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  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

    नई दिल्ली । अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में जनकल्याण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, जिसके कारण देश आज सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र के GP ब्लॉक और बेरिवाला बाग ब्लॉक में वॉटर ATM योजना का शुभारंभ किया। इस पहल को राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ड 55, 56 और 57 में कुल सात वॉटर ATM लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक यूनिट प्रति घंटे लगभग दो हजार लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इन मशीनों में पांच-स्तरीय RO प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाया गया है, जो उच्च TDS वाले पानी को भी पीने योग्य बनाने में सक्षम है।

    सरकारी जानकारी के अनुसार इन वॉटर ATM मशीनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस सुविधा के तहत नागरिकों को एक विशेष कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 20 लीटर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करना और आम लोगों को आसानी से सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का सपना था कि देश का हर नागरिक समान अवसरों और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाए, और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का भी स्वागत किया और कहा कि इससे राजधानी की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।

    अंबेडकर जयंती के अवसर पर शुरू की गई यह पहल राजधानी में जनसुविधा और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

  • रमजान में दिल्ली की शराब दुकानें हों बंद', AIMIM नेता शोएब जमाई की मांग, सावन माह से की तुलना

    रमजान में दिल्ली की शराब दुकानें हों बंद', AIMIM नेता शोएब जमाई की मांग, सावन माह से की तुलना


    नई दिल्ली । में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन यानी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने रमजान के महीने में सभी शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की है. यह अपील 19 फरवरी को की गई, जब से रमजान शुरू होने की घोषणा हुई है. उन्होंने सावन महीने का जिक्र करते हुए दिल्ली सरकार से सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और खपत पर रोक लगाने की भी बात कही है.

    शोएब जमाई ने ये मांग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए की है जिसमें उन्होंने सरकार से कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि रमजान मुसलमानों का पवित्र महीना है, इसलिए इस दौरान शराब की दुकानें बंद की जानी चाहिए.

    उन्होंने अपने पोस्ट में सावन महीने का उदाहरण देते हुए लिखा कि जब सावन में नॉन वेज दुकानों को बंद कर सम्मान दिखाया जाता है, तो रमजान में भी उसी तरह सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग रखी.

  • दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता पर बड़ा संकट: CAG रिपोर्ट में भारी चूक, 55% सैंपल फेल

    दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता पर बड़ा संकट: CAG रिपोर्ट में भारी चूक, 55% सैंपल फेल


    नई दिल्ली । दिल्ली में पीने के पानी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की पानी की सप्लाई, निगरानी और ट्रीटमेंट प्रणाली में बड़े स्तर की कमी उजागर हुई है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी 2026 को विधानसभा में पेश की गई थी। इसके बाद जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (JSAI) ने तत्काल सुधार और कार्रवाई की मांग की है।

    ऑडिट रिपोर्ट में क्या मिला?
    CAG की जांच में यह खुलासा हुआ कि 16,234 भूजल सैंपलों में से लगभग 55% पानी पीने योग्य नहीं था।

    अलग-अलग वर्षों में यह अनुपात 49% से 63% के बीच रहा है। रिपोर्ट ने चेतावनी दी कि जिन इलाकों में सैंपल फेल हुए हैं, वहां की पानी की सप्लाई सीधे जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।

    दिल्ली में पानी की कमी और कमजोर जांच व्यवस्था
    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली को रोजाना लगभग 1,680 मिलियन यूनिट पानी की जरूरत है, लेकिन सप्लाई में करीब 25% की कमी है।
    जिन इलाकों में पानी पहुंच रहा है, उसकी गुणवत्ता की सही निगरानी नहीं हो पा रही है। जांच और मॉनिटरिंग सिस्टम इतने कमजोर हैं कि यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो गया है कि पानी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित है या नहीं।

    BIS मानकों के अनुसार जांच नहीं
    CAG रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाओं में BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) के नियमों के अनुसार पानी की जांच नहीं हुई।

    BIS मानकों के अनुसार 43 तरह की जांच आवश्यक है, लेकिन DJB केवल 12 मानकों पर ही पानी की जांच कर रहा था। इसमें आर्सेनिक, लेड और बैक्टीरिया की जांच भी शामिल नहीं थी।

    बिना ट्रीटमेंट पानी की सप्लाई
    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले पांच वर्षों में 80-90 मिलियन गैलन पानी रोजाना बिना ट्रीटमेंट के सीधे बोरवेल और रैनी वेल से लोगों तक सप्लाई किया गया।विशेषज्ञों का कहना है कि बिना शुद्धिकरण का पानी देने से डायरिया, पीलिया, टायफाइड जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

    पानी की सप्लाई का सही आंकड़ा नहीं
    CAG ने यह भी कहा कि दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, जलाशयों और बोरवेल्स पर फ्लो मीटर नहीं लगाए गए।

    इस कारण यह पता नहीं चल पाता कि कितना पानी ट्रीट हो रहा है और कितना बिना जांच के सीधे नागरिकों तक पहुंच रहा है।

    स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे
    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि दूषित पानी पीने से डायरिया, पीलिया, टायफाइड, कैंसर, किडनी-लीवर की समस्याएं हो सकती हैं।आर्सेनिक और लेड जैसे जहरीले तत्व लंबे समय में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।

    JSAI ने सरकार से मांगा कड़ा एक्शन
    जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने कहा कि साफ और सुरक्षित पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
    JSAI ने सरकार से मांग की है कि पानी की गुणवत्ता में लापरवाही करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो और हर घर तक सुरक्षित पानी पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही प्रयोगशालाओं को आधुनिक उपकरणों से लैस किया जाए।

    राजनीतिक मुद्दा बन सकता है पानी का संकट
    यह रिपोर्ट सामने आने के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष ने पिछली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि AAP ने इसे केंद्र सरकार की राजनीति बताया है।

    विशेषज्ञों का समाधान
    विशेषज्ञों का कहना है कि:सभी प्रयोगशालाओं को BIS मानकों के अनुसार आधुनिक बनाना होगा। पर्याप्त स्टाफ और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।हर ट्रीटमेंट प्लांट में फ्लो मीटर लगें, पानी की नियमित और व्यापक गुणवत्ता जांच हो,बिनाट्रीटमेंट पानी की सप्लाई तुरंत बंद हो।

  • अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास

    अब और चमकेगी राजधानी दिल्ली,मोती नगर में 135 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में 135 करोड़ रुपये से अधिक की बहुप्रतीक्षित विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी की कर्मभूमि पर आयोजित हुआ, जिसे राजधानी के शहरी विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद बांसुरी स्वराज, कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मोती नगर विधायक हरीश खुराना मौजूद रहे।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता देखने को मिली।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इन विकास कार्यों से मोती नगर और आसपास के इलाकों में रहने वाले 2 लाख से अधिक नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित यातायात और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।

    https://twitter.com/HarishKhuranna/status/2012187038662156399

    मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि परियोजनाओं के तहत कीर्ति नगर क्षेत्र में एक आधुनिक फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिससे पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही सुदर्शन पार्क और करमपुरा में नजफगढ़ ड्रेन पर दो लेन के नए पुल बनाए जाएंगे, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।

    इस विकास पैकेज में कुल 67 नई सीवर पाइपलाइन परियोजनाएं और 72 सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मजबूत सड़कें, बेहतर सीवर सिस्टम और हरित पार्क किसी भी शहरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जरूरी हैं। ये सुविधाएं न केवल जीवन को आसान बनाती हैं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह पहल स्वर्गीय मदनलाल खुराना जी के “स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली” के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है। उनके विजन को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं की योजना बनाई गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

    सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि मोती नगर में शुरू हुए ये विकास कार्य दिल्ली की प्रगति में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। वहीं विधायक हरीश खुराना ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में उत्साह है।

    स्थानीय लोगों ने भी इन परियोजनाओं का स्वागत करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें, पुल और सीवर व्यवस्था न केवल रोजमर्रा की समस्याओं को कम करेंगी, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी, सुरक्षा और संपत्ति मूल्य में भी वृद्धि करेंगी।

    मोती नगर विधानसभा में 135 करोड़ रुपये की इन विकास परियोजनाओं का शिलान्यास यह साफ दर्शाता है कि सही योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और रहने योग्य राजधानी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में ये परियोजनाएं दिल्ली के शहरी विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी।

  • गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री

    गणतंत्र दिवस परेड 2026: वीआईपी कल्चर पर विराम , नदियों के नाम पर दर्शक दीर्घाएं; ‘वंदे मातरम’ थीम ,मेट्रो सफर रहेगा फ्री


    नई दिल्ली । गणतंत्र दिवस परेड 2026 को पहले से कहीं अधिक समावेशी सांस्कृतिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा और प्रतीकात्मक फैसला लिया है। 26 जनवरी को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार दर्शक दीर्घाओं को नदियों के नाम दिए जाएंगे। गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र सहित देश की प्रमुख नदियों के नाम पर दर्शक खंडों का नामकरण कर वीआईपी नॉन वीआईपी के फर्क को खत्म करने की पहल की गई है।

    अब तक गणतंत्र दिवस परेड में दर्शक दीर्घाओं की पहचान ए बी सी या अंकों के आधार पर होती थी जिससे वीआईपी संस्कृति की झलक दिखाई देती थी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह व्यवस्था बदलने का उद्देश्य हर नागरिक को समान सम्मान का अनुभव कराना है। नदियों के नाम भारतीय संस्कृति सभ्यता और एकता के प्रतीक हैं और इनके जरिए राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।

    इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की समग्र थीम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रखी गई है। इसी भावना को परेड झांकियों आमंत्रण पत्रों टिकटों और कर्तव्य पथ की सजावट में प्रमुखता से दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि परेड में सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमता और युद्ध तत्परता को प्रभावी तरीके से देश और दुनिया के सामने रखा जा सके।

    गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए इस बार कुल 77 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 हजार विशेष आमंत्रित अतिथि होंगे जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और जनसेवा में योगदान के लिए बुलाया गया है। आम जनता के लिए 32 हजार टिकट बिक्री पर रखे गए हैं। टिकट ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी उपलब्ध हैं जिन्हें राजीव चौक सहित कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों से खरीदा जा सकता है।

    दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 26 जनवरी को मेट्रो यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी ताकि लोग समय पर कर्तव्य पथ पहुंच सकें। यह कदम खासतौर पर आम नागरिकों को परेड से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भी देखने को मिलेगा। यूरोपीय संघ EU परिषद और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष मुख्य अतिथि होंगी। साथ ही यूरोपीय संघ की नौसेना का एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में हिस्सा लेगा जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक होगा।

    परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों की और 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की होंगी। सभी झांकियों की थीम स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम रखी गई है जो देश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और राष्ट्रभक्ति को दर्शाएगी। सेना के मार्च पास्ट में नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स विशेष आकर्षण होंगी वहीं पशु दस्ता भी परंपरागत रंग जोड़ेगा। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को लेकर 19 20 और 21 जनवरी को सुबह 10:15 से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

  • दिल्ली त्रिलोकपुरी: इंस्टाग्राम विवाद में 11वीं के छात्र की नाबालिग साथियों ने की हत्या

    दिल्ली त्रिलोकपुरी: इंस्टाग्राम विवाद में 11वीं के छात्र की नाबालिग साथियों ने की हत्या


    नई दिल्ली।  दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 11वीं कक्षा का 17 वर्षीय छात्र अपने नाबालिग साथियों द्वारा बेरहमी से पीट-पीट कर मारा गया। यह घटना सोशल मीडिया पर हुए मामूली विवाद के कारण घटी, जिसने पूरे इलाके में डर और हड़कंप मचा दिया। मृतक छात्र इंद्रा कैंप का निवासी था और अपने परिवार में सबसे छोटा था।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार, 5 जनवरी की शाम को यह घटना हुई। छात्र ने एक नाबालिग आरोपी की इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर ‘तू तो मेरा छोटा भाई है’ कमेंट किया, जिसे आरोपी ने पसंद नहीं किया। इसी नाराज़गी में आरोपी ने अपने पांच अन्य नाबालिग साथियों के साथ मिलकर छात्र को घेर लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

    हिंसा इतनी गंभीर थी कि छात्र की हालत तुरंत बिगड़ गई। उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से मारा गया, जिससे शरीर पर गंभीर चोटें आईं। चश्मदीदों की मदद करने की कोशिश विफल रही क्योंकि आरोपी ने बीच-बचाव करने वालों पर भी हमला किया। छात्र को तत्काल लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण उसे GTB अस्पताल रेफर किया गया। मंगलवार, 6 जनवरी की सुबह इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया।

    पुलिस ने छात्र के परिवार की शिकायत पर 6 नाबालिगों को हिरासत में लिया। ट्रिलोकपुरी पुलिस की क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज़ी से शुरू की जाएगी। इस घटना ने यह सवाल फिर से खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर छोटे विवाद भी नाबालिगों में जानलेवा हिंसा को जन्म दे सकते हैं।

    परिवार और पड़ोसियों ने बताया कि मृतक छात्र शांत और होशियार था, किसी से विवाद नहीं करता था।

    केवल एक साधारण इंस्टाग्राम कमेंट ने यह भयानक घटना जन्म दी, जो समाज और परिवार दोनों के लिए चेतावनी है। स्थानीय लोग घटना से स्तब्ध हैं और ऐसे हादसों की रोकथाम की मांग कर रहे हैं।

    दिल्ली पुलिस ने सभी छह नाबालिगों को बाल संरक्षण कानून और पॉक्सो एक्ट के तहत हिरासत में रखा है। उनकी मानसिक स्थिति, मामले में भूमिका और हिंसा के स्तर की पूरी जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि बच्चों की उम्र और समझ को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय और राज्य बाल संरक्षण प्राधिकरण भी इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं ताकि नाबालिगों द्वारा अपराध के मामलों में सख्त और उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो।

    इस घटना ने सोशल मीडिया और युवा पीढ़ी के बीच साइबर एथिक्स और जिम्मेदारी पर गंभीर बहस शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर छोटे विवाद भी युवा मनोविज्ञान पर भारी असर डाल सकते हैं। यह घटना साबित करती है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया और वास्तविक जीवन में संवेदनशीलता, सहिष्णुता और हिंसा से बचाव की शिक्षा देना बेहद जरूरी है।

    दिल्ली पुलिस ने आसपास के स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है। परिवार और समाज से अपील की गई है कि वे बच्चों के व्यवहार और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

    त्रिलोकपुरी की यह घटना पूरे देश के लिए चेतावनी बन गई है। यह याद दिलाती है कि नाबालिगों के बीच छोटे विवाद भी जानलेवा साबित हो सकते हैं और बच्चों को मानसिक, नैतिक और डिजिटल सुरक्षा की शिक्षा देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

  • प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई की अटकलें, वायरल फोटो से सोशल मीडिया में हलचल

    प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई की अटकलें, वायरल फोटो से सोशल मीडिया में हलचल


    नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज है। वजह है एक वायरल तस्वीर जिसके सामने आने के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि रेहान वाड्रा ने अपनी लंबे समय से गर्लफ्रेंड मानी जा रही अविवा बेग से सगाई कर ली है। हालांकि गांधी या वाड्रा परिवार की ओर से अब तक इस खबर को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेहान वाड्रा और अविवा बेग पिछले करीब सात वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं और उनके बीच करीबी रिश्ता बताया जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं जिसके बाद सगाई की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर किसी निजी पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान ली गई थी जिसमें सीमित लोग ही मौजूद थे।सूत्रों के मुताबिक यदि सगाई हुई भी है तो उसे बेहद निजी रखा गया और इसमें गांधी-वाड्रा परिवार तथा बेग परिवार के कुछ करीबी सदस्य ही शामिल हुए। तस्वीर के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

    बताया जा रहा है कि वायरल फोटो प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा की बेटी मिराया वाड्रा की वर्ष 2025 की ग्रेजुएशन सेरेमनी के दौरान की है। इसी कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीर सामने आने के बाद रेहान और अविवा की सगाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। फिलहाल आधिकारिक पुष्टि के अभाव में इसे केवल अटकलों के तौर पर देखा जा रहा है।अविवा बेग दिल्ली की रहने वाली हैं और उनका परिवार लंबे समय से राजधानी में निवास कर रहा है। जानकारी के अनुसार गांधी-वाड्रा और बेग परिवार एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। अविवा पेशे से फोटोग्राफर और आर्ट क्यूरेटर हैं। वहएटेलियर-11 की को-फाउंडर हैं जो एक फोटोग्राफी स्टूडियो और प्रोडक्शन कंपनी के रूप में जानी जाती है।

    अविवा बेग कला और डिजाइन की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह इंडिया आर्ट फेयर के यंग कलेक्टर प्रोग्राम और इंडिया डिजाइन आईडी जैसी प्रतिष्ठित प्रदर्शनियों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। उनकी क्रिएटिव प्रोफाइल और अंतरराष्ट्रीय कला मंचों से जुड़ाव की भी काफी चर्चा रहती है।वहीं रेहान वाड्रा भी फोटोग्राफी के शौकीन माने जाते हैं खासतौर पर वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में उनकी गहरी रुचि है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि आठ साल की उम्र से ही उन्हें कैमरे से लगाव हो गया था। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रकृति और वन्यजीवों से जुड़ी कई तस्वीरें देखी जा सकती हैं। इसी साझा रुचि को रेहान और अविवा के रिश्ते की मजबूत नींव माना जाता है।

    राजनीतिक दृष्टि से रेहान वाड्रा अब तक सक्रिय भूमिका में नजर नहीं आए हैं लेकिन जनवरी 2023 में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा था। मध्य प्रदेश में यात्रा के दौरान वे करीब तीन दिन तक राहुल गांधी के साथ पदयात्रा करते दिखे थे। इसके बाद से उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं होती रही हैं।फिलहाल रेहान वाड्रा और अविवा बेग की सगाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवार की ओर से आधिकारिक पुष्टि या खंडन का इंतजार किया जा रहा है। तब तक यह मामला सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है।

  • दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा: 7 साल की बच्ची के सामने यात्री से मारपीट, एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट पर गंभीर आरोप

    दिल्ली एयरपोर्ट पर हंगामा: 7 साल की बच्ची के सामने यात्री से मारपीट, एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट पर गंभीर आरोप


    नई दिल्ली।देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई हैजहां एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक पायलट पर यात्री के साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर यात्री को शारीरिक चोटें आईं और यह सब उसकी 7 साल की बेटी के सामने हुआजिससे पूरा परिवार मानसिक सदमे में है।पीड़ित यात्री की पहचान अंकित दीवान के रूप में हुई हैजिन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। उनके मुताबिकयह घटना उस समय हुई जब वे अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। उनके साथ एक चार महीने का शिशु भी थाजो स्ट्रोलर में था।

    अंकित का आरोप है कि सुरक्षा जांच के दौरान एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें एक अलग लाइन से जाने के लिए कहाजो आमतौर पर स्टाफ के लिए आरक्षित रहती है। इसी दौरान कुछ कर्मचारी उनके आगे लाइन तोड़ते नजर आए। जब अंकित ने इसका विरोध कियातो वहां मौजूद एअर इंडिया एक्सप्रेस के पायलट कैप्टन वीरेंद्र से उनकी बहस हो गई।पीड़ित यात्री के अनुसारपायलट ने उनसे बेहद अपमानजनक भाषा में बात की और कहा,क्या आप पढ़े-लिखे नहीं हैं? क्या साइन नहीं पढ़ सकते? बात बढ़ने पर कथित तौर पर पायलट ने उन पर हाथ उठा दिया। इस हमले में अंकित को चोटें आईं और खून तक निकल आयाजिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    अंकित ने बताया कि इस पूरी घटना का सबसे गहरा असर उनकी 7 साल की बेटी पर पड़ा हैजिसने अपने पिता को अपनी आंखों के सामने पिटते देखा। बच्ची अब भी डरी हुई है और परिवार इस घटना के बाद मानसिक तनाव से गुजर रहा है। अंकित का कहना है कि इस विवाद के चलते उनकी पूरी छुट्टियां बर्बाद हो गईं।सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद यह तेजी से चर्चा में आ गया। यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन स्टाफ के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एअर इंडिया एक्सप्रेस ने तत्काल प्रतिक्रिया दी।

    एयरलाइन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि आरोपी पायलट को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया गया है और मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। कंपनी ने इस घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।एयरलाइन के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि घटना के समय संबंधित कर्मचारी किसी अन्य एयरलाइन की फ्लाइट से यात्री के रूप में यात्रा कर रहा थालेकिन फिर भी उसका व्यवहार कंपनी की आचार संहिता के खिलाफ है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने बयान में यह दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षासम्मान और विश्वास कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि सभी कर्मचारियों से पेशेवर और जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और एयरपोर्ट प्रशासन व एयरलाइन दोनों पर निगाहें टिकी हैं। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन स्टाफ की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • इंडिगो का संकट जारीदिल्ली IGI एयरपोर्ट पर 134 को फिर परेशानीउड़ानें रद्द यात्रियों

    इंडिगो का संकट जारीदिल्ली IGI एयरपोर्ट पर 134 को फिर परेशानीउड़ानें रद्द यात्रियों


    नई दिल्‍ली ।
    दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे IGI Airport पर सोमवार को भी यात्रियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा क्योंकि इंडिगो एयरलाइंस का संकट थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। सोमवार को इंडिगो ने कुल 134 उड़ानें रद्द कर दीं जिनमें से 75 प्रस्थान करने वाली और 59 आगमन वाली उड़ानें शामिल हैं। इन रद्द उड़ानों की वजह से यात्रियों के लिए यात्रा की योजना में अनिश्चितता बढ़ गई है और हवाई अड्डे पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

    इंडिगो एयरलाइंस का संकट

    इंडिगो एयरलाइंस के लिए ये कठिन समय चल रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से फ्लाइट्स में लगातार रद्दीकरण हो रहे हैं। यात्रियों को इससे भारी असुविधा हो रही है क्योंकि उन्हें रद्द हुई उड़ानों के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और नए शेड्यूल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइन ने इन रद्द उड़ानों की वजह का खुलासा नहीं किया है लेकिन यात्री इसे टेक्निकल या अन्य ऑपरेशनल समस्याओं से जोड़ कर देख रहे हैं।

    इस बीच दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें बताया गया है कि इंडिगो की उड़ानों में देरी जारी रह सकती है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले अपनी उड़ान का लेटेस्ट स्टेटस एयरलाइन से चेक कर लें। यह सलाह विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए है जिनकी फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं या पहले ही रद्द हो चुकी हैं।

    यात्रियों के लिए सलाह और कदम

    दिल्ली एयरपोर्ट की एडवाइजरी में यात्रियों से अपील की गई है कि वे फ्लाइट की स्थिति के बारे में पहले से जानकारी प्राप्त करें ताकि वे अनावश्यक समय हवाई अड्डे पर न बर्बाद करें। एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी सुझाव दिया है कि जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हो चुकी हैं वे एयरलाइन के काउंटर पर जाकर अपने लिए वैकल्पिक उड़ान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    इसके अलावा एयरलाइन ने यात्रियों को अपनी उड़ान के रद्द होने की स्थिति में पूरी जानकारी और सहायता देने का वादा किया है। हालांकि रद्द हुई उड़ानों के कारण प्रभावित यात्रियों के लिए एयरलाइन की तरफ से कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं आया है जिससे यात्रियों में निराशा का माहौल है।

    इंडिगो के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय

    इंडिगो एयरलाइंस के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। पहले ही काफी बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और बढ़ती मांग के बीच उड़ान रद्दीकरण और देरी की घटनाएं एयरलाइन की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि इंडिगो एयरलाइंस इस स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है और यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए अपने संसाधनों को समायोजित करने की कोशिश कर रही है।

    इंडिगो एयरलाइंस के प्रवक्ता ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एयरलाइन पूरी तरह से स्थिति को सुधारने के लिए प्रयासरत है और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने यात्रियों से सहयोग की अपील की और कहा कि एयरलाइन जितनी जल्दी हो सके उड़ानों के संचालन में सुधार लाने का प्रयास करेगी।

    इंडिगो का संकट दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बना हुआ है। यात्रियों को इस कठिन समय में हवाई अड्डे पर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है और एयरलाइन की उड़ान रद्दीकरण और देरी ने यात्रियों के लिए यात्रा को मुश्किल बना दिया है। हालांकि दिल्ली एयरपोर्ट और एयरलाइन दोनों की तरफ से यात्रियों को सही मार्गदर्शन देने की कोशिश की जा रही है लेकिन फिलहाल समस्या का समाधान होने में समय लग सकता है। इस संकट से निपटने के लिए एयरलाइन को अपनी ऑपरेशनल प्रणाली में सुधार लाने की आवश्यकता महसूस हो रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।