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  • शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए

    शादी समारोह से लौट रहे कारोबारी की सड़क हादसे में मौत टक्कर इतनी भीषण कि मिनी ट्रक के दोनों आगे के पहिए निकल गए


    देवास  मध्य प्रदेश के देवास जिले में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दूध व्यापारी की मौत हो गई। हाटपीपल्या क्षेत्र के नेवरी चापड़ा मार्ग पर नलकी हनुमान मंदिर के पास कार और मिनी ट्रक की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान नेवरी निवासी 42 वर्षीय राजेश जाट के रूप में हुई है। वे दूध व्यापार के साथ पशु आहार का व्यवसाय भी करते थे। जानकारी के अनुसार राजेश जाट बिजवाड़ क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद देर रात अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेवरी चापड़ा मार्ग पर सामने से आ रहे मिनी ट्रक से उनकी कार की आमने सामने टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के प्रभाव से मिनी ट्रक के आगे के दोनों पहिए निकल गए और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। वहीं कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में लगे एयरबैग खुल गए लेकिन टक्कर इतनी जोरदार थी कि चालक को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही हाटपीपल्या थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल राजेश जाट को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस के अनुसार मिनी ट्रक में प्याज भरे हुए थे। हादसे में ट्रक में सवार एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी मिली है। हालांकि उसने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में दुर्घटना के पीछे तेज रफ्तार या अन्य कारणों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से रात के समय विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की अपील की है ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सके।

  • 1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा

    1500 किमी दूर से आए मजदूरों की हालत गंभीर, देवास हादसे में बढ़ा मौत का खतरा


    देवास ।  देवास जिले के टोंककलां क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हादसे में जहां पांच मजदूरों की मौत हो चुकी है, वहीं करीब 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन मजदूरों की हालत बेहद चिंताजनक है, जो 99 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे हैं। घायलों का इलाज देवास के अमलतास हॉस्पिटल की बर्न यूनिट में किया जा रहा है, जहां डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    डॉक्टरों ने बताया- शरीर के कई अंग फेल होने का खतर
    अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार इतने गंभीर बर्न केस में शरीर की स्थिति तेजी से बिगड़ती है। डॉक्टरों ने बताया कि 99% तक जलने की स्थिति में मरीज के फेफड़े सबसे पहले प्रभावित होते हैं, जिससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत होती है।

    डॉक्टरों के अनुसार विस्फोट में उठे धुएं और गर्म हवा के कारण लंग इंजरी की संभावना बढ़ जाती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी, खून की संरचना में बदलाव और “हेमोलिसिस” जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें रक्त कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और खून पानी जैसा हो जाता है। इसके चलते किडनी फेलियर, लिवर डैमेज और शॉक में जाने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि यह ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज की जान बचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

    त्वचा के साथ सांस नली भी प्रभावित
    विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मामलों में केवल त्वचा ही नहीं, बल्कि श्वसन तंत्र भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। मरीजों को सांस लेने में भारी कठिनाई होती है और उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाता है। शरीर में पानी की कमी, नसों की कार्यक्षमता में गिरावट और संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ता है। मरीजों को हाइपोथर्मिया और हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

    बिहार से आए थे मजदूर, परिवारों में मातम
    घायल मजदूरों में कई लोग बिहार से करीब 1500 किलोमीटर दूर काम करने आए थे। हादसे के बाद उनके परिवारों में चिंता और सदमे का माहौल है। कुछ मजदूरों की हालत इतनी गंभीर है कि डॉक्टरों ने उनके जीवित बचने की संभावना को बेहद कम बताया है।

    घटना की जांच जारी
    जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है, जिसमें बिजली विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। टीम फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, विस्फोट के कारणों और नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।

    लापता मजदूरों की तलाश भी जारी
    घायलों के बयान के अनुसार दो मजदूर हादसे के बाद से लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा हुआ है। वहीं, कई मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद उनके गृह राज्य भेजा गया है।

    देवास का यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 99% तक झुलसे मजदूरों की जिंदगी के लिए डॉक्टरों की जंग जारी है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

  • मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार

    मध्य प्रदेश में बड़ा हादसा: पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 5 की मौत, यूपी-बिहार के मजदूर थे शिकार


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 11:30 बजे हुए इस धमाके में अब तक 5 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा इतना भयावह था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे और फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह धराशायी हो गईं। आसपास के मकानों तक धमाके की कंपन महसूस की गई। मृतक मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए जा रहे हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। झुलसे हुए मजदूर बदहवास हालत में बाहर भागते नजर आए। कई लोगों के कपड़े शरीर की त्वचा से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर जले हुए अवशेष, बाल और विस्फोटक सामग्री बिखरी पड़ी मिली। हादसे के बाद भी लंबे समय तक पटाखे फूटने की आवाजें आती रहीं।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। आशंका है कि केमिकल का अनुपात बिगड़ने या मैग्नीशियम पाउडर के पानी के संपर्क में आने से विस्फोट हुआ। श्रम विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में यह भी संभावना जताई गई कि बारूद की हैंडलिंग के दौरान स्टैटिक चार्ज बनने से ‘सेल्फ इग्निशन’ हुआ होगा। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से केमिकल के सैंपल जुटाए हैं।

    सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जिस फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, उसका निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था। बावजूद इसके वहां बड़े स्तर पर पटाखा निर्माण किया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर निर्माणाधीन यूनिट में ही विस्फोटक सामग्री का उत्पादन शुरू कर दिया गया था। फैक्ट्री के पास विस्फोटक लाइसेंस तो था, लेकिन फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी पंजीकरण और सुरक्षा अनुमतियां नहीं ली गई थीं।

    पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है। उसके समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। वहीं, उज्जैन संभाग कमिश्नर ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच में फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा इंतजाम और नियमों के पालन की पड़ताल की जाएगी।

    देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि घायलों का इलाज देवास, इंदौर के एमवाय, चोइथराम और अमलतास अस्पतालों में चल रहा है। कई मजदूर 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घायलों से मुलाकात कर मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में पहले भी मार्च 2026 में विस्फोट हो चुका था, लेकिन प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां 400 से 500 मजदूर काम करते थे और रोज करीब 18 लाख रुपए का माल तैयार होता था।