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  • डॉक्टर की चेतावनी, परिवार से छुपाया सच और फिर नई शुरुआत, राम कपूर ने सुनाई संघर्ष से वापसी की कहानी

    डॉक्टर की चेतावनी, परिवार से छुपाया सच और फिर नई शुरुआत, राम कपूर ने सुनाई संघर्ष से वापसी की कहानी

    नई दिल्ली ।लोकप्रिय अभिनेता राम कपूर ने रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि करियर के शिखर पर पहुंचने के बावजूद वह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे। अभिनेता ने स्वीकार किया कि एक समय उनकी सेहत इतनी खराब हो गई थी कि डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इस स्थिति की जानकारी अपनी पत्नी गौतमी कपूर और परिवार के अन्य सदस्यों से भी लंबे समय तक छुपाकर रखी।

    राम कपूर ने कहा कि जिस समय उन्हें टीवी धारावाहिक ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ से व्यापक लोकप्रियता मिल रही थी, उसी दौरान उनका निजी जीवन कई चुनौतियों से घिरा हुआ था। बाहर से सब कुछ सामान्य और सफल दिखाई देता था, लेकिन भीतर वह लगातार मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहे थे। उन्होंने बताया कि लगातार काम का दबाव, अनियमित दिनचर्या और अपनी सेहत की अनदेखी ने उनकी स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।

    अभिनेता ने बताया कि समय के साथ उनका वजन लगातार बढ़ता गया और जीवनशैली पूरी तरह असंतुलित हो गई। उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर में उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दी। जब चिकित्सकीय जांच कराई गई तो डॉक्टरों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्होंने तुरंत अपनी आदतों में सुधार नहीं किया, तो आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनका ब्लड शुगर स्तर कई बार सामान्य सीमा से काफी ऊपर पहुंच जाता था, जिससे जोखिम लगातार बढ़ रहा था।

    राम कपूर ने अपने व्यवहार को याद करते हुए आत्मस्वीकृति भी जताई। उन्होंने कहा कि सफलता और व्यस्तता के बीच वह खुद को खो बैठे थे। उन्होंने माना कि वह शूटिंग पर समय से नहीं पहुंचते थे, कई बार अनुशासन का पालन नहीं करते थे और सहकर्मियों के साथ भी उनका व्यवहार पहले जैसा नहीं रह गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय की अपनी गलतियों को याद करके आज भी उन्हें अफसोस होता है और वह उस दौर को अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी सीख मानते हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि अपनी मानसिक और शारीरिक परेशानियों के बारे में उन्होंने परिवार को पूरी सच्चाई नहीं बताई थी। उनका मानना था कि इससे उनके अपने लोग अनावश्यक रूप से चिंतित हो जाएंगे। हालांकि समय के साथ उन्हें यह एहसास हुआ कि मुश्किल परिस्थितियों में परिवार का साथ सबसे बड़ी ताकत होता है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों ने उन्हें जीवन को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा दी और आगे बढ़ने का हौसला दिया। उनके अनुसार यदि परिवार का भावनात्मक सहारा नहीं मिलता, तो परिस्थितियां और अधिक कठिन हो सकती थीं।

    राम कपूर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अपने जीवन में कई सकारात्मक बदलाव किए हैं। उन्होंने अपनी दिनचर्या, खानपान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना शुरू किया तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए भी लगातार प्रयास किए। अभिनेता का कहना है कि अब वह पहले की तुलना में अधिक संतुलित, खुश और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभव के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि सफलता के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासित जीवनशैली और परिवार का साथ भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही कठिन समय में व्यक्ति को संभालने की सबसे बड़ी ताकत बनते हैं।

  • 'बिग बॉस' ने बदल दी जुबैर खान की जिंदगी, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों का किया खुलासा

    'बिग बॉस' ने बदल दी जुबैर खान की जिंदगी, डिप्रेशन और आत्महत्या के विचारों का किया खुलासा


    नई दिल्ली । रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ के पूर्व प्रतियोगी जुबैर खान ने एक बार फिर शो के बाद अपनी जिंदगी में आए कठिन दौर को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने दावा किया कि शो में हुई घटनाओं और उसके बाद पैदा हुए विवादों का उनकी मानसिक, सामाजिक और पेशेवर जिंदगी पर गहरा असर पड़ा।

    साल 2017 में प्रसारित हुए ‘बिग बॉस 11’ में जुबैर खान ने बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा लिया था। शो के दौरान उन्होंने खुद को अंडरवर्ल्ड से जुड़े परिवार का सदस्य बताया था, जिसके बाद वह सुर्खियों में आ गए। बाद में साथी प्रतियोगी अर्शी खान के साथ उनकी तीखी बहस और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ।

    वीकेंड का वार एपिसोड में शो के होस्ट सलमान खान ने जुबैर खान की कड़ी आलोचना की थी। इसके बाद जुबैर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भी भेजा गया। बाद में कम वोट मिलने के कारण वह शो से बाहर हो गए।

    शो से बाहर आने के बाद जुबैर ने सलमान खान के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि शो में हुई घटनाओं के कारण उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा और उन्हें काम मिलना बंद हो गया।

    हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जुबैर खान ने कहा कि शो के बाद वह लंबे समय तक डिप्रेशन से जूझते रहे। उनके अनुसार, निजी जीवन भी प्रभावित हुआ और पारिवारिक रिश्तों में दूरियां आ गईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौर में उन्हें कई बार आत्महत्या के विचार आए और मानसिक तनाव से उबरने के लिए उन्हें दवाइयों का सहारा लेना पड़ा।

    जुबैर ने कहा कि एक टीवी एपिसोड के आधार पर लोगों ने उनके बारे में धारणा बना ली, जिससे उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को भारी नुकसान पहुंचा। उनका कहना है कि उन्होंने इस पूरे विवाद में बहुत कुछ खोया, लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।

    हालांकि, यह जुबैर खान के व्यक्तिगत दावे हैं। इन दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग समय पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी सामने आती रही हैं। यदि किसी व्यक्ति को डिप्रेशन, आत्महत्या के विचार या गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो उसे तुरंत किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, विश्वसनीय परिजन या स्थानीय हेल्पलाइन से सहायता लेनी चाहिए।

  • फीमेल पार्टनर से बहस के बाद कंक्रीट की सीढ़ियों पर मायूस बैठा दिखा 13 साल का गोरिल्ला

    फीमेल पार्टनर से बहस के बाद कंक्रीट की सीढ़ियों पर मायूस बैठा दिखा 13 साल का गोरिल्ला

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया के इस दौर में वन्य जीवों के कई ऐसे वीडियो सामने आते हैं जो इंसानों को हैरान कर देते हैं, लेकिन जापान के एक चिड़ियाघर से सामने आया ताजा मामला बेहद अनोखा और गुदगुदाने वाला है। यहां रहने वाले 13 साल के एक नर गोरिल्ला, जिसका नाम ‘कियोमासा’ है, का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो में गोरिल्ला अपनी फीमेल पार्टनर के साथ हुए एक घरेलू विवाद के बाद जिस तरह गहरे तनाव और दार्शनिक अंदाज में बैठा नजर आ रहा है, उसने पूरी दुनिया के सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चिड़ियाघर के बाड़े में कियोमासा और उसकी मादा साथी के बीच किसी बात को लेकर जोरदार बहस हो गई थी। हालांकि, चिड़ियाघर के प्रबंधकों और अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के बीच इस तरह के छोटे-मोटे मतभेद बेहद सामान्य हैं, लेकिन कियोमासा इस मामूली झगड़े को कुछ ज्यादा ही दिल पर ले बैठा। इस नोकझोंक के तुरंत बाद का जो नजारा कैमरे में कैद हुआ, उसने वैज्ञानिकों से लेकर आम जनता तक को अचंभित कर दिया है, क्योंकि गोरिल्ला का यह व्यवहार हूबहू किसी परेशान इंसान जैसा था।

    विवाद शांत होने के बाद, कियोमासा अपनी मादा साथी से दूर पिंजरे में बनी कंक्रीट की सीढ़ियों पर जाकर बिल्कुल अकेला बैठ गया। करीब 62 सेकंड के इस वायरल क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि वह किसी गहरे सदमे या आत्मचिंतन में डूबा हुआ है। सबसे मजेदार बात यह है कि उसने किसी दार्शनिक या गंभीर संकट में फंसे इंसान की तरह अपनी ठुड्डी पर हाथ रख रखा है। वह रह-रहकर अपना सिर खुजलाता है, अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ता है और शून्य में एकटक घूरने लगता है, जैसे वह अपनी जिंदगी के किसी बहुत बड़े और जटिल फैसले के बारे में विचार कर रहा हो।

    कियोमासा के इस अद्भुत और इंसानी अंदाज को देखकर इंटरनेट जगत में मजेदार टिप्पणियों और मीम्स की बाढ़ आ गई है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को विशेष रूप से शादीशुदा पुरुषों की वास्तविक पारिवारिक परिस्थितियों और उनके आपसी वैवाहिक विवादों से जोड़कर देख रहे हैं। कई यूजर्स ने मजाकिया लहजे में टिप्पणी करते हुए लिखा कि यह गोरिल्ला निश्चित रूप से अपने दिमाग में उस पूरी लड़ाई को दोबारा रीप्ले कर रहा है और यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर उससे ऐसी क्या गलती हो गई, जिससे उसकी पार्टनर इतनी ज्यादा नाराज हो गई। कुछ लोगों ने तो कियोमासा की इस गहरी सोच को देखते हुए उसका नया नाम ‘गोरिलियो द फिलॉस्फर’ तक रख दिया है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने जीव वैज्ञानिकों को भी एक बार फिर इस विषय पर सोचने के लिए प्रेरित किया है कि गोरिल्ला इंसानों के कितने करीब हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, गोरिल्ला को इंसानों का सबसे नजदीकी रिश्तेदार माना जाता है और उनका लगभग 98 प्रतिशत डीएनए पूरी तरह से इंसानों से मेल खाता है। वे अत्यधिक संवेदनशील और सामाजिक प्राणी होते हैं, जो इंसानों की ही तरह क्रोध, ईर्ष्या, प्रेम, दुख, अवसाद और पछतावे जैसी जटिल मानसिक भावनाओं को गहराई से महसूस करने और उन्हें अपनी शारीरिक मुद्राओं के माध्यम से प्रदर्शित करने की क्षमता रखते हैं।

  • छोटे कद पर तानों ने तोड़ी रिश्ते की डोर, दो साल बाद मंगेतर ने छोड़ा साथ, पहली बार छलका अब्दू रोजिक का दर्द

    छोटे कद पर तानों ने तोड़ी रिश्ते की डोर, दो साल बाद मंगेतर ने छोड़ा साथ, पहली बार छलका अब्दू रोजिक का दर्द

    नई दिल्ली । लोकप्रिय सिंगर और टीवी स्टार अब्दू रोजिक ने पहली बार अपनी निजी जिंदगी के उस दर्दनाक अध्याय का खुलासा किया है, जिसने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया था। अपनी पहचान, लोकप्रियता और सफलता के बावजूद अब्दू को निजी रिश्तों में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें लंबे समय तक मानसिक तनाव और अकेलेपन में धकेल दिया। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी टूटी सगाई और उससे जुड़े भावनात्मक संघर्षों को लेकर खुलकर बातचीत की।

    अब्दू रोजिक ने बताया कि उनकी सगाई लगभग दो वर्षों तक चली, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां इतनी कठिन होती गईं कि रिश्ता टूटने की नौबत आ गई। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके छोटे कद और बीमारी को लेकर लगातार होने वाली टिप्पणियों और सामाजिक तानों का असर केवल उन पर ही नहीं, बल्कि उनकी मंगेतर पर भी पड़ा। समय के साथ यह दबाव इतना बढ़ गया कि दोनों के रिश्ते में दूरियां आने लगीं।

    उन्होंने कहा कि लोगों की सोच और समाज का रवैया कई बार किसी इंसान की निजी जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर देता है। अब्दू के मुताबिक, उनकी मंगेतर लगातार इस बात से परेशान रहने लगी थीं कि लोग उनके रिश्ते को लेकर मजाक बनाते थे। सार्वजनिक जीवन में रहने के कारण यह स्थिति और ज्यादा कठिन हो गई थी। हर जगह होने वाली चर्चा, ट्रोलिंग और व्यक्तिगत टिप्पणियों ने रिश्ते की मजबूती को कमजोर कर दिया। आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला लिया।

    अब्दू ने यह भी स्वीकार किया कि सगाई टूटने के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गए थे। उन्होंने लंबे समय तक खुद को अकेला महसूस किया और डिप्रेशन जैसी स्थिति से गुजरना पड़ा। हालांकि उन्होंने अपने परिवार और करीबी लोगों के सहयोग से धीरे-धीरे खुद को संभाला। उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफलता मिलने के बावजूद इंसान भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ सकता है और रिश्तों का टूटना किसी भी व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता।

    उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर किसी व्यक्ति के बाहरी रूप या शारीरिक स्थिति को देखकर राय बना लेते हैं, जबकि असली संघर्ष और दर्द को समझने की कोशिश बहुत कम लोग करते हैं। अब्दू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज को संवेदनशील होने की जरूरत है, क्योंकि मजाक और ताने कई बार किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास और निजी जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

    अब्दू रोजिक की यह कहानी केवल एक सेलिब्रिटी के टूटे रिश्ते की नहीं, बल्कि उन लोगों की भावनाओं को भी सामने लाती है जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद सामान्य और सम्मानजनक जीवन जीने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि प्यार और रिश्तों में सबसे ज्यादा जरूरी समझ, सम्मान और भावनात्मक सहयोग होता है। यदि समाज बाहरी चीजों के बजाय इंसानियत को महत्व दे, तो कई रिश्ते टूटने से बच सकते हैं।

    अपने संघर्षों के बावजूद अब्दू ने सकारात्मक सोच बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि कठिन समय इंसान को मजबूत बनाता है और अब वह अपने करियर तथा भविष्य पर पूरा ध्यान देना चाहते हैं। उनकी इस भावुक कहानी ने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया है और कई लोग सोशल मीडिया पर उनके साहस और ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं।