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  • MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार

    MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार


    मऊगंज।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मऊगंज जिले (Mauganj district) में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) करने वाले पति और पत्नी को पुलिस ने ओडिशा (Odisha) से गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस हनी ट्रैप का मामला दर्ज करते हुए साइबर सेल की मदद से उनके ठिकाने तक पहुंची, और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महिला और उसका पति मऊगंज में रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। यहां पर उन्होंने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को अपना शिकार बनाया था, फिर उन्हें ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।

    आरोपी रुची और उसका पति मऊगंज में रुचि रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। पुलिस के मुताबिक पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को, पहले चाय पर बुलाकर नशीला चीज पिलाई गई, और फिर स्पाई कैमरे से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा, और उनसे 5 लाख रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया।

    हनीट्रैप का केस
    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने हनी ट्रैप का मामला दर्ज कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामले को तूल पकड़ता देख दोनों पति पत्नी, मऊगंज से फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों को, ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गिरफ्तार कर मऊगंज ले आई है।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के मोबाइल से शुरुआती जांच में कई चैट के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है, और दोनों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरह से और कितने लोगों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है, जहां से उनकी रिमांड लेने का पुलिस प्रयास कर रही है, जिससे आरोपियों से अच्छे से पूछताछ हो सके।

  • संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?

    संघ प्रमुख मोहन भागवत की Z प्लस सिक्योरिटी को लेकर HC में याचिका… जानें क्या की गई डिमांड?


    नई दिल्ली।
    RSS यानी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को मिली Z प्लस सुरक्षा को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court.) में याचिका दाखिल हुई। इस याचिका के जरिए मांग की गई थी कि सुरक्षा पर हो रहे खर्च का भुगतान संघ की तरफ से ही किया जाना चाहिए। हालांकि, उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं।


    40 से 45 लाख रुपये महीने का खर्च

    उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के समक्ष दायर जनहित याचिका में दावा किया गया कि सुरक्षा कवर की लागत कथित तौर पर 40 लाख से 45 लाख रुपये प्रति माह बताई गई है, जो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और राज्य के खजाने का नुकसान है क्योंकि आरएसएस एक पंजीकृत संगठन नहीं है।

    याचिका को खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर और जस्टिस अनिल किलोर की पीठ ने याचिका दायर करने के पीछे याचिकाकर्ता के मकसद और इरादे पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी।


    याचिका में क्या

    नागपुर निवासी ललन सिंह द्वारा अपने वकील अश्विन इंगोले के माध्यम से दायर याचिका में यह दलील दी गई कि करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग ऐसे व्यक्ति को ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की वीवीआईपी सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, जिसका संगठन ‘पंजीकृत’ नहीं है। याचिकाकर्ता ने सरकार की तरफ से भागवत को दी गई उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए उनसे शुल्क की भरपाई का अनुरोध किया था।


    मुकेश अंबानी केस का दिया हवाला

    उन्होंने 2023 में उच्चतम न्यायालय द्वारा उद्योगपति मुकेश अंबानी से संबंधित एक मामले में दिए गए फैसले का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने भारत सरकार की नीति के अनुसार उन्हें ‘जेड-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। साथ ही इसका पूरा खर्च उनके परिवार द्वारा उठाया जाना था।


    मोहन भागवत को कब मिली थी जेड प्लस सिक्योरिटी

    जून 2015 में संघ प्रमुख भागवत की सुरक्षा को बढ़ाकर जेड प्लस श्रेणी का कर दिया गया था। इसके साथ ही उनके सुरक्षा घेरे को संभालने का जिम्मा CISF यानी सेंट्रल आर्म्ड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्सेज के पास आ गया था। इससे पहले उनकी सुरक्षा में महाराष्ट्र पुलिस की टुकड़ियां तैनात थीं। खास बात है कि पहली बार साल 2012 में यूपीए सरकार के दौरान भागवत को जेड प्लस सिक्योरिटी देने के आदेश दिए गए थे। तब सुशील कुमार शिंदे देश के गृहमंत्री थे।