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  • बात खरी है: छात्र नेता की ट्रांसफर चुनौती, पुलिस की फजीहत और नरोत्तम को मिला ‘सनातनी’ आशीर्वाद

    बात खरी है: छात्र नेता की ट्रांसफर चुनौती, पुलिस की फजीहत और नरोत्तम को मिला ‘सनातनी’ आशीर्वाद


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति, प्रशासन और सामाजिक घटनाओं में इन दिनों ऐसे कई घटनाक्रम सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कहीं धार्मिक मंच से राजनीतिक संकेत निकाले जा रहे हैं, कहीं छात्र राजनीति के तेवर प्रशासन को चुनौती देते दिखाई दे रहे हैं, तो कहीं घरेलू विवाद में पुलिस खुद विवाद का हिस्सा बन गई है। इन घटनाओं ने प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक माहौल को चर्चा का विषय बना दिया है।

    राजधानी भोपाल में चल रही प्रसिद्ध कथावाचक पंडित देवकीनंदन ठाकुर की कथा में उस समय दिलचस्प माहौल बन गया, जब पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा कथा स्थल पर पहुंचे। व्यासपीठ से देवकीनंदन ठाकुर ने नरोत्तम मिश्रा की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें सनातन धर्म का सेवक तथा भगवान का सच्चा भक्त बताया। इतना ही नहीं, उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह शिकायत भी कर दी कि डबरा में सुंदर नवग्रह मंदिर बनवाने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा ने उनकी कथा नहीं करवाई। इस टिप्पणी के बाद कथा पंडाल में मौजूद लोगों के चेहरे खिल उठे और माहौल हंसी-मजाक से भर गया।

    राजनीतिक जानकार इस घटना को सिर्फ एक धार्मिक टिप्पणी नहीं मान रहे हैं। दतिया में संभावित उपचुनाव की चर्चाओं के बीच इसे नरोत्तम मिश्रा के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा के भीतर भी उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है और कथावाचक के मंच से मिली यह सार्वजनिक सराहना चर्चा का विषय बनी हुई है।

    उधर शिवपुरी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक नेता का बयान सुर्खियों में आ गया। अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं के बीच संगठन के विभाग संगठन मंत्री देशराज नरोलिया ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि वे चाहें तो कलेक्टर का ट्रांसफर करवा सकते हैं। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान लंबे समय तक कलेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने से कार्यकर्ता नाराज थे। जब तहसीलदार बातचीत के लिए पहुंचे तो नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद दिया गया बयान प्रशासनिक गलियारों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। लोगों ने इसे सत्ता और संगठन की ताकत दिखाने वाले बयान के रूप में देखा।

    इसी बीच बैतूल जिले के मुलताई से एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पति-पत्नी के विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस का उद्देश्य दोनों पक्षों को समझाकर विवाद समाप्त कराना था, लेकिन स्थिति उलट गई। बातचीत के दौरान माहौल इतना बिगड़ा कि कहासुनी हाथापाई में बदल गई। पुलिसकर्मियों और परिवार के सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट हो गई। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जिसने पुलिस को बुलाया था, वही पत्नी बाद में अपने पति के बचाव में उतर आई। इस घटना में पुलिसकर्मी और पति दोनों घायल हुए। घटना के बाद लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पति-पत्नी के झगड़े में तीसरे व्यक्ति का फंसना अक्सर भारी पड़ जाता है।

    राजनीतिक गलियारों में एक और चर्चा राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री राज्यसभा जाने की कोशिशों में लगे थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है कि उनकी रणनीति विधानसभा सीट खाली कर अपने परिवार के सदस्य को राजनीतिक अवसर दिलाने की थी। हालांकि यह योजना साकार नहीं हो सकी। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा के अंदर और बाहर दोनों जगह चर्चाओं का दौर जारी है।

    प्रदेश की ये घटनाएं बताती हैं कि राजनीति, प्रशासन और समाज में हर दिन ऐसे प्रसंग सामने आते हैं, जो कभी गंभीर संदेश देते हैं तो कभी लोगों को मुस्कुराने का मौका भी दे जाते हैं।

  • इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच

    इंदौर में सनातन प्रीमियर लीग का फाइनल दिन, संतों और क्रिकेटरों के बीच मैच



    नई दिल्ली। नेहरू स्टेडियम में रविवार को सनातन प्रीमियर लीग (एसपीएल) सीजन-1 का आखिरी दिन रोमांचक होने वाला है। 12 मार्च से चल रहे इस क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन विशेष फ्रेंडली मैच के साथ होगा, जिसमें संतों और पेशेवर क्रिकेटरों के बीच खेल का आयोजन किया गया है। इस मैच का उद्देश्य न केवल खेल भावना का प्रदर्शन है, बल्कि खिलाड़ियों और संतों के बीच आध्यात्मिक और मानसिक सामंजस्य को भी बढ़ावा देना है।

    इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित संत उपस्थित रहेंगे, जिनमें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, चिन्मयानंद बापूजी, पं. प्रदीप मिश्रा, इंद्रेश उपाध्याय महाराज, देवकीनंदन ठाकुर महाराज, जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य महाराज, संत त्रिलोचन दर्शनदास और अर्पित दास महाराज शामिल हैं। वहीं क्रिकेट जगत से प्रमुख खिलाड़ी जैसे सुरेश रैना, पीयूष चावला, प्रवीण कुमार, मोहित शर्मा और चेतन शर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहेंगे।

    फाइनल मुकाबले से पहले संतों और खिलाड़ियों के बीच वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह सत्र खिलाड़ियों को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

    एसपीएल में कुल आठ टीमों ने भाग लिया और सभी मैच टी-10 फॉर्मेट में खेले गए। लीग के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। शनिवार को मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया, जबकि उत्तराखंड ने दिल्ली को भी 5 विकेट से मात दी। तीसरे मैच में साउथ डीसीआर ने गुजरात को 25 रन से हराया और चौथे मुकाबले में महाराष्ट्र ने उत्तर प्रदेश को 23 रन से पराजित किया।

    आज चार महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच दोपहर 2 बजे शुरू होगा। इसके बाद शाम 4 बजे मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच दूसरा मुकाबला होगा। शाम 6 बजे संतों और खिलाड़ियों का वॉर्म-अप यूनिटी मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला रात 8 बजे से होगा, जो इस सीजन का सर्वोच्च रोमांच प्रदान करेगा।

    एसपीएल के आयोजन में देवकीनंदन ठाकुर का मार्गदर्शन रहा। उन्होंने कहा कि यह लीग नई प्रतिभाओं को निखारने और संत समाज को खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने का अद्भुत मंच है। इस दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही खेल और आध्यात्मिक मूल्य दोनों को बढ़ावा देती हैं।

    नेहरू स्टेडियम में खेल का माहौल उत्साहपूर्ण और अनुशासित है। खिलाड़ियों और संतों के बीच यह प्रतियोगिता दर्शकों के लिए खेल, मनोरंजन और आध्यात्मिक एकता का अनूठा संगम पेश करेगी। इस आयोजन से इंदौर का खेल और सांस्कृतिक माहौल भी समृद्ध होगा।

  • मोनालिसा की शादी पर बोले देवकीनंदन ठाकुर, कहा— कहीं सनातन को बदनाम करने की साजिश तो नहीं

    मोनालिसा की शादी पर बोले देवकीनंदन ठाकुर, कहा— कहीं सनातन को बदनाम करने की साजिश तो नहीं

    इंदौर । इंदौर में आयोजित सनातन क्रिकेट प्रीमियर लीग के कार्यक्रम में पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक Devkinandan Thakur ने मोनालिसा भोंसले की शादी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें सोशल मीडिया के जरिए काफी प्रसिद्धि दिलाई गई और बाद में उन्होंने एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली। ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं यह सनातन को बदनाम करने की कोई साजिश तो नहीं है।

    सरकार से कानून बनाने की मांग

    मोनालिसा भोंसले के विवाह पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने सरकार से एक कानून बनाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अगर किसी दूसरे धर्म का युवक या युवती किसी हिंदू से शादी करता है तो शादी के बाद उसे हिंदू धर्म अपनाना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कानून बनता है तो उन्हें किसी भी अंतरधार्मिक विवाह से आपत्ति नहीं होगी।

    युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्रिकेट

    इंदौर में आयोजित सनातन क्रिकेट प्रीमियर लीग में 8 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और टूर्नामेंट 10-10 ओवर के मैचों के साथ खेला जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना और उन्हें सनातन की परंपराओं से जोड़ना बताया गया है।

    देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज का युवा धीरे-धीरे सनातन से दूर होता जा रहा है और नशे व गलत रास्तों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में खेल के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है। उनका लक्ष्य सनातन के संदेश को एक करोड़ युवाओं तक पहुंचाने का है।

    विजेता टीम को मिलेगा 31 लाख का इनाम

    सनातन प्रीमियर लीग में अलग-अलग दिनों में कई धर्मगुरु शामिल होंगे। टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 31 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपये मिलेंगे।
    इसके अलावा ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बनने वाले खिलाड़ी को कार पुरस्कार के रूप में दी जाएगी।

  • इंदौर की सनातन प्रीमियर लीग में पहुंचे BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, बोले गांव के बच्चों से ही निकलेगा भारत का भविष्य

    इंदौर की सनातन प्रीमियर लीग में पहुंचे BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, बोले गांव के बच्चों से ही निकलेगा भारत का भविष्य


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग इन दिनों खेल और सियासी हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस लीग में शामिल होने पहुंचे राजीव शुक्ला ने मंच से इस आयोजन की खुलकर सराहना की और कहा कि जो भी क्रिकेट को बढ़ावा देता है वह देश के भविष्य को मजबूत करने का काम करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से गांव और छोटे कस्बों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलता है।

    कार्यक्रम के दौरान राजीव शुक्ला ने कहा कि सनातन प्रीमियर लीग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें गांवों के बच्चे बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सही मंच और अवसर मिलते हैं तो वही खिलाड़ी आगे चलकर राज्य टीम रणजी ट्रॉफी और राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक क्रिकेट का असली टैलेंट अक्सर बड़े शहरों के बाहर छोटे कस्बों और गांवों में छिपा होता है जिसे पहचानने और आगे बढ़ाने के लिए इस तरह की लीग बेहद जरूरी हैं।

    राजीव शुक्ला ने कहा कि देश में क्रिकेट को और मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ाना बेहद जरूरी है। यदि गांव गांव में खेल प्रतियोगिताएं और लीग आयोजित होंगी तो युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और देश को नए खिलाड़ी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी ऐसे हैं जो संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते लेकिन स्थानीय स्तर की लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देती हैं।

    इस मौके पर उन्होंने आयोजनकर्ता संत देवकीनंदन ठाकुर की भी सराहना की और कहा कि उनके प्रयास से युवाओं को खेल से जुड़ने का बड़ा अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि साधु संत भी अब युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहे हैं। उनके मुताबिक जब संत समाज युवाओं को खेल के लिए प्रेरित करता है तो इसका सीधा असर समाज पर पड़ता है और युवा गलत रास्तों से दूर रहते हैं।

    राजीव शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन कोई विवाद का विषय नहीं बल्कि एक परंपरा और विचारधारा है। उन्होंने कहा कि यदि सनातन के नाम पर युवा खेल रहे हैं आगे बढ़ रहे हैं और नशे जैसी बुराइयों से दूर रह रहे हैं तो यह समाज के लिए बेहद अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन टीमवर्क और सकारात्मक सोच विकसित होती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि देश में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत अधिक है और यदि इसे गांव गांव तक ले जाया जाए तो भारत को भविष्य में और भी बेहतरीन खिलाड़ी मिल सकते हैं। उनके अनुसार भारत की कई बड़ी क्रिकेट प्रतिभाएं छोटे शहरों और कस्बों से ही निकलकर सामने आई हैं।

    इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में दर्शक मैच देखने के लिए पहुंच रहे हैं और युवा खिलाड़ी इस मंच को अपने करियर के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

  • देवकीनंदन ठाकुर द्वारा शाहरुख खान पर की गई टिप्पणी पर ऐक्शन ले सरकार: मौलाना राशिदी

    देवकीनंदन ठाकुर द्वारा शाहरुख खान पर की गई टिप्पणी पर ऐक्शन ले सरकार: मौलाना राशिदी


    नई दिल्‍ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने भारतीय क्रिकेट टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में बांग्लादेशी खिलाड़ी के चयन को लेकर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान पर की गई टिप्पणियों के लिए कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
    मौलाना साजिद राशिदी ने कहा कि खेल और फिल्मों की कोई सीमा नहीं होती और इस मुद्दे पर नफरत फैलाने वाले बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने शाहरुख खान के साथ-साथ अभिनेता सलमान खान की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों कलाकार समाजसेवा और दान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते रहे हैं।

    उन्होंने कहा- शाहरुख खान ने एक खिलाड़ी को खरीदा है। खेल और फिल्मों में कोई सीमाएं नहीं होतीं। शाहरुख खान और सलमान खान ऐसे कलाकार हैं जो सबसे ज्यादा चैरिटी करते हैं।

    सरकार को देवकीनंदन ठाकुर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
    बांग्लादेश हिंसा पर बयान

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों को लेकर पूछे गए सवाल पर मौलाना साजिद राशिदी ने कहा कि वे वहां हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा करते हैं, लेकिन उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि भारत में मुसलमानों पर हो रहे लक्षित हमलों पर समान रूप से चर्चा क्यों नहीं होती। उन्होंने कहा- हम बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की निंदा कर रहे हैं, लेकिन अपने देश में मुसलमानों पर हो रहे हमलों की बात क्यों नहीं होती? मुसलमान अभी शांत हैं, लेकिन अगर वे इन हमलों के खिलाफ खड़े हो गए तो स्थिति क्या होगी?
    देवकीनंदन ठाकुर की आपत्ति

    यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब देवकीनंदन ठाकुर ने शाहरुख खान की सह-मालिकाना वाली टीम कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग के लिए बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल करने पर आपत्ति जताई। ठाकुर ने बातचीत में कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं और ऐसे समय में वहां के खिलाड़ी को टीम में शामिल करना असंवेदनशील कदम है।

    उन्होंने कहा- बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या की जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं और बहन-बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है। ऐसे हालात में कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि उसी देश के खिलाड़ी को अपनी टीम में ले आए? ठाकुर ने शाहरुख खान के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने उन्हें स्टार बनाया और पहचान दी। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंदू समुदाय के समर्थन का कर्ज कैसे चुकाया जा रहा है। हालांकि, ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी व्यक्तिगत दुश्मनी से प्रेरित नहीं है।

    उन्होंने कहा- मैं शाहरुख खान से कभी नहीं मिला। मैंने उन्हें केवल पोस्टरों में देखा है। मैं फिल्में नहीं देखता।
    बांग्लादेश में हालिया घटनाएं

    गौरतलब है कि हाल के दिनों में बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर तनाव बढ़ा है। दिसंबर 2025 में बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में कथित ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू मजदूर दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद शव को फांसी पर लटका कर जला दिया गया।

    इसके अलावा, राजबाड़ी जिले के पांगशा उपजिले में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू युवक की कथित तौर पर लिंचिंग की घटना भी सामने आई।

    इन घटनाओं के बाद भारत में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और पड़ोसी देश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस पूरे विवाद ने खेल, राजनीति और सांप्रदायिक मुद्दों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।