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  • एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी

    एमपी में बदला मौसम का मिजाज: आधे प्रदेश में घना कोहरा, तीन दिन बारिश के आसार, ठंड और बढ़ेगी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है, वहीं सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के चलते 31 जनवरी, 1 फरवरी और 2 फरवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे ठंड का असर और तेज़ होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हो रही है। इस सिस्टम के कारण 241 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं, जिसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि बारिश का सिस्टम गुजरने के बाद दिन और रात दोनों समय ठंड और बढ़ सकती है।

    शुक्रवार सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में कोहरे का असर देखने को मिला। भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 से अधिक जिलों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, सीधी और सिंगरौली में दृश्यता काफी कम दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। इससे पहले कोहरे का असर बना रहेगा। 31 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश के आसार हैं। 1 फरवरी को नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश हो सकती है। वहीं 2 फरवरी को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित 40 से अधिक जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

    ओलावृष्टि और बारिश थमने के बाद प्रदेश में कोहरा और सर्दी का असर और बढ़ गया है। गुरुवार सुबह कई जिलों में 10 बजे तक धूप नहीं निकल सकी। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित 20 से ज्यादा जिलों में मध्यम से घना कोहरा दर्ज किया गया। ग्वालियर और दतिया में कोहरा सबसे अधिक घना रहा। उज्जैन, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, जबलपुर, खजुराहो, सतना, धार, गुना, रायसेन, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी और उमरिया में भी दृश्यता कम रही।

    रात के तापमान की बात करें तो मंदसौर में पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा। हालांकि रात की कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है, लेकिन दिन में ठिठुरन बनी हुई है। गुरुवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। दतिया में 20.3, भोपाल में 20.4, श्योपुर में 20.6, नौगांव में 20.7, रतलाम और रीवा में 21.2, गुना में 21.8, खजुराहो और टीकमगढ़ में 22, इंदौर में 22.2, दमोह में 22.4, सतना में 22.7, सागर में 22.8, उज्जैन में 23, धार में 23.2 और जबलपुर में 23.3 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • एमपी में ठंड का कहर जारी, कोहरे ने रोकी रफ्तार, 16 जनवरी से बारिश के आसार

    एमपी में ठंड का कहर जारी, कोहरे ने रोकी रफ्तार, 16 जनवरी से बारिश के आसार

    मध्य प्रदेश में जनवरी की ठंड इस बार लगातार नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ती नजर आ रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान बीते कई दिनों से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे बना हुआ है। भले ही मौसम विभाग ने अब तक औपचारिक रूप से शीतलहर की घोषणा नहीं की हो लेकिन आम लोगों के लिए सर्दी किसी शीतलहर से कम नहीं है। सुबह-शाम की ठिठुरन और दिनभर ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

    उत्तर-पश्चिमी अंचल खासतौर पर ग्वालियर-चंबल संभाग इन दिनों घने कोहरे की चपेट में है। ग्वालियर भिंड मुरैना और दतिया जिलों में सुबह के समय कोहरा इतना घना हो रहा है कि सड़कें हाईवे और आसपास की इमारतें तक साफ दिखाई नहीं दे रही हैं। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई जिससे वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के वक्त लोग हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी रफ्तार से सफर करने को मजबूर हैं।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सबसे ठंडे इलाकों में कल्याणपुर शहडोल करौंदी खजुराहो और ग्वालियर शामिल रहे। इन क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। हालांकि दिन में धूप निकलने से कुछ घंटों के लिए राहत जरूर मिलती है लेकिन सूर्यास्त के बाद ठंड फिर से तीखी हो जाती है और रातें बेहद सर्द बनी हुई हैं।

    घने कोहरे का सीधा असर रेल यातायात पर भी पड़ रहा है। दिल्ली–भोपाल–इंदौर रूट पर चलने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंच रही हैं। यात्रियों के मुताबिक मालवा एक्सप्रेस झेलम एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को ठंड और अनिश्चितता के बीच इंतजार करना पड़ रहा है जिससे खासकर बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल ठंड का असर बना रहेगा लेकिन 15–16 जनवरी के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहा एक नया पश्चिमी विक्षोभ मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। इसके असर से 16 जनवरी के बाद अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या मावठा होने की संभावना है।

    बारिश के बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर देखने को मिल सकती है लेकिन ठंड से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विभाग का कहना है कि बादलों और नमी के कारण रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को अभी कुछ दिन और सर्दी से सतर्क रहने की जरूरत है।कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे ने आम जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। आने वाले दिनों में बारिश जहां किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है वहीं फिलहाल ठंड का असर बरकरार रहने के संकेत हैं।

  • देशभर में ठंड का कहर: दिल्ली में साल का पहला कोल्ड डे, 13 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

    देशभर में ठंड का कहर: दिल्ली में साल का पहला कोल्ड डे, 13 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सर्दी ने अब पूरी तरह अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। मंगलवार को दिल्ली में इस सीजन का पहला कोल्ड डे रिकॉर्ड किया गया, जब अधिकतम तापमान में अचानक गिरावट आई और दिनभर ठंडी हवाओं ने लोगों को कंपकंपाने पर मजबूर कर दिया। धूप के बावजूद सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रह सकता है।

    13 राज्यों में शीतलहर का अलर्ट

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के दौरान देश के 13 राज्यों में शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और सिक्किम में ठंड का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    झारखंड के गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और चतरा जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में खासकर सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

    कोलकाता में टूटा सर्दी का रिकॉर्ड

    उधर, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शहर में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जनवरी महीने का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिणी पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में ठंड और तेज हो सकती है।

    कोहरे की चादर से ढकेंगे कई राज्य

    मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में घने कोहरे को लेकर भी चेतावनी दी है। 7 से 9 जनवरी के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़ के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी 7 जनवरी को सुबह घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

    देशभर में गिरता पारा

    जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पारा 0 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री तक गिर चुका है। मैदानी इलाकों में सबसे कम तापमान पश्चिमी मध्य प्रदेश के राजगढ़ में 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

    7 जनवरी 2026 को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद के साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और बढ़ेगी, जबकि मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का असर और तेज हो सकता है।

  • MP में कड़ाके की ठंड और घने कोहरा…. दिन में भी कांप रहे लोग, 16 जिलों में स्कूलों की छुट्टी

    MP में कड़ाके की ठंड और घने कोहरा…. दिन में भी कांप रहे लोग, 16 जिलों में स्कूलों की छुट्टी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) इन दिनों भीषण ठंड (Severe cold), घने कोहरे (Dense fog) और शीतलहर (Cold wave) की चपेट में है। राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। सरकार के आदेश पर 16 जिलों में स्कूलों में छुट्टियां (School Closed) घोषित की गई हैं। भोपाल समेत कुछ जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। वहीं, ट्रेन और फ्लाइट सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना है।


    35 से अधिक जिलों में घना कोहरा

    सोमवार सुबह भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, आगर-मालवा, शाजापुर, विदिशा, सागर, दमोह, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और कटनी में घना कोहरा छाया रहा। दिन के दौरान राजगढ़, दतिया, छतरपुर और उमरिया में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है।


    इन 16 जिलों में स्कूल बंद

    कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते राज्य के कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। इंदौर में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल तीन दिन के लिए बंद रहेंगे, जबकि उज्जैन में नर्सरी से कक्षा 5 तक एक दिन की छुट्टी दी गई है। मंदसौर में नर्सरी से कक्षा 8 तक दो दिन का अवकाश रहेगा। शाजापुर और विदिशा में नर्सरी से कक्षा 8 (विदिशा में कक्षा 5 तक) के स्कूल 5 और 6 जनवरी को बंद रहेंगे। ग्वालियर में भी नर्सरी से कक्षा 8 तक 5–6 जनवरी को स्कूल बंद रहेंगे और 7 जनवरी से दोबारा खुलेंगे।

    कहीं तीन तो कहीं दो दिन अवकाश
    वहीं, अशोकनगर में 5 जनवरी को स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं। रायसेन में नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूल 7 जनवरी तक बंद रहेंगे। आगर मालवा में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल दो दिन बंद रहेंगे और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी अवकाश रहेगा। टीकमगढ़, नीमच और रतलाम में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 5–6 जनवरी को बंद रहेंगे, जबकि हरदा में सोमवार को नर्सरी से कक्षा 8 तक अवकाश घोषित किया गया है। राजगढ़ में कक्षा 8 तक के स्कूल एक दिन के लिए बंद रहेंगे। मंडला में नर्सरी से कक्षा 8 तक 5–6 जनवरी को स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। वहीं जबलपुर में भी नर्सरी से कक्षा 8 तक 5–6 जनवरी को स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे, हालांकि परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी।


    भोपाल और धार में स्कूलों के समय में बदलाव

    ठंड और कोहरे को देखते हुए भोपाल और धार में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। भोपाल में नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही खुलेंगे। वहीं धार जिले में भी नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों का संचालन 9:30 बजे के बाद किया जाएगा, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं अपने सामान्य समय पर ही संचालित होंगी।

  • कोहरे की गिरफ्त में मध्यप्रदेश, दिन में भी ठिठुरन, ट्रेनों और सड़कों की रफ्तार थमी..

    कोहरे की गिरफ्त में मध्यप्रदेश, दिन में भी ठिठुरन, ट्रेनों और सड़कों की रफ्तार थमी..


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिसके चलते प्रदेशभर में घने कोहरे की चादर छाई हुई है। हालात ऐसे हैं कि ठंड का असर सिर्फ सुबह-शाम ही नहीं, बल्कि दिन के समय भी साफ महसूस किया जा रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है और शीतल दिन जैसी स्थिति बन गई है।

    शनिवार को प्रदेश के 11 से 12 शहरों में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। दतिया और रीवा में पूरे दिन ठंड का असर बना रहा। ग्वालियर में सुबह के समय अति घना कोहरा छाया रहा, जबकि इंदौर और जबलपुर में घने कोहरे के कारण दृश्यता विजिबिलिटी काफी कम हो गई। राजधानी भोपाल और नर्मदापुरम में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।मौसम विभाग के अनुसार, इस सर्दी के सीजन में यह कोहरे का अब तक का सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। भोपाल में शनिवार को दिनभर कोहरा बना रहा, जिससे धूप के दर्शन भी मुश्किल हो गए। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। कोहरे के साथ-साथ शीतलहर का असर भी तेज हो सकता है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।

    इंदौर में विजिबिलिटी शून्य के करीब

    शनिवार रात इंदौर में हालात सबसे ज्यादा खराब नजर आए। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई, जिससे सड़कों पर चल रहे वाहन एक-दूसरे को मुश्किल से देख पा रहे थे। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा और वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कई जगहों पर जाम जैसे हालात भी बने।

    रेल यातायात पर पड़ा असर


    कोहरे का असर रेल यातायात पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली की ओर से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस सहित एक दर्जन से अधिक ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 6 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को भी ट्रेनों के लेट होने की आशंका बनी हुई है, जिससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

    इन जिलों में ज्यादा असर


    रविवार को भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर के अलावा श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी और मैहर समेत कई जिलों में कोहरे का असर बना हुआ है।

    अगले दो दिन का अलर्ट


    मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के लिए भी घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।5 जनवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा रहने की संभावना है।6 जनवरी को भी शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोहरे का असर बना रह सकता है।

    क्यों बन रहा है ऐसा मौसम 


    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, उत्तर भारत के बड़े हिस्से में इस समय कोहरे की स्थिति बनी हुई है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और बिहार में भी इसी तरह का मौसम है। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद वातावरण में बची नमी के कारण कोहरा लगातार बन रहा है। हालांकि एक-दो दिन बाद इसकी तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना जताई गई है।

  • Ind vs SA: घने कोहरे और धुंध की भेंट चढ़ा चौथा T20I मैच, BCCI पर उठे गंभीर सवाल

    Ind vs SA: घने कोहरे और धुंध की भेंट चढ़ा चौथा T20I मैच, BCCI पर उठे गंभीर सवाल


    लखनऊ
    । टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका (Team India vs South Africa) के बीच लखनऊ (Lucknow) में चौथा टी20 इंटरनेशनल मैच (Fourth T20 International match) बुधवार 17 दिसंबर को खेला जाना था, लेकिन मैच को खराब दृश्यता के कारण रद्द कर दिया गया। दरअसल, घने कोहरे और धुंध की एक परत ने इकाना स्टेडियम को घेर लिया, जिससे सर्दियों के महीनों में उत्तरी भारत में मुकाबले कराने के भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यक्रम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    साउथ अफ्रीका के खिलाफ पूरी सीरीज के लिए नवंबर और दिसंबर के दौरान न्यू चंडीगढ़, धर्मशाला, लखनऊ, रांची, रायपुर, विशाखापत्तनम, कटक, अहमदाबाद, गुवाहाटी और कोलकाता को आयोजन स्थल के तौर पर चुना गया था। यह वह समय होता है जब लखनऊ, न्यू चंडीगढ़ और धर्मशाला जैसे मेजबान शहरों में प्रदूषण का स्तर आमतौर पर सबसे खराब होता है। इसके अलावा कोहरा होने के चांस भी ज्यादा होते हैं।

    चौथा टी20 अंतरराष्ट्रीय आधिकारिक तौर पर ‘अत्यधिक कोहरे’ के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द कर दिया गया, लेकिन सच्चाई यह थी कि प्रदूषण और कोहरे की एक मोटी चादर ने इकाना स्टेडियम को घेर लिया था, जिससे दृश्यता बहुत कम हो गई थी। बुधवार को लखनऊ में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 400 से ऊपर खतरनाक स्तर में रहा, जिससे खिलाड़ियों के कल्याण के प्रति बीसीसीआई की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को मैच से पहले भारतीय टीम के वार्मअप के दौरान प्रदूषण से बचने के लिए सर्जिकल मास्क पहने देखा गया। शाम सात बजे शुरू होने वाला मैच आखिरकार छठे निरीक्षण के बाद रात साढ़े नौ बजे रद्द कर दिया गया। हालांकि, यह एक औपचारिकता से ज्यादा कुछ नहीं था, क्योंकि वहां मौजूद सभी लोग जानते थे कि रात बढ़ने के साथ दृश्यता और खराब होती जाएगी।

    खिलाड़ियों ने शाम साढे़ सात बजे तक अपना वार्मअप सत्र खत्म कर दिया था और ड्रेसिंग रूम में लौट गए थे। ठंड का सामना करते हुए रात नौ बजे तक दर्शकों की भीड़ भी कम होने लगी थी। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ के राजीव शुक्ला निरीक्षण के दौरान मैदान पर आए, लेकिन मैच अधिकारियों से बात करने के बाद उनकी भावभंगिमा से निराशा साफ झलक रही थी।


    आखिरी मैच अब अहमदाबाद में

    कोई रिजर्व दिन नहीं होने के कारण दोनों टीमें अब शुक्रवार को होने वाले अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए अहमदाबाद जाएंगी। भारत सीरीज में 2-1 से आगे है। बीसीसीआई आयोजन स्थलों का आवंटन करते समय रोटेशन नीति का पालन करता है, लेकिन बोर्ड 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज से पहले स्थल बदलने पर विचार कर सकता था।

    भारतीय टीम न्यूजीलैंड का सामना पश्चिमी और दक्षिणी भारत के स्थलों पर करेगी जो मैच वडोदरा, राजकोट, इंदौर, नागपुर, रायपुर, विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में खेले जाएंगे। सिर्फ एक मैच पूर्वोत्तर शहर गुवाहाटी में होना है। नोर्थ क्षेत्र के अधिकतर आयोजन स्थल सर्दियों के महीनों में मौसम से प्रभावित होते रहे हैं। पिछले हफ्ते तीसरा टी20 इंटरनेशनल धर्मशाला में 10 डिग्री से कम तापमान में खेला गया था, जो बर्फ से ढकी धौलाधार रेंज की गोद में बसा है।

    मैच के बाद तमिलनाडु के रहने वाले भारत के रहस्मयी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने माना था कि हालात उनके लिए खास तौर पर मुश्किल थे। उन्होंने कहा था, ‘‘मैंने इतने ठंडे मैदान पर कभी नहीं खेला, इसलिए मुझे यह काफी मुश्किल लगा।’’ धर्मशाला में मैच के दिन एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में था और न्यू चंडीगढ़ में दूसरे मैच दौरान ‘गंभीर’ श्रेणी में था।