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  • देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से मांगी छुट्टी, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा मुद्दे पर आंदोलन स्थल लौटने की जताई इच्छा

    देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से मांगी छुट्टी, जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा मुद्दे पर आंदोलन स्थल लौटने की जताई इच्छा


    नई दिल्ली । झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की है। अनशन के 12वें दिन उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर अस्पताल से डिस्चार्ज करने का आग्रह किया है। महतो का कहना है कि वह इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनका मन लगातार आंदोलन स्थल पर लगा हुआ है।

    देवेंद्र नाथ महतो कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं। उनका आंदोलन झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों को लेकर चल रहा है। वह सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी आंदोलन में शामिल हैं।

    10 अगस्त को विधानसभा मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में महतो को चोट लगी थी। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब से उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। दूसरी ओर, उनके साथी प्रदर्शन स्थल पर आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।

    अस्पताल से छुट्टी की मांग करते हुए लिखे पत्र में महतो ने अपने साथियों से दूर रहने को लेकर परेशानी जताई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उनके शरीर का इलाज हो रहा है, लेकिन उनका मन आंदोलन स्थल पर है। उनके मुताबिक, उनके साथी लगातार अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और ऐसे समय में उनका अस्पताल में रहना उन्हें भीतर से परेशान कर रहा है।

    महतो ने चिकित्सकों से आग्रह किया है कि उन्हें अस्पताल से जाने की अनुमति दी जाए, ताकि वह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे प्रदर्शन में वापस पहुंच सकें। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यदि उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलती है, तो वह डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए उपचार जारी रखेंगे।

    छात्र नेता ने अपने आंदोलन को केवल व्यक्तिगत संघर्ष नहीं बताया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र और युवा परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर उनके साथ खड़े हैं। ऐसे में वह खुद को आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रति जिम्मेदार मानते हैं। उनका मानना है कि जब छात्र अपनी मांगों के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, तब उनका उनसे अलग रहना उचित नहीं लग रहा।

    जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों के बीच यह आंदोलन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर प्रदर्शन का सिलसिला जारी है।

    फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो सदर अस्पताल में भर्ती हैं और उनका अनशन भी जारी है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाना है। यदि उन्हें छुट्टी मिलती है, तो वह अपने साथियों के बीच प्रदर्शन स्थल पर लौट सकते हैं। इस बीच आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

  • जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान, मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल रहेगी जारी

    जेपीएससी भर्ती विवाद पर छात्र नेता देवेंद्र महतो का बड़ा बयान, मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल रहेगी जारी

    नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने स्पष्ट किया है कि उनका अनशन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर उनके अनशन खत्म करने की खबरें चलाई जा रही हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने केवल सलाह के बाद पानी पीना शुरू किया है। उनका कहना है कि भूख हड़ताल पहले की तरह जारी रहेगी और मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

    देवेंद्र महतो ने कहा कि उन्होंने समाजसेवी सोनम वांगचुक की सलाह का सम्मान करते हुए केवल पानी ग्रहण किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने छात्रों और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन से जुड़ी गलत या भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि इससे छात्रों के संघर्ष पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।

    भूख हड़ताल के पांचवें दिन देवेंद्र महतो की तबीयत में गिरावट भी देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि लगातार उपवास के कारण शरीर में कमजोरी बढ़ गई है और अधिक देर तक बोलने पर सीने में तकलीफ महसूस होती है। उठने-बैठने में भी उन्हें सहारे की आवश्यकता पड़ रही है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी कर रही है। जांच के दौरान उनके रक्तचाप की स्थिति पहले की तुलना में कुछ बेहतर बताई गई है, लेकिन शारीरिक कमजोरी अभी भी बनी हुई है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उनका मनोबल पूरी तरह मजबूत है और वह छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

    छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 16 मांगों का प्रस्ताव सौंपा है। इनमें प्रमुख मांग विवादित परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष जांच कराना, भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और सरकारी व्यवस्था के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया संचालित करना शामिल है। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने यह भी मांग की है कि चयन प्रक्रिया के सभी चरण पहले से स्पष्ट किए जाएं ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

    छात्रों ने आयोगों में निष्पक्ष और स्वतंत्र अधिकारियों की नियुक्ति की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि भर्ती संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखना आवश्यक है। आंदोलन में शामिल छात्रों का दावा है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच पूरे राज्य में इस आंदोलन को लेकर व्यापक चर्चा बनी हुई है और बड़ी संख्या में छात्र लगातार प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।