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  • फीमेल पार्टनर से बहस के बाद कंक्रीट की सीढ़ियों पर मायूस बैठा दिखा 13 साल का गोरिल्ला

    फीमेल पार्टनर से बहस के बाद कंक्रीट की सीढ़ियों पर मायूस बैठा दिखा 13 साल का गोरिल्ला

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया के इस दौर में वन्य जीवों के कई ऐसे वीडियो सामने आते हैं जो इंसानों को हैरान कर देते हैं, लेकिन जापान के एक चिड़ियाघर से सामने आया ताजा मामला बेहद अनोखा और गुदगुदाने वाला है। यहां रहने वाले 13 साल के एक नर गोरिल्ला, जिसका नाम ‘कियोमासा’ है, का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो में गोरिल्ला अपनी फीमेल पार्टनर के साथ हुए एक घरेलू विवाद के बाद जिस तरह गहरे तनाव और दार्शनिक अंदाज में बैठा नजर आ रहा है, उसने पूरी दुनिया के सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चिड़ियाघर के बाड़े में कियोमासा और उसकी मादा साथी के बीच किसी बात को लेकर जोरदार बहस हो गई थी। हालांकि, चिड़ियाघर के प्रबंधकों और अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीवों के बीच इस तरह के छोटे-मोटे मतभेद बेहद सामान्य हैं, लेकिन कियोमासा इस मामूली झगड़े को कुछ ज्यादा ही दिल पर ले बैठा। इस नोकझोंक के तुरंत बाद का जो नजारा कैमरे में कैद हुआ, उसने वैज्ञानिकों से लेकर आम जनता तक को अचंभित कर दिया है, क्योंकि गोरिल्ला का यह व्यवहार हूबहू किसी परेशान इंसान जैसा था।

    विवाद शांत होने के बाद, कियोमासा अपनी मादा साथी से दूर पिंजरे में बनी कंक्रीट की सीढ़ियों पर जाकर बिल्कुल अकेला बैठ गया। करीब 62 सेकंड के इस वायरल क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि वह किसी गहरे सदमे या आत्मचिंतन में डूबा हुआ है। सबसे मजेदार बात यह है कि उसने किसी दार्शनिक या गंभीर संकट में फंसे इंसान की तरह अपनी ठुड्डी पर हाथ रख रखा है। वह रह-रहकर अपना सिर खुजलाता है, अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ता है और शून्य में एकटक घूरने लगता है, जैसे वह अपनी जिंदगी के किसी बहुत बड़े और जटिल फैसले के बारे में विचार कर रहा हो।

    कियोमासा के इस अद्भुत और इंसानी अंदाज को देखकर इंटरनेट जगत में मजेदार टिप्पणियों और मीम्स की बाढ़ आ गई है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को विशेष रूप से शादीशुदा पुरुषों की वास्तविक पारिवारिक परिस्थितियों और उनके आपसी वैवाहिक विवादों से जोड़कर देख रहे हैं। कई यूजर्स ने मजाकिया लहजे में टिप्पणी करते हुए लिखा कि यह गोरिल्ला निश्चित रूप से अपने दिमाग में उस पूरी लड़ाई को दोबारा रीप्ले कर रहा है और यह समझने की कोशिश कर रहा है कि आखिर उससे ऐसी क्या गलती हो गई, जिससे उसकी पार्टनर इतनी ज्यादा नाराज हो गई। कुछ लोगों ने तो कियोमासा की इस गहरी सोच को देखते हुए उसका नया नाम ‘गोरिलियो द फिलॉस्फर’ तक रख दिया है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने जीव वैज्ञानिकों को भी एक बार फिर इस विषय पर सोचने के लिए प्रेरित किया है कि गोरिल्ला इंसानों के कितने करीब हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, गोरिल्ला को इंसानों का सबसे नजदीकी रिश्तेदार माना जाता है और उनका लगभग 98 प्रतिशत डीएनए पूरी तरह से इंसानों से मेल खाता है। वे अत्यधिक संवेदनशील और सामाजिक प्राणी होते हैं, जो इंसानों की ही तरह क्रोध, ईर्ष्या, प्रेम, दुख, अवसाद और पछतावे जैसी जटिल मानसिक भावनाओं को गहराई से महसूस करने और उन्हें अपनी शारीरिक मुद्राओं के माध्यम से प्रदर्शित करने की क्षमता रखते हैं।

  • छोटे कद पर तानों ने तोड़ी रिश्ते की डोर, दो साल बाद मंगेतर ने छोड़ा साथ, पहली बार छलका अब्दू रोजिक का दर्द

    छोटे कद पर तानों ने तोड़ी रिश्ते की डोर, दो साल बाद मंगेतर ने छोड़ा साथ, पहली बार छलका अब्दू रोजिक का दर्द

    नई दिल्ली । लोकप्रिय सिंगर और टीवी स्टार अब्दू रोजिक ने पहली बार अपनी निजी जिंदगी के उस दर्दनाक अध्याय का खुलासा किया है, जिसने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया था। अपनी पहचान, लोकप्रियता और सफलता के बावजूद अब्दू को निजी रिश्तों में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें लंबे समय तक मानसिक तनाव और अकेलेपन में धकेल दिया। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी टूटी सगाई और उससे जुड़े भावनात्मक संघर्षों को लेकर खुलकर बातचीत की।

    अब्दू रोजिक ने बताया कि उनकी सगाई लगभग दो वर्षों तक चली, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां इतनी कठिन होती गईं कि रिश्ता टूटने की नौबत आ गई। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके छोटे कद और बीमारी को लेकर लगातार होने वाली टिप्पणियों और सामाजिक तानों का असर केवल उन पर ही नहीं, बल्कि उनकी मंगेतर पर भी पड़ा। समय के साथ यह दबाव इतना बढ़ गया कि दोनों के रिश्ते में दूरियां आने लगीं।

    उन्होंने कहा कि लोगों की सोच और समाज का रवैया कई बार किसी इंसान की निजी जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर देता है। अब्दू के मुताबिक, उनकी मंगेतर लगातार इस बात से परेशान रहने लगी थीं कि लोग उनके रिश्ते को लेकर मजाक बनाते थे। सार्वजनिक जीवन में रहने के कारण यह स्थिति और ज्यादा कठिन हो गई थी। हर जगह होने वाली चर्चा, ट्रोलिंग और व्यक्तिगत टिप्पणियों ने रिश्ते की मजबूती को कमजोर कर दिया। आखिरकार दोनों ने अलग होने का फैसला लिया।

    अब्दू ने यह भी स्वीकार किया कि सगाई टूटने के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट गए थे। उन्होंने लंबे समय तक खुद को अकेला महसूस किया और डिप्रेशन जैसी स्थिति से गुजरना पड़ा। हालांकि उन्होंने अपने परिवार और करीबी लोगों के सहयोग से धीरे-धीरे खुद को संभाला। उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफलता मिलने के बावजूद इंसान भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ सकता है और रिश्तों का टूटना किसी भी व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता।

    उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर किसी व्यक्ति के बाहरी रूप या शारीरिक स्थिति को देखकर राय बना लेते हैं, जबकि असली संघर्ष और दर्द को समझने की कोशिश बहुत कम लोग करते हैं। अब्दू ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज को संवेदनशील होने की जरूरत है, क्योंकि मजाक और ताने कई बार किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास और निजी जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

    अब्दू रोजिक की यह कहानी केवल एक सेलिब्रिटी के टूटे रिश्ते की नहीं, बल्कि उन लोगों की भावनाओं को भी सामने लाती है जो शारीरिक चुनौतियों के बावजूद सामान्य और सम्मानजनक जीवन जीने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि प्यार और रिश्तों में सबसे ज्यादा जरूरी समझ, सम्मान और भावनात्मक सहयोग होता है। यदि समाज बाहरी चीजों के बजाय इंसानियत को महत्व दे, तो कई रिश्ते टूटने से बच सकते हैं।

    अपने संघर्षों के बावजूद अब्दू ने सकारात्मक सोच बनाए रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि कठिन समय इंसान को मजबूत बनाता है और अब वह अपने करियर तथा भविष्य पर पूरा ध्यान देना चाहते हैं। उनकी इस भावुक कहानी ने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया है और कई लोग सोशल मीडिया पर उनके साहस और ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं।