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  • MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की

    MP विधानसभा बजट सत्र: अदाणी विवाद और भागीरथपुरा मौत कांड पर हंगामा, नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे की मांग की


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन विवादों के कारण सुर्खियों में रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बीच तीखी बहस हुई। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार और अदाणी के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत बिजली खरीद के नाम पर अगले 25 साल में 1 लाख से सवा लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

    जब सिंघार ने यह दावा किया, मंत्री विजयवर्गीय ने सबूत मांगते हुए कहा, “इसका सबूत दें।” नेता प्रतिपक्ष ने जवाब दिया कि उनके पास सबूत हैं और वे दिखा देंगे। इस दौरान दोनों के बीच तनातनी बढ़ गई और मंत्री विजयवर्गीय ने उन्हें “औकात में रहने” की चेतावनी दी। इससे सदन में हंगामा बढ़ गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    प्रदर्शन और हंगामा
    कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए इसे “ख्याली पुलाव” करार दिया। सदन में प्रश्न पूछने के दौरान भी शोर-शराबा जारी रहा, जिसके कारण अध्यक्ष ने कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दी।

    भागीरथपुरा मौत कांड पर सवाल
    इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भी सदन में जोरदार हंगामा हुआ। सिंघार ने संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की।

    डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। सिंघार ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहत कार्यों का भी उल्लेख किया गया। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने भी सरकार का पक्ष रखा, लेकिन इस्तीफे की मांग और विवाद के बीच सदन में हंगामा जारी रहा।

    MP विधानसभा बजट सत्र में अदाणी बिजली सौदे और भागीरथपुरा मौत कांड को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्री इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार ने राहत कार्य और कार्रवाई का हवाला दिया। विवाद के बीच सदन की कार्यवाही कई बार बाधित रही।

  • MP बजट सत्र: इंदौर भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष का हंगामा, डिप्टी सीएम और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग

    MP बजट सत्र: इंदौर भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष का हंगामा, डिप्टी सीएम और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को चौथे दिन भी हंगामेदार रहा। कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए “ख्याली पुलाव” बताया और सदन में जोरदार हंगामा किया।

    सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इंदौर भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर आक्रोश जताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया और संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई थी और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। इसके बावजूद विपक्ष ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी परिवारों को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार की गंभीर कार्रवाई का उल्लेख किया और आईएएस अधिकारी के निलंबन की जानकारी दी।

    सदन में अन्य मुद्दों पर भी हंगामा हुआ। अनूपपुर में फीस के दुरुपयोग का मामला उठाया गया। विपक्ष के विरोध के बीच डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सरकार का पक्ष रखा।

    बजट सत्र के पहले तीन दिन भी विवादों और हंगामेदार घटनाओं से भरे रहे। पहले दिन राज्यपाल मंगु भाई पटेल का अभिभाषण और वंदे मातरम् के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया। दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया, जिसकी चर्चा 23 फरवरी को होगी। तीसरे दिन 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट पर भाषण हुआ, जिसमें 8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री और 15,000 शिक्षकों की भर्ती जैसे ऐलान शामिल थे।

    बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 3,478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प और शून्य काल में 83 सवाल विधानसभा में रखे जाएंगे।