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  • पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें

    पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें


    नई दिल्ली:   देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को अलग अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

    उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में गरज चमक के साथ वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे धूल भरी स्थिति बन सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी का अनुमान है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा।

    उत्तर प्रदेश में आज बारिश की संभावना बेहद कम है और यहां भीषण गर्मी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है। लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में तापमान ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है।

    राजस्थान में भी मौसम शुष्क बना हुआ है और यहां हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। जयपुर सहित कई जिलों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में बादल और ठंडी हवाएं मौसम को सुहावना बनाए रख सकती हैं।

    बिहार में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। पटना सहित कई जिलों में लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दिन के समय तापमान काफी ऊंचा रहने का अनुमान है, जिससे सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

    हरियाणा और पंजाब में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में गर्मी धीरे धीरे अपना असर दिखा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के मौसम में ठंडक बनी रह सकती है।

    जम्मू कश्मीर में भी बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

  • पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड

    पश्चिमी विक्षोभ की वापसी से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड


    नई दिल्‍ली । हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के एक बार फिर सक्रिय होने से उत्तर भारत में सर्दी ने जोरदार वापसी कर ली है। पहाड़ों पर चल रही बर्फीली हवाओं का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में ठिठुरन, गलन और शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आज भी कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 3 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत से जुड़े मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक ठंड का असर बना रहेगा।

    IMD ने बताया है कि 5 फरवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आएगा और लोगों को ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि तब तक नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने खास तौर पर अपील की है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और पहाड़ी इलाकों में यात्रा या छुट्टियों की योजना बनाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। ठंड के इस दौर में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

    दिल्ली-एनसीआर में सर्दी और बारिश का असर

    मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर की सुबह हल्के से मध्यम कोहरे के साथ हुई। ठंडी हवाओं के चलते लोगों को सुबह और देर रात खासा सर्दी का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। राजधानी में हल्की बारिश के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।हालांकि ठंड के बीच एक राहत की खबर यह है कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। अफ्रीका एवेन्यू इलाके में सुबह 6 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 142 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। वहीं दिल्ली के अन्य प्रमुख इलाकों में AQI अभी भी चिंताजनक बना हुआ है। पूसा में AQI 248, शादीपुर में 238, पंजाबी बाग-शिवाजी पार्क में 269, नॉर्थ कैंपस दिल्ली मिल्क स्कीम कॉलोनी में 249 और मुंडका इलाके में 278 दर्ज किया गया।

    पहाड़ों पर माइनस में तापमान

    पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में तापमान तेजी से गिर गया है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान माइनस 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लद्दाख के द्रास में माइनस 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।

    कोहरे और शीतलहर का अलर्ट

    IMD के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा और उत्तरी मध्य प्रदेश में आज घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां दृश्यता बेहद कम हो सकती है। राजस्थान के 17 जिलों में कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश के करीब 20 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है।

    बिहार और यूपी में बदलेगा मौसम

    बिहार के पांच जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी पटना में हल्के बादल छाए रहेंगे और धुंधली धूप के बीच ठंड का असर बढ़ सकता है। वहीं उत्तर प्रदेश में प्रयागराज, वाराणसी, चित्रकूट, झांसी, आजमगढ़ और बलिया समेत कई जिलों में शीतलहर और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, मथुरा और आगरा में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है।

    मध्य प्रदेश और राजस्थान में अलर्ट

    मध्य प्रदेश के जबलपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडोरी और पांढुर्ना जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजस्थान में धौलपुर, जयपुर, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर और बूंदी में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। चित्तौड़गढ़, चूरू और दौसा में आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है।कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। आने वाले कुछ दिनों तक ठंड, कोहरा, बारिश और बर्फबारी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह मानते हुए सतर्क रहना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

  • मौसम विज्ञान के 151 साल: दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों को मिलेंगे 200 नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन,

    मौसम विज्ञान के 151 साल: दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों को मिलेंगे 200 नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन,


    नई दिल्ली । भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने स्थापना के 151वें वर्ष में प्रवेश करते ही देश की मौसम सेवाओं को ‘हाई-टेक’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को घोषणा की कि सरकार देश के चार प्रमुख महानगरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और पुणे में कुल 200 नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करेगी। प्रत्येक शहर में 50-50 स्टेशन लगाए जाएंगे, जिससे अब हर गली-मोहल्ले के स्तर पर यानी ‘हाइपर-लोकल’ मौसम पूर्वानुमान संभव हो सकेगा।लोधी रोड स्थित मौसम भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले एक दशक में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता में 40 से 50 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है।
    उन्होंने कहा कि मिशन मौसम के तहत सरकार अब डेटा-आधारित भविष्यवाणियों पर जोर दे रही है। इन नए स्टेशनों के नेटवर्क से अचानक होने वाली भारी बारिश, भीषण गर्मी और चक्रवातों जैसी प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी अधिक सटीकता से मिल सकेगी। विशेष रूप से मासिक और मौसमी पूर्वानुमानों में त्रुटि की दर जो पहले 7.5% थी, वह अब घटकर मात्र 2.5% रह गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए, डॉ. सिंह ने बताया कि भारत की तकनीक का लाभ अब पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका को भी मिल रहा है। भारत इन देशों को आपदा संबंधी मौसम जानकारी और उपग्रह डेटा प्रदान कर रहा है।
    इसके साथ ही, देश में डॉप्लर रडार नेटवर्क का विस्तार पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा है, जो अब देश के 87 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करता है।इस ऐतिहासिक अवसर पर आधुनिक ‘3D-प्रिंटेड ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन’ और ‘एग्रो-ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन’ का भी उद्घाटन किया गया। ये तकनीकें न केवल शहरी नागरिकों को तीन घंटे पहले सटीक जानकारी अल्ट्रा-शॉर्ट-रेंज पूर्वानुमान प्रदान करेंगी, बल्कि कृषि, विमानन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएंगी। कार्यक्रम में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन और IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहे।