Tag: Delhi High Court hearing

  • निचली अदालत से मिली राहत, अब दिल्ली हाई कोर्ट में 29 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई; ED की याचिका पर अरविंद केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें

    निचली अदालत से मिली राहत, अब दिल्ली हाई कोर्ट में 29 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई; ED की याचिका पर अरविंद केजरीवाल की बढ़ीं मुश्किलें


    नई दिल्ली।  दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर जारी हुआ है, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी गई है।

    निचली अदालत ने क्यों किया था बरी?
    27 फरवरी को निचली अदालत ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि जांच एजेंसी यह साबित नहीं कर पाई कि समन की अवहेलना जानबूझकर की गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने केजरीवाल से जवाब मांगा है। कोर्ट ने ED की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख 29 अप्रैल तय की है। कोर्ट ने कहा कि “प्रतिवादी को पहले से सूचना थी, फिर भी वे पेश नहीं हुए।”

    ED का क्या है आरोप?
    प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन का पालन नहीं किया जांच में शामिल होने से बचने के लिए बहाने बनाए मामले के अन्य आरोपियों से उनका संपर्क था ED का दावा है कि शराब नीति बनाते समय अनियमितताएं हुईं और इससे कुछ लोगों को फायदा पहुंचा।

    केजरीवाल की मौजूदा स्थिति
    अरविंद केजरीवाल इस समय मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में अंतरिम जमानत पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के कुछ कानूनी पहलुओं को बड़ी बेंच के पास भेजा है, जिस पर अभी सुनवाई जारी है। अब सभी की नजर 29 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी है। यहीं तय होगा कि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा या मामले में नया मोड़ आएगा। दिल्ली शराब नीति मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। निचली अदालत से मिली राहत के बाद अब हाई कोर्ट में सुनवाई से इस केस की दिशा तय होगी।

  • डीपफेक मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को, Gautam Gambhir की याचिका पर नजर

    डीपफेक मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को, Gautam Gambhir की याचिका पर नजर


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच Gautam Gambhir से जुड़े डीपफेक मामले में Delhi High Court ने फिलहाल सुनवाई टाल दी है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है। कोर्ट ने गंभीर के वकील को निर्देश दिया है कि याचिका में मौजूद कमियों को दूर कर अगली तारीख पर संशोधित याचिका पेश करें।

    डीपफेक और एआई के दुरुपयोग का आरोप

    गौतम गंभीर ने 19 मार्च को हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर और आवाज का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। याचिका में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग और वॉइस क्लोनिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर उनके नकली वीडियो बनाए जा रहे हैं। इन वीडियो में उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया जा रहा है, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं।

    फेक वीडियो से बढ़ी चिंता, लाखों में व्यूज

    गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके फर्जी कंटेंट में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। एक फर्जी वीडियो जिसमें उनके इस्तीफे की बात कही गई, उसे 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया। वहीं एक अन्य क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर खिलाड़ियों पर टिप्पणी करते हुए दिखाया गया, उसे 17 लाख से अधिक व्यूज मिले। इस तरह के वीडियो उनकी छवि और गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

    16 पक्षकारों के खिलाफ दायर मुकदमा

    इस मामले में गंभीर ने 16 प्रतिवादियों के खिलाफ केस दायर किया है। इसमें कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के साथ-साथ बड़े प्लेटफॉर्म्स भी शामिल हैं, जैसे Amazon, Flipkart, Meta Platforms, Google और YouTube। इसके अलावा आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी प्रोफार्मा पार्टी बनाया गया है, ताकि कोर्ट के आदेशों को लागू कराया जा सके।

    2.5 करोड़ हर्जाना और कंटेंट हटाने की मांग

    गंभीर ने अपनी याचिका में 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि सभी फर्जी अकाउंट्स और कंटेंट को तुरंत हटाया जाए और भविष्य में उनके नाम, चेहरा और आवाज का बिना अनुमति इस्तेमाल रोका जाए। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई की भी मांग की है, ताकि इस तरह के दुरुपयोग पर रोक लग सके।

    कुल मिलाकर, यह मामला एआई और डीपफेक तकनीकों के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहां किसी भी व्यक्ति की पहचान का गलत इस्तेमाल कर फर्जी जानकारी फैलाना आसान हो गया है। अब इस मामले में 23 मार्च को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।