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  • विकसित भारत 2047’ की यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार : राष्ट्रपति

    विकसित भारत 2047’ की यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार : राष्ट्रपति


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को दिव्यांगजनों की प्रतिभा, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाने के लिए ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार हैं।

    राष्ट्रपति भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान दिनभर चले उत्सव में 8 हजार से अधिक दिव्यांगजन अमृत उद्यान पहुंचे, जिसे विशेष रूप से उनके लिए खोला गया था। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से दिव्यांगजनों ने खेल, सीखने और मनोरंजन से जुड़ी कई गतिविधियों में भाग लिया।

    शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी ने राष्ट्रपति भवन स्थित ओपन एयर थिएटर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया, जिसमें दिव्यांग कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश या समाज की पहचान केवल उसकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह समाज के वंचित वर्गों के प्रति कितनी संवेदनशीलता दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास और संस्कृति में संवेदनशीलता, समावेशिता और सामंजस्य की भावना हमेशा से प्रमुख रही है।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सामाजिक न्याय, समानता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा के आदर्शों को स्थापित करता है। राज्य के नीति निदेशक तत्वों के माध्यम से दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सहायता का अधिकार भी प्रदान किया गया है।

    राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के लिए दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। यह केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

    उन्होंने दिव्यांगजनों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार और समाज उनके साथ खड़े हैं। उनका समर्पण, मेहनत और लगन न केवल उनके लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि अन्य नागरिकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

    उल्लेखनीय है कि ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में दिव्यांगजनों के प्रति समझ, स्वीकृति और समावेशन को प्रोत्साहित करना है।

  • मदुरै की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी का विपक्ष पर हमला, विकसित तमिलनाडु का रखा लक्ष्य

    मदुरै की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी का विपक्ष पर हमला, विकसित तमिलनाडु का रखा लक्ष्य


    मदुरै।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के मदुरै में राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे मुद्दों पर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने तिरुप्परनकुंद्रम स्थित अरुलमिगु सुब्रमण्य स्वामी मंदिर में दर्शन के अनुभव से की।

    प्रधानमंत्री ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जनसभा से पहले वे तिरुप्परनकुंद्रम जाकर भगवान मुरुगन के दर्शन कर चुके हैं और यह उनके लिए अत्यंत आध्यात्मिक क्षण था। उन्होंने कहा कि उन्होंने तमिलनाडु और देश की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्हें एक युवा भक्त थिरु पूर्णा चंद्रन की याद आई, जिनका हाल ही में निधन हो गया था। वे उनकी पत्नी थिरुमति इंदुमति पूर्णा चंद्रन और उनके दो छोटे बच्चों से मिले तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में कोई किसी से भयभीत नहीं होता और मतभेद होना स्वाभाविक है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। उनके अनुसार, अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं और नशे तथा अवैध गतिविधियों के कारण अनेक परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य ‘विकसित तमिलनाडु’ के बिना अधूरा है। उन्होंने राज्य को देश की प्रगति में निर्णायक भूमिका निभाने वाला प्रदेश बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंदरगाह, कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कई प्रोजेक्ट पूर्व में लंबित रहे, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें गति देने का प्रयास किया है। उन्होंने चेन्नई और कामराजा बंदरगाह के एकीकरण तथा मदुरवॉयल एलिवेटेड कॉरिडोर जैसे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बल मिला है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की ग्रामीण आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को पक्का घर मिला है। हालांकि कुछ परियोजनाएं राज्य स्तर पर समन्वय के अभाव में अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर को बेहतर शहरी सुविधाओं, स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था की आवश्यकता है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शहरी ढांचे को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि दुनिया भर में तमिल संस्कृति के प्रति सम्मान है। मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना को उन्होंने तमिल भाषा और संस्कृति के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरे देश का है और इसमें तमिलनाडु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।