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  • लाडली से लखपति बिटिया: अब नई योजना में दोबारा आवेदन अनिवार्य

    लाडली से लखपति बिटिया: अब नई योजना में दोबारा आवेदन अनिवार्य


    नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने बेटियों की शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2008 से चल रही लाडली योजना को 31 मार्च 2026 को बंद कर दिया जाएगा और 1 अप्रैल 2026 से उसकी जगह दिल्ली लखपति बिटिया योजना लागू होगी, जिसका उद्देश्य बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता देना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि नई योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है और इसे पूरी तरह डिजिटल मोड में लागू किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता और सहजता बनी रहे।

    नई लखपति बिटिया योजना के तहत सरकार बेटी के जन्म से लेकर ग्रेजुएशन या डिप्लोमा तक अलग-अलग शैक्षणिक पड़ावों पर कुल 56,000 रुपये जमा करेगी, जो समय के साथ मिलकर ब्याज सहित 1 लाख रुपये से अधिक हो सकते हैं। यह राशि सीधे बेटी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। राशि निकासी की शर्तों के अनुसार, यह 18 वर्ष की आयु पूरी होने और 12वीं पास करने पर या 21 वर्ष की आयु में ग्रेजुएशन/डिप्लोमा पूरा करने के बाद की जा सकेगी।

    इस योजना में राशि चरणबद्ध रूप से दी जाएगी। जन्म के समय 11,000 रुपये, कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश पर 5,000-5,000 रुपये, कक्षा 10 पास करने पर 5,000 रुपये, कक्षा 12 में प्रवेश पर 5,000 रुपये और ग्रेजुएशन या डिप्लोमा के दौरान 20,000 रुपये दिए जाएंगे। कुल मिलाकर 56,000 रुपये की सरकारी सहायता बेटियों के खाते में जमा होगी, जो मैच्योरिटी पर बढ़कर करीब एक लाख रुपये बन सकती है।

    योजना का लाभ केवल उन्हीं बेटियों को मिलेगा जिनका जन्म दिल्ली में हुआ है और जिनका परिवार कम से कम तीन साल से राजधानी में रह रहा है। परिवार की वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और हर परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही योजना के लिए पात्र होंगी। लाभार्थी को मान्यता प्राप्त संस्थान से पढ़ाई करनी होगी और पूरा टीकाकरण अनिवार्य है। 18 साल से पहले शादी हो जाने पर लाभ निरस्त कर दिया जाएगा; यदि निर्धारित शर्तों पर क्लेम समय पर नहीं किया गया तो राशि सरकार को वापस चली जाएगी।

    सबसे अहम सवाल यह है कि क्या नई योजना में दोबारा आवेदन करना होगा? सरकार ने स्पष्ट कहा है कि लाडली योजना 31 मार्च 2026 को बंद होगी और नई लखपति बिटिया योजना 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, इसलिए पात्र लाभार्थियों को इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा। आवेदन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे किसी सरकारी दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नई पात्र बेटियों को तय शर्तों के अनुसार आवेदन करना होगा।

    सरकार ने यह भी बताया है कि लाडली योजना के कई खाते मैच्योरिटी के बाद भी क्लेम नहीं किए गए थे। ऐसे लंबित मामलों में भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बड़ी राशि लाभार्थियों को जारी की जा चुकी है। योजना के लिए शुरुआती तौर पर लगभग 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और लाडली योजना की अप्रयुक्त राशि को भी नई लखपति बिटिया योजना में समायोजित किया जाएगा ताकि बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग निरंतर जारी रह सके।

  • दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव

    दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। नई पॉलिसी का फोकस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग, और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर होगा।

    बैटरी रीसाइक्लिंग: पहली बार पूरी व्यवस्था

    नई पॉलिसी के तहत ईवी बैटरी की रीसाइक्लिंग पर खास जोर दिया गया है। ईवी बैटरी आमतौर पर 8 साल तक चलती है और उसके बाद सुरक्षित निपटान चुनौती बन जाता है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में पहली बार बैटरी जमा करने और रीसाइक्लिंग की पूरी व्यवस्था बनाने की योजना बनाई है।

    चार्जिंग स्टेशन: हर कोने में सुविधा

    सरकार ने 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है। हर स्टेशन पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट होंगे। स्टेशन शॉपिंग मार्केट, मल्टी लेवल पार्किंग, RWAs, सरकारी ऑफिस और मुख्य मार्गों के किनारे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली के हर कोने में भरोसेमंद और आसान चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है।

    नई छोटी ईवी वैन: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए

    संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चलाने के लिए नई छोटी ईवी वैन की योजना है, जो 7 यात्रियों और 1 ड्राइवर के साथ चलेगी। इसके साथ ही ई-रिक्शा संचालन के लिए तय रूट बनाए जाएंगे।

    पॉलिसी लागू होने के बाद बदलाव

    राजधानी में प्रदूषण में कमी

    सार्वजनिक परिवहन की सुविधा में सुधार

    ईवी सेक्टर में निवेश और रोजगार में वृद्धि

    चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग नेटवर्क का विस्तार

    नई ईवी वैन से रोजमर्रा की यात्रा आसान और साफ-सुथरी

    नई पॉलिसी 31 दिसंबर के बाद लागू की जाएगी। पहली ईवी पॉलिसी 2020 में लागू हुई थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण अब इसे अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनाया गया है।