नाबालिग गैंगरेप केस: आरोपी ड्राइवर की मां ने बेटे को बताया निर्दोष, कहा- झूठा फंसाया जा रहा

    दिल्ली नाबालिग गैंगरेप केस: आरोपी ड्राइवर की मां ने बेटे को बताया निर्दोष, कहा- झूठा फंसाया जा रहा


    नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस में 16 वर्षीय नाबालिग से गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार बस चालक कुलदीप की मां ने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। रोते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील करते हुए कहा कि उनका परिवार बेहद गरीब है और उनके छोटे बच्चे हैं।

    कुलदीप की मां ने कहा कि करीब दो महीने पहले उनके पति की हत्या कर दी गई थी। उन्हें शक है कि पति की हत्या में शामिल लोगों ने ही उनके बेटे को इस मामले में फंसाया है। उन्होंने सरकार से हाथ जोड़कर अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे को निर्दोष घोषित किया जाए।

    मां बोली- ‘मेरा बच्चा पूरी तरह निर्दोष’

    कुलदीप की मां के मुताबिक, “मेरा बच्चा पूरी तरह निर्दोष है। उसे झूठा फंसाया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि उनके परिवार में बहुत छोटे बच्चे हैं और उनके पास दिल्ली जाकर अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त साधन भी नहीं हैं। उन्होंने सरकार से मामले में सच्चाई सामने लाने की मांग की है।

    चलती बस में वारदात का आरोप

    पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात दिल्ली-एनसीआर में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। घटना उस समय हुई जब भारी बारिश के बीच लड़की नोएडा जाने के लिए रास्ते में थी। पुलिस ने मामले में बस चालक कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है।

    बस ग्रेटर नोएडा के परी चौक से पुरानी दिल्ली के कश्मीरी गेट जा रही थी। करीब 47 किलोमीटर की यात्रा के दौरान कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने बस को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

    बारिश में परी चौक पहुंची थी नाबालिग

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा है और मैनपुरी की रहने वाली है। वह परिवार को बताए बिना नोएडा में अपने कजिन से मिलने निकली थी। भारी बारिश और अंधेरे के बीच वह रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक पहुंच गई।

    इसी दौरान वहां से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस लड़की के इशारा करने पर रुकी। ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 की तरफ जाने की बात बताकर वहां छोड़ने की पेशकश की।

    पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी गिरफ्तार

    लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि बस चलने के कुछ देर बाद कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकतें शुरू कीं। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

    DCP नॉर्थ निहारिका भट्ट ने सोमवार को मामले की पुष्टि करते हुए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, 29 वर्षीय आरोपी संदीप का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।

    अब पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच कर रही है। कुलदीप की मां के लगाए गए साजिश के आरोपों की भी जांच में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर

    री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

    इस वर्ष री-नीट परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सफल रहे। सफल अभ्यर्थियों में छात्राओं की हिस्सेदारी लगभग 58 प्रतिशत रही, जिससे एक बार फिर महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहतर रहा।

    19 छात्रों ने हासिल किए 700 से अधिक अंक

    एनटीए के अनुसार, कुल 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, 705 से अधिक अंक हासिल करने वाले शीर्ष 17 रैंकधारी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित आठ राज्यों से हैं।

    पेपर लीक के बाद हुई थी दोबारा परीक्षा

    गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें देशभर के लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

    उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सफल अभ्यर्थी

    सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 1.70 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि लक्षद्वीप से 43 उम्मीदवार सफल रहे।


    प्रमुख आंकड़े

    • कुल सफल अभ्यर्थी : 11.21 लाख
    • सर्वोच्च अंक : 715/720 (आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल)
    • 700 से अधिक अंक : 19 उम्मीदवार
    • 690 से अधिक अंक : 138 उम्मीदवार
    • 650 या उससे अधिक अंक : 1,492 उम्मीदवार
    • 600 या उससे अधिक अंक : 10,160 उम्मीदवार
    • 500 या उससे अधिक अंक : 90,780 उम्मीदवार

    एनटीए के अनुसार, 690 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 138 उम्मीदवार देश के 66 शहरों से हैं। इनमें 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने पहली बार परीक्षा दी, जबकि 99 प्रतिशत टॉप स्कोरर 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के हैं।

    श्रेणीवार सफल अभ्यर्थी

    • ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) : 5.12 लाख
    • सामान्य वर्ग : 2.91 लाख
    • अनुसूचित जाति (SC) : 1.59 लाख
    • सामान्य ईडब्ल्यूएस : 95,026
    • अनुसूचित जनजाति (ST) : 63,716
    • PwBD : 3,666
    • PwD : 303

    छात्राओं का प्रदर्शन रहा बेहतर

    इस वर्ष छात्राओं की सफलता दर 56.8 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत दर्ज की गई।

    अब शुरू होगी काउंसलिंग प्रक्रिया

    परिणाम जारी होने के साथ ही एनटीए ने विभिन्न श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक भी घोषित कर दिए हैं। अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही अखिल भारतीय 15 प्रतिशत कोटा की सीटों के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेगी। वहीं, शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्य सरकारें अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करेंगी।

    सफल अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए अपना स्कोरकार्ड, 10वीं और 12वीं की अंकसूची, पहचान पत्र, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।