Tag: Deepfake

  • 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में जॉनी सिन्स की एंट्री का दावा निकला पूरी तरह फर्जी, समय रैना के साथ वायरल वीडियो के पीछे का सच आया सामने

    'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में जॉनी सिन्स की एंट्री का दावा निकला पूरी तरह फर्जी, समय रैना के साथ वायरल वीडियो के पीछे का सच आया सामने

    नई दिल्ली। मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के बहुचर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के दूसरे सीजन की धमाकेदार शुरुआत के साथ ही सोशल मीडिया पर एक नया विवाद और उत्सुकता खड़ी हो गई है। इंटरनेट पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एडल्ट फिल्म स्टार जॉनी सिन्स और कोमाटोजी को कॉमेडियन समय रैना के साथ पोज देते हुए देखा जा सकता है। इस क्लिप के सामने आने के बाद से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह कयास लगाए जाने लगे कि ये दोनों वैश्विक एडल्ट स्टार्स शो के आगामी एपिसोड में बतौर जज या मेहमान नजर आ सकते हैं। हालांकि, इस सनसनीखेज दावे की पड़ताल में एक बिल्कुल अलग ही हकीकत सामने आई है।

    पहली नजर में पूरी तरह वास्तविक और प्रामाणिक दिखने वाला यह वीडियो असल में आधुनिक तकनीक का एक भ्रामक उदाहरण है। तकनीकी जांच और विशेषज्ञों के अनुसार, यह पूरी क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई टूल्स की मदद से तैयार की गई है। डिजिटल रूप से निर्मित इस फर्जी वीडियो का समय रैना के वास्तविक शो या उनकी किसी शूटिंग से कोई संबंध नहीं है। समय रैना, जॉनी सिन्स और कोमाटोजी के बीच असल जिंदगी में ऐसी कोई मुलाकात दर्ज नहीं की गई है, और न ही शो के निर्माताओं ने इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा या टीजर जारी किया है।

    वर्तमान में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2’ के मंच से इन एडल्ट स्टार्स का दूर-दूर तक कोई जुड़ाव नहीं है। खुद समय रैना या उनकी प्रोडक्शन टीम की ओर से इस वायरल सामग्री पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। यह पूरी घटना इंटरनेट पर एआई के जरिए फैलाई जाने वाली अफवाहों का एक ताजा उदाहरण मात्र है। यह शो अपने अजीबोगरीब प्रतियोगियों और अप्रत्याशित मेहमानों के लिए जाना जाता है, यही वजह है कि प्रशंसकों ने इस एआई-जनरेटेड वीडियो को भी सच मान लिया और इसे लेकर गॉसिप का बाजार गर्म हो गया।

    उल्लेखनीय है कि इस शो के दूसरे सीजन का भव्य प्रीमियर हाल ही में नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ किया गया है। इसके पहले ही एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट नजर आई थीं, जहां समय रैना के तीखे और मजेदार रोस्टिंग अंदाज को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस एपिसोड की सफलता के बाद फैंस अगले एपिसोड का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच मुंबई के द हैबिटैट स्टूडियो से कुछ वास्तविक तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जहां इस रियलिटी शो की मूल शूटिंग की जाती है।

    शो के वास्तविक आगामी एपिसोड्स की बात करें तो हाल ही में सामने आई प्रामाणिक कड़ियों में मशहूर पंजाबी गायक करण औजला को समय रैना के साथ देखा गया है। स्टूडियो से लीक हुए वास्तविक दृश्यों में करण औजला और कॉमेडियन तन्मय भट्ट जजिंग पैनल का हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं, जिसने प्रशंसकों के उत्साह को वास्तविक रूप से बढ़ा दिया है। बहरहाल, जॉनी सिन्स वाले फर्जी वीडियो की पोल खुलने के बाद तकनीकी जानकारों ने सोशल मीडिया यूजर्स को ऐसी एआई-जनरेटेड सामग्रियों के प्रति सचेत रहने और बिना आधिकारिक पुष्टि के उन पर विश्वास न करने की सलाह दी है।

  • मध्य प्रदेश में डीपफेक का कहर, उज्जैन की छात्रा और भोपाल की मां-बेटी बनीं AI साजिश का शिकार

    मध्य प्रदेश में डीपफेक का कहर, उज्जैन की छात्रा और भोपाल की मां-बेटी बनीं AI साजिश का शिकार


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के दो चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं जिन्होंने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। उज्जैन और भोपाल में सामने आई इन घटनाओं में लोगों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए एआई की मदद से अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    पहला मामला उज्जैन के पंवासा थाना क्षेत्र का है जहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही एक छात्रा को सुनियोजित साजिश का शिकार बनाया गया। छात्रा की तस्वीर को अश्लील वीडियो के साथ जोड़कर डीपफेक कंटेंट तैयार किया गया और उसे सोशल मीडिया तथा गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल कर दिया गया। इस घटना के बाद छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर जांच शुरू हुई।

    पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश के पीछे छात्रा का ही एक रिश्तेदार था जिसका उद्देश्य छात्रा के पिता को समाज में बदनाम करना था। जांच में यह भी पता चला कि छात्रा की तस्वीर सरकारी रिकॉर्ड से हासिल की गई थी। आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान जमा कराई गई फोटो एक महिला बीएलओ के माध्यम से आरोपियों तक पहुंची जिसके बाद उसी तस्वीर का इस्तेमाल कर डीपफेक वीडियो तैयार किया गया।

    इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। महिला बीएलओ को अदालत से जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच में पारिवारिक और चुनावी रंजिश को इस घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

    दूसरा मामला भोपाल के करोंद इलाके का है जहां शादी से इनकार करने पर एक युवती ने बदला लेने के उद्देश्य से युवक के परिवार को निशाना बनाया। आरोप है कि युवती ने एआई तकनीक की मदद से युवक की मां और 18 वर्षीय बहन की अश्लील तस्वीरें और वीडियो तैयार किए और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर उन्हें वायरल कर दिया।

    पीड़ित परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद उनकी बेटी मानसिक तनाव से गुजर रही है और पूरा परिवार सामाजिक बदनामी का सामना कर रहा है। परिवार ने पहले स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस कमिश्नर कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इन दोनों घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक एआई और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा सामाजिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। साइबर विशेषज्ञ लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे अपनी निजी तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते समय पूरी सावधानी बरतें। यदि किसी व्यक्ति को अपने नाम या तस्वीर का दुरुपयोग होने की जानकारी मिले तो बिना देर किए पुलिस और साइबर सेल में शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

  • वैश्विक विरोध के बाद एलन मस्क की एक्स ने ग्रोक का आपत्तिजनक इमेज फीचर बंद किया

    वैश्विक विरोध के बाद एलन मस्क की एक्स ने ग्रोक का आपत्तिजनक इमेज फीचर बंद किया


    नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ते विरोध और कानूनी दबाव के बाद एलन मस्क के नेतृत्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X ने गुरुवार को अपने एआई चैटबॉट ग्रोक का आपत्तिजनक तस्वीर बनाने वाला फीचर बंद कर दिया। अब ग्रोक किसी भी स्थिति में महिलाओं की अशोभनीय या आपत्तिजनक तस्वीरें नहीं बना सकेगा चाहे यूजर के पास प्रीमियम अकाउंट ही क्यों न हो।एक्स के सेफ्टी अकाउंट ने पोस्ट में कहा कि तकनीकी बदलाव किए गए हैं जिससे ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को बिकिनी या अन्य खुले कपड़ों में एडिट नहीं कर सकेगा। यह नियम सभी यूजर्स पर लागू होगा जिसमें पेड और प्रीमियम दोनों प्रकार के अकाउंट्स शामिल हैं।

    ग्रोक के ‘स्पाइसी मोड’ फीचर ने कई देशों में नाराजगी पैदा की थी। इस मोड के जरिए यूजर्स आसानी से किसी भी व्यक्ति की अश्लील डीपफेक तस्वीरें बना सकते थे जैसे कपड़े हटाना या बिकिनी में दिखाना। इस पर कई देशों ने प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया या इसकी जांच शुरू कर दी। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी एक्सएआई से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी। वहीं अमेरिका के कैलिफोर्निया अटॉर्नी जनरल ने डेवलपर के खिलाफ जांच शुरू की।28 सामाजिक संगठनों ने एप्पल और गूगल को पत्र लिखकर मांग की थी कि ग्रोक और एक्स ऐप को उनके ऐप स्टोर से हटाया जाए। बढ़ती अश्लील तस्वीरों की वजह से यह कदम जरूरी समझा गया।

    अब एक्स ने तस्वीर बनाने और एडिट करने की सुविधा केवल पेड सब्सक्राइबर्स तक सीमित कर दी है। पहले यह सुविधा प्रीमियम यूजर्स के लिए थी लेकिन अब इसे और भी सख्त बनाया गया है। प्लेटफॉर्म ने बताया कि यह कदम एक अतिरिक्त सुरक्षा परत के रूप में काम करेगा और नियम तोड़ने वाले यूजर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव होगी।एक्स ने यह भी स्पष्ट किया कि बाल यौन शोषण सामग्री CSAM और बिना अनुमति की नग्न तस्वीरों जैसे गंभीर नियम उल्लंघन वाले कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा। ऐसे नियम तोड़ने वाले अकाउंट्स को निलंबित या बंद किया जाएगा।

    दिसंबर में मंत्रालय ने एक्स को निर्देश दिया था कि कानून के खिलाफ पहले से मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए या उसकी पहुंच बंद की जाए। भारत में एक्स ने ग्रोक की मदद से बनाई गई लगभग 3500 अश्लील तस्वीरें हटाईं और करीब 600 यूजर्स को प्रतिबंधित किया।इस कदम को प्लेटफॉर्म की सुरक्षा नीतियों और कानूनी जिम्मेदारी के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। एक्स ने कहा कि अब ग्रोक का इस्तेमाल केवल सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से ही संभव होगा जिससे किसी की निजता और सम्मान का उल्लंघन न हो।